काले पड़े केलों को फेंकने की भूल न करें, इन 7 तरीकों से बनाएं स्वादिष्ट और उपयोगी अधिक पककर काले हो चुके केले न केवल स्वाद में अधिक मीठे होते हैं, बल्कि शेक, बेकिंग, त्वचा की देखभाल और जैविक खाद बनाने में भी बेहद उपयोगी साबित होते हैं। रसोई में रखे केले जब बहुत ज्यादा पक जाते हैं और उनके छिलके पर काले धब्बे उभर आते हैं, तो अमूमन लोग उन्हें सड़ा हुआ मानकर कचरे के डिब्बे में डाल देते हैं। हकीकत इसके बिल्कुल उलट है, क्योंकि अधिक पके हुए केले पूरी तरह इस्तेमाल के लायक होते हैं। पकने की इस अवस्था में केलों की प्राकृतिक मिठास कई गुना बढ़ जाती है, जिससे इन्हें अनेक प्रकार के लजीज व्यंजनों और घरेलू नुस्खों में बिना किसी परेशानी के शामिल किया जा सकता है। अगर आपके घर में भी रखे केले काले पड़ रहे हैं, तो उन्हें फेंकने के बजाय कुछ बेहद सरल और असरदार तरीकों से दोबारा उपयोग में लाया जा सकता है। प्राकृतिक मिठास से भरपूर मिल्कशेक तैयार करें अत्यधिक पके हुए केले गाढ़ा और स्वादिष्ट मिल्कशेक तैयार करने के लिए सबसे बढ़िया सामग्री माने जाते हैं। चूंकि इनमें प्राकृतिक शर्करा काफी अधिक मात्रा में विकसित हो जाती है, इसलिए शेक बनाते समय ऊपर से अतिरिक्त चीनी डालने की आवश्यकता नहीं रह जाती। इन केलों को दूध, सूखे मेवों और चुटकी भर इलायची के साथ मिक्सर में अच्छी तरह ब्लेंड कर लें। महज चंद मिनटों के भीतर एक पौष्टिक, ऊर्जावान और जायकेदार शेक पीने के लिए तैयार हो जाएगा। बेकिंग में बनाएं बनाना ब्रेड, केक और मफिन्स घर पर बेकिंग करने वालों के लिए काले पड़े केले किसी नायाब तोहफे से कम साबित नहीं होते हैं। ऐसे केलों की मदद से बेहद स्पंजी बनाना केक, खुशबूदार बनाना ब्रेड और स्वादिष्ट मफिन्स बड़ी आसानी से तैयार किए जा सकते हैं। अधिक पके होने के कारण यह बैटर के भीतर आवश्यक नमी बनाए रखते हैं, जिससे बेक की गई सामग्री का स्वाद और बनावट दोनों काफी बेहतर हो जाते हैं। दही और ओट्स के साथ हेल्दी स्मूदी का विकल्प स्वास्थ्य और फिटनेस पर ध्यान देने वाले लोगों के लिए पके केले एक आदर्श डाइट विकल्प बनते हैं। इन्हें दही, ओट्स, शहद और अपनी पसंद के अन्य ताजे फलों के साथ ब्लेंडर में डालकर गाढ़ी स्मूदी बनाई जा सकती है। सुबह के नाश्ते के समय त्वरित ऊर्जा पाने के लिए अथवा कसरत के बाद रिकवरी ड्रिंक के रूप में यह स्मूदी शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी साबित होती है। बिना क्रीम और चीनी वाली शुद्ध बनाना आइसक्रीम मीठा खाने की इच्छा होने पर पके केलों से घर पर ही स्वास्थ्यवर्धक आइसक्रीम तैयार की जा सकती है। इसके लिए केलों को छोटे टुकड़ों में काटकर कुछ घंटों के लिए फ्रीजर में जमने हेतु रख दें। जब टुकड़े पूरी तरह जम जाएं, तो उन्हें ब्लेंडर में चिकना होने तक पीस लें। इससे बिना किसी मिलावटी चीनी और फैट वाली क्रीम के मलाईदार बनाना आइसक्रीम तैयार हो जाएगी। इसमें अतिरिक्त स्वाद के लिए कोको पाउडर अथवा बारीक कटे सूखे मेवे भी शामिल किए जा सकते हैं। नरम पैनकेक और मीठे पराठे बनाएं नाश्ते में विविधता लाने के लिए इन केलों को मैश करके पैनकेक के घोल में मिलाया जा सकता है, जिससे पैनकेक बेहद मुलायम और स्वादिष्ट बनते हैं। इसके अलावा मैश किए गए केले को गेहूं के आटे में गूंधकर मीठे केले के पराठे भी पकाए जा सकते हैं। यह अनोखे पराठे बच्चों के टिफिन और खानपान के लिए बेहद लोकप्रिय और पौष्टिक विकल्प बन जाते हैं। चेहरे पर निखार लाने के लिए बनाएं प्राकृतिक फेस पैक पके हुए केले केवल खाने-पीने की चीजों तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि यह त्वचा की सेहत सुधारने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। अच्छी तरह पके केले को कांटे से मैश कर लें और उसमें थोड़ा सा शुद्ध शहद मिला लें। इस मिश्रण को चेहरे पर लगाकर कुछ समय के लिए छोड़ दें। यह घरेलू फेस पैक त्वचा को गहराई से नमी प्रदान करने में सहायक होता है और चेहरे पर एक स्वाभाविक चमक लाता है। बगीचे के पौधों के लिए पोषक तत्वों से भरी खाद यदि केले इस हद तक ज्यादा गल चुके हैं कि उनका सेवन करना संभव न लगे, तो भी उन्हें व्यर्थ फेंकने की जरूरत नहीं है। ऐसे केलों के गूदे और छिलकों को कम्पोस्ट पिट में डालकर जैविक खाद तैयार की जा सकती है। यह प्राकृतिक खाद बगीचे के पेड़-पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों का एक उत्कृष्ट स्रोत बनकर उनकी वृद्धि में मदद करती है। इसका आप पर असर काले पड़े केलों को फेंकने के बजाय दोबारा इस्तेमाल करने से भोजन की बर्बादी रुकती है और घरेलू खर्च में बचत होती है। • रसोई के बजट पर असर: घर में फल खराब होकर फेंकने की नौबत नहीं आती है। इससे फल खरीदने में खर्च होने वाले पैसों का पूरा सदुपयोग सुनिश्चित होता है। • चीनी के खर्च में कमी: पके केलों की प्राकृतिक मिठास शेक और बेकिंग में चीनी की जरूरत खत्म कर देती है। इससे स्वास्थ्य लाभ मिलने के साथ-साथ प्रोसेस्ड चीनी की खपत भी घटती है। • बगीचे के लिए मुफ्त खाद: खराब हो चुके छिलकों और गूदे से घर पर ही जैविक खाद बन जाती है। इसके चलते बाजार से महंगे रासायनिक उर्वरक खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। • त्वचा की सस्ती देखभाल: महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स के स्थान पर घर का बना फ्रूट पैक उपयोग में आता है। इससे बिना अतिरिक्त खर्च के त्वचा को प्राकृतिक पोषण और नमी मिल जाती है। ऐसा क्यों हुआ केले के पकने की प्रक्रिया के दौरान उसमें मौजूद स्टार्च प्राकृतिक रूप से शर्करा में बदल जाता है और एंजाइमेटिक बदलावों से छिलके काले पड़ जाते हैं। • शर्करा का प्राकृतिक रूपांतरण: फल जैसे-जैसे पुराना होता है, उसमें मौजूद जटिल स्टार्च फ्रुक्टोज और ग्लूकोज में टूट जाता है। यही जैविक प्रक्रिया फल को सामान्य से अधिक मीठा और मुलायम बना देती है। • छिलके पर काले धब्बों का कारण: केलों से निकलने वाली प्राकृतिक एथिलीन गैस पकने की रफ्तार को तेज करती है। इसी गैस के प्रभाव से छिलके के पिगमेंट टूटते हैं और बाहरी परत पर गहरे काले निशान दिखाई देने लगते हैं। • गलतफहमी से बर्बादी: अक्सर लोग बाहरी काले छिलके को देखकर यह मान बैठते हैं कि फल भीतर से सड़ चुका है। जबकि गूदा अधिकांश मामलों में अंदर से पूरी तरह सुरक्षित, रोगाणुरहित और उपभोग योग्य रहता है। सवाल-जवाब 1. क्या छिलके पर काले धब्बे वाले केले खाना सुरक्षित है? हां, काले धब्बे वाले केले पूरी तरह सुरक्षित होते हैं क्योंकि यह केवल फल के अधिक पकने और मीठा होने का संकेत है। 2. पके केलों से मिल्कशेक में चीनी मिलाने की जरूरत क्यों नहीं पड़ती? अधिक पकने पर केले में मौजूद प्राकृतिक मिठास बहुत बढ़ जाती है, जिससे बिना अतिरिक्त चीनी के ही शेक मीठा बन जाता है। 3. पके केले से बिना क्रीम की आइसक्रीम कैसे बनाई जाती है? केले के टुकड़ों को फ्रीजर में जमाकर ब्लेंड करने से बिना क्रीम और चीनी के मलाईदार आइसक्रीम तैयार हो जाती है। 4. क्या पके केले का उपयोग चेहरे की देखभाल के लिए किया जा सकता है? मैश किए गए पके केले में शहद मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा को प्राकृतिक नमी और निखार मिलता है। 5. अगर केले खाने लायक न रहें तो उनका क्या करना चाहिए? यदि केले खाने योग्य न हों, तो उनके गूदे और छिलकों को कम्पोस्ट में डालकर पौधों के लिए जैविक खाद बनाई जा सकती है। https://trendkia.com/lifestyle/kale-pare-kelon-ko-phenkane-ki-bhula-na-karen-ina-7-tarikon-se-banaen-svadishta-aura-upayogi-34849 TrendKia — Har trend, sabse pehle.