# दिल्ली के नेशनल साइंस सेंटर में खुला एनसीआर का पहला जुरासिक पार्क

> दिल्ली के नेशनल साइंस सेंटर में एनसीआर का पहला जुरासिक पार्क शुरू हो गया है। मात्र 100 रुपये के टिकट में दर्शक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस डायनासोर और प्राचीन युग का रोमांच देख सकते हैं।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-09-16 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/ncr-ke-first-jurassic-park-delhi-ke-national-science-center-men-open-32785 · **Language:** Hindi
**Tags:** जुरासिक पार्क, नेशनल साइंस सेंटर, दिल्ली, डायनासोर, पर्यटन

देश की राजधानी दिल्ली में एनसीआर का पहला जुरासिक पार्क शुरू कर दिया गया है। इसे नेशनल साइंस सेंटर के भीतर तैयार किया गया है और इसका नाम प्रागैतिहासिक गैलरी रखा गया है। डायनासोर की थीम पर आधारित इस विशेष गैलरी में प्रवेश करते ही आगंतुकों को उस प्राचीन काल का जीवंत अनुभव होने लगता है जब इस धरती पर डायनासोरों का राज हुआ करता था। इस पूरी गैलरी में विभिन्न स्थानों पर डायनासोर की भयानक आवाजें गूंजती रहती हैं और बीच-बीच में कृत्रिम ज्वालामुखी के नजारे भी देखने को मिलते हैं।

इस संपूर्ण दीर्घा में डायनासोर की अलग-अलग प्रजातियों की आकृतियां स्थापित की गई हैं जो न केवल हिलती-डुलती हैं बल्कि आवाजें निकालकर आने वाले दर्शकों को भयभीत भी करती हैं। इस अनूठी गैलरी का उद्घाटन 26 अगस्त को नेशनल साइंस सेंटर में संपन्न हुआ था। जैसे-जैसे लोगों को इसकी जानकारी मिल रही है, यहां डायनासोर और इस बेहद सुंदर गैलरी का दीदार करने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी सैलानी पहुंचने लगे हैं। संपूर्ण दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की यह अपनी तरह की पहली ऐसी गैलरी है जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग करके डायनासोर की ऐसी डमी तैयार की गई हैं जो बिल्कुल सजीव और वास्तविक प्रतीत होती हैं।

नेशनल साइंस सेंटर के प्रधान क्यूरेटर मोइनुद्दीन अंसारी ने जानकारी दी कि 26 अगस्त को इस गैलरी का औपचारिक शुभारंभ हो चुका है। इससे पहले भी केंद्र में एक गैलरी मौजूद थी लेकिन वह पुरानी शैली की थी जिसमें वह रोमांच गायब था जो आज के दर्शकों को आकर्षित करता है। उसी पुरानी संरचना को आधुनिक स्वरूप देकर नया रूप दिया गया है जिसे देखने वाले लोग बहुत पसंद कर रहे हैं। उन्होंने यह भी साझा किया कि इस गैलरी के निर्माण कार्य में लगभग एक साल का समय लगा है। इस नई गैलरी के लिए अलग से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं रखा गया है बल्कि इसका प्रवेश शुल्क नेशनल साइंस सेंटर के सामान्य टिकट में ही शामिल है जो कि प्रति व्यक्ति 100 रुपये तय किया गया है।

जो भी व्यक्ति नेशनल साइंस सेंटर का मुख्य टिकट खरीदेगा, वह बिना किसी बाधा के इस नई गैलरी का भी आनंद ले सकेगा। उन्होंने बताया कि नेशनल साइंस सेंटर के खुलने का समय सुबह 9:30 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे तक निर्धारित है, जबकि आगंतुकों के लिए अंतिम टिकट शाम 5:00 बजे तक ही जारी की जाती है। केंद्र के भीतर कुल 10 दीर्घाएं मौजूद हैं और ये सभी 10 गैलरी इसी सामान्य प्रवेश टिकट के अंतर्गत आती हैं, यानी कुल खर्च केवल 100 रुपये प्रति व्यक्ति है। हालांकि, परिसर के भीतर चलने वाले अन्य विशेष शो के लिए टिकट की व्यवस्था अलग से की गई है।

यदि आप भी इस अनोखी, रहस्यमयी और भरपूर मनोरंजन से ओतप्रोत जुरासिक पार्क गैलरी के दीदार करना चाहते हैं तो आपको नेशनल साइंस सेंटर पहुंचना होगा। यह केंद्र भैरव मार्ग पर स्थित है जो भारत मंडपम के अत्यंत निकट है। यदि कोई पर्यटक मेट्रो मार्ग से आना चाहता है तो सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन इसके सबसे नजदीक पड़ता है। वाहन चालकों के लिए यहां चार पहिया वाहनों का पार्किंग शुल्क 100 रुपये और दो पहिया वाहनों के लिए 40 रुपये तय किया गया है। इस जुरासिक पार्क गैलरी के अलावा यहां आने वाले लोग अन्य 10 दीर्घाओं का भी भरपूर लुत्फ उठा सकते हैं और खासतौर पर यह जगह बच्चों को बहुत अधिक आकर्षित कर रही है।

## इसका आप पर असर
यह नई सौगात दिल्ली-एनसीआर के निवासियों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए कम खर्च में बेहतरीन मनोरंजन का साधन लेकर आई है।

- **भारत में:** देश भर से विज्ञान केंद्रों और संग्रहालयों का भ्रमण करने वाले पर्यटकों को अब दिल्ली में ही प्रागैतिहासिक काल का उन्नत और सजीव अनुभव कम बजट में मिल सकेगा।
- **दिल्ली में:** स्थानीय परिवारों, स्कूली बच्चों और पर्यटकों को केवल 100 रुपये के प्रवेश शुल्क में डायनासोर के रोमांच के साथ-साथ कुल 10 अलग-अलग दीर्घाओं को देखने का अवसर मिलेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
पुरानी और पुरानी शैली की गैलरी में आधुनिक रोमांच और तकनीक की कमी थी, जिसके चलते नेशनल साइंस सेंटर ने आगंतुकों को आकर्षित करने के लिए इसे नया रूप दिया है।

- **आधुनिक तकनीक का उपयोग:** इस गैलरी को अधिक सजीव और रोमांचक बनाने के लिए इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया है।
- **एक साल की मेहनत:** पुरानी दीर्घा को पूरी तरह से अपग्रेड करने और डायनासोर की हिलने-डुलने वाली डमी तैयार करने में लगभग एक साल का समय लगा है।
- **बढ़ता आकर्षण:** पर्यटकों को आधुनिक युग के अनुरूप उन्नत अनुभव देने के उद्देश्य से इस प्राचीन इतिहास पर आधारित गैलरी को नए स्वरूप में तैयार किया गया है।

## सवाल-जवाब

### 1. दिल्ली में एनसीआर का पहला जुरासिक पार्क कहां खुला है?
यह जुरासिक पार्क दिल्ली के नेशनल साइंस सेंटर में खोला गया है।

### 2. इस गैलरी का प्रवेश शुल्क कितना है?
इस गैलरी का टिकट नेशनल साइंस सेंटर के सामान्य टिकट यानी 100 रुपये प्रति व्यक्ति में ही शामिल है।

### 3. इस गैलरी को तैयार करने में कितना समय लगा है?
इस गैलरी को तैयार करने में लगभग एक साल का समय लगा है।

### 4. नेशनल साइंस सेंटर का समय क्या है?
नेशनल साइंस सेंटर सुबह 9:30 से शाम 6:00 बजे तक खुला रहता है और अंतिम टिकट शाम 5:00 बजे मिलती है।

### 5. इसके सबसे पास कौन सा मेट्रो स्टेशन है?
सुप्रीम कोर्ट मेट्रो स्टेशन इसके सबसे करीब स्थित है।

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