ज्यादा नारियल पानी चुनने के लिए व्यापारी जुबेर खान और एक्सपर्ट्स के 5 बेहतरीन टिप्स नारियल में पानी की मात्रा उसके आकार से ज्यादा उसकी उम्र और ताजगी पर निर्भर करती है। जानिए नारियल व्यापारी जुबेर खान और एक्सपर्ट्स के वे आसान भौतिक तरीके जिनसे आप ज्यादा पानी वाला नारियल चुन सकते हैं। गर्मी का मौसम हो या साल का कोई अन्य महीना, नारियल पानी एक सेहतमंद और ताजगी देने वाले प्राकृतिक पेय के रूप में लोकप्रिय बना रहता है। बाजार में जब लोग नारियल खरीदने जाते हैं, तो हर किसी की यही कोशिश होती है कि वह ऐसा नारियल चुने जिसमें पानी की मात्रा सबसे अधिक निकले। आमतौर पर यह धारणा बनी हुई है कि बड़े आकार के नारियल में अधिक पानी होगा, लेकिन यह तरीका हमेशा सही साबित नहीं होता। विशेषज्ञों और अनुभवी विक्रेताओं के अनुसार, नारियल में पानी की मात्रा उसके बाहरी आकार के बजाय उसकी उम्र और ताजगी पर अधिक निर्भर करती है। सही चुनाव करने के लिए कुछ आसान भौतिक संकेतों और बुनियादी तरीकों की जानकारी होना बेहद जरूरी है। नारियल का आकार नहीं, उसकी उम्र तय करती है पानी की मात्रा अधिकांश ग्राहक केवल बड़े आकार को देखकर नारियल खरीद लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि आकार और पानी की मात्रा के बीच कोई सीधा संबंध नहीं होता। वास्तव में, कम उम्र वाले छोटे और हरे नारियल में पानी की संभावना सबसे ज्यादा होती है। नारियल जैसे-जैसे पकता है या उसकी उम्र बढ़ती है, उसके भीतर का पानी धीरे-धीरे कम होने लगता है और वह गूदे यानी मलाई के रूप में बदलने लगता है। फल व्यापारियों के मुताबिक, पके हुए नारियल में मलाई गाढ़ी और मोटी हो जाती है जबकि पानी की मात्रा घट जाती है। इसलिए केवल फल के आकार पर भरोसा करने के बजाय उसके हरेपन और ताजगी पर ध्यान देना सबसे पहला कदम होना चाहिए। हिलाकर आवाज सुनने की तकनीक से करें पानी का अंदाजा बाजार में ताजा और पानी से भरा नारियल चुनने का एक पारंपरिक और असरदार तरीका उसे कान के पास ले जाकर हिलाना है। जब आप नारियल को अपने हाथ में पकड़कर हल्का हिलाते हैं, तो अंदर मौजूद तरल पदार्थ की छलकने वाली आवाज साफ सुनाई देती है। अगर पानी की आवाज स्पष्ट और तेज आ रही है, तो इसका मतलब है कि उसमें पानी की अच्छी मात्रा मौजूद है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ आवाज के आधार पर फैसला लेना अधूरा हो सकता है। कई बार बहुत सूखे या ज्यादा पके नारियल में भी पानी हिलता है, इसलिए आवाज के साथ-साथ नारियल के रंग, उसकी बाहरी सतह और ताजगी का भी मिलान करना आवश्यक होता है। समान आकार के नारियल में वजन का संतुलन जांचें पानी की प्रचुरता जांचने का एक और व्यावहारिक तरीका वजन की तुलना करना है। जब आप एक ही आकार के दो अलग-अलग नारियल अपने हाथों में उठाते हैं, तो उनके वजन में अंतर आसानी से महसूस किया जा सकता है। जो नारियल समान आकार का होने के बावजूद हाथ में भारी लगता है, उसमें पानी की मात्रा अधिक होने की संभावना रहती है। इसके विपरीत, यदि कोई नारियल देखने में बड़ा है लेकिन वजन में बहुत हल्का महसूस होता है, तो इसका सीधा संकेत है कि वह नारियल अंदर से सूख रहा है या फिर उसमें पानी कम और मलाई अधिक विकसित हो चुकी है। फिर भी, केवल वजन पर निर्भर न रहकर अन्य सभी भौतिक परीक्षणों को एक साथ आजमाना चाहिए। नारियल की ‘आंखों’ यानी निशानों की स्थिति की जांच नारियल के ऊपरी या निचले सिरे पर तीन छोटे गोल निशान बने होते हैं, जिन्हें आम भाषा में नारियल की आंखें कहा जाता है। नारियल खरीदने के दौरान इन निशानों का निरीक्षण करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। यदि ये तीन निशान नरम दिखाई दें, अत्यधिक गीले हों, अंदर की तरफ दबे हुए हों या उनमें सड़न और खराबी के लक्षण दिखें, तो ऐसा नारियल खरीदने से पूरी तरह बचना चाहिए। ऐसी स्थिति यह दर्शाती है कि नारियल पुराना हो सकता है या उसमें अंदर से खराबी आनी शुरू हो गई है। साफ, मजबूत और सूखे निशानों वाला नारियल ही हमेशा ताजा और अच्छी गुणवत्ता वाला माना जाता है। छोटे आकार के फल में भी मिल सकता है भरपूर पानी नारियल के कारोबार से जुड़े व्यापारी जुबेर खान का कहना है कि कई बार एक छोटा नारियल बड़े नारियल की तुलना में अधिक पानी दे सकता है। इसका मुख्य कारण यह है कि छोटे नारियल अक्सर पेड़ से जल्दी तोड़े जाते हैं और वे कम पके होते हैं। जब नारियल कम पका होता है, तो उसका अधिकांश आंतरिक हिस्सा तरल पानी के रूप में ही रहता है। हालांकि, जुबेर खान यह भी स्पष्ट करते हैं कि हर छोटे नारियल में ज्यादा पानी ही निकलेगा, ऐसा जरूरी नहीं है। फल की वास्तविक उम्र, उसकी ताजगी, वजन, हिलाने पर आने वाली आवाज और निशानों की स्थिति, इन सभी पहलुओं को मिलाकर देखा जाए तभी सही और पानी से भरपूर नारियल का चुनाव किया जा सकता है। इसका आप पर असर ग्राहकों और उपभोक्ताओं के लिए: • अब बाजार से नारियल खरीदते समय केवल बड़े आकार पर पैसे खर्च करने के बजाय आप उसकी उम्र, वजन और आवाज जांचकर ज्यादा पानी वाला फल चुन सकते हैं। • खराब या सूखे नारियल खरीदने से बचत होगी और आपको हमेशा ताजा तथा पौष्टिक नारियल पानी मिलेगा। सवाल-जवाब 1. क्या बड़ा नारियल हमेशा ज्यादा पानी देता है? नहीं, बड़े आकार का मतलब ज्यादा पानी होना जरूरी नहीं है। नारियल की उम्र और ताजगी तय करती है कि उसमें कितना पानी होगा। 2. पके हुए नारियल में पानी कम क्यों हो जाता है? जैसे-जैसे नारियल पकता है, उसका पानी धीरे-धीरे गाढ़े श्वेत गूदे यानी मलाई के रूप में बदलने लगता है। 3. नारियल को हिलाने पर आवाज क्यों चेक करनी चाहिए? हिलाने पर साफ पानी छलकने की आवाज यह संकेत देती है कि नारियल के अंदर तरल पदार्थ की अच्छी मात्रा मौजूद है। 4. नारियल की ‘आंखों’ को देखकर क्या पता चलता है? यदि ये निशान नरम, अत्यधिक गीले या दबे हुए दिखें, तो नारियल अंदर से खराब या पुराना हो सकता है। साफ और मजबूत निशान ताजगी का प्रतीक हैं। 5. व्यापारी जुबेर खान के अनुसार छोटे नारियल में ज्यादा पानी क्यों होता है? छोटे नारियल अक्सर कम उम्र के होते हैं और कम पके होने के कारण उनके अंदर का पानी मलाई में नहीं बदला होता है। https://trendkia.com/lifestyle/jyada-nariyala-pani-chunane-ke-lie-vyapari-zubeer-khan-aura-eksapartsa-ke-5-behatarina-tipsa-18753 TrendKia — Har trend, sabse pehle.