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  "type": "article",
  "title": "राजधानी में लज़ीज़ बिरयानी और कबाब के बेहतरीन ठिकाने, जानिए कहां कितना होगा खर्च",
  "summary": "दिल्ली के मशहूर फूड अड्डों पर मिलने वाली दम बिरयानी, रसीले कबाब और काठी रोल के पांच प्रमुख पतों के साथ प्रति व्यक्ति खर्च का पूरा ब्योरा।",
  "content": "देश की राजधानी दिल्ली का सफर लज़ीज़ ज़ायके के बिना हमेशा अधूरा माना जाता है। यहां की पुरानी गलियों के ठेठ स्ट्रीट फूड से लेकर आधुनिक रेस्तरां तक, हर कोने में खाने के शौकीनों के लिए अनगिनत विकल्प मौजूद रहते हैं। जब बात पारंपरिक बिरयानी और कबाब की चलती है, तो दिल्ली पूरे देश के सबसे पसंदीदा फूड डेस्टिनेशंस में गिनी जाती है। कहीं धीमी आंच पर दम पुख्त होती बिरयानी की महक दूर से ही लोगों को अपनी ओर खींच लेती है, तो कहीं अंगीठी पर सिंकते सीक और शमी कबाब का स्वाद लोगों को बार-बार बुलाता है। यदि आप भी मांसाहारी व्यंजनों और मुगलई ज़ायके के मुरीद हैं, तो दिल्ली के ये पांच प्रमुख ठिकाने आपकी स्वाद यात्रा को यादगार बना सकते हैं।\n\nजामा मस्जिद की ऐतिहासिक गलियों का देसी मुगलई ज़ायका\nपुरानी दिल्ली का जामा मस्जिद इलाका बिरयानी और कबाब के शौकीनों के लिए सबसे मशहूर और भरोसेमंद पता माना जाता है। इस इलाके की संकरी और जीवंत गलियों में कदम रखते ही छोटी-बड़ी अनगिनत खाने की दुकानें दिखाई देती हैं, जहां चिकन बिरयानी, मटन बिरयानी, सीक कबाब, शमी कबाब और चिकन टिक्का जैसे ज़ायकेदार विकल्प हर वक्त तैयार मिलते हैं।\n\nइस पूरे बाजार की सबसे बड़ी खासियत यहां का पारंपरिक देसी मुगलई स्वाद है। यहां परोसी जाने वाली बिरयानी में खड़े मसालों की खुशबूदार महक, खिले हुए लंबे चावल और रसीले मीट का लाजवाब संगम देखने को मिलता है। दूसरी ओर, गरमा-गरम कबाब को बारीक कटी प्याज, तीखी हरी चटनी और पतली रुमाली रोटी के साथ खाना अपने आप में एक अलग और शानदार अनुभव देता है। अगर जेब पर पड़ने वाले असर की बात करें, तो जामा मस्जिद के इलाके में एक व्यक्ति के लिए भरपेट बिरयानी और कबाब का भोजन करीब 250 से 500 रुपये के बीच बहुत आराम से हो जाता है।\n\nदरियागंज के क़ुरैशी कबाब कॉर्नर पर ग्रिल्ड कबाब का जादू\nअगर आपका मन चावल वाली बिरयानी के बजाय सिर्फ और सिर्फ रसीले कबाब चखने का है, तो दरियागंज स्थित क़ुरैशी कबाब कॉर्नर एक बेहद जाना-पहचाना और सम्मानित नाम है। यहां पूरी तरह पारंपरिक मुगलई अंदाज में तैयार किए जाने वाले कबाब खाने वालों के बीच खास तौर पर लोकप्रिय हैं।\n\nक़ुरैशी कबाब कॉर्नर पर मिलने वाले सीक कबाब, शमी कबाब और कबाब की अन्य खास वैरायटी को लोग नरम रोटी और चटपटी चटनी के साथ खाना पसंद करते हैं। इन कबाबों का संतुलित मसालेदार स्वाद और कोयले पर सिकने से आने वाली सोंधी ग्रिल्ड खुशबू ही इन्हें शहर के बाकी कबाब अड्डों से बिल्कुल अलग और खास पहचान दिलाती है। इस दुकान पर एक व्यक्ति के लिए कबाब और रोटी के पूरे भोजन का औसत खर्च करीब 200 से 400 रुपये तक बैठता है।\n\nकनॉट प्लेस के निज़ाम्स में झटपट काठी कबाब रोल\nकनॉट प्लेस के बीचोंबीच अगर आप किसी ऐसे भोजन की तलाश में हैं जो बेहद स्वादिष्ट भी हो और खाने के बाद बहुत ज्यादा भारीपन भी महसूस न कराए, तो निज़ाम्स सबसे मुफीद विकल्प के तौर पर सामने आता है। इस रेस्तरां के काठी कबाब रोल शहर भर में जबरदस्त तरीके से पसंद किए जाते हैं।\n\nनिज़ाम्स में सिंकते हुए रसीले कबाब को ताज़ा रोटी में अच्छी तरह लपेटकर, ऊपर से कटी हुई प्याज और स्पेशल चटनी डालकर परोसा जाता है। यह उन लोगों के लिए सबसे बेहतरीन और सुलभ विकल्प साबित होता है जो किसी कुर्सी-मेज पर बैठकर इत्मीनान से लंबा भोजन करने के बजाय चलते-फिरते कुछ लज़ीज़ और पेट भरने वाला खाना चाहते हैं। यहां एक काठी कबाब रोल की कीमत करीब 200 से 350 रुपये के बीच रहती है।\n\nकनॉट प्लेस में बिरयानी बाय किलो की दम बिरयानी\nयदि आपकी खाने की योजना केवल और केवल प्रामाणिक बिरयानी के इर्द-गिर्द घूमती है, तो कनॉट प्लेस में मौजूद बिरयानी बाय किलो भी खाने के शौकीनों के लिए एक उम्दा जगह है। इस आउटलेट पर चिकन और मटन की अलग-अलग किस्मों की बिरयानी खास तौर पर परोसी जाती है।\n\nयहां बिरयानी को पारंपरिक दम स्टाइल में धीमी आंच पर पकाया जाता है। इस खास कुकिंग तकनीक की वजह से लंबे बासमती चावल के एक-एक दाने में मसालों की महक और मीट का रस पूरी तरह रच-बस जाता है। अपने दोस्तों या पूरे परिवार के साथ बैठकर बड़े हिस्से में बिरयानी साझा करने और इत्मीनान से खाने के लिए भी लोग इस जगह को काफी पसंद करते हैं।\n\nचाणक्यपुरी के बापू धाम मार्केट में अलकौसर का शांत माहौल\nचाणक्यपुरी स्थित बापू धाम मार्केट में मौजूद अलकौसर मुगलई फूड भी अपने प्रामाणिक और जायकेदार व्यंजनों के लिए राजधानी में एक अलग मुकाम रखता है। इस आउटलेट के मेन्यू में स्वादिष्ट बिरयानी के साथ-साथ अलग-अलग तरह के कबाब, चिकन डिशेज और अन्य नॉन-वेज मुगलई व्यंजन आसानी से मिल जाते हैं।\n\nअलकौसर उन लोगों के लिए सबसे उपयुक्त ठिकाना बन सकता है जो शहर के बेहद महंगे और तड़क-भड़क वाले रेस्तरां में जाने के बजाय एक सामान्य, सहज माहौल में भरपेट मुगलई भोजन का आनंद लेना चाहते हैं। यहां आप अपनी पसंद की खुशबूदार बिरयानी के साथ रसीले कबाब या कोई गाढ़ी ग्रेवी वाला मांसाहारी व्यंजन शामिल करके अपने पूरे भोजन का एक संतुलित और तृप्त करने वाला कॉम्बो तैयार कर सकते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nदिल्ली में पारंपरिक मांसाहारी भोजन और मुगलई जायके के शौकीनों के लिए यह जानकारी बजट और पसंद के अनुसार सही रेस्टोरेंट चुनने में सीधी मदद करती है।\n\n• भारत में: दिल्ली आने वाले देश भर के पर्यटक अपनी पसंद के अनुसार प्रामाणिक मुगलई खाने के प्रमुख ठिकानों की योजना पहले से बना सकते हैं। इससे उन्हें बिना भटके अपनी जेब के मुताबिक बेहतरीन स्वाद चखने का अवसर मिलता है।\n• दिल्ली में: राजधानी के स्थानीय निवासी और कामकाजी लोग समय की उपलब्धता के आधार पर सिट-डाउन भोजन या चलते-फिरते काठी रोल का विकल्प चुन सकते हैं। विभिन्न इलाकों में 200 से 500 रुपये प्रति व्यक्ति के स्पष्ट बजट से भोजन की योजना बनाना बेहद आसान हो जाता है।\n• बजट प्रबंधन: खाने के शौकीन पहले से तय कर सकते हैं कि उन्हें साधारण माहौल में किफायती भोजन करना है या परिवार के साथ हांडी साझा करनी है। इससे अनावश्यक खर्च से बचते हुए गुणवत्तापूर्ण भोजन का आनंद लिया जा सकता है।\n• यात्रा की सुविधा: पुरानी दिल्ली से लेकर कनॉट प्लेस और चाणक्यपुरी तक के ठिकानों की जानकारी मिलने से नजदीकी मेट्रो या बाजार के साथ फूड ट्रिप जोड़ी जा सकती है। इससे यात्रा का समय और आवागमन का खर्च दोनों बचते हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में खाने का औसत खर्च कितना आता है?\nजामा मस्जिद के पास एक व्यक्ति के लिए बिरयानी और कबाब का पूरा भोजन आमतौर पर 250 से 500 रुपये के बीच हो जाता है।\n\n2. दरियागंज का क़ुरैशी कबाब कॉर्नर किस तरह के खाने के लिए जाना जाता है?\nयह दुकान मुगलई अंदाज में तैयार सीक और शमी कबाब के लिए मशहूर है, जिसे रोटी और चटनी के साथ परोसा जाता है।\n\n3. कनॉट प्लेस में चलते-फिरते खाने के लिए कौन सा विकल्प सबसे अच्छा है?\nकनॉट प्लेस में निज़ाम्स का काठी कबाब रोल एक बेहतरीन विकल्प है, जिसकी कीमत 200 से 350 रुपये के बीच होती है।\n\n4. बिरयानी बाय किलो की बिरयानी पकाने की क्या खासियत है?\nयहां चिकन और मटन बिरयानी को पारंपरिक दम स्टाइल में तैयार किया जाता है, जिससे चावल में मसालों और मीट का स्वाद पूरी तरह घुल जाता है।\n\n5. अलकौसर मुगलई फूड दिल्ली के किस इलाके में स्थित है?\nअलकौसर मुगलई फूड चाणक्यपुरी के बापू धाम मार्केट में स्थित है, जहां किफायती माहौल में मुगलई व्यंजन मिलते हैं।",
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  "category": "जीवनशैली",
  "publishedAt": "2026-09-19",
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