# लर्निंग लाइसेंस बनवाने का ऑनलाइन तरीका समझें, टेस्ट के दौरान इन गलतियों से तुरंत रद्द हो सकता है आवेदन

> परिवहन विभाग की सारथी सेवा से घर बैठे लर्निंग लाइसेंस बनवाना आसान हो गया है, लेकिन ऑनलाइन परीक्षा के दौरान चेहरे की निगरानी और आवाजों को लेकर सतर्क रहना जरूरी है.

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/larninga-laisensa-banavane-ka-nalaina-tarika-samajhen-testa-ke-daurana-ina-galatiyon-se-turnta-radda-ho-sakata-hai-avedana-34723 · **Language:** Hindi
**Tags:** लर्निंग लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस, सारथी सेवा, परिवहन विभाग, ऑनलाइन टेस्ट, ट्रैफिक नियम

गाड़ी चलाने के वैध अधिकार के अलावा सरकारी पहचान और पते के प्रामाणिक दस्तावेज के तौर पर ड्राइविंग लाइसेंस का इस्तेमाल हर नागरिक की प्राथमिक जरूरत बन चुका है. पहले इसके प्राथमिक चरण यानी लर्निंग लाइसेंस के लिए भी लोगों को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे. अब इस पूरी व्यवस्था को डिजिटल बनाकर आवेदकों को बड़ी राहत दी गई है. उपसंभागीय परिवहन अधिकारी सर्वेश कुमार के अनुसार, इच्छुक आवेदक अब घर से ही ऑनलाइन व्यवस्था के तहत लर्निंग लाइसेंस हासिल कर सकते हैं, बशर्ते वे निर्धारित नियमों और टेस्ट के दौरान अनिवार्य अनुशासन का सही तरीके से पालन करें.

## परिवहन पोर्टल और सारथी सेवा से आवेदन का तरीका
नया लाइसेंस जारी कराने की संपूर्ण व्यवस्था दो अलग चरणों में व्यवस्थित की गई है. आवेदक को सबसे पहले परिवहन विभाग के अधिकृत पोर्टल पर जाकर सारथी सेवा के विकल्प का चयन करना होता है. इस प्रक्रिया में आधार प्रमाणीकरण की मुख्य भूमिका होती है. आवेदक जब फॉर्म भरते हैं, तब आधार सत्यापन के आधार पर उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एक विशेष लिंक भेजा जाता है. इस लिंक के माध्यम से ट्रैफिक नियमों, सड़क सुरक्षा संकेतों और वाहन संचालन से संबंधित ट्यूटोरियल वीडियो देखना आवश्यक होता है ताकि आवेदक परीक्षा के लिए खुद को तैयार कर सकें.

## ऑनलाइन परीक्षा का स्वरूप और पास होने के मानक
ट्यूटोरियल वीडियो पूरा देखने के बाद आवेदक अपने घर से ही कंप्यूटर या मोबाइल की मदद से ऑनलाइन परीक्षा दे सकते हैं. इस कम्प्यूटरीकृत मूल्यांकन में कुल 15 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं. परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए उम्मीदवार को कम से कम 9 प्रश्नों के सही उत्तर दर्ज करने होते हैं. यह परीक्षा आवेदक की सड़क सुरक्षा समझ और बुनियादी ड्राइविंग नियमों की परख करने के उद्देश्य से ली जाती है. यदि उम्मीदवार 9 सही उत्तर देने में विफल रहते हैं, तो उन्हें दोबारा प्रयास करना पड़ता है.

## वेबकैम निगरानी और परीक्षा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां
घर बैठे टेस्ट की सुविधा मिलने के साथ ही विभाग ने निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कड़े तकनीकी नियम भी लागू किए हैं. जब आवेदक स्क्रीन पर टेस्ट दे रहे होते हैं, तब सिस्टम का कैमरा लगातार चालू रहता है. इस दौरान उम्मीदवार को अपना ध्यान सीधे स्क्रीन पर केंद्रित रखना चाहिए. कैमरे के सामने आवेदक का चेहरा पूरी तरह स्पष्ट नजर आना अनिवार्य है. यदि जांच के दौरान स्क्रीन के सामने किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी दर्ज होती है या बैकग्राउंड में किसी दूसरे की आवाज सुनाई देती है, तो सिस्टम उसे अनुचित साधन मानकर आवेदन को तुरंत रद्द कर सकता है. इसके अलावा, टेस्ट के दौरान मजबूत इंटरनेट कनेक्टिविटी का होना जरूरी है ताकि बीच में संपर्क न टूटे.

## लर्निंग और परमानेंट लाइसेंस का निर्धारित शुल्क ढांचा
परिवहन विभाग ने अलग-अलग श्रेणियों के वाहनों के लिए स्पष्ट शुल्क संरचना निर्धारित कर रखी है. लर्निंग लाइसेंस स्तर पर यदि कोई व्यक्ति केवल एक वाहन जैसे दोपहिया या बाइक के लिए आवेदन करता है, तो उसे 200 रुपये का शुल्क देना पड़ता है. यदि आवेदक दोपहिया और चार पहिया यानी बाइक और कार दोनों श्रेणियों को एक साथ चुनता है, तो कुल शुल्क 350 रुपये लगता है. नागरिक यह पूरी प्रक्रिया स्वयं इंटरनेट के माध्यम से पूरी कर सकते हैं, अथवा अपने नजदीकी जन सुविधा केंद्र या साइबर कैफे जाकर भी फॉर्म भरवा सकते हैं.

## एक महीने बाद पक्के लाइसेंस की प्रक्रिया
लर्निंग लाइसेंस हासिल होने के ठीक एक महीने बाद आवेदक परमानेंट यानी पक्के ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने के योग्य हो जाते हैं. पक्का लाइसेंस हासिल करने के लिए भी श्रेणीवार शुल्क तय है, जिसमें एक वाहन के लिए 700 रुपये और दो वाहनों के लिए 1000 रुपये की फीस जमा करनी होती है. निर्धारित अवधि पूरी होते ही आवेदक पोर्टल पर जाकर अपनी सुविधानुसार स्लॉट बुक कर सकते हैं और आगे की औपचारिकताएं पूरी करके अपना अंतिम ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं. इस पारदर्शी ऑनलाइन प्रणाली से आम जनता के धन और समय दोनों की उल्लेखनीय बचत हो रही है.

## इसका आप पर असर
परिवहन विभाग की इस ऑनलाइन व्यवस्था से नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर काटने और अनावश्यक बिचौलियों के खर्च से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है.

- **लाइसेंस शुल्क में बचत:** घर बैठे ऑनलाइन आवेदन करने पर आवेदक केवल 200 रुपये या 350 रुपये की सरकारी फीस देकर लर्निंग लाइसेंस पा सकते हैं. इससे दलालों को दी जाने वाली अतिरिक्त रकम की सीधी बचत होती है.
- **परीक्षा अनुशासन की अनिवार्यता:** टेस्ट के दौरान कैमरा सक्रिय रहने के कारण आवेदक को एकांत कमरे में बैठकर ही परीक्षा देनी होगी. किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी या आवाज दर्ज होते ही आवेदन निरस्त हो जाएगा और दोबारा प्रक्रिया करनी पड़ सकती है.
- **समय सीमा और अगला चरण:** लर्निंग लाइसेंस मिलने के ठीक 30 दिन बाद पक्के लाइसेंस का स्लॉट बुक किया जा सकता है. एक वाहन के लिए 700 रुपये और दो वाहनों के लिए 1000 रुपये का भुगतान करके तय समय पर प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
- **इंटरनेट और आधार कनेक्टिविटी:** फॉर्म भरने और टेस्ट देने के लिए आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर सक्रिय रहना अनिवार्य है. परीक्षा के दौरान अचानक डिस्कनेक्शन से बचने के लिए स्थिर इंटरनेट कनेक्शन सुनिश्चित करना जरूरी है.

## ऐसा क्यों हुआ
परिवहन सेवाओं को पारदर्शी बनाने, कार्यालयों की भीड़ कम करने और नागरिकों की सहूलियत बढ़ाने के उद्देश्य से ड्राइविंग लाइसेंस व्यवस्था को ऑनलाइन ढांचे पर लाया गया है.

- **प्रशासनिक जटिलता और बिचौलियों पर रोक:** पूर्व व्यवस्था में शारीरिक रूप से दफ्तर जाने के कारण आवेदकों को लंबी कतारों और अनौपचारिक बिचौलियों का सामना करना पड़ता था. ऑनलाइन सारथी सेवा शुरू होने से प्रक्रिया पारदर्शी और कागजरहित हो गई.
- **डिजिटल पहचान सत्यापन का विस्तार:** आधार प्रमाणीकरण की उपलब्धता से आवेदकों की पहचान की पुष्टि दूर बैठकर भी संभव हो गई है. इसने उम्मीदवार के वास्तविक पते और पहचान की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए पूरी प्रक्रिया को सुगम बनाया.
- **सड़क सुरक्षा जागरूकता पर जोर:** परीक्षा से पूर्व ट्यूटोरियल वीडियो अनिवार्य करने और 15 में से 9 अंक लाने की शर्त रखने का उद्देश्य बुनियादी ट्रैफिक समझ परखना है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति बिना नियमों की बुनियादी जानकारी के सड़क पर वाहन न उतारे.

## सवाल-जवाब

### 1. लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए न्यूनतम कितने प्रश्न सही करने होते हैं?
ऑनलाइन टेस्ट में कुल 15 प्रश्न पूछे जाते हैं, जिनमें से उत्तीर्ण होने के लिए कम से कम 9 प्रश्नों के सही उत्तर देना अनिवार्य है.

### 2. लर्निंग लाइसेंस के लिए कितनी फीस निर्धारित है?
एक वाहन के लिए 200 रुपये और दो वाहनों जैसे बाइक व कार दोनों के लिए 350 रुपये का शुल्क तय किया गया है.

### 3. ऑनलाइन टेस्ट के दौरान आवेदन किस वजह से रद्द हो सकता है?
कैमरे के सामने किसी अन्य व्यक्ति का चेहरा दिखने, बैकग्राउंड से आवाज आने या स्क्रीन से ध्यान हटाने पर टेस्ट अमान्य कर आवेदन रद्द किया जा सकता है.

### 4. लर्निंग लाइसेंस बनने के कितने दिनों बाद पक्के लाइसेंस के लिए आवेदन किया जा सकता है?
लर्निंग लाइसेंस जारी होने के एक महीने बाद आवेदक पक्के यानी परमानेंट लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं.

### 5. पक्के ड्राइविंग लाइसेंस के लिए कितना सरकारी शुल्क देना पड़ता है?
पक्के लाइसेंस के लिए एक वाहन की श्रेणी में 700 रुपये और दो वाहनों की श्रेणी में 1000 रुपये फीस निर्धारित है.

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._