# रहस्यमयी बभनी को भगाने के घरेलू उपाय और सुरक्षा के नियम

> घरों में दिखने वाले छोटे रेंगने वाले जीवों से निपटने के लिए रसायनों के अंधाधुंध इस्तेमाल से बचें और सफाई व दरारें बंद करने जैसे सुरक्षित उपाय अपनाएं।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/rahasyamayi-babhni-ko-bhagane-ke-gharelu-upaya-aura-suraksha-ke-niyama-36288 · **Language:** Hindi
**Tags:** बभनी, छिपकली, पेस्ट कंट्रोल, घरेलू नुस्खे, गृह सुरक्षा, सांप की मौसी

गांवों और कस्बों में अक्सर छोटे रेंगने वाले जीव दिख जाते हैं, जिन्हें आम बोलचाल में बभनी अथवा बाभनी कहा जाता है। कई क्षेत्रों में लोग इसे सांप की मौसी भी कह देते हैं। कई बार लोग घबराहट में इन जीवों को पहचान नहीं पाते और तुरंत जहरीले कीटनाशक या खतरनाक रासायनिक पदार्थों का छिड़काव करने लगते हैं। ऐसा करना न सिर्फ उस जीव बल्कि घर के सदस्यों की सेहत के लिए भी जोखिम भरा हो सकता है। बिना जीव की पहचान किए रसायन फेंकने के बजाय रोकथाम और बचाव के व्यावहारिक तरीके अपनाना अधिक कारगर रहता है।

## घर के आसपास जमा कचरा और कबाड़ हटाएं
छिपकली और बभनी जैसे रेंगने वाले जीव अक्सर ऐसी जगहों पर शरण लेते हैं जहां लंबे समय से मलबा पड़ा हो। घर के आसपास पत्थरों के ढेर, लकड़ियों का जमावड़ा, अनुपयोगी सामान, कचरा या जानवरों का मल जमा होने से वे वहां आसानी से छिप जाते हैं। अपने परिसर की नियमित सफाई करें और किसी भी तरह के कबाड़ को तुरंत हटा दें, ताकि इन जीवों को छिपने के लिए सुरक्षित ठिकाना न मिल सके।

## दरारों और प्रवेश द्वारों को सीलेंट से करें बंद
छोटे जीवों को घर में आने से रोकने का सबसे सीधा उपाय उनके प्रवेश मार्ग रोकना है। दीवारों में मौजूद बारीक दरारें, प्लंबिंग पाइप के आसपास खाली छूटी जगहें और दरवाजों के निचले हिस्से मुख्य रास्ते होते हैं। इन सभी अंतरालों को भरने के लिए सीलेंट या वेदर स्ट्रिपिंग का उपयोग करें। यह अवरोध छिपकली और बभनी को तो रोकता ही है, साथ ही अन्य छोटे कीड़ों के अंदर आने की संभावना भी खत्म करता है।

## कीड़े-मकोड़ों की संख्या घटाएं और बाहरी रोशनी सीमित रखें
रेंगने वाले जीव मुख्य रूप से भोजन की तलाश में इंसानी बस्तियों की ओर आते हैं। अगर घर में मच्छर, कॉकरोच और पतंगे बहुतायत में होंगे, तो शिकारी जीव खुद ब खुद खींचे चले आएंगे। कीटों की रोकथाम पर ध्यान दें। इसके अलावा रात के वक्त घर के बाहर जलने वाली तेज रोशनी को कम करें, क्योंकि तेज लाइट पतंगों को आकर्षित करती है और उन पतंगों के पीछे-पीछे शिकारी जीव आ पहुंचते हैं।

## ठहरे हुए पानी की निकासी और नमी पर नियंत्रण
घर के बाहर या बगीचे में जलजमाव होने से कीटों का प्रजनन तेजी से बढ़ता है। जहां नमी और पानी ठहरा होता है, वहां कीड़े अंडे देते हैं और पारिस्थितिकी चक्र के कारण अन्य जीव भी डेरा जमा लेते हैं। इसलिए सुनिश्चित करें कि किसी भी खुले बर्तन या जमीन पर पानी न ठहरे। पाइप या नल में लीकेज दिखने पर उसकी तुरंत मरम्मत करवाएं और दीवारों व फर्श को यथासंभव सूखा रखें।

## जीव दिखने पर दूरी बनाएं और खतरनाक नुस्खों से बचें
अगर घर के किसी कोने में कोई अज्ञात जीव नजर आता है, तो कभी भी उसे नंगे हाथों से पकड़ने का जोखिम न उठाएं। बच्चों को उस जगह से फौरन दूर कर दें और लैपटॉप जैसे कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी वहां से हटा लें। सुरक्षित लगने पर उस कमरे का दरवाजा बंद करके बाहर आ जाएं और स्थानीय पेस्ट कंट्रोल टीम या प्रशिक्षित पेशेवरों की मदद लें।

## पेट्रोल, केरोसिन या नमक का प्रयोग न करें
कई लोग ऐसे मौकों पर नमक, खाने का तेल, पेट्रोल या मिट्टी का तेल डालने की गलती कर बैठते हैं। इस प्रकार के घरेलू प्रयोग बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। इनसे घर में आग लगने की आशंका बढ़ जाती है और त्वचा को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। सुरक्षा नियमों का पालन करना किसी भी अंधाधुंध प्रयोग से बेहतर है।

## इसका आप पर असर
घर में अज्ञात जीवों के प्रवेश को रोकने और सुरक्षित निवारण के लिए सही सावधानियां जानना बेहद जरूरी है।

- **रासायनिक जोखिम से बचाव:** अनजान जीवों पर कीटनाशक या पेट्रोल छिड़कने से बचें। इससे त्वचा को नुकसान और घर में आग लगने के खतरे को पूरी तरह टाला जा सकता है।
- **घर की मरम्मत:** दरवाजों के नीचे वेदर स्ट्रिपिंग लगाएं और दीवारों की दरारें तुरंत भरें। यह छोटा कदम आपको पेस्ट कंट्रोल पर होने वाले भारी खर्च से बचा सकता है।
- **परिसर की स्वच्छता:** घर के बाहर जमा कबाड़, लकड़ी और पानी को नियमित हटाएं। इस व्यवस्था से कीड़े-मकोड़े नहीं पनपेंगे और रेंगने वाले जीवों की आमद रुक जाएगी।
- **बच्चों की सुरक्षा:** कमरे में जीव दिखने पर बच्चों और जरूरी सामान को अलग कमरे में ले जाएं। पेशेवर मदद लेने से बिना किसी दुर्घटना के समस्या हल हो जाती है।

## ऐसा क्यों हुआ
छोटे रेंगने वाले जीव अनुकूल प्राकृतिक परिस्थितियों, शिकार की उपलब्धता और सुरक्षित आश्रय की तलाश में घरों की ओर रुख करते हैं।

- **भोजन की उपलब्धता:** घरों के आसपास कॉकरोच, मच्छर और रोशनी से आकर्षित होने वाले कीट बहुतायत में मिलते हैं। यही कीट इन छोटे रेंगने वाले जीवों का मुख्य भोजन बनकर उन्हें आकर्षित करते हैं।
- **सुरक्षित छिपने के स्थान:** लकड़ी, पत्थर, पुराने कबाड़ के ढेर और दीवारों की दरारें इन जीवों को प्राकृतिक रूप से छिपने और मौसम से बचने का ठिकाना प्रदान करती हैं।
- **नमी और जलजमाव:** ठहरे हुए पानी और रिसाव के कारण कीड़े तेजी से पनपते हैं। इसी पारिस्थितिकी के कारण शिकारी जीव नम और अंधेरी जगहों को अपना बसेरा बना लेते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. बभनी या सांप की मौसी क्या है?
यह एक छोटा रेंगने वाला जीव होता है जिसे अलग-अलग क्षेत्रों में छिपकली या बाभनी जैसे नामों से जाना जाता है।

### 2. घर में अज्ञात जीव दिखने पर क्या नहीं करना चाहिए?
उसे कभी नंगे हाथों से न पकड़ें और उस पर पेट्रोल, केरोसिन, नमक या अनजान रसायनों का छिड़काव न करें।

### 3. इन जीवों को घर में घुसने से कैसे रोकें?
दरवाजों के नीचे वेदर स्ट्रिपिंग लगाएं, दीवारों की दरारें सीलेंट से भरें और पाइपों के आसपास की खाली जगह बंद करें।

### 4. रात में बाहरी रोशनी कम रखने की सलाह क्यों दी जाती है?
तेज रोशनी से पतंगे और कीड़े आकर्षित होते हैं, जिनका शिकार करने के लिए ये रेंगने वाले जीव घर तक आ जाते हैं।

### 5. यदि कमरे में जीव नजर आए तो प्राथमिक कदम क्या होना चाहिए?
बच्चों को दूर करें, यदि सुरक्षित हो तो कमरे का दरवाजा बंद कर दें और पेशेवर पेस्ट कंट्रोल टीम की मदद लें।

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