# लकड़ी और लोहे के झंझट से मुक्ति, आधुनिक घरों में खिड़की-दरवाजों के लिए क्यों बढ़ रही है UPVC की मांग

> मकान निर्माण में लकड़ी की दीमक और लोहे के जंग से निजात दिलाने के लिए लोग अब UPVC खिड़की-दरवाजों को प्राथमिकता दे रहे हैं। साउंड प्रूफिंग और हीट इंसुलेशन के कारण यह नया विकल्प तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-10-05 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/lakari-aura-lohe-ke-jhnjhata-se-mukti-adhunika-gharon-men-khiraki-daravajon-ke-lie-kyon-barha-rahi-hai-upvc-ki-manga-43186 · **Language:** Hindi
**Tags:** घर निर्माण, खिड़की और दरवाजे, UPVC खिड़की, होम इंटीरियर, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी, मकान सजावट

अपने सपनों का आशियाना तैयार करना हर किसी के जीवन का एक बड़ा पड़ाव होता है। जब निर्माण कार्य शुरू होता है तो दीवारों और छत के साथ-साथ खिड़कियों और दरवाजों के चयन पर भी खास ध्यान देना जरूरी हो जाता है। लंबे समय से भारतीय घरों में चौखट, खिड़कियों और दरवाजों के लिए पारंपरिक रूप से लकड़ी का प्रयोग होता आया है। हालांकि समय बीतने के साथ लकड़ी के अपने कई नुकसान भी सामने आते हैं। बारिश का पानी लगने पर लकड़ी के ढांचे फूल जाते हैं, उनमें सड़न पैदा होने लगती है और अक्सर दीमक लगने की गंभीर समस्या खड़ी हो जाती है। इसके चलते लोगों को बार-बार मेंटेनेंस और रिपेयरिंग पर भारी खर्च करना पड़ता है।

## धातु के विकल्पों की सीमाएं और बढ़ती परेशानियां
लकड़ी के झंझटों से बचने के लिए पिछले कुछ दशकों में लोगों ने धातु यानी लोहे और एल्यूमीनियम से बनी खिड़कियों का रुख किया। लेकिन धातु से बने इन ढांचों की भी अपनी अलग कमजोरियां हैं। लोहे की खिड़कियों और दरवाजों पर नमी लगते ही जंग पकड़ने का खतरा बना रहता है, जिसके चलते उन पर नियमित रूप से प्राइमर और पेंट करना मजबूरी बन जाता है। इसके अतिरिक्त लोहा सूरज की किरणों से निकलने वाली गर्मी को तेजी से सोखता है। इसका सीधा असर यह होता है कि गर्मियों के मौसम में घर के अंदर का तापमान बढ़ जाता है और कमरों में अतिरिक्त गर्माहट महसूस होने लगती है। इन्हीं कमियों के कारण गृहस्वामी अब एक ऐसे टिकाऊ विकल्प की तलाश में रहते हैं जो हर मौसम में बिना परेशानी के टिक सके।

## UPVC फ्रेम की खूबियां और आधुनिक घरों में उपयोग
पारंपरिक सामग्रियों की इन्हीं दिक्कतों के समाधान के रूप में अब UPVC सामग्री से बने खिड़की और दरवाजे तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में करीब 15 वर्षों से खिड़की-दरवाजे तैयार करने के काम से जुड़े कारीगर सुशील कुमार के अनुसार, UPVC खिड़कियों की बनावट बेहद खास होती है। इनमें सबसे बड़ा गुण साउंड प्रूफिंग का होता है, यानी ये बाहर के अनचाहे शोर को कमरे के भीतर आने से प्रभावी ढंग से रोकती हैं। यही कारण है कि घर में शांत स्टडी रूम तैयार करना हो या फिर वर्क फ्रॉम होम के लिए ऑफिस स्पेस बनाना हो, UPVC के फ्रेम बेहद उपयोगी साबित होते हैं। इसके साथ ही यह सूरज की तीखी धूप और ताप को भी अंदर आने से रोकता है, जिससे गर्मियों के दौरान घर के भीतर ठंडक बनी रहती है।

## दीर्घकालिक बचत और शून्य मेंटेनेंस का फायदा
UPVC खिड़कियों की एक और बड़ी विशेषता यह है कि इन पर पानी का कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। तेज बारिश या नमी के संपर्क में आने के बावजूद इनमें न तो सड़न होती है और न ही ढांचा टेढ़ा-मेढ़ा होता है। सुशील कुमार स्पष्ट करते हैं कि इन्हें खोलने और बंद करने पर किसी तरह की कर्कश आवाज भी नहीं आती, जो अक्सर पुरानी लोहे या लकड़ी की खिड़कियों में सुनाई देती है। इसके अलावा सबसे बड़ी राहत यह है कि UPVC से बनी खिड़कियों पर कभी भी पेंट कराने की जरूरत नहीं पड़ती। बाजार में यह सादे सफेद रंग के साथ-साथ अलग-अलग रंगीन विकल्पों में भी उपलब्ध है। मौसम की मार झेलने की क्षमता, शून्य मेंटेनेंस और खूबसूरत फिनिशिंग की वजह से ही अब नए मकान बनवाते समय लोग UPVC को अपनी पहली पसंद बना रहे हैं।

## इसका आप पर असर
मकान बनवाने या रेनोवेशन कराने वाले गृहस्वामियों के लिए यह सामग्री दीमक, जंग और बार-बार होने वाले पेंट के खर्चे को पूरी तरह खत्म कर सकती है।

- **घर के बजट में बचत:** UPVC खिड़की-दरवाजों में पेंट कराने की जरूरत नहीं होती और न ही इनमें दीमक लगती है। इससे हर साल मेंटेनेंस, वार्निश या पेंटिंग पर होने वाले हजारों रुपये की सीधी बचत होती है।
- **तापमान नियंत्रण:** यह फ्रेम सूरज की धूप और ऊष्मा को कमरे के अंदर आने से रोकता है। गर्मियों में कमरे ठंडे रहने से पंखे और एसी पर बिजली की खपत कम करने में मदद मिलती है।
- **शोर से राहत:** साउंड प्रूफ क्षमता के चलते यह बाहरी सड़क और मोहल्ले के शोरगुल को काफी हद तक रोक देता है। पढ़ाई करने वाले बच्चों और घर से दफ्तर का काम करने वालों के लिए यह बेहद उपयोगी है।
- **मौसम की मार से सुरक्षा:** बारिश के पानी के लगातार संपर्क में रहने के बावजूद इसमें सड़न या जंग नहीं लगती। सीलन या नमी वाले इलाकों के लिए यह पारंपरिक लकड़ी और लोहे से कहीं बेहतर विकल्प है।

## ऐसा क्यों हुआ
पारंपरिक निर्माण सामग्रियों जैसे लकड़ी और लोहे की प्राकृतिक सीमाओं और उनके बढ़ते रख-रखाव खर्च के कारण लोगों का रुझान UPVC की तरफ बढ़ा है।

- **लकड़ी के ढांचों में सड़न और दीमक:** लकड़ी प्राकृतिक रूप से नमी सोखने पर फूल जाती है और बारिश के मौसम में सड़ने लगती है। साथ ही दीमक लगने से कुछ ही सालों में पूरा ढांचा अंदर से खोखला हो जाता है।
- **लोहे में जंग और अत्यधिक ताप ग्रहण:** लोहे के फ्रेम हवा और पानी के संपर्क में आने से तेजी से जंग पकड़ते हैं। इसके अलावा धातु होने के कारण यह सूरज की धूप को अवशोषित कर कमरों को अत्यधिक गर्म बना देता है।
- **बेहतर इंसुलेशन और टिकाऊपन की तलाश:** आधुनिक जीवनशैली में लोग शांत माहौल और कम मेंटेनेंस वाले उत्पाद चाहते हैं। UPVC द्वारा साउंड प्रूफिंग, वाटरप्रूफिंग और हीट इंसुलेशन एक साथ देने के कारण यह स्वाभाविक रूप से लोकप्रिय विकल्प बन गया।

## सवाल-जवाब

### 1. लकड़ी की खिड़कियों की तुलना में UPVC खिड़कियों के क्या फायदे हैं?
UPVC खिड़कियों में बारिश के पानी से सड़न नहीं होती और न ही इनमें दीमक लगती है। इन्हें लकड़ी की तरह बार-बार पॉलिश या मेंटेनेंस की जरूरत नहीं पड़ती।

### 2. क्या लोहे की खिड़कियों से कमरे ज्यादा गर्म होते हैं?
हां, लोहा सूरज की ऊष्मा को ग्रहण करता है जिससे गर्मी के मौसम में कमरों में अतिरिक्त गर्माहट महसूस होती है।

### 3. क्या UPVC खिड़कियां बाहर का शोर रोकने में सक्षम हैं?
हां, UPVC से बनी खिड़कियां साउंड प्रूफ होती हैं, जो बाहर की आवाज को कम कर शांत माहौल देती हैं।

### 4. क्या UPVC खिड़कियों और दरवाजों पर पेंट कराने की आवश्यकता होती है?
नहीं, UPVC खिड़कियों पर कभी पेंट कराने की जरूरत नहीं होती और ये सादे व रंगीन दोनों विकल्पों में मिलती हैं।

### 5. खिड़की-दरवाजे खोलने और बंद करने पर क्या UPVC में आवाज आती है?
नहीं, UPVC से बनी खिड़कियों को खोलने या बंद करने पर कोई आवाज नहीं आती।

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