{
  "type": "article",
  "title": "पटना एक्सपो में 60 रुपये की सात स्वाद वाली पकौड़ी थाली बनी आकर्षण का केंद्र, यूपी के शकील की अनोखी यात्रा",
  "summary": "उत्तर प्रदेश के शकील पटना एक्सपो में 60 रुपये में सात किस्मों की पकौड़ियां परोस रहे हैं, जहां विभिन्न मेलों में घूमकर कारोबार करने की उनकी कहानी भी लोगों को खूब लुभा रही है।",
  "content": "बिहार की राजधानी में आयोजित पटना एक्सपो में लजीज खानपान के शौकीनों के लिए एक खास स्टॉल चर्चा का विषय बना हुआ है। उत्तर प्रदेश से आए विक्रेता शकील यहां आने वाले लोगों को महज 60 रुपये की एक थाली में सात अलग-अलग किस्मों की पकौड़ियां पेश कर रहे हैं। इस खास प्लेटर में प्याज, गोभी, पालक, आलू, पनीर, हरी मिर्च और कचरी पकौड़ी शामिल हैं, जो मेले में घूमने आने वाले हर वर्ग के आगंतुक को अपनी ओर खींच रही हैं।\n\nमेनू में उपलब्ध किस्में और तय की गई कीमतें\nशकील के स्टॉल पर ग्राहकों की पसंद और बजट को ध्यान में रखते हुए कई विकल्प रखे गए हैं। सात किस्मों वाली मिक्स पकौड़ी की पूरी थाली 60 रुपये में बेची जा रही है, जो पूरी तरह भरकर परोसी जाती है। इसके अलावा, जो ग्राहक केवल पनीर पसंद करते हैं, उनके लिए 80 रुपये में छह पीस पनीर पकौड़ी की अलग व्यवस्था है। गरमा-गरम तले हुए इन नमकीन व्यंजनों के साथ पीने के लिए 20 रुपये में चाय का कप भी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे लोग नाश्ते का पूरा आनंद उठा रहे हैं।\n\nहर पकौड़ी की सामग्री और विशेष मसालों की तैयारी\nदुकानदार के अनुसार, सभी सात पकौड़ियों को एक जैसा बनाने के बजाय प्रत्येक के लिए अलग मिश्रण तैयार किया जाता है ताकि हर बाइट में अनोखा जायका मिले। पालक पकौड़ी तैयार करने के लिए ताजी पालक, हरा धनिया, मेथी और बेसन का घोल तैयार किया जाता है। प्याज और फूलगोभी की पकौड़ी के लिए बेसन के साथ बारीक कटी प्याज और हरी मिर्च का संयोजन किया जाता है। इसके अतिरिक्त, पारंपरिक कचरी पकौड़ी को चने की दाल, कटे हुए हरे धनिए और तीखी मिर्च के मिश्रण से विशेष रूप से बनाया जाता है। पकौड़ियों के स्वाद को संतुलित और विशिष्ट रखने के लिए शकील ब्रांडेड मसालों का ही प्रयोग करते हैं, ताकि हर किस्म का अपना अलग स्वाद निखरकर आए।\n\nएक मेले से दूसरे मेले तक फैला कारोबारी सफर\nयह काम किसी एक शहर या स्थायी बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि शकील वर्षों से देश के विभिन्न आयोजनों और मेलों में अपनी दुकान सजाते आ रहे हैं। इस वर्तमान दौरे में वे भागलपुर में कारोबार पूरा करने के बाद पटना पहुंचे हैं। पटना एक्सपो के समापन के बाद उनकी योजना सीधे रांची जाने की है, जिसके बाद जमशेदपुर और फिर विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेले में भी स्टॉल लगाने की तैयारी है। आर्थिक पहलू पर बात करते हुए शकील बताते हैं कि सभी जरूरी खर्चे और लागत निकालने के बाद एक मेले से करीब 20 से 25 हजार रुपये की शुद्ध बचत हो जाती है। जब बिक्री बहुत अच्छी रहती है, तो यह मुनाफा 30 से 40 हजार रुपये तक पहुंच जाता है, हालांकि वे एक महीने में अमूमन दो से तीन मेलों में ही भाग ले पाते हैं।\n\nमौसम की मार के बाद बिक्री में आई तेजी\nशुरुआती दिनों में पटना के मौसम ने कारोबार पर थोड़ा असर डाला था। बारिश के दिनों में एक्सपो में आने वाले ग्राहकों की संख्या कम थी, जिससे बिक्री की रफ्तार धीमी रही। हालांकि, मौसम साफ होते ही स्टॉल पर ग्राहकों की भीड़ जुटने लगी है और कारोबार ने अच्छी गति पकड़ ली है। अब बड़ी संख्या में लोग 60 रुपये वाली स्पेशल थाली का लुत्फ उठा रहे हैं और साथ ही 20 रुपये वाली चाय की चुस्कियों के साथ एक्सपो का आनंद ले रहे हैं।\n\nइसका आप पर असर\nपटना एक्सपो में जाने वाले आम नागरिकों और खानपान के शौकीनों के लिए यह स्टॉल किफायती और विविधतापूर्ण नाश्ते का बेहतरीन विकल्प पेश करता है।\n\n• पटना के निवासियों के लिए: एक्सपो जाने वाले आगंतुक मात्र 60 रुपये में सात तरह की पकौड़ियों की थाली का स्वाद ले सकते हैं। इससे उन्हें बहुत कम बजट में कई पारंपरिक स्वादों को एक साथ चखने का अवसर मिलता है।\n• अन्य शहरों के लोगों के लिए: जो लोग इस समय पटना नहीं जा सकते, वे आने वाले दिनों में रांची, जमशेदपुर या सोनपुर मेले में इस स्टॉल का रुख कर सकते हैं। यह स्टॉल आगामी महीनों में इन शहरों के प्रमुख मेलों में अपनी सेवाएं देगा।\n• पनीर प्रेमियों के लिए: शाकाहारी भोजन में पनीर पसंद करने वाले लोग 80 रुपये में छह पीस ताजा पनीर पकौड़ी चुन सकते हैं। इसके साथ 20 रुपये की गर्म चाय भी उपलब्ध है।\n• छोटे व्यापारियों के लिए: मेलों में घूम-घूम कर दुकान लगाने वाले स्वरोजगारियों के लिए यह मॉडल बताता है कि हर महीने 20 से 40 हजार रुपये की बचत संभव है। सही उत्पाद और किफायती दाम रखकर अलग-अलग शहरों में ग्राहक बनाए जा सकते हैं।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयह स्टॉल अपने अनूठे मेनू और किफायती मूल्य निर्धारण की वजह से दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।\n\n• किफायती दामों में विविधता: आम तौर पर दुकानों पर केवल एक या दो तरह की पकौड़ियां मिलती हैं, जबकि यहां 60 रुपये में सात अलग-अलग किस्मों का संयोजन दिया जा रहा है। इसी व्यापक विकल्प ने एक्सपो में आने वाले परिवारों और युवाओं का ध्यान खींचा।\n• मौसम और स्थान का प्रभाव: शुरुआती दौर में बारिश के चलते मेले में भीड़ कम थी, लेकिन मौसम साफ होते ही तले हुए गर्म नाश्ते और चाय की मांग तेजी से बढ़ गई।\n• व्यवस्थित भ्रमण मॉडल: उत्तर प्रदेश से आए विक्रेता शकील एक सुविचारित कार्यक्रम के तहत मेलों का रुख करते हैं, जिससे उन्हें लगातार नए शहरों में बड़ा उपभोक्ता आधार मिलता रहता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. पटना एक्सपो में सात किस्मों वाली पकौड़ी थाली की कीमत क्या है?\nसात अलग-अलग किस्मों की पकौड़ियों वाली भरी हुई थाली की कीमत 60 रुपये है।\n\n2. 60 रुपये वाली थाली में कौन-कौन सी पकौड़ियां शामिल हैं?\nइस थाली में प्याज, गोभी, पालक, आलू, पनीर, हरी मिर्च और चने की दाल की कचरी पकौड़ी शामिल हैं।\n\n3. पनीर पकौड़ी और चाय की अलग से क्या दरें तय हैं?\nछह पीस पनीर पकौड़ी की कीमत 80 रुपये है, जबकि गर्म चाय 20 रुपये प्रति कप में मिलती है।\n\n4. दुकानदार शकील का संबंध किस राज्य से है?\nशकील मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और विभिन्न राज्यों के मेलों में दुकान लगाते हैं।\n\n5. पटना एक्सपो के बाद दुकानदार का अगला पड़ाव कहां होगा?\nपटना के बाद वे रांची जाने की तैयारी में हैं, जिसके बाद जमशेदपुर और सोनपुर मेले में दुकान लगाएंगे।\n\n6. एक मेले में आमतौर पर कितनी बचत हो जाती है?\nखर्च निकालने के बाद प्रति मेला 20 से 25 हजार रुपये की बचत होती है, जो कभी-कभी 30 से 40 हजार रुपये तक पहुंच जाती है।\n\nप्रेरणा और सबक\nउत्तर प्रदेश के शकील की यह यात्रा दिखाती है कि कैसे कड़ी मेहनत, हुनर और सही कारोबारी सोच से सादे पारंपरिक काम में भी आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है।\n\n• हुनर और विविधता पर जोर: किसी एक उत्पाद पर टिके रहने के बजाय ग्राहकों को सात अलग-अलग स्वादों का विकल्प देकर साधारण कारोबार को भी खास बनाया जा सकता है।\n• गतिशीलता और नए बाजार तलाशना: एक ही जगह सीमित रहने के बजाय विभिन्न शहरों के मेलों में पहुंचना कारोबार को लगातार नए ग्राहक और नियमित कमाई प्रदान करता है।\n• चुनौतियों के आगे न झुकना: पटना में शुरुआती दिनों में बारिश से हुए नुकसान के बावजूद धैर्य बनाए रखा गया और मौसम ठीक होते ही बिक्री में जोरदार उछाल देखने को मिला।",
  "url": "https://trendkia.com/lifestyle/patna-expo-men-60-rupaye-ki-sata-svada-vali-pakauri-thali-bani-akarshana-ka-kendra-up-ke-shakeel-ki-anokhi-yatra-55439",
  "category": "जीवनशैली",
  "publishedAt": "2026-11-03",
  "tags": [
    "पटना एक्सपो",
    "पकौड़ी",
    "स्ट्रीट फूड",
    "शकील",
    "बिहार पर्यटन",
    "सोनपुर मेला"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia",
  "whatItMeansForYou": "पटना एक्सपो में जाने वाले आम नागरिकों और खानपान के शौकीनों के लिए यह स्टॉल किफायती और विविधतापूर्ण नाश्ते का बेहतरीन विकल्प पेश करता है।\n\n• पटना के निवासियों के लिए: एक्सपो जाने वाले आगंतुक मात्र 60 रुपये में सात तरह की पकौड़ियों की थाली का स्वाद ले सकते हैं। इससे उन्हें बहुत कम बजट में कई पारंपरिक स्वादों को एक साथ चखने का अवसर मिलता है।\n• अन्य शहरों के लोगों के लिए: जो लोग इस समय पटना नहीं जा सकते, वे आने वाले दिनों में रांची, जमशेदपुर या सोनपुर मेले में इस स्टॉल का रुख कर सकते हैं। यह स्टॉल आगामी महीनों में इन शहरों के प्रमुख मेलों में अपनी सेवाएं देगा।\n• पनीर प्रेमियों के लिए: शाकाहारी भोजन में पनीर पसंद करने वाले लोग 80 रुपये में छह पीस ताजा पनीर पकौड़ी चुन सकते हैं। इसके साथ 20 रुपये की गर्म चाय भी उपलब्ध है।\n• छोटे व्यापारियों के लिए: मेलों में घूम-घूम कर दुकान लगाने वाले स्वरोजगारियों के लिए यह मॉडल बताता है कि हर महीने 20 से 40 हजार रुपये की बचत संभव है। सही उत्पाद और किफायती दाम रखकर अलग-अलग शहरों में ग्राहक बनाए जा सकते हैं।",
  "whyItHappened": "यह स्टॉल अपने अनूठे मेनू और किफायती मूल्य निर्धारण की वजह से दर्शकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।\n\n• किफायती दामों में विविधता: आम तौर पर दुकानों पर केवल एक या दो तरह की पकौड़ियां मिलती हैं, जबकि यहां 60 रुपये में सात अलग-अलग किस्मों का संयोजन दिया जा रहा है। इसी व्यापक विकल्प ने एक्सपो में आने वाले परिवारों और युवाओं का ध्यान खींचा।\n• मौसम और स्थान का प्रभाव: शुरुआती दौर में बारिश के चलते मेले में भीड़ कम थी, लेकिन मौसम साफ होते ही तले हुए गर्म नाश्ते और चाय की मांग तेजी से बढ़ गई।\n• व्यवस्थित भ्रमण मॉडल: उत्तर प्रदेश से आए विक्रेता शकील एक सुविचारित कार्यक्रम के तहत मेलों का रुख करते हैं, जिससे उन्हें लगातार नए शहरों में बड़ा उपभोक्ता आधार मिलता रहता है।",
  "questionsAndAnswers": [
    {
      "question": "पटना एक्सपो में सात किस्मों वाली पकौड़ी थाली की कीमत क्या है?",
      "answer": "सात अलग-अलग किस्मों की पकौड़ियों वाली भरी हुई थाली की कीमत 60 रुपये है।"
    },
    {
      "question": "60 रुपये वाली थाली में कौन-कौन सी पकौड़ियां शामिल हैं?",
      "answer": "इस थाली में प्याज, गोभी, पालक, आलू, पनीर, हरी मिर्च और चने की दाल की कचरी पकौड़ी शामिल हैं।"
    },
    {
      "question": "पनीर पकौड़ी और चाय की अलग से क्या दरें तय हैं?",
      "answer": "छह पीस पनीर पकौड़ी की कीमत 80 रुपये है, जबकि गर्म चाय 20 रुपये प्रति कप में मिलती है।"
    },
    {
      "question": "दुकानदार शकील का संबंध किस राज्य से है?",
      "answer": "शकील मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और विभिन्न राज्यों के मेलों में दुकान लगाते हैं।"
    },
    {
      "question": "पटना एक्सपो के बाद दुकानदार का अगला पड़ाव कहां होगा?",
      "answer": "पटना के बाद वे रांची जाने की तैयारी में हैं, जिसके बाद जमशेदपुर और सोनपुर मेले में दुकान लगाएंगे।"
    },
    {
      "question": "एक मेले में आमतौर पर कितनी बचत हो जाती है?",
      "answer": "खर्च निकालने के बाद प्रति मेला 20 से 25 हजार रुपये की बचत होती है, जो कभी-कभी 30 से 40 हजार रुपये तक पहुंच जाती है।"
    }
  ],
  "inspiration": "उत्तर प्रदेश के शकील की यह यात्रा दिखाती है कि कैसे कड़ी मेहनत, हुनर और सही कारोबारी सोच से सादे पारंपरिक काम में भी आत्मनिर्भरता हासिल की जा सकती है।\n\n• हुनर और विविधता पर जोर: किसी एक उत्पाद पर टिके रहने के बजाय ग्राहकों को सात अलग-अलग स्वादों का विकल्प देकर साधारण कारोबार को भी खास बनाया जा सकता है।\n• गतिशीलता और नए बाजार तलाशना: एक ही जगह सीमित रहने के बजाय विभिन्न शहरों के मेलों में पहुंचना कारोबार को लगातार नए ग्राहक और नियमित कमाई प्रदान करता है।\n• चुनौतियों के आगे न झुकना: पटना में शुरुआती दिनों में बारिश से हुए नुकसान के बावजूद धैर्य बनाए रखा गया और मौसम ठीक होते ही बिक्री में जोरदार उछाल देखने को मिला।"
}