जिमीकंद और सूरन काटने पर नहीं होगी हाथों में खुजली, शेफ रणवीर बरार ने बताए पकाने के आसान नुस्खे जिमीकंद, सूरन और अरबी जैसी कंदमूल सब्जियों में मौजूद कैल्शियम ऑक्सीलेट गले और हाथों में तेज खुजली पैदा करता है। शेफ रणवीर बरार ने नींबू, इमली और सिरके के इस्तेमाल से इस समस्या को पूरी तरह खत्म करने के उपाय साझा किए हैं। कंदमूल वर्ग की सब्जियां जैसे सूरन, जिमीकंद, अरबी और बंडा अपने खास स्वाद और बनावट के लिए रसोई में काफी पसंद की जाती हैं। इसके बावजूद कई घरों में लोग इन्हें पकाने से परहेज करते हैं, क्योंकि इन्हें छीलते और काटते वक्त हथेलियों पर तेज खुजली होने लगती है। इतना ही नहीं, यदि इन्हें पकाने में थोड़ी सी भी चूक हो जाए, तो खाते समय गले के भीतर कांटे जैसी चुभन और असहज खराश महसूस होने लगती है। यह तकलीफ इतनी तेज होती है कि अच्छा-खासा भोजन बेस्वाद लगने लगता है। शेफ रणवीर बरार ने इस समस्या से पूरी तरह छुटकारा पाने और इन कंदमूल सब्जियों को सुरक्षित तरीके से तैयार करने के बेहद कारगर उपाय साझा किए हैं। गले में चुभन और खुजली होने के पीछे का वैज्ञानिक कारण सूरन, अरबी और जिमीकंद को कच्चा छूने या अधपका खाने पर होने वाली खुजली कोई सामान्य एलर्जी नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक स्पष्ट रासायनिक प्रक्रिया काम करती है। इन कंदमूल सब्जियों की कोशिकाओं में कैल्शियम ऑक्सीलेट के सूक्ष्म और नुकीले क्रिस्टल पाए जाते हैं। जब इन सब्जियों को बिना किसी विशेष तैयारी के काटा जाता है या सीधे पकाया जाता है, तो ये नुकीले कण नष्ट नहीं होते। खाते समय यह तत्व गले की नाजुक आंतरिक त्वचा पर जाकर चुभ जाता है, जिससे तेज जलन, खराश और खुजली पैदा होती है। इसी वजह से इन सब्जियों को रसोई में सामान्य आलू या अन्य कंदों की तरह सीधे नहीं पकाया जा सकता, बल्कि पकाने से पहले इनके ऑक्सीलेट कणों को निष्क्रिय करना आवश्यक होता है। सब्जी बनाते समय खट्टे पानी के प्रयोग का महत्व शेफ रणवीर बरार के अनुसार, कंदमूल सब्जियों के तीखे प्रभाव को बेअसर करने का सबसे अचूक उपाय खट्टापन है। प्राकृतिक एसिड कैल्शियम ऑक्सीलेट के कठोर क्रिस्टल को तेजी से घोलने की क्षमता रखता है। यदि पकाने की प्रक्रिया के दौरान सही अम्लीय माध्यम का इस्तेमाल किया जाए, तो यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाती है। • इमली के पानी में उबालना: जिमीकंद या अरबी के टुकड़ों को तेल में तलने या छौंकने से पहले इमली के खट्टे पानी में अच्छी तरह उबाल लेना चाहिए। इमली की तीखी खटास सब्जियों के भीतर समाए कैल्शियम ऑक्सीलेट को पूरी तरह घोल देती है, जिससे गले में लगने वाली चुभन खत्म हो जाती है। • नींबू के रस का इस्तेमाल: अरबी की सूखी सब्जी या अरबी के पत्तों के व्यंजन बनाते समय नींबू का रस अवश्य डालना चाहिए। नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड ऑक्सीलेट के कणों को निष्क्रिय करता है और गले को किसी भी तरह के नुकसान से सुरक्षित रखता है। • उबलते पानी में सिरका मिलाना: यदि आप जिमीकंद को सीधे पानी में उबालने जा रहे हैं, तो बर्तन में थोड़ा सा सिरका डाल दें। सिरके का एसिड ऑक्सीलेट तत्वों को न्यूट्रलाइज कर देता है, जिससे पकी हुई सब्जी का स्वाद पूरी तरह सुरक्षित और आरामदायक रहता है। सब्जी काटते समय हथेलियों की खुजली रोकने के उपाय रसोई में अक्सर गले की खराश से पहले हाथों की खुजली की शिकायत सामने आती है। कंद को छीलते वक्त उसके ताजे रस के संपर्क में आते ही उंगलियों में तेज चुनचुनाहट शुरू हो जाती है। इस झंझट से बचने के लिए शेफ द्वारा सुझाए गए आसान घरेलू नुस्खे बेहद मददगार साबित होते हैं। सब्जी को काटने की शुरुआत करने से पहले ही अपने दोनों हाथों पर थोड़ा सा नींबू का रस या सिरका अच्छी तरह मल लेना चाहिए। यह एसिडिक लेयर त्वचा पर एक सुरक्षा चक्र तैयार कर देती है, जिससे ऑक्सीलेट के कण त्वचा के रोमछिद्रों को उत्तेजित नहीं कर पाते। यदि किसी कारणवश आप पहले से यह सावधानी नहीं बरत पाए और काटते समय हाथों में जलन या खुजली शुरू हो जाए, तो तुरंत ठंडी दही या ताजा एलोवेरा जेल हथेलियों पर रगड़ लें। दही की ठंडक और एलोवेरा के गुण त्वचा की जलन को शांत करके तुरंत राहत प्रदान करते हैं। इन बुनियादी तकनीकों को अपनाने से न केवल भोजन की गुणवत्ता बेहतर होती है, बल्कि कंदमूल सब्जियों को पकाना भी पूरी तरह तनावमुक्त हो जाता है। इसका आप पर असर कंदमूल सब्जियों को तैयार करने के इन वैज्ञानिक तरीकों से भोजन बनाते समय होने वाली शारीरिक परेशानी से पूरी तरह बचा जा सकता है। • रसोई में सुरक्षा: कंद काटते समय हाथों में होने वाली जलन और सूजन से बचाव संभव हो जाता है। इससे बिना किसी हिचकिचाहट के पौष्टिक कंदमूल सब्जियों को नियमित आहार में शामिल किया जा सकता है। • बेहतर स्वाद और आराम: इमली, सिरका और नींबू का सही इस्तेमाल गले में चुभने वाले नुकीले क्रिस्टल को घोल देता है। इससे खाते समय गले में खराश या कांटे जैसी चुभन का कोई खतरा नहीं रहता। • त्वचा की त्वरित राहत: यदि अनजाने में हाथों पर कच्चा रस लग जाए, तो रसोई में रखी दही या एलोवेरा तुरंत राहत देते हैं। इसके लिए किसी मेडिकल दवा या क्रीम पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं पड़ती। • पोषक तत्वों का लाभ: सूरन और अरबी जैसी पौष्टिक सब्जियां सिर्फ खुजली के डर से थाली से बाहर नहीं होंगी। परिवार के सदस्य बिना किसी असुविधा के इन पारंपरिक सब्जियों का पूरा पोषण हासिल कर सकेंगे। ऐसा क्यों हुआ सूरन, जिमीकंद और अरबी जैसी कंदमूल सब्जियों को छूने या खाने पर होने वाली खुजली के पीछे प्राकृतिक रासायनिक संरचना जिम्मेदार होती है। • कैल्शियम ऑक्सीलेट की मौजूदगी: इन कंदमूल पौधों में रक्षा तंत्र के रूप में कैल्शियम ऑक्सीलेट के क्रिस्टल मौजूद होते हैं। जब पौधे को काटा जाता है, तो ये सुई के आकार के कण बाहर निकलकर त्वचा और श्लेष्मा झिल्ली को चुभने लगते हैं। • अम्लता का अभाव: यदि पकाने के दौरान पर्याप्त खटास या सिरके का उपयोग न किया जाए, तो यह क्रिस्टल नष्ट नहीं होते। बिना अम्लीय प्रतिक्रिया के यह कण भोजन में जस के तस बने रहकर गले को नुकसान पहुंचाते हैं। • सीधे संपर्क का प्रभाव: छीलते समय जब हाथों की त्वचा पर कोई सुरक्षात्मक परत नहीं होती, तो कच्चा रस सीधे रोमछिद्रों में समा जाता है। इसी वजह से काटने वाले व्यक्ति की हथेलियों पर तुरंत तेज जलन और खुजली पैदा होती है। सवाल-जवाब 1. सूरन और अरबी खाने से गले में खुजली क्यों होती है? इन सब्जियों में कैल्शियम ऑक्सीलेट के नुकीले क्रिस्टल होते हैं, जो ठीक से न पकाने पर गले की नाजुक त्वचा में चुभकर खुजली पैदा करते हैं। 2. जिमीकंद को पकाने से पहले इमली के पानी में उबालना क्यों जरूरी है? इमली की खटास कैल्शियम ऑक्सीलेट के कणों को घोलकर खत्म कर देती है, जिससे सब्जी खाने पर गले में चुभन नहीं होती। 3. सब्जी काटने से पहले हाथों में खुजली रोकने के लिए क्या लगाएं? सब्जी काटने से ठीक पहले हाथों पर थोड़ा सा नींबू का रस या सिरका रगड़ लेने से खुजली की समस्या नहीं होती। 4. यदि कंद काटते समय हाथों में तेज खुजली शुरू हो जाए तो क्या करना चाहिए? हाथों में खुजली होने पर तुरंत ठंडी दही या ताजा एलोवेरा जेल हथेलियों पर मलने से तुरंत आराम मिलता है। https://trendkia.com/lifestyle/jimikand-aura-suran-katane-para-nahin-hogi-hathon-men-khujali-chef-ranveer-brar-ne-batae-pakane-ke-asana-nuskhe-40758 TrendKia — Har trend, sabse pehle.