सर्दियों के मौसम में पौधों की सही देखभाल के तरीके, जानिए कब और कैसे डालें पानी सर्दियों के दिनों में ठंड और कम धूप के कारण पौधों की देखभाल का तरीका बदल जाता है। इस मौसम में गलत तरीके से पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं, इसलिए मिट्टी की नमी देखकर ही पानी देना चाहिए। सर्दियों के मौसम में तापमान में गिरावट के साथ ही पेड़-पौधों की देखभाल के तरीकों में भी बदलाव करना आवश्यक हो जाता है। अक्सर लोग गर्मियों की तरह ही ठंड के दिनों में भी नियमित रूप से पौधों में पानी डालते रहते हैं, लेकिन यह लापरवाही पौधों की सेहत पर भारी पड़ सकती है। इस मौसम में धूप कम मिलने और तापमान कम होने के कारण गमले की मिट्टी लंबे समय तक गीली बनी रहती है। ऐसे में अत्यधिक पानी देने से पौधों की जड़ें कमजोर होकर सड़ने लगती हैं और पत्तियां सूखकर गिरने लगती हैं। इसलिए यह समझना बेहद जरूरी है कि सर्दियों के दौरान पौधों को पानी देने का सही समय और तरीका क्या होना चाहिए। जड़ें सड़ने की मुख्य वजह और पौधों पर ठंड का असर गार्डनर राम सागर ने बातचीत के दौरान बताया कि सर्दियों के मौसम का प्रभाव इंसानों की तरह ही पेड़-पोधों पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। तापमान कम होने पर कई पौधों की वृद्धि की गति धीमी हो जाती है और नई पत्तियों का निकलना भी कम हो जाता है। इसके अलावा कुछ पौधों के पत्तों का रंग बदलने लगता है या वे झड़कर गिरने लगते हैं। कई पौधों में फूल आने की प्रक्रिया भी इस दौरान रुक जाती है। इस सुस्ती का एक बड़ा कारण यह है कि लोग ठंड के महीनों में भी गर्मियों के बराबर ही पानी देते हैं, जिससे जड़ों में नमी अधिक हो जाती है और वे सड़ने लगती हैं। गमले में पानी देने के नियम और सही तरीका सर्दियों के दिनों में पौधों को पानी देने से पहले गमले के आकार और पौधे की खास जरूरतों का ध्यान रखना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार गमले में पानी तभी डालना चाहिए जब उसकी ऊपर की एक से दो इंच मिट्टी पूरी तरह सूखी हुई महसूस हो। पानी हमेशा धीमी गति से देना चाहिए ताकि वह मिट्टी में अच्छी तरह समा सके और जड़ तक पहुंचे। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि गमले के नीचे बने ड्रेनेज होल से अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल जाए, जिससे जलभराव की समस्या न हो। हफ्ते में कितनी बार और किस समय दें पानी ठंड के मौसम में आमतौर पर पौधों को हफ्ते में दो बार ही पानी देने की सलाह दी जाती है। पौधों को पानी देने के लिए सुबह का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि दिन में खिलने वाली धूप से मिट्टी की अतिरिक्त नमी धीरे-धीरे संतुलित हो जाती है। हालांकि आप शाम के समय भी पानी दे सकते हैं, लेकिन बहुत ज्यादा ठंड या रात के वक्त पानी डालने से बचना चाहिए क्योंकि कम तापमान में मिट्टी देर तक गीली रहती है और फंगस का खतरा बढ़ जाता है। हर पौधे की पानी की जरूरत अलग होती है, इसलिए हमेशा मिट्टी की मौजूदा स्थिति जांचने के बाद ही पानी डालें ताकि पौधे पूरे सीजन हरे-भरे और स्वस्थ बने रहें। इसका आप पर असर सर्दियों में पौधों की सही देखभाल से आपके घर के गमले और गार्डन पूरे मौसम हरे-भरे और जीवंत बने रहते हैं। • पानी की मात्रा: गमले की मिट्टी की नमी जांचकर ही पानी दें, जिससे पौधों की जड़ें सड़ने से बच जाती हैं। • निश्चित समय: सर्दियों में सुबह के वक्त पानी देने से दिन की धूप के कारण अतिरिक्त नमी प्राकृतिक रूप से नियंत्रित हो जाती है। • ड्रेनेज सिस्टम: गमले के नीचे बने छेद को खुला रखें ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से निकल जाए और फंगस न पनपे। • साप्ताहिक रूटीन: ठंड के मौसम में पौधों को हफ्ते में आमतौर पर दो बार पानी देना ही पर्याप्त होता है। ऐसा क्यों हुआ ठंड के मौसम में तापमान गिरने और धूप कम मिलने के कारण पौधों की शारीरिक प्रक्रियाएं धीमी पड़ जाती हैं। • धीमी ग्रोथ: तापमान कम होने से पौधों की वृद्धि रुक जाती है और गर्मियों की तुलना में पानी की खपत बहुत कम हो जाती है। • देर से सूखना: सर्दियों में कम वाष्पीकरण के कारण गमले की मिट्टी लंबे समय तक गीली और नम बनी रहती है। • जड़ों की सड़न: अत्यधिक नमी और पानी के जमा होने से मिट्टी में ऑक्सीजन का प्रवाह रुक जाता है जिससे जड़ें सड़ने लगती हैं। सवाल-जवाब 1. सर्दियों में पौधों को कितनी बार पानी देना चाहिए? सर्दियों में पौधों को आमतौर पर हफ्ते में दो बार पानी देना पर्याप्त होता है। 2. पौधों में पानी देने का सबसे अच्छा समय कौन सा है? सर्दियों के मौसम में सुबह के समय पानी देना सबसे अच्छा रहता है क्योंकि दिन की धूप से नमी संतुलित होती है। 3. कैसे पता करें कि पौधे को पानी की जरूरत है या नहीं? जब गमले की ऊपर की एक से दो इंच मिट्टी सूखी हुई लगे, तभी पौधे में दोबारा पानी देना चाहिए। 4. सर्दियों में ज्यादा पानी देने से पौधों पर क्या असर होता है? ज्यादा पानी देने से मिट्टी की नमी लंबे समय तक बनी रहती है जिससे जड़ें सड़ने लगती हैं और पत्तियां मुरझा जाती हैं। https://trendkia.com/lifestyle/sardiyon-ke-mausama-men-paudhon-ki-sahi-dekhabhala-ke-tarike-janie-kaba-aura-kaise-dalen-pani-50091 TrendKia — Har trend, sabse pehle.