रसोई की काली और चिकनी छन्नी को चमकाने के 4 आसान घरेलू नुस्खे, ऐसे करें साफ रसोई की गंदी और काली पड़ी छन्नी की जाली को साफ करने के लिए बेकिंग सोडा, सिरका और नींबू का इस्तेमाल बेहद असरदार साबित होता है। जाने आसान सफाई और रखरखाव के उपाय। रसोई घर में चाय, कॉफी या फिर पके हुए भोजन की चीजों को छानने के लिए इस्तेमाल होने वाली छन्नी हर घर की बुनियादी जरूरत होती है। हालांकि, रोजाना लगातार प्रयोग में आने और उचित देखभाल न हो पाने की वजह से छन्नी की बारीक जाली पर काली और चिकनी परत चढ़ने लगती है। जाली के छोटे-छोटे छेदों में चायपत्ती, पिसे हुए मसाले और तेल की चिकनाई इस कदर जमा हो जाती है कि इसे केवल ठंडे पानी और आम बर्तन धोने वाले साबुन से साफ कर पाना लगभग नामुमकिन हो जाता है। समय के साथ यह जमाव न सिर्फ देखने में गंदा लगता है, बल्कि इससे छन्नी का इस्तेमाल करना भी कठिन हो जाता है। ऐसी स्थिति में कुछ आसान घरेलू सामग्रियों की मदद से आप छन्नी की जाली पर जमी हठीली गंदगी को आसानी से हटा सकते हैं और उसे साफ-सुथरा बना सकते हैं। बेकिंग सोडा के घोल से निकालें जिद्दी कालिख अगर आपकी छन्नी की जाली पर काली और सख्त परत जम गई है, तो बेकिंग सोडा का इस्तेमाल बेहद असरदार साबित होता है। इसे साफ करने के लिए सबसे पहले एक गहरे बर्तन में काफी गर्म पानी लें और उसमें 1 से 2 चम्मच बेकिंग सोडा अच्छी तरह मिला लें। अब इस तैयार पानी में गंदी छन्नी को पूरी तरह डूबोकर करीब 15 से 20 मिनट के लिए छोड़ दें। बेकिंग सोडा का क्षारीय गुण जाली के छेदों में फंसे सूखे अवशेषों को ढीला करने का काम करता है। समय पूरा होने के बाद छन्नी को पानी से निकालें और एक इस्तेमाल किए हुए पुराने टूथब्रश या किसी बेहद मुलायम स्क्रबर की मदद से जाली पर हल्के हाथों से घिसाई करें। जब सारा जमाव हट जाए, तो अंत में इसे साफ और ताजा पानी से धो लें। सफेद सिरके का घोल चिकनाई और गहरे दागों के लिए छन्नी की जाली पर जब तेल की मोटी चिकनाई और गहरे जिद्दी दाग जम जाते हैं, तो सफेद सिरका एक बेहतरीन क्लीनर की तरह काम करता है। इस तरीके को अपनाने के लिए एक बर्तन में बराबर मात्रा में उबला हुआ गर्म पानी और सफेद सिरका मिलाएं। गंदी छन्नी को इस अम्लीय घोल में लगभग 15 से 20 मिनट तक भिगोकर रखें। सिरका जाली में फंसी चिकनाई और तेल की परतों को तेजी से पिघला देता है। इसके बाद छन्नी को घोल से निकालकर उस पर बर्तन धोने वाला लिक्विड लगाएं और ब्रश की मदद से जाली के कोने-कोने को साफ करें। अंत में छन्नी को साफ पानी से अच्छी तरह खंगाल लें ताकि सिरके और साबुन की महक पूरी तरह निकल जाए। नींबू और नमक का प्राकृतिक स्क्रब छन्नी पर जमने वाले हल्के दाग-धब्बों और रोजाना की गंदगी को साफ करने के लिए नींबू और साधारण नमक का संयोजन बहुत कारगर रहता है। नींबू में प्राकृतिक रूप से एसिड पाया जाता है जो जमाव को ढीला करने में मदद करता है। सफाई के लिए छन्नी की पूरी जाली पर थोड़ा सा नमक छिड़क दें। इसके बाद आधे कटे हुए नींबू के टुकड़े से जाली पर हल्के दबाव के साथ रगड़ें। नमक एक प्राकृतिक स्क्रबर की तरह काम करता है जो फंसी हुई गंदगी को बाहर निकालता है। रगड़ने के बाद इसे 2 से 3 मिनट तक ऐसे ही लगा रहने दें और फिर गर्म पानी से धो लें। यह तरीका नियमित रखरखाव और हल्की सफाई के लिए बहुत ही उपयुक्त है। उबलते पानी का शुरुआती सोक कई बार छन्नी की जाली में चायपत्ती या भोजन के कण इतने ज्यादा जम जाते हैं कि वे बिल्कुल सख्त हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में सीधे घिसाई करने के बजाय छन्नी को उबलते या अत्यधिक गर्म पानी में कुछ देर के लिए डुबोकर रखना सबसे पहला कदम होना चाहिए। गर्म पानी सख्त हो चुकी गंदगी को मुलायम बना देता है, जिससे उसे निकालना बहुत आसान हो जाता है। गर्म पानी से निकालने के बाद ब्रश की सहायता से जाली को रगड़ें, जिससे फंसी हुई चायपत्ती तुरंत बाहर आ जाएगी। सफाई के बाद ध्यान रखने योग्य बातें और रखरखाव छन्नी को धोकर साफ करने के बाद कुछ महत्वपूर्ण सावधानियों का पालन करना बेहद जरूरी है ताकि वह लंबे समय तक ठीक बनी रहे • सफाई के तुरंत बाद छन्नी को साफ सूखे कपड़े से पोंछकर पूरी तरह सुखाएं। गीली छन्नी को बिना सुखाए रख देने से उस पर पानी के जिद्दी दाग और लोहे या स्टील की जाली में जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है। • स्टील की छन्नी को साफ करते समय अत्यधिक कठोर या तार वाले स्क्रबर का इस्तेमाल करने से बचें, क्योंकि इससे बारीक जाली टूट सकती है या उसका आकार बिगड़ सकता है। • यदि छन्नी बहुत अधिक पुरानी हो चुकी है, उसकी जाली जगह-जगह से फट गई है या जंग बहुत ज्यादा फैल चुका है, तो स्वास्थ्य और स्वच्छता के दृष्टिकोण से उसे साफ करने के बजाय नई छन्नी से बदलना ही बेहतर विकल्प होता है। इसका आप पर असर इस घरेलू सफाई तकनीक को अपनाने से आपकी रसोई की सफाई और पारिवारिक स्वास्थ्य पर सीधा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। • पैसे की बचत: पुरानी या गंदी छन्नी को बार-बार फेंककर नई खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे रसोई के खर्च में बचत होती है। • बेहतर हाइजीन: जाली में फंसे पुराने चायपत्ती और मसाले के कणों को निकालने से बैक्टीरिया और फफूंद पनपने का खतरा खत्म हो जाता है। • बर्तनों की लंबी उम्र: सही तरीके से सफाई और सुखाने से स्टील या लोहे की छन्नी में जंग नहीं लगती और वे लंबे समय तक चलती हैं। • समय की बचत: जाली साफ रहने से चाय या कोई भी तरल पदार्थ आसानी से और तेजी से छनता है। ऐसा क्यों हुआ छन्नी की जाली का काला पड़ना और बंद होना लगातार इस्तेमाल और जैविक जमाव का स्वाभाविक परिणाम है। • चिकनाई और टैनिन का जमाव: चाय में मौजूद टैनिन और भोजन में प्रयुक्त तेल व मसाले जाली के बारीक तार के छेदों में चिपक जाते हैं और सूखकर काले पड़ जाते हैं। • साबुन और पानी की सीमा: केवल ठंडे पानी और डिशवॉशिंग बार से बारीक छेदों के अंदर फंसी गहराई की गंदगी नहीं निकल पाती। • घरेलू क्लीनर की कार्यप्रणाली: बेकिंग सोडा का क्षारीय प्रभाव गंदगी को ढीला करता है, जबकि सिरका व नींबू का एसिड तेल की चिकनाई को आसानी से काटता है। सवाल-जवाब 1. छन्नी साफ करने के लिए कौन सा तरीका सबसे सबसे असरदार है? काली और जिद्दी परत के लिए उबले पानी में बेकिंग सोडा या सफेद सिरका मिलाकर भिगोना सबसे असरदार तरीका है। 2. क्या सिरके से स्टील की छन्नी खराब हो सकती है? नहीं, सिरके को पानी में मिलाकर 15-20 मिनट भिगोने से जाली खराब नहीं होती, बल्कि चिकनाई आसानी से साफ हो जाती है। 3. छन्नी को जंग लगने से कैसे बचाया जा सकता है? धोने के तुरंत बाद छन्नी को सूखे कपड़े से पोंछकर पूरी तरह सुखाएं ताकि नमी की वजह से जंग न लगे। 4. पुरानी छन्नी को कब बदल देना चाहिए? अगर जाली टूट गई हो, तार उखड़ चुके हों या जंग बहुत ज्यादा फैल चुका हो, तो नई छन्नी ले लेना बेहतर होता है। https://trendkia.com/lifestyle/rasoi-ki-kali-aura-chikani-chhanni-ko-chamakane-ke-4-asana-gharelu-nuskhe-aise-karen-sapha-31531 TrendKia — Har trend, sabse pehle.