रामपुर के माली प्रेम किशोर से जानिए सर्दियों में तुलसी को हरा-भरा रखने के 5 आसान उपाय सर्दियों के मौसम में तुलसी के पौधे को ठंड और पाले से बचाने के लिए कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है। राजकीय किला उद्यान विभाग के जानकारों के अनुसार सही देखभाल और पानी का प्रबंधन करके पौधे को सूखने से बचाया जा सकता है। घरों में तुलसी का पौधा लगाना जितना आम है, उसे लंबे समय तक जीवंत और हरा-भरा बनाए रखना उतना ही बड़ा काम माना जाता है। खासकर जब सर्दियां दस्तक देती हैं, तो ठंड का प्रकोप, घना कोहरा, अत्यधिक नमी और गमले की कठोर मिट्टी पौधे के स्वास्थ्य पर भारी पड़ने लगती है। यदि आपके घर में भी तुलसी का पौधा अक्सर मुरझा जाता है, तो इसके पीछे की असली वजहों को समझना बेहद आवश्यक हो जाता है। राजकीय किला उद्यान विभाग, रामपुर के माली प्रेम किशोर के सुझावों के मुताबिक, कुछ बुनियादी बातों को अपनाकर इस पौधे को सर्दियों के मौसम में भी पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सकता है। मिट्टी की बनावट और जल निकासी प्रेम किशोर का कहना है कि तुलसी के पौधे की बेहतरीन वृद्धि के लिए गमले की मिट्टी का भुरभुरी होना सबसे ज्यादा जरूरी है। अत्यधिक चिकनी या कड़क मिट्टी में पानी लंबे समय तक रुका रहता है, जिससे पौधे की अंदरूनी जड़ों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए तुलसी को हमेशा ऐसी मिट्टी में रोपना चाहिए जिससे अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके और जड़ों तक पर्याप्त मात्रा में हवा पहुंचती रहे। पानी देने का सही तरीका और गुड़ाई अक्सर लोग बिना सोचे-समझे रोज तुलसी में पानी डालते हैं, लेकिन यह आदत पौधे के लिए हानिकारक साबित हो सकती है। गमले में लगातार पानी जमा रहने से जड़ें सड़ने लगती हैं और पौधा धीरे-धीरे दम तोड़ने लगता है। प्रेम किशोर के अनुसार, गमले में पानी डालने से पहले हमेशा मिट्टी की नमी की जांच कर लेनी चाहिए। साथ ही, गमले के नीचे पानी निकलने के लिए उचित निकासी की व्यवस्था होनी बेहद जरूरी है। यदि गमले की ऊपरी सतह सख्त हो गई है, तो हल्की गुड़ाई करना बहुत फायदेमंद रहता है। इससे मिट्टी में हवा का संचार बेहतर होता है और पानी आसानी से गहराई तक पहुंच पाता है। सर्दियों के दिनों में तुलसी को अतिरिक्त देखभाल की दरकार होती है, क्योंकि अत्यधिक ठंड और पाला इसे सीधे तौर पर सुखा सकते हैं। गमले को हमेशा ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहाँ भरपूर रोशनी मिले और सीधे ठंडी हवाओं या पाले से पौधे का बचाव हो सके। इसके अलावा, पौधे के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। प्रेम किशोर बताते हैं कि आमतौर पर रामा और श्यामा तुलसी सबसे प्रमुख किस्में हैं, जिनमें श्यामा तुलसी को लोग अपने घरों में काफी पसंद करते हैं। सही तापमान, संतुलित पानी और उचित स्थान मिलने पर पौधा सर्दियों में भी स्वस्थ रहता है। मिट्टी बदलना और कीटों से सुरक्षा यदि तुलसी सूखने की कगार पर पहुँच जाए, तो केवल ऊपर से पानी छिड़कते रहने के बजाय उसकी जड़ों की स्थिति जाननी चाहिए। प्रेम किशोर के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर पौधे को गमले से बाहर निकालकर मिट्टी की पूरी जाँच की जा सकती है। यदि मिट्टी बहुत पुरानी, अस्वास्थ्यकर या अत्यधिक कठोर हो चुकी है, तो उसे बदलकर नए सिरे से पौधा लगाना बेहतर होता है। तुलसी की पत्तियों और मुख्य तने का नियमित रूप से मु मुआयना करते रहना चाहिए। यदि किसी प्रकार के कीटों का संक्रमण दिखाई दे, तो प्रेम किशोर के मुताबिक नीम के तेल का छिड़काव करके पौधे की रक्षा की जा सकती है। किसी भी प्रकार के उत्पाद का इस्तेमाल करने से पहले उसके पैकेट पर लिखे निर्देशों और उचित मात्रा की जाँच अवश्य कर लेनी चाहिए। इसका आप पर असर सर्दियों के मौसम में तुलसी के पौधे की सही देखभाल न करने से वह सूख सकता है, इसलिए इसके रखरखाव पर ध्यान देना जरूरी है। • भारत में: घरों में लगे तुलसी के पौधों को ठंड और पाले से बचाने के लिए लोग ढंकने के इंतजाम करते हैं। इससे देश भर के घरों में धार्मिक और औषधीय रूप से महत्वपूर्ण यह पौधा सुरक्षित रहता है। • रामपुर में: स्थानीय निवासियों और उद्यान प्रेमियों को ठंड के मौसम में गमलों को सीधी ठंडी हवा से बचाने के लिए उचित स्थान पर रखना चाहिए। इससे पौधों की उम्र लंबी होती है और वे सर्दियों में भी हरे-भरे बने रहते हैं। ऐसा क्यों हुआ सर्दियों में तुलसी के पौधे के सूखने के मुख्य कारणों में अत्यधिक ठंड, पाला, और जड़ों में पानी का रुकना शामिल है। सही जल निकासी और धूप की कमी पौधे को कमजोर बना देती है। • जड़ों का सड़ना: अत्यधिक पानी देने और गमले में जल निकासी की कमी होने से जड़ें गल जाती हैं और पौधा सूखने लगता है। • पाला और ठंड: सर्दियों का कोहरा और सीधी ठंडी हवाएं पौधे की पत्तियों और तने को नुकसान पहुंचाती हैं। • मिट्टी का कड़ा होना: पुरानी या अत्यधिक चिकनी मिट्टी जड़ों तक हवा नहीं पहुंचने देती, जिससे पौधे का विकास रुक जाता है। सवाल-जवाब 1. सर्दियों में तुलसी के पौधे को क्यों नुकसान पहुँचता है? अत्यधिक ठंड, घना कोहरा, पाला और गमले में पानी जमा होने के कारण तुलसी का पौधा सूख सकता है। 2. तुलसी के लिए किस तरह की मिट्टी अच्छी होती है? तुलसी के पौधे को भुरभुरी और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में लगाना चाहिए जिससे जड़ों तक हवा पहुँच सके। 3. क्या तुलसी में रोज पानी डालना चाहिए? नहीं, रोज पानी डालना नुकसानदायक हो सकता है; पानी देने से पहले मिट्टी की नमी जरूर देखनी चाहिए। 4. तुलसी की कौन सी किस्में सबसे लोकप्रिय हैं? रामा और श्यामा तुलसी इसकी प्रमुख किस्में हैं, जिनमें श्यामा तुलसी लोगों को बहुत पसंद आती है। 5. कीड़े लगने पर तुलसी पर क्या इस्तेमाल करना चाहिए? कीड़े लगने की समस्या में नीम के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है, बशर्ते निर्देश और मात्रा सही हो। https://trendkia.com/lifestyle/rampur-ke-mali-prem-kishore-se-janie-sardiyon-men-tulasi-ko-hara-bhara-rakhane-ke-5-asana-upaya-51522 TrendKia — Har trend, sabse pehle.