# ऋषिकेश के विशेषज्ञ के टिप्स: मॉनसून में घर को दें हरा-भरा लुक, बालकनी और दीवारों पर लगाएं बेल

> बारिश का मौसम बागवानी के लिए सबसे अनुकूल होता है। ऋषिकेश के एक विशेषज्ञ माली ने घर की दीवारों और बालकनी को खूबसूरत बनाने के लिए सही पौधों के चुनाव, उनकी देखभाल और उन्हें घना बनाने के बेहतरीन टिप्स साझा किए हैं।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-07-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/rishikesh-ke-visheshajna-ke-tipsa-monasuna-men-ghara-ko-den-hara-bhara-luka-balakani-aura-divaron-para-lagaen-bela-9177 · **Language:** Hindi
**Tags:** बागवानी टिप्स, मॉनसून गार्डनिंग, बेल वाले पौधे, मनी प्लांट, घर की सजावट, राम सागर

बारिश के मौसम की शुरुआत न केवल चिलचिलाती गर्मी से बहुप्रतीक्षित राहत लेकर आती है, बल्कि बागवानी के शौकीनों के लिए यह साल का सबसे बेहतरीन समय भी माना जाता है। यदि आप काफी लंबे समय से अपने घर की किसी खाली दीवार, सूनी बालकनी, मुख्य गेट या फिर अपने बगीचे को प्राकृतिक हरियाली से सजाने का विचार कर रहे हैं, तो अब आपको और प्रतीक्षा करने की आवश्यकता नहीं है। मॉनसून का यह सुहाना मौसम आपके घर को बेल वाले पौधों से सजाने के लिए सबसे आदर्श वातावरण प्रदान करता है। इस मौसम का लाभ उठाकर लोग अपने घरों की सुंदरता में चार चांद लगा सकते हैं।

बागवानी विशेषज्ञ इस विशेष मौसम की सिफारिश इसलिए करते हैं क्योंकि यह पौधों की जड़ों को तेजी से पनपने में मदद करता है। सूखे या अत्यधिक गर्मी वाले महीनों की तुलना में, बारिश के मौसम में लगाए गए बेल वाले पौधे मिट्टी में बहुत जल्दी अपनी जड़ें जमा लेते हैं। हवा में मौजूद नमी और प्राकृतिक वर्षा इन पौधों को कम समय में ही तेजी से बढ़ने में सहायता करती है। इस दौरान मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नमी बरकरार रहती है, जिसके कारण पौधों को बार-बार पानी देने की झंझट भी काफी कम हो जाती है। यही मुख्य कारण है कि ज्यादातर लोग अपने घरों में बेल वाले पौधे लगाने के लिए मॉनसून की पहली बारिश का बेसब्री से इंतजार करते हैं।

## प्राकृतिक ठंडक और घर की खूबसूरती
ये पौधे न सिर्फ घर की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि पर्यावरण को ठंडा रखने में भी व्यावहारिक भूमिका निभाते हैं। ऋषिकेश के रहने वाले गार्डनर राम सागर बताते हैं कि बेल वाले पौधे केवल सजावट का साधन नहीं हैं; वे घर और उसके आसपास के माहौल को प्राकृतिक रूप से ठंडा और तरोताजा बनाए रखने का काम भी करते हैं। यदि आपके घर की कोई विशिष्ट दीवार सीधी धूप पड़ने के कारण बहुत अधिक गर्म रहती है, तो उस पर बेल चढ़ाने से गर्मी का यह असर काफी हद तक कम किया जा सकता है। बालकनी में लगी हुई बेलें एक प्राकृतिक और हरे-भरे पर्दे की तरह काम करती हैं। ये न केवल घर को एक बेहद खूबसूरत लुक देती हैं, बल्कि सुबह और शाम के समय इनकी हरियाली आंखों को एक अद्भुत सुकून प्रदान करती है, जिससे घर का पूरा वातावरण ताजगी से भर जाता है।

## बालकनी और दीवारों के लिए 5 बेहतरीन बेलें
सही पौधे के चुनाव की बात करें, तो जगह और पसंद के अनुसार कई बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं। शुरुआत करने वालों के लिए मनी प्लांट सबसे आसान और कम देखभाल मांगने वाला विकल्प है। इसकी खासियत यह है कि यह बहुत तेजी से बढ़ता है और कम जगह होने के बावजूद अच्छी तरह से फैल जाता है। जो लोग चमकीले रंगों और मनमोहक सुगंध के शौकीन हैं, उनके लिए मधुमालती एक बेहद पसंदीदा विकल्प है, जिसमें रंग-बिरंगे और खुशबूदार फूल भारी मात्रा में खिलते हैं। इसके अलावा अपराजिता भी एक शानदार पौधा है; इसके नीले और सफेद फूल घर के बाहरी हिस्से की सुंदरता को कई गुना बढ़ा देते हैं।

यदि आप ऐसा पौधा चाहते हैं जिसे पानी की कम आवश्यकता हो, तो बोगनवेलिया एक बेहतरीन विकल्प बनकर उभरता है। यह कम पानी मिलने पर भी बहुत अच्छी तरह बढ़ता है और इसके बेहद चमकीले फूल दूर से ही लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करते हैं। वहीं, जिन लोगों को फूलों की खुशबू विशेष रूप से पसंद है, उन्हें अपने घर में चमेली की बेल अवश्य लगानी चाहिए। चमेली के फूलों की मीठी और तेज महक पूरे घर को एक अद्भुत ताजगी और सकारात्मक ऊर्जा से भर देती है।

## सही धूप और मिट्टी का चुनाव
पौधों के सही विकास के लिए उचित स्थान और मिट्टी की तैयारी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। गार्डनर राम सागर इस बात पर जोर देते हैं कि किसी भी बेल को लगाने से पहले एक सही जगह का चुनाव करना बेहद जरूरी है। हमेशा ऐसी जगह का चयन करें जहां पौधों को रोजाना कम से कम 4 से 6 घंटे की सीधी धूप मिल सके। यदि आप पौधे को जमीन के बजाय गमले में लगा रहे हैं, तो यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि गमले में जल निकासी की बहुत अच्छी व्यवस्था हो। इससे अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल जाता है और जड़ों के सड़ने या खराब होने का खतरा नहीं रहता। पौधों को उनका जरूरी पोषण देने और उनकी बढ़त को बेहतर करने के लिए मिट्टी में गोबर की खाद या अच्छी गुणवत्ता वाला कंपोस्ट मिलाना फायदेमंद होता है। पौधा लगाने के बाद शुरुआत के कुछ दिनों तक मिट्टी में हल्की नमी बनाए रखना जरूरी है, लेकिन इस बात का भी विशेष ध्यान रखें कि पौधों में जरूरत से ज्यादा पानी न डाला जाए।

## सहारा देना और छंटाई करना
बेल वाले पौधों को एक आकर्षक रूप देने के लिए उन्हें सही ढांचागत सहारा देना आवश्यक होता है। राम सागर के अनुसार, पौधों को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए एक मजबूत सहारे की जरूरत होती है। इसके लिए आप लोहे की जाली, लकड़ी का बना फ्रेम, मजबूत तार या ट्रेलिस का इस्तेमाल कर सकते हैं। जैसे-जैसे पौधे की लंबाई बढ़ती है, उसकी शाखाओं को धीरे-धीरे सहारे के साथ बांधते जाना चाहिए। इस तकनीक से बेल बिल्कुल आपकी मनचाही दिशा में फैलती है और देखने में भी काफी ज्यादा सुंदर और व्यवस्थित लगती है। इसके साथ ही, पौधे को घना बनाने के लिए समय-समय पर उसकी हल्की छंटाई करना भी बहुत जरूरी है। सूखी, खराब या बेजान टहनियों को काटते रहने से पौधे में नई शाखाएं निकलती हैं, जिससे पूरी बेल पहले से कहीं ज्यादा घनी, स्वस्थ और आकर्षक बन जाती है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** यह मौसम देश भर के लोगों के लिए बागवानी और घर को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखने का सबसे अच्छा और किफायती अवसर है।
- **घर के बजट पर:** प्राकृतिक बेलें एयर कंडीशनिंग का खर्च कम करने और घर को एक शानदार लुक देने का बेहद सस्ता विकल्प हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. बेल वाले पौधे लगाने का सबसे सही समय कौन सा है?
बारिश का मौसम (मॉनसून) बेल वाले पौधे लगाने के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है क्योंकि नमी के कारण जड़ें जल्दी पनपती हैं।

### 2. घर की दीवार को ठंडा रखने के लिए क्या करना चाहिए?
गर्म रहने वाली दीवार पर बेल वाले पौधे चढ़ाने से सीधी धूप का असर कम होता है और दीवार प्राकृतिक रूप से ठंडी रहती है।

### 3. पौधों को रोजाना कितनी धूप मिलनी चाहिए?
गार्डनर राम सागर के अनुसार, पौधों के अच्छे विकास के लिए उन्हें रोजाना कम से कम 4 से 6 घंटे की धूप मिलनी चाहिए।

### 4. बेल को मनचाही दिशा में कैसे फैलाएं?
पौधे को सहारा देने के लिए लोहे की जाली, लकड़ी का फ्रेम या ट्रेलिस लगाएं और शाखाओं को धीरे-धीरे उसके साथ बांधें।

### 5. पौधे को ज्यादा घना बनाने का क्या तरीका है?
पौधे की सूखी या खराब टहनियों की समय-समय पर हल्की छंटाई करते रहने से नई शाखाएं निकलती हैं और बेल ज्यादा घनी होती है।

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