रसोई की इन 6 देसी चीजों से धोएं बाल, महंगे केमिकल वाले क्लींजर छोड़ घर पर पाएं प्राकृतिक चमक घरेलू नुस्खों में शामिल रीठा, बेसन, एलोवेरा, दही, चावल का पानी और मुल्तानी मिट्टी बालों को बिना नुकसान पहुंचाए गहराई से साफ करने के साथ पोषण भी देते हैं। प्राचीन काल से ही बालों की सही देखभाल और पोषण के लिए घरेलू सामग्रियों का उपयोग किया जाता रहा है। आजकल बाजार में मिलने वाले कई उत्पादों के मुकाबले अगर बालों की साफ सफाई के लिए सौम्य और पूरी तरह प्राकृतिक विकल्प खोजे जा रहे हैं, तो घर और रसोई में मौजूद पारंपरिक चीजें एक बेहतरीन समाधान बनती हैं। ये प्राकृतिक तत्व बालों और स्कैल्प से मैल हटाने के साथ उन्हें रेशमी, कोमल और चमकदार बनाए रखने में भी कारगर साबित होते हैं। रीठा से करें स्कैल्प की गहरी सफाई पारंपरिक हेयर केयर में रीठा को एक बेहतरीन प्राकृतिक क्लींजर का दर्जा प्राप्त है। यह स्कैल्प और बालों की जड़ों में जमी जिद्दी गंदगी और अतिरिक्त सीबम को बिना किसी रूखेपन के बाहर निकाल देता है। इसके उपयोग के लिए रात के समय रीठा को साफ पानी में भिगोकर रख दें। अगली सुबह इसे अच्छी तरह उबाल लें और फिर पानी को छानकर ठंडा कर लें। इसी तैयार पानी से बालों को धोने पर रासायनिक झाग के बिना भी बेहतरीन सफाई मिलती है। बेसन से दूर होगा चिपचिपापन जिन लोगों की स्कैल्प बहुत ज्यादा तैलीय रहती है, उनके लिए बेसन एक अत्यंत उपयोगी विकल्प सिद्ध होता है। यह बालों की जड़ों में फंसे अतिरिक्त तेल, पसीने और धूलकणों को सोखकर साफ करने का काम करता है। इसका इस्तेमाल करने के लिए बेसन में आवश्यकतानुसार सादा पानी या फिर दही मिलाकर एक स्मूद पेस्ट तैयार करें। इस लेप को स्कैल्प पर लगाकर हल्के हाथों से मालिश करें और फिर सादे पानी से धो लें। एलोवेरा जेल से बालों को दें भरपूर नमी बालों को रूखेपन से बचाने और गहराई से हाइड्रेट रखने के लिए ताजा एलोवेरा जेल बेहद मुफीद माना जाता है। यह स्कैल्प की जलन को शांत करने के साथ ही बेजान बालों में प्राकृतिक चमक और कोमलता लौटाता है। ताजे एलोवेरा जेल में थोड़ा सा पानी मिलाकर पतला कर लें और इसे सीधे जड़ों तथा बालों पर लगाएं। कुछ देर तक इसे लगा रहने दें और बाद में साफ पानी से धो लें। दही से मिलेगा प्राकृतिक कंडीशनिंग का लाभ दही बालों के लिए एक उत्कृष्ट प्राकृतिक कंडीशनर का काम करता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व बालों के रेशों को अंदर से पोषण देते हैं और अनचाहे रूखेपन को खत्म करते हैं। दही को सीधे स्कैल्प और पूरे बालों पर अच्छी तरह लगाकर कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें। इसके बाद सामान्य पानी से धोने पर बाल छूने में बेहद मुलायम और सुलझे हुए महसूस होते हैं। चावल के पानी से पाएं बालों में मजबूती और शाइन चावल के पानी का उपयोग सदियों से बालों के बेहतर स्वास्थ्य और चमक के लिए किया जाता रहा है। इसमें पाए जाने वाले अमीनो एसिड और आवश्यक पोषक तत्व कमजोर बालों को मजबूती देने और उनके लचीलेपन को सुधारने में सहायक माने जाते हैं। बालों को सामान्य तरीके से धोने के बाद, अंतिम रिंस यानी आखिरी बार सिर पर चावल का पानी डालकर धोने से बालों में आकर्षक चमक नजर आने लगती है। मुल्तानी मिट्टी से नियंत्रित करें भारी तेल अत्यधिक ऑयली स्कैल्प और चिकने बालों की समस्या से राहत पाने में मुल्तानी मिट्टी बहुत असरदार साबित होती है। यह जड़ों से फालतू तेल को पूरी तरह सोखकर स्कैल्प को तरोताजा और स्वच्छ रखने में मदद करती है। मुल्तानी मिट्टी के पाउडर को पानी में घोलकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं और कुछ मिनटों के लिए बालों तथा स्कैल्प पर लगाएं। थोड़ी देर बाद इसे सादे पानी से अच्छी तरह धोकर साफ कर लें। इसका आप पर असर रसोई में मौजूद इन आसान विकल्पों को अपनाकर महंगे और केमिकल युक्त उत्पादों पर निर्भरता पूरी तरह खत्म की जा सकती है। • पैसे की बचत: महंगे केमिकल वाले शैंपू और कंडीशनर पर हर महीने होने वाला खर्च बचता है। रसोई की सस्ती चीजों से बिना अतिरिक्त बजट के बेहतर हेयर वॉश रूटीन तैयार किया जा सकता है। • स्कैल्प का स्वास्थ्य: रासायनिक झाग और प्रिजर्वेटिव्स के संपर्क में आए बिना बाल साफ होते हैं। इससे लंबे समय में होने वाले रूखेपन और जड़ों के कमजोर होने का खतरा घट जाता है। • ऑयली बालों को राहत: बेसन और मुल्तानी मिट्टी जैसे विकल्प बार-बार होने वाले चिपचिपेपन को तुरंत नियंत्रित करते हैं। हफ्ते में एक या दो बार के प्रयोग से सिर की त्वचा साफ और हल्की महसूस होती है। • आसान उपलब्धता: इन सभी छह चीजों के लिए किसी खास स्टोर पर जाने की जरूरत नहीं होती। घर पर मौजूद इन सामग्रियों से तुरंत और आसानी से हर्बल वॉश तैयार हो जाता है। ऐसा क्यों हुआ लंबे समय से लोग बालों की स्वच्छता और मजबूती के लिए इन घरेलू सामग्रियों का इस्तेमाल इसलिए करते आए हैं क्योंकि ये बिना किसी कठोर रसायन के प्राकृतिक रूप से काम करती हैं। • प्राकृतिक गुणों की मौजूदगी: रीठा में प्राकृतिक क्लींजिंग एजेंट होते हैं जबकि चावल के पानी में अमीनो एसिड मौजूद रहते हैं। ये घटक बिना स्कैल्प को नुकसान पहुंचाए सफाई और मजबूती प्रदान करते हैं। • अतिरिक्त तेल सोखने की क्षमता: बेसन और मुल्तानी मिट्टी की संरचना प्राकृतिक रूप से तेल और धूल को बांधकर बाहर निकाल देती है। इसी वजह से ऑयली स्कैल्प वाले लोगों के लिए ये बिना किसी साइड इफेक्ट के उपयोगी साबित होते हैं। • नमी और कंडीशनिंग की जरूरत: सिर्फ सफाई ही काफी नहीं होती बल्कि बालों को पोषण की भी दरकार होती है। एलोवेरा का हाइड्रेशन और दही के पोषक तत्व बालों को धोने के दौरान रूखा होने से बचाते हैं। सवाल-जवाब 1. रीठा से बाल धोने का सही तरीका क्या है? रीठा को रातभर पानी में भिगोकर रखें और सुबह उबाल लें। इसके बाद पानी को छानकर ठंडा करें और उसी पानी से बाल धोएं। 2. ऑयली स्कैल्प के लिए बेसन का इस्तेमाल कैसे करें? बेसन में थोड़ा पानी या दही मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे स्कैल्प पर लगाकर हल्के हाथों से मालिश करें और फिर धो लें। 3. बालों के लिए एलोवेरा जेल क्या फायदे देता है? ताजा एलोवेरा जेल स्कैल्प को आराम पहुंचाता है, बालों को हाइड्रेट रखता है और उनमें प्राकृतिक चमक व कोमलता लाता है। 4. दही को बालों पर कितनी देर लगाना चाहिए? दही को सीधे बालों और स्कैल्प पर लगाकर कुछ मिनटों के लिए छोड़ दें और फिर सादे पानी से अच्छी तरह धो लें। 5. चावल का पानी बालों में कैसे इस्तेमाल किया जाता है? चावल के पानी को बाल धोने के बाद सबसे आखिरी रिंस के रूप में सिर पर डालकर इस्तेमाल किया जाता है। 6. मुल्तानी मिट्टी से बाल धोने का क्या लाभ है? मुल्तानी मिट्टी अतिरिक्त तेल को सोखने और बहुत ज्यादा चिकनी स्कैल्प को गहराई से साफ रखने में मदद करती है। https://trendkia.com/lifestyle/rasoi-ki-ina-6-desi-chijon-se-dhoen-bala-mahnge-kemikala-vale-klinjara-chhora-ghara-para-paen-prakritika-chamaka-41867 TrendKia — Har trend, sabse pehle.