घर की सफाई में कब और कैसे लगाएं पोछा, जानिए सही तरीका जिससे मेहनत होगी आधी घर की साफ-सफाई में झाड़ू और पोछे का सही क्रम क्या होना चाहिए और इसे करने का सटीक समय कौन सा है, ताकि बार-बार मेहनत न करनी पड़े। हर घर की दिनचर्या में साफ-सफाई एक अनिवार्य हिस्सा है, जिसमें झाड़ू और पोछा लगाना हर दिन का काम होता है। हालांकि इस बात पर बहुत कम लोग विचार करते हैं कि इस काम को अंजाम देने का कोई सबसे उपयुक्त समय भी हो सकता है। कई घरों में सुबह की शुरुआत ही पोछे से होती है, जबकि कुछ लोग दिनभर के तमाम काम निबटाने के बाद शाम के वक्त फर्श चमकाना पसंद करते हैं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि फर्श साफ करने के लिए आखिर कौन सा वक्त सबसे बेहतर रहता है और क्या सुबह की सफाई ज्यादा असरदार होती है या फिर शाम का वक्त इसके लिए ज्यादा मुफीद है। सफाई का सही समय तय करने के पैमाने असल में इस सवाल का जवाब किसी एक तय वक्त में नहीं मिलता है। सफाई का उचित समय इस बात पर भी निर्भर करता है कि घर के भीतर लोगों की आवाजाही कितनी है, बाकी घरेलू काम किस वक्त तक पूरे होते हैं और गीले फर्श को सूखने के लिए कितना पर्याप्त वक्त मिल पाता है। यदि सही समय और उचित तरीके से फर्श की धुलाई की जाए तो वह लंबे समय तक साफ-सुथरा बना रहता है और बार-बार मेहनत करने की परेशानी से भी छुटकारा मिल जाता है। कम आवाजाही वाले वक्त का चुनाव यदि केवल सफाई के नजरिए से विचार किया जाए तो पोछा उस दौरान लगाना सबसे अच्छा माना जाता है, जब घर के अंदर लोगों का आना-जाना काफी कम हो। सुबह उठते ही फौरन पोछा लगाने के बजाय घर के अन्य जरूरी कामकाज निपटा लेना ज्यादा समझदारी का कदम होता है। जब बच्चे स्कूल के लिए निकल जाएं, परिवार के अन्य सदस्य अपने दफ्तर चले जाएं और घर की भागदौड़ थम जाए, उस वक्त फर्श साफ करने से पैरों के निशान नहीं पड़ते। इसके विपरीत, यदि पूरे दिन घर में मेहमानों या सदस्यों का आना-जाना लगा रहता है तो शाम के समय जब तमाम कामकाज सिमट जाएं, तब पोछा लगाना एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है, जिससे फर्श को सूखने के लिए सुकून भरा वक्त मिल जाता है। सफाई का सही क्रम और नियम घर को व्यवस्थित रखने का एक बहुत आसान सा उसूल है कि हमेशा पहले सूखी सफाई की जानी चाहिए और उसके बाद ही गीली सफाई का नंबर आना चाहिए। इसका मतलब यह है कि सबसे पहले इधर-उधर बिखरे सामान को करीने से रखें, फिर फर्नीचर, मेज, शेल्फ और अन्य सतहों पर जमी धूल को साफ करें। इसके बाद झाड़ू या वैक्यूम क्लीनर का इस्तेमाल करें और अंत में पोछा लगाएं। यदि आप इस क्रम को उलट देंगे और पहले पोछा लगा देंगे, तो ऊपर से गिरने वाली धूल दोबारा फर्श को गंदा कर देगी, जिससे आपकी मेहनत बढ़ जाएगी और आपको दोबारा सफाई करनी पड़ेगी। • सबसे पहले बिखरे हुए सामान को उसकी सही जगह पर व्यवस्थित करें। • इसके बाद फर्नीचर और ऊंची सतहों से धूल अच्छी तरह हटाएं। • अंत में हल्के गीले पोछे की मदद से पूरे फर्श को साफ करें। सुबह के वक्त पोछा लगाने के नुकसान लगभग हर घर में सुबह का समय सबसे ज्यादा व्यस्तता भरा होता है। कोई ऑफिस जाने की जल्दी में रहता है तो किसी को बच्चों को स्कूल भेजने की फिक्र होती है। ऐसे व्यस्त माहौल में यदि फर्श पर पोछा चला दिया जाए तो लगातार लोगों के आने-जाने से गीले फर्श पर गंदे निशान उभर आते हैं। इससे कुछ ही देर के भीतर फर्श दोबारा मैला नजर आने लगता है। यही वजह है कि सुबह के समय पोछा लगाने के लिए थोड़ी देर का इंतजार करना ज्यादा बेहतर परिणाम देता है। शाम के वक्त सफाई करने के फायदे जिन घरों में दिनभर चहल-पहल बनी रहती है, वहां शाम का वक्त सफाई के लिए बेहद सुविधाजनक हो सकता है। रात का खाना बन जाने, जूठे बर्तन धुल जाने और बाकी जरूरी काम निबट जाने के बाद जब फर्श साफ किया जाता है तो वहां दोबारा गंदगी फैलने का अंदेशा बहुत कम हो जाता है। रसोईघर के मामले में भी यह तरीका सबसे ज्यादा कारगर साबित होता है। पहले कुकिंग का सारा काम खत्म कर लें और उसके बाद फर्श की सफाई करें, ताकि तेल, मसालों या पानी के छींटों से फर्श दोबारा खराब न हो। झाड़ू लगाना क्यों है अनिवार्य कई लोग बिना झाड़ू का इस्तेमाल किए सीधे गीला पोछा लगा देते हैं, जिसे साफ-सफाई का सही तरीका नहीं माना जाता है। फर्श पर मौजूद बारीक धूल, बालों और छोटे-छोटे कणों को पहले ही हटाना बेहद जरूरी होता है। यदि ऐसा नहीं किया जाए तो यह सारी गंदगी पानी के साथ मिलकर पूरे फर्श पर फैल जाती है, जिससे सफाई होने के बजाय फर्श और अधिक धुंधला व गंदा दिखाई देने लगता है। पोछा लगाते वक्त इन बातों का रखें ध्यान सफाई करते समय बहुत अधिक पानी के प्रयोग से हमेशा बचना चाहिए, क्योंकि लकड़ी और लैमिनेटेड फर्श पर ज्यादा पानी गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इसके अलावा माइक्रोफाइबर मॉप का इस्तेमाल करना ज्यादा सही माना जाता है क्योंकि यह कम पानी में भी बेहतरीन तरीके से सफाई कर देता है। पोछा लगाने के बाद जब तक फर्श पूरी तरह न सूख जाए, तब तक उस पर चलने से बचना चाहिए ताकि उसकी चमक बरकरार रहे और फिसलने का खतरा भी न रहे। क्या रोज पूरे घर में पोछा लगाना जरूरी है यह आवश्यक नहीं है कि हर बार पोछा लगाते समय पूरे घर को ही साफ किया जाए। यदि किसी खास हिस्से पर चाय, भोजन या कोई अन्य चीज गिर गई है या फिर बाहर से आए जूतों के गंदे निशान बन गए हैं, तो केवल उतने ही हिस्से की सफाई करना भी काफी होता है। ऐसे मौकों पर हल्के गीले माइक्रोफाइबर कपड़े या स्प्रे मॉप की सहायता से तुरंत सफाई की जा सकती है, जिससे समय की बचत भी होती है और जरूरत के अनुसार घर साफ-सुथरा भी बना रहता है। सवाल-जवाब 1. पोछा लगाने का सबसे सही समय कौन सा माना जाता है? पोछा लगाने का सबसे सही समय वह माना जाता है जब घर में लोगों की आवाजाही कम हो, जैसे सुबह काम खत्म होने के बाद या शाम को सभी काम निबटने के बाद। 2. सफाई करते समय झाड़ू और पोछे का सही क्रम क्या है? सबसे पहले घर का सामान व्यवस्थित करें, फर्नीचर की धूल हटाएं, फिर झाड़ू लगाएं और सबसे आखिर में पोछा लगाएं। 3. सुबह जल्दी पोछा लगाने से क्या नुकसान होता है? सुबह की व्यस्तता के दौरान पोछा लगाने से लोगों के बार-बार चलने के कारण गीले फर्श पर निशान पड़ जाते हैं और फर्श दोबारा गंदा दिखने लगता है। 4. पोछा लगाने के लिए किस तरह के मॉप का इस्तेमाल करना चाहिए? माइक्रोफाइबर मॉप का इस्तेमाल करना सबसे बेहतर माना जाता है क्योंकि यह कम पानी में भी अच्छी तरह सफाई कर देता है। https://trendkia.com/lifestyle/morning-or-evening-the-right-time-and-proper-order-to-mop-your-floor-13305 TrendKia — Har trend, sabse pehle.