रांची के गेटासुद डैम में पिकनिक का मजा, सावन के बाद मिलता है शानदार देहाती नॉनवेज सावन का महीना बीतने के बाद रांची का गेटासुद डैम पिकनिक और स्वादिष्ट देहाती नॉनवेज के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन ठिकाना बन गया है। यहां डैम के खुले गेट, घने जंगलों से गुजरता रास्ता और बजट में मिलने वाला खाना लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है। सावन का महीना समाप्त होने के बाद खाने-पीने के शौकीनों के लिए पिकनिक मनाने का क्रेज बढ़ गया है। यदि आप भी मांसाहारी व्यंजनों के साथ किसी खूबसूरत जगह की तलाश में हैं, तो गेटासुद डैम आपके लिए एक आदर्श विकल्प साबित हो सकता है। रांची के पास स्थित यह जगह अपनी प्राकृतिक सुंदरता और लजीज व्यंजनों के लिए जानी जाती है। सावन के बाद जैसे ही पाबंदियां हटती हैं, वैसे ही मांसाहारी प्रेमी इस क्षेत्र की ओर रुख करने लगते हैं। यहां की सबसे बड़ी खूबी यह है कि आपको खाना पकाने के झंझट से मुक्ति मिल जाती है और मौके पर ही स्थानीय लोगों द्वारा तैयार स्वादिष्ट भोजन मिल जाता है। देहाती स्वाद और स्थानीय महिलाओं का सहयोग इस पिकनिक स्पॉट की सबसे खास बात यहां मिलने वाला स्थानीय स्वाद है। आपको केवल अपनी पसंद का कच्चा सामान जैसे मटन या चिकन साथ लेकर आना होता है, इसके अलावा प्याज, टमाटर और मिर्च जैसी जरूरी चीजें भी लानी पड़ती हैं। यहाँ कुछ स्थानीय महिलाएं मौजूद रहती हैं जो आपके द्वारा लाए गए सामान से बेहद स्वादिष्ट देहाती स्टाइल में खाना तैयार कर देती हैं। खुले आसमान के नीचे और डैम के मनमोहक दृश्यों के बीच जब यह पारंपरिक शैली का भोजन तैयार होता है, तो उसका आनंद ही अलग हो जाता है। यह सब कुछ बेहद किफायती बजट में मिल जाता है, जिससे जेब पर भी कोई भारी बोझ नहीं पड़ता है। बरसात के मौसम में डैम का अद्भुत नजारा मौजूदा बरसात के मौसम में इस डैम की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। इन दिनों डैम के सभी गेट खोल दिए जाते हैं, जिससे बाहर निकलता हुआ पानी देखने में बेहद आकर्षक और भव्य लगता है। जलप्रपात की तरह गिरते पानी के इस नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग यहाँ पहुँचते हैं। हालांकि, पानी के बहाव का यह रोमांचक दृश्य केवल कुछ ही दिनों के लिए देखने को मिलता है, क्योंकि मौसम बदलने के बाद जलस्तर और गेट खोलने की स्थिति में बदलाव आ जाता है। पानी काफी निचले स्तर से बहता है, इसलिए पर्यटक यहाँ सुरक्षित तरीके से पानी में मौज-मस्ती और जलक्रीड़ा का आनंद उठाते हैं। घने जंगलों के बीच रोमांचक लॉन्ग ड्राइव गेटासुद डैम तक पहुँचने का सफर भी अपने आप में एक अनुभव है। मुख्य सड़क से डैम की ओर जाने वाला करीब 6 से 7 किलोमीटर का रास्ता पूरी तरह से घने जंगलों के बीच से होकर गुजरता है। रास्ते की यह हरी-भरी वादियाँ पर्यटकों को एक शानदार लॉन्ग ड्राइव का अहसास कराती हैं। जंगलों के बीच से गुजरते हुए जब आप डैम तक पहुँचते हैं, तो थकान छूमंतर हो जाती है। पानी के किनारे बैठकर सुकून के पल बिताना, संगीत बजाकर दोस्तों के साथ नृत्य करना और बरसात होने पर बारिश की बूँदों के बीच उत्सव जैसा माहौल बना लेना, इस यात्रा को और भी यादगार बना देता है। सुरक्षा और समय से जुड़ी जरूरी बातें पिकनिक के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है कि शाम के 5:00 बजने से पहले इस क्षेत्र से निकल जाएं। निर्धारित समय के बाद यह इलाका पूरी तरह सुनसान हो जाता है और सुरक्षा की दृष्टि से यहाँ के रास्ते भी बंद कर दिए जाते हैं। विशेष रूप से महिलाओं को अकेले इस स्थान पर आने से बचना चाहिए। यहाँ आपको परेशान करने वाला कोई नहीं मिलेगा, बशर्ते आप तय समय सीमा का पालन करें और अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें। सावन बीतने के बाद जिन लोगों को अच्छे खान-पान और प्राकृतिक नजारों की तलाश है, वे परिवार और दोस्तों के साथ इस सुंदर जगह का रुख कर सकते हैं। इसका आप पर असर गेटासुद डैम जाने वाले पर्यटकों को बजट में एक बेहतरीन अनुभव मिलता है, लेकिन सुरक्षा के कड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य है। • भारत में: देश के अन्य हिस्सों में भी मानसून के दौरान ऐसे जलकुंडों और पिकनिक स्थलों पर भीड़ बढ़ती है, जहाँ स्थानीय आजीविका को बढ़ावा मिलता है। • रांची में: स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को 5:00 बजे शाम से पहले डैम क्षेत्र छोड़ना होगा क्योंकि सुरक्षा कारणों से रास्ते बंद कर दिए जाते हैं। सवाल-जवाब 1. गेटासुद डैम कहाँ स्थित है? गेटासुद डैम झारखंड की राजधानी रांची के पास स्थित है। 2. यहाँ खाना पकाने की क्या व्यवस्था है? यहाँ पर्यटकों को केवल कच्चा नॉनवेज और मसाले लाने होते हैं, जिसे स्थानीय महिलाएं देहाती स्टाइल में तैयार कर देती हैं। 3. डैम तक पहुँचने का रास्ता कैसा है? डैम तक जाने के लिए करीब 6 से 7 किलोमीटर का रास्ता घने जंगलों से होकर गुजरता है। 4. शाम को डैम से कब निकल जाना चाहिए? शाम 5:00 बजे के बाद इस क्षेत्र से निकल जाना चाहिए क्योंकि रास्ते बंद हो जाते हैं और जगह सुनसान हो जाती है। https://trendkia.com/lifestyle/ranchi-ke-getasuda-daima-men-pikanika-ka-maja-savana-ke-bada-milata-hai-shanadara-dehati-nonaveja-27397 TrendKia — Har trend, sabse pehle.