पौधों को कीटों से बचाने के लिए घर पर तैयार करें नीम तेल और ऑर्गेनिक कीटनाशक स्प्रे गार्डनिंग के शौकीनों के लिए घर पर नीम की पत्तियों से प्राकृतिक तेल और ऑर्गेनिक कीटनाशक स्प्रे बनाने की पूरी विधि, जो पौधों को बिना नुकसान पहुंचाए कीटों से बचाती है। घर के बगीचे या गमलों में हरियाली बनाए रखना एक सुखद अनुभव होता है, लेकिन जब पौधों पर नए पत्ते और कलियां आने लगती हैं, तभी अक्सर कीटों का प्रकोप भी शुरू हो जाता है। नर्सरी से स्वस्थ पौधा लाना, सही मिट्टी और खाद तैयार करना तथा नियमित रूप से धूप और पानी का ध्यान रखना गार्डनिंग का पहला चरण है। जैसे ही पौधा फलने-फूलने के लिए तैयार होता है, विभिन्न प्रकार के कीट-पतंगे उसकी पत्तियों और तनों पर हमला कर देते हैं। रासायनिक कीटनाशकों का अंधाधुंध छिड़काव गमलों की मिट्टी और पर्यावरण के लिए नुकसानदेह हो सकता है। ऐसे में प्राकृतिक और ऑर्गेनिक उपचार के तौर पर नीम से तैयार स्प्रे सबसे सुरक्षित और असरदार विकल्प साबित होता है। नारियल तेल के साथ गाढ़ा नीम का तेल बनाने की विधि नीम का प्राकृतिक तेल तैयार करने के लिए सबसे पहले ताजी नीम की पत्तियां एकत्र करें। इन पत्तियों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि उन पर जमी धूल और मिट्टी पूरी तरह निकल जाए। इसके बाद पत्तियों को मिक्सर ग्राइंडर में डालें और साथ में नारियल का तेल मिला दें। पत्तियों और नारियल तेल को एक साथ बारीक पीसकर पेस्ट तैयार कर लें। इस पिसे हुए पेस्ट को एक कड़ाही में निकालें और कड़ाही को गैस पर धीमी आंच पर रखें। मिश्रण को लगातार बीच-बीच में चलाते रहें ताकि वह कड़ाही की तली में जले नहीं। इसे लगभग 10 मिनट तक धीमी आंच पर गर्म होने दें। 10 मिनट के भीतर तेल का रंग पूरी तरह बदल जाएगा और नीम के औषधीय गुण तेल में समा जाएंगे। तेल को छानने और पौधे पर इस्तेमाल का सही तरीका जब 10 मिनट बाद मिश्रण का रंग बदल जाए, तब कड़ाही को गैस से नीचे उतार लें और कमरे के सामान्य तापमान पर पूरी तरह ठंडा होने दें। जब तेल अच्छी तरह ठंडा हो जाए, तो इसे किसी साफ सूती कपड़े अथवा छन्नी की मदद से छान लें। छना हुआ तेल पूरी तरह तैयार है और इसे किसी स्प्रे बॉटल अथवा कांच की शीशी में सुरक्षित रखा जा सकता है। यह प्राकृतिक तेल गमले की मिट्टी को किसी भी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाता है। पौधों पर इसके छिड़काव के लिए सही मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। एक लीटर सादे पानी में सिर्फ 5 मिलीलीटर नीम का तेल मिलाएं। तेल और पानी आपस में सीधे नहीं घुलते, इसलिए इस घोल में थोड़ा सा शैंपू, लिक्विड डिटर्जेंट अथवा लिक्विड सोप मिलाना चाहिए। ऐसा करने से तेल पानी में अच्छी तरह घुल जाता है। इस तैयार घोल का छिड़काव हमेशा शाम के समय पौधों पर करना चाहिए, जिससे तेज धूप में पत्तियों पर कोई दुष्प्रभाव न पड़े। नीम की पत्तियों का काढ़ा बनाकर तैयार करें ऑर्गेनिक पेस्टीसाइड यदि आप तेल का उपयोग नहीं करना चाहते हैं, तो नीम की पत्तियों का गाढ़ा पानी या काढ़ा बनाकर भी एक बेहतरीन ऑर्गेनिक पेस्टीसाइड स्प्रे तैयार किया जा सकता है। इसके लिए नीम की पत्तियों को टहनियों से अलग करके दो से तीन बार साफ पानी से अच्छी तरह धो लें ताकि उन पर किसी भी प्रकार की गंदगी न रहे। केवल साफ पत्तियों को ही छांटकर अलग रखें। इसके बाद एक बड़े बर्तन में दो से ढाई लीटर पानी लें और उसमें पत्तियों को डालकर उबलने के लिए रख दें। पत्तियों को तब तक उबालना है जब तक कि पानी की मात्रा घटकर लगभग एक तिहाई न रह जाए। जब बर्तन में करीब पौने लीटर पानी शेष बचे, तब गैस बंद कर दें और इस गाढ़े काढ़े को पूरी तरह ठंडा होने के लिए छोड़ दें। ठंडा हो जाने पर पत्तियों को अलग निकाल दें और काढ़े को किसी सूती कपड़े की सहायता से अच्छी तरह छानकर स्प्रे बॉटल में सुरक्षित कर लें। घोल का सही अनुपात और छिड़काव की जरूरी सावधानियां तैयार किए गए नीम के काढ़े को सीधे पौधों पर नहीं डाला जाता, बल्कि इसे पानी के साथ मिलाकर हल्का किया जाता है। इसके लिए एक लीटर क्षमता वाली स्प्रे बॉटल में 200 मिलीलीटर नीम की पत्तियों का उबला हुआ काढ़ा डालें और उसमें 800 मिलीलीटर ताजा सादा पानी मिला लें। इस प्रकार एक संतुलित ऑर्गेनिक कीटनाशक स्प्रे तैयार हो जाता है। इस स्प्रे को पौधों पर अच्छी तरह छिड़कें ताकि पत्तियां और शाखाएं पूरी तरह भीग जाएं। आवश्यकता पड़ने पर यह पानी गमले की मिट्टी में भी डाला जा सकता है। यह स्प्रे मिली बग्स और विभिन्न प्रकार के हानिकारक कीड़े-मकोड़ों पर अत्यंत प्रभावी माना जाता है। छिड़काव का सबसे उचित समय सुबह या शाम का होता है। दोपहर के समय तेज धूप में इसका इस्तेमाल बिल्कुल न करें। बेहतर परिणामों के लिए हर हफ्ते पौधों पर इसका नियमित छिड़काव करें। ध्यान रखें कि जब भी इस घोल का छिड़काव करें, उसके बाद कम से कम दो दिनों तक पौधों से फल अथवा सब्जियां न तोड़ें। इसका आप पर असर घर पर प्राकृतिक नीम स्प्रे तैयार करने से रासायनिक कीटनाशकों का खर्च बचता है और बगीचे के फल और सब्जियां पूरी तरह सुरक्षित रहती हैं। • लागत में बचत: बाजार से महंगे कीटनाशक खरीदने के बजाय नीम की पत्तियों और नारियल तेल से सस्ता घोल बन जाता है। इससे घरेलू गार्डनिंग का खर्च काफी कम हो जाता है। • मिट्टी की सुरक्षा: रासायनिक दवाओं के विपरीत यह प्राकृतिक उपचार गमलों की मिट्टी की उर्वरता को नष्ट नहीं करता है। इससे मिट्टी में लंबे समय तक पौधों के अनुकूल पोषक तत्व बने रहते हैं। • स्वास्थ्य पर असर: घर में उगाई जाने वाली सब्जियों पर जहरीले रसायनों का जमाव नहीं होता है। हालांकि छिड़काव के बाद 2 दिनों तक फल या सब्जी तोड़ने से बचना चाहिए। • पौधों की सेहत: नियमित साप्ताहिक छिड़काव से मिली बग्स और कीड़े खत्म हो जाते हैं। इससे पौधों की पत्तियां हरी-भरी रहती हैं और कलियां समय पर खिलती हैं। ऐसा क्यों हुआ गार्डनिंग में पौधों के विकास चरण के दौरान ही कीटों का सबसे तीव्र हमला देखने को मिलता है, जिसे समय पर नियंत्रित करना जरूरी होता है। • पत्तियों की कोमलता: पौधे जब फलने और नई पत्तियां निकालने की अवस्था में आते हैं, तब उनका रस चूसने के लिए कीट सबसे ज्यादा आकर्षित होते हैं। समय पर उपचार न मिलने पर कीड़े पौधे के विकास को पूरी तरह रोक देते हैं। • रासायनिक दवाओं का जोखिम: घरेलू बगीचों में तेज रसायनों का छिड़काव गमलों की सीमित मिट्टी को जल्दी बंजर और जहरीला बना देता है। इसी कारण गार्डनर सुरक्षित और असरदार ऑर्गेनिक विकल्पों की तलाश करते हैं। • नीम के प्राकृतिक गुण: नीम में प्राकृतिक कड़वाहट और कीट-रोधी तत्व होते हैं जो मिली बग्स और अन्य कीड़ों को बिना नुकसान पहुंचाए दूर भगा देते हैं। सवाल-जवाब 1. नीम का तेल बनाने के लिए मिश्रण को कितनी देर पकाना चाहिए? नीम की पत्तियों और नारियल तेल के पिसे हुए पेस्ट को कड़ाही में धीमी आंच पर लगभग 10 मिनट तक पकाना चाहिए, जब तक उसका रंग न बदल जाए। 2. स्प्रे तैयार करने के लिए एक लीटर पानी में कितना नीम तेल डालना चाहिए? एक लीटर पानी में सिर्फ 5 मिलीलीटर नीम का तेल और थोड़ा सा शैंपू या लिक्विड सोप मिलाना चाहिए ताकि तेल पानी में अच्छी तरह घुल जाए। 3. नीम की पत्तियों का काढ़ा बनाते समय पानी को कब तक उबालना चाहिए? दो से ढाई लीटर पानी में पत्तियों को तब तक उबालें जब तक पानी एक तिहाई यानी लगभग पौने लीटर न रह जाए। 4. उबले हुए नीम के पानी का पौधों पर इस्तेमाल कैसे किया जाता है? एक लीटर की बॉटल में 200 मिलीलीटर उबला नीम का पानी और 800 मिलीलीटर सादा पानी मिलाकर पौधों पर छिड़कना चाहिए। 5. इस ऑर्गेनिक स्प्रे का छिड़काव किस समय करना चाहिए? इसका छिड़काव हमेशा सुबह या शाम के समय करना चाहिए, दोपहर की तेज धूप में छिड़काव करने से बचना चाहिए। 6. स्प्रे करने के बाद फल या सब्जियां कब तोड़ी जा सकती हैं? छिड़काव करने के बाद कम से कम दो दिनों तक पौधों से फल अथवा सब्जियां नहीं तोड़नी चाहिए। https://trendkia.com/lifestyle/paudhon-ko-kiton-se-bachane-ke-lie-ghara-para-taiyara-karen-neem-tela-aura-rgenika-kitanashaka-spre-34967 TrendKia — Har trend, sabse pehle.