पटना के सर्राफा बाजार में 7500 रुपये से शुरू हुईं सोने की अंगूठियां, धनतेरस पर हल्के आभूषणों की भारी मांग धनतेरस और दीवाली पर सोने के बढ़े भावों के बीच पटना के बाजार में 1 ग्राम से कम वजन की अंगूठियां और हल्के गहने उपलब्ध कराए गए हैं, जिनकी शुरुआती कीमत करीब 7,500 रुपये है. त्योहारी सीजन में सोने के जेवर खरीदना भारतीय परंपरा का एक अहम हिस्सा माना जाता है, मगर आसमान छूते दामों की वजह से अक्सर मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बजट संभालना मुश्किल हो जाता है. धनतेरस और दीवाली के पावन अवसर पर सोने की खरीदारी की इसी चाहत को पूरा करने के लिए बिहार की राजधानी पटना के सर्राफा बाजार ने इस बार एक अनूठी पहल की है. स्थानीय आभूषण विक्रेताओं ने आम खरीदारों की जेब को ध्यान में रखते हुए बेहद कम वजन वाले सोने के आभूषणों की नई शृंखला उतारी है. इन खास आभूषणों में एक ग्राम से भी कम वजन वाली 18 कैरेट सोने की खूबसूरत अंगूठियां मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं, जिनकी शुरुआती कीमत लगभग 7,500 रुपये रखी गई है. इसके चलते सीमित बजट वाले ग्राहक भी बिना किसी आर्थिक दबाव के शगुन के तौर पर शुद्ध सोने की खरीदारी कर पा रहे हैं. एक ग्राम से कम वजन में कई डिजाइन के विकल्प बाजार में इस समय पेश किए गए हल्के आभूषणों की श्रृंखला में 750 मिलीग्राम से लेकर एक ग्राम और सवा ग्राम तक की अंगूठियां उपलब्ध हैं. जो लोग 10,000 रुपये से 12,000 रुपये तक खर्च करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए भी यहां विकल्पों की कोई कमी नहीं है. कारीगरों ने कम वजन के बावजूद मजबूती और सुंदरता का पूरा ख्याल रखा है. आभूषणों में ग्राहकों की पसंद के हिसाब से नक्काशीदार और आधुनिक पैटर्न तैयार किए गए हैं. कान की बालियों और टॉप्स में भी ऐसे ही अल्ट्रा-लाइटवेट गहने उतारे गए हैं, ताकि महिलाएं अपनी दैनिक जीवनशैली में भी इन्हें आसानी से पहन सकें. पाटलिपुत्र सर्राफा संघ के अध्यक्ष और गहना ज्वेलर्स के संचालक विनोद कुमार के मुताबिक, 18 कैरेट सोने के आभूषणों का यह नया संग्रह ग्राहकों की बजट चिंताओं को दूर करने के लिए तैयार किया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा सर्राफा दरों के आधार पर लगभग 750 मिलीग्राम वजन की अंगूठी 7,000 रुपये से 7,500 रुपये के दायरे में मिल रही है. यदि कोई ग्राहक 880 मिलीग्राम वजन का चुनाव करता है, तो उसकी लागत करीब 10,000 से 11,000 रुपये के आसपास आती है. वहीं एक ग्राम वजन वाली अंगूठी की कीमत लगभग 12,000 से 13,000 रुपये के बीच बैठती है. हालांकि जेवर की अंतिम दर उस दिन के तय सर्राफा भाव, मेकिंग चार्ज और चुने गए डिजाइन के आधार पर तय होती है. उपहार देने और आधुनिक शैली के लिए मुफीद त्योहारों के मौके पर रिश्तेदारों, करीबियों या कर्मचारियों को सोने का उपहार देना शुभ माना जाता है, मगर अधिक वजन वाले गहनों की कीमत इसमें बाधा बन जाती थी. हल्के वजन के इन गहनों ने उपहार देने वालों के लिए एक बेहतरीन रास्ता खोल दिया है. 10 हजार रुपये के आसपास के बजट में अब सोने की अंगूठी उपहार स्वरूप भेंट की जा सकती है. बाजार में उपलब्ध डिजाइनों की बात करें तो 750 मिलीग्राम, 820 मिलीग्राम, 840 मिलीग्राम, 880 मिलीग्राम, 900 मिलीग्राम तथा 960 मिलीग्राम के विभिन्न वजन वर्गों में अंगूठियां सजी हुई हैं. डिजाइन विविधता पर बात करते हुए विनोद कुमार ने बताया कि कई अंगूठियों में खास तरह के स्टोन जड़े गए हैं, जिससे वे दिखने में बिल्कुल हीरे के आभूषणों जैसी चमक बिखेरती हैं. वहीं दूसरी तरफ जो ग्राहक बिल्कुल सादा और पारंपरिक सोना पसंद करते हैं, उनके लिए स्टोनलेस यानी बिना नग वाली अंगूठियां भी तैयार रखी गई हैं. दीवाली और धनतेरस के नजदीक आने के साथ ही कारीगर नए-नए पैटर्न बाजार में उतार रहे हैं, ताकि हर आयु वर्ग के खरीदार को अपनी पसंद का गहना मिल सके. सोने की चेन और बड़े गहनों का क्या है गणित अंगूठियों के अलावा यदि कोई खरीदार सोने की चेन खरीदने का मन बना रहा है, तो उसके लिए बजट का दायरा थोड़ा बड़ा करना होगा. सर्राफा बाजार में इस समय 3.5 ग्राम से शुरू होकर 20 ग्राम, 25 ग्राम और 50 ग्राम तक की सोने की चेन आसानी से उपलब्ध हैं. यदि बजट सीमित है, तो 18 कैरेट सोने में बनी 3 से 3.5 ग्राम की हल्की हॉलो चेन का चयन किया जा सकता है. यह हॉलो चेन जीएसटी सहित लगभग 35,000 रुपये से 40,000 रुपये के बजट में खरीदी जा सकती है. विनोद कुमार का यह भी कहना है कि पिछले कुछ समय के उच्च स्तर की तुलना में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. बीते एक सप्ताह से सर्राफा बाजार में सोने के भाव अपेक्षाकृत निचले स्तरों पर बने हुए हैं. ऐसे में धनतेरस और दीवाली के साथ-साथ आने वाले वैवाहिक सीजन के लिए भी गहने खरीदने का यह एक शानदार अवसर साबित हो सकता है, क्योंकि शादियों के समय मांग में उछाल आने पर कीमतों में दोबारा तेजी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. 9 कैरेट के गहनों पर क्या है बाजार का रुख कम बजट वाले विकल्पों की चर्चा के दौरान अक्सर 9 कैरेट सोने के आभूषणों का जिक्र भी सामने आता है. पश्चिमी देशों में यह श्रेणी काफी लोकप्रिय है, लेकिन स्थानीय बाजार में इसकी स्थिति अलग है. इस विषय पर विनोद कुमार ने स्पष्ट किया कि पटना के बाजार में फिलहाल 9 कैरेट के आभूषणों का कोई खास चलन नहीं है. स्थानीय ग्राहकों की तरफ से भी इसकी मांग लगभग न के बराबर है. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर आने वाले समय में उपभोक्ताओं की तरफ से मांग निकलती है, तो सर्राफा कारोबारी इस श्रेणी के आभूषण भी उपलब्ध कराने पर विचार कर सकते हैं. खरीदारी करते समय इन जरूरी बातों का रखें ध्यान त्योहारी उत्साह के बीच सोने की खरीदारी करते समय ग्राहकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. किसी भी आभूषण को खरीदते वक्त उस पर भारतीय मानक ब्यूरो का हॉलमार्क अवश्य जांचें, जिससे सोने की वास्तविक शुद्धता प्रमाणित होती है. बिल बनवाते समय केवल कुल रकम न देखें, बल्कि बिल पर सोने का सटीक वजन, उस दिन की प्रति ग्राम दर, मेकिंग चार्ज और जीएसटी की अलग-अलग प्रविष्टि की मांग करें. पक्का बिल प्राप्त करना उपभोक्ता के कानूनी अधिकारों और भविष्य में जेवर बेचने या बदलने के लिहाज से बेहद आवश्यक है. इसका आप पर असर कम बजट वाले आभूषणों की उपलब्धता से आम खरीदारों के लिए धनतेरस पर शगुन का सोना खरीदना बेहद आसान और किफायती हो गया है. • भारत में: सोने की ऊंची कीमतों के बावजूद उपभोक्ता 10,000 रुपये के भीतर हॉलमार्क युक्त जेवर खरीदकर अपनी परंपराएं निभा सकते हैं. इससे त्योहारों और शादियों के दौरान उपहार देने के लिए बड़े बजट की निर्भरता खत्म हो रही है. • पटना में: स्थानीय खरीदारों को स्थानीय सर्राफा दुकानों में 7,500 रुपये से शुरू होने वाली 18 कैरेट की अंगूठियों और चेन के व्यापक विकल्प मिल रहे हैं. ग्राहक अपने बजट के अनुसार 750 मिलीग्राम से सवा ग्राम तक के सटीक वजन वाले आभूषण चुन सकते हैं. • खरीदारों के लिए सावधानी: बिल बनवाते समय शुद्धता, हॉलमार्क और मेकिंग चार्ज की अलग जांच करना आवश्यक है. पक्का बिल लेने से भविष्य में आभूषण बदलने या बेचने पर सही मूल्य मिलना सुनिश्चित होता है. • बजट प्रबंधन: 35,000 से 40,000 रुपये में 3.5 ग्राम की हॉलो चेन उपलब्ध होने से शादी की शुरुआती खरीदारी भी सुगम हो गई है. खरीदार मौजूदा समय में भावों में आई नरमी का लाभ उठाकर त्योहारी बजट संभाल सकते हैं. ऐसा क्यों हुआ सोने के दामों में आई तेजी और मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति के बीच संतुलन साधने के लिए आभूषण निर्माताओं ने यह व्यावसायिक कदम उठाया है. इसके चलते सर्राफा कारोबारियों ने कम वजन के उत्पादों की डिजाइनिंग पर ध्यान केंद्रित किया है. • ऊंची कीमतों का दबाव: सर्राफा बाजार में सोने के भाव ऐतिहासिक स्तरों के आसपास होने से आम खरीदारों की क्रय शक्ति प्रभावित हुई थी. त्योहारों पर बिक्री की रफ्तार बनाए रखने के लिए सर्राफा कारोबारियों ने हल्के गहनों की पेशकश शुरू की. • उपहार और शगुन की मांग: धनतेरस और दीवाली पर सोना खरीदना अनिवार्य माना जाता है, जिससे कम बजट वाले उपहारों की मांग तेजी से बढ़ी. 7,000 से 10,000 रुपये के दायरे वाले विकल्पों ने इस मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया. • कीमतों में हालिया नरमी: पिछले एक सप्ताह से सोने के भाव अपने उच्चतम रिकॉर्ड स्तर से कुछ नीचे स्थिर बने हुए हैं. इस नरमी ने व्यापारियों को ग्राहकों को आकर्षित करने और आगामी वैवाहिक सत्र के लिए अग्रिम बुकिंग का माहौल तैयार करने में मदद की. सवाल-जवाब 1. पटना में सबसे सस्ती सोने की अंगूठी कितने रुपये में मिल रही है? पटना के सर्राफा बाजार में लगभग 750 मिलीग्राम वजन की 18 कैरेट सोने की अंगूठी करीब 7,000 से 7,500 रुपये की शुरुआती कीमत में मिल रही है. 2. एक ग्राम से कम वजन में कौन-कौन से आभूषण उपलब्ध हैं? बाजार में 750 से 960 मिलीग्राम तक की अंगूठियां तथा हल्के वजन के कान के टॉप्स और बालियां उपलब्ध हैं. 3. सोने की 3.5 ग्राम की हल्की चेन की अनुमानित कीमत क्या है? 18 कैरेट सोने की लगभग 3 से 3.5 ग्राम की हॉलो चेन जीएसटी सहित करीब 35,000 से 40,000 रुपये के बजट में खरीदी जा सकती है. 4. क्या पटना के बाजार में 9 कैरेट के सोने के जेवर बिक रहे हैं? फिलहाल पटना में 9 कैरेट के सोने के आभूषणों का चलन नहीं है और ग्राहकों की तरफ से इनकी मांग न के बराबर है. 5. धनतेरस पर सोने के गहने खरीदते समय किन बातों की जांच करनी चाहिए? गहनों पर हॉलमार्क की जांच करें और पक्के बिल में सोने का वजन, कैरेट शुद्धता, मेकिंग चार्ज तथा जीएसटी का अलग-अलग विवरण अवश्य देखें. https://trendkia.com/lifestyle/patna-ke-sarrapha-bajara-men-7500-rupaye-se-shuru-huin-sone-ki-anguthiyan-dhanteras-para-halke-abhushanon-ki-bhari-manga-48010 TrendKia — Har trend, sabse pehle.