सर्दियों के नाश्ते में लाएं नया जायका, इस आसान तरीके से तैयार करें कुरकुरा मूली का पराठा सर्दियों में रोज-रोज आलू या मेथी के पराठों से हटकर मूली का तीखा और चटपटा पराठा नाश्ते का स्वाद बदल सकता है, जिसे रसोई में रखी सामान्य सामग्रियों से आसानी से तैयार किया जा सकता है। ठंड के दिनों में सुबह के वक्त गरमा-गरम पराठों का आनंद ही कुछ अलग होता है। आमतौर पर घरों में आलू, मेथी और बथुआ के पराठे खूब पसंद किए जाते हैं, मगर सुबह के मेन्यू में थोड़ा बदलाव करते हुए मूली के पराठों का विकल्प चुना जा सकता है। यह न सिर्फ खाने में बेहद स्वादिष्ट और करारे बनते हैं, बल्कि इन्हें पकाने का तरीका भी काफी सरल है। कम वक्त में बनकर तैयार होने वाले इन पराठों के लिए किसी खास सामान की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि इसे बनाने की लगभग पूरी सामग्री हर सामान्य रसोई में पहले से मौजूद रहती है। धौलपुर निवासी गृहिणी प्रभा शर्मा के मुताबिक, इसे सही तरीके से बनाया जाए तो पराठे बिल्कुल भी फटते नहीं हैं और बेहद कुरकुरे तैयार होते हैं। सफाई और कद्दूकस करने की सही तकनीक पराठा बनाने की शुरुआत बाजार से लाई गई ताजी मूली की सही सफाई से होती है। प्रभा शर्मा बताती हैं कि सबसे पहले मूली से उसके पत्तों को काटकर पूरी तरह अलग कर लेना चाहिए। इसके बाद मूली को साफ पानी के नीचे रगड़कर अच्छे से धोएं, जिससे उस पर जमी सारी धूल-मिट्टी साफ हो जाए। जब मिट्टी पूरी तरह हट जाए, तो छिलनी की मदद से मूली के ऊपरी छिलके को उतार लें और फिर से एक बार साफ पानी से धो लें। इसके बाद ग्रेटर या कद्दूकस की सहायता से मूली को बारीक लच्छों में घिस लें। पानी निचोड़ना है सबसे अहम कदम कद्दूकस की गई मूली में प्राकृतिक रूप से काफी नमी और पानी होता है। अगर इस पानी को निकाला न जाए, तो बेलते समय पराठा चिपकने लगता है और फट जाता है। इसलिए घिसी हुई मूली को दोनों हथेलियों के बीच दबाकर अच्छी तरह निचोड़ लें, ताकि उसका अतिरिक्त पानी बाहर निकल जाए। अच्छी तरह निचोड़ने के बाद इस मूली को एक चौड़े बर्तन में फैला लें। अब इसमें बारीक कटी हुई हरी मिर्च और बारीक कटा ताजा हरा धनिया मिलाएं। इसके साथ ही इसमें लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला, थोड़ा अमचूर पाउडर और स्वादानुसार नमक डालें। इन सभी मसालों को मूली के लच्छों के साथ हाथों से एकसार मिला लें, जिससे पराठे में भरने के लिए तीखा और चटपटा भरावन तैयार हो जाता है। आटा गूंथने और पराठा सेकने का तरीका मसाला तैयार करने के बाद गेहूं के आटे का काम शुरू होता है। गेहूं के आटे में आवश्यकतानुसार पानी डालते हुए मुलायम आटा गूंथ लें। ध्यान रखें कि आटा सख्त न हो, वरना बेलते समय स्टफिंग बाहर आ सकती है। गूंथने के बाद इस आटे को करीब 5 मिनट के लिए ढककर रख दें, ताकि वह अच्छे से सैट हो जाए। इसके बाद आटे से सामान्य आकार की छोटी-छोटी लोइयां तैयार करें। एक लोई को चकले पर रखकर हल्का सा बेलें और उसके बीच में तैयार मूली का मिश्रण रखें। किनारों को ऊपर की ओर समेटते हुए अच्छी तरह सील कर दें। फिर सूखे आटे की मदद से हल्के हाथों से इसे गोल रोटी के आकार में बेल लें। तवे को गैस पर रखकर अच्छी तरह गर्म करें। बेले हुए पराठे को तवे पर डालें और दोनों तरफ पलटते हुए घी लगाएं। इसे धीमी से मध्यम आंच पर दबाते हुए तब तक सेकें, जब तक कि दोनों सतहों पर सुनहरी चित्तियां न आ जाएं और पराठा पूरी तरह कुरकुरा न हो जाए। पूरी तरह सिक जाने के बाद इसे तवे से उतार लें। दही और चाय के साथ परोसें इस आसान विधि से खट्टा, चटपटा और तीखे स्वाद से भरा मूली का पराठा बनकर तैयार हो जाता है। प्रभा शर्मा के अनुसार, यह नाश्ता बच्चों से लेकर घर के बुजुर्गों तक को काफी भाता है। इसे सुबह की गर्म चाय के साथ या फिर शाम के वक्त भोजन के रूप में भी खाया जा सकता है। ताजे दही के साथ इसका स्वाद और भी निखर जाता है। अगर आप रोज के सामान्य आलू पराठों से कुछ अलग आजमाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी परिवार और आने वाले मेहमानों को एक बेहतरीन स्वाद देने का काम करती है। इसका आप पर असर यह आसान घरेलू रेसिपी सर्दियों में सुबह के नाश्ते को बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अधिक स्वादिष्ट और विविध बनाने में मदद करती है। • रसोई का बजट: इसके लिए किसी विशेष या महंगी सामग्री को खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है। रसोई में सामान्य तौर पर रखे मसालों और मौसमी मूली से इसे बेहद कम लागत में तैयार किया जा सकता है। • समय की बचत: सुबह की व्यस्तता के दौरान यह नाश्ता बेहद कम समय में बनकर तैयार हो जाता है। आटा और भरावन तेजी से तैयार होने के कारण कामकाजी लोगों के लिए भी यह एक सुविधाजनक विकल्प है। • नाश्ते में विविधता: सर्दियों में लगातार आलू या गोभी के पराठे खाकर बोर हो चुके लोगों को एक नया जायका मिलता है। यह हल्का खट्टा और चटपटा स्वाद परिवार के सभी सदस्यों को पसंद आता है। • पकाने में आसानी: मूली का पानी अच्छी तरह निचोड़ लेने से पराठा बेलते वक्त फटता नहीं है। इस सरल तकनीक से नए सीखने वाले भी बिना किसी परेशानी के करारे पराठे बना सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ मूली के पराठे बनाते समय अक्सर लोगों की यह शिकायत रहती है कि पराठा बेलते वक्त फट जाता है या गीला हो जाता है, जिसका कारण मूली में मौजूद प्राकृतिक नमी है। • प्राकृतिक नमी का असर: मूली को कद्दूकस करते ही उसकी कोशिकाओं से भारी मात्रा में पानी बाहर निकलने लगता है। यदि इस पानी को बिना निचोड़े सीधा आटे में भर दिया जाए, तो आटा गीला होकर चकले से चिपक जाता है। • आटे का लचीलापन: सख्त आटे के अंदर जब नम भरावन डाला जाता है, तो दबाव पड़ते ही वह किनारों से फट जाता है। इसलिए आटे को मुलायम गूंथकर 5 मिनट का आराम देना जरूरी होता है ताकि उसमें जरूरी खिंचाव बना रहे। • मसालों का संतुलन: अमचूर पाउडर और गरम मसाला मूली के तीखेपन और गंध को संतुलित करते हैं। इससे भरावन में एक समान चटपटापन आता है जो पूरे पराठे में अच्छी तरह फैलता है। सवाल-जवाब 1. मूली के पराठे बनाने के लिए मूली को कैसे तैयार किया जाता है? मूली के पत्तों को अलग करके उसे पानी से धोएं, छिलका उतारें और कद्दूकस करने के बाद हाथों से दबाकर अतिरिक्त पानी निचोड़ लें। 2. पराठे की स्टफिंग में कौन-कौन से मसाले मिलाए जाते हैं? कद्दूकस की हुई मूली में हरा धनिया, हरी मिर्च, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, अमचूर, गरम मसाला और स्वादानुसार नमक मिलाया जाता है। 3. पराठा बेलते समय फटने से कैसे रोका जा सकता है? कद्दूकस की गई मूली का अतिरिक्त पानी पूरी तरह निचोड़कर और गेहूं के आटे को मुलायम गूंथकर बेलने से पराठा नहीं फटता। 4. आटा गूंथने के बाद उसे कितनी देर तक रखना चाहिए? मुलायम आटा गूंथने के बाद उसे लगभग 5 मिनट के लिए ढककर रख देना चाहिए। 5. मूली के पराठे को किस चीज के साथ परोसना सबसे अच्छा माना जाता है? इसे सुबह की चाय या शाम के भोजन में ताजे दही के साथ परोसने से इसका स्वाद काफी बढ़ जाता है। https://trendkia.com/lifestyle/sardiyon-ke-nashte-men-laen-naya-jayaka-isa-asana-tarike-se-taiyara-karen-kurakura-mooli-ka-paratha-55599 TrendKia — Har trend, sabse pehle.