सर्दियों में बालकनी को फूलों से महकाने के लिए लगाएं 5 खास बेलें, बागवानी एक्सपर्ट नेक सिंह ने बताए जरूरी टिप्स सर्दियों के मौसम में घर की बालकनी को हरा-भरा बनाने के लिए मधुमालती, मंडविला और जुई जैसी बेलें बेहतरीन विकल्प हैं। मुरादाबाद के नर्सरी संचालक नेक सिंह ने गमले के साइज, कोकोपीट और धूप की सही देखभाल से जुड़े टिप्स साझा किए हैं। सर्दियों के दिनों में घर के खुले कोनों और बालकनी को प्राकृतिक खूबसूरती से सजाने के लिए बेल वाले पौधे सबसे असरदार साबित होते हैं। सही किस्म की लताओं का चयन करके न केवल बालकनी को हरे-भरे पत्तों का प्राकृतिक पर्दा दिया जा सकता है, बल्कि मनमोहक और खुशबूदार फूलों से पूरे वातावरण को खुशनुमा बनाया जा सकता है। मुरादाबाद में नर्सरी का काम संभालने वाले नेक सिंह के अनुसार, मौसम के मिजाज को देखते हुए सही किस्मों का चुनाव और पौधों की बुनियादी जरूरतों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है। बालकनी की रौनक बढ़ाने वाली 5 खूबसूरत लताएं सजावट के लिए चुनी जाने वाली लताओं में कई ऐसी किस्में हैं जो अपने अलग-अलग गुणों के लिए जानी जाती हैं। नेक सिंह ने बताया कि लोग अपनी बालकनी और गार्डन के लिए पर्दा बेल, नारंगी फूलों वाली बेल, जुई, मंडविला और मधुमालती जैसी किस्मों को प्राथमिकता दे सकते हैं। • पर्दा बेल: यह लता बालकनी की रेलिंग या ग्रिल पर तेजी से फैलती है। इसके घने हरे पत्ते बालकनी को बाहर से एक प्राकृतिक हरे पर्दे जैसा आकर्षक लुक देते हैं, जिससे प्राइवेसी भी बनी रहती है और हरियाली भी दिखती है। • जुई की बेल: खुशबूदार फूलों के शौकीनों के लिए जुई एक बेहतरीन चुनाव है। इसके छोटे और नाजुक सफेद फूल अपने मनमोहक सुगंध के लिए बहुत पसंद किए जाते हैं, जिससे शाम के समय बालकनी महक उठती है। • मंडविला: यह विदेशी लुक देने वाली बेल सफेद, गुलाबी और लाल जैसे कई शानदार रंगों में उपलब्ध होती है। इसे हैंगिंग पॉट या बालकनी के ऊंचे गमलों में लगाकर नीचे की तरफ लटकाया जा सकता है। नीचे की ओर लटकती इसकी शाखाओं पर खिले रंग-बिरंगे फूल बेहद खूबसूरत दिखते हैं। • मधुमालती: इसे रंगून क्रीपर भी कहा जाता है। इस बेल की खासियत यह है कि यह बहुत तेजी से पनपती है और इसमें लंबे समय तक गुच्छों में फूल आते रहते हैं, जो बालकनी को भरा-पूरा रखते हैं। • ऑरेंज रंग के फूलों वाली बेल: नारंगी रंग के चटख फूलों वाली यह बेल बालकनी में एक अनोखा और चमकदार कंट्रास्ट जोड़ती है, जिससे दूर से ही हरियाली के बीच फूलों की चमक नजर आती है। जड़ों के विकास के लिए बड़े गमले का चुनाव जरूरी बेल वाले पौधों को गमले में रोपते समय बर्तन का आकार सबसे अहम भूमिका निभाता है। नेक सिंह की सलाह है कि इन सभी बेलों के लिए हमेशा बड़े आकार के गमलों का ही उपयोग करना चाहिए। बेलों की जड़ें नीचे और चारों तरफ तेजी से फैलती हैं। यदि गमला छोटा होगा, तो जड़ों को फैलने के लिए जरूरी जगह नहीं मिल पाएगी और पौधे का विकास रुक जाएगा। बड़े गमले में पर्याप्त जगह मिलने से जड़ों को मजबूती मिलती है और पौधा ऊपर की तरफ तेजी से बढ़ता है। मिट्टी के बदले कोकोपीट और वर्मी कंपोस्ट का प्रयोग शहरी बागवानी में मिट्टी भारी हो जाती है और गमलों में जलभराव का खतरा रहता है। इस समस्या से बचने के लिए नेक सिंह ने साधारण मिट्टी की जगह कोकोपीट के इस्तेमाल की सलाह दी है। कोकोपीट हल्का होता है और जड़ों में नमी को संतुलित बनाए रखता है, जिससे बेलों की ग्रोथ में काफी सुधार आता है। इसके साथ ही पोषण के लिए नियमित रूप से वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) मिलाना चाहिए। कोकोपीट और वर्मी कंपोस्ट का यह मिश्रण जड़ों को आसानी से हवा और जैविक पोषक तत्व उपलब्ध कराता है, जिससे पौधे तेजी से बढ़ते हैं और भरपूर फूल देते हैं। सर्दियों में धूप और रोशनी की सही व्यवस्था सर्दियों के ठंडे मौसम में बेलों के स्वस्थ विकास के लिए पर्याप्त धूप मिलना अनिवार्य है। कम धूप मिलने पर पौधों की पत्तियां पीली पड़ सकती हैं और कलियां बनने में परेशानी आ सकती है। इसलिए गमलों को हमेशा ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहां दिन के समय अच्छी धूप आती हो। अगर किसी हिस्से में धूप कम आती है, तो समय-समय पर गमलों की जगह बदलकर उन्हें धूप में रखना चाहिए। बड़े गमलों का सही चुनाव, कोकोपीट का आधार, वर्मी कंपोस्ट का पोषण और धूप का संतुलन बनाकर कोई भी अपनी बालकनी को सर्दियों भर हरा-भरा और फूलों से महकता रख सकता है। इसका आप पर असर घर की बालकनी में सही बेलें और कोकोपीट का इस्तेमाल करने से पौधों की देखभाल आसान हो जाती है और घर का वातावरण प्राकृतिक रूप से खूबसूरत बनता है। • पौधों की बेहतर बढ़वार: बड़े गमले और कोकोपीट का उपयोग करने से बेलों की जड़ें नहीं सड़तीं और पौधे तेजी से बढ़ते हैं। इससे सीमित बालकनी स्पेस में भी घने और स्वस्थ पौधे तैयार करना संभव हो जाता है। • प्राकृतिक प्राइवेसी और सजावट: पर्दा बेल जैसी लताओं को ग्रिल पर चढ़ाने से बिना अतिरिक्त खर्च के प्राकृतिक पर्दा तैयार हो जाता है। यह बालकनी को बाहर के लोगों की सीधी नजर से बचाता है और हरियाली भी बनाए रखता है। • घर के खर्च में बचत: पारंपरिक मिट्टी के स्थान पर कोकोपीट और वर्मी कंपोस्ट का संतुलित मिश्रण अपनाने से बार-बार खाद और मिट्टी बदलने का खर्च बचता है। यह हल्का होने के कारण अपार्टमेंट की बालकनी पर अतिरिक्त वजन भी नहीं डालता। • सर्दियों में फूलों की रौनक: मधुमालती और मंडविला जैसी प्रजातियां लगाने से सर्दियों के महीनों में भी बालकनी में रंग-बिरंगे फूल खिलते रहते हैं। इससे घर के हर कोने में ताजगी और प्राकृतिक सकारात्मकता महसूस होती है। ऐसा क्यों हुआ सर्दियों के महीनों में बालकनी में पौधों का विकास धीमा पड़ जाता है, जिसके चलते नर्सरी संचालक नेक सिंह ने सही किस्मों और वैज्ञानिक रोपाई के तरीकों की जानकारी दी है। • मौसम का प्रभाव और सीमित धूप: सर्दियों में दिन छोटे होने और तापमान गिरने से पौधों में प्रकाश संश्लेषण की गति धीमी हो जाती है। ऐसे समय में केवल वही बेलें टिक पाती हैं जो ठंड को सहन कर सकें और जिन्हें नियमित धूप मिले। • गमलों में मिट्टी का जमना: ठंड के दिनों में गमलों की सामान्य मिट्टी में पानी देर तक रुका रहता है, जिससे जड़ों के गलने का खतरा बढ़ जाता है। इसी कारण मिट्टी के स्थान पर कोकोपीट और केंचुआ खाद के हल्के मिश्रण की सलाह दी गई है। • जड़ों के फैलाव में रुकावट: बेल वाले पौधों की जड़ें सामान्य झाड़ियों से कहीं ज्यादा तेजी से फैलती हैं। छोटे गमलों में जगह की कमी होने पर पौधा कमजोर होने लगता है, इसलिए बड़े गमलों का चुनाव अनिवार्य माना गया है। सवाल-जवाब 1. सर्दियों में बालकनी के लिए कौन-कौन सी बेलें सबसे अच्छी मानी जाती हैं? नर्सरी संचालक नेक सिंह के अनुसार पर्दा बेल, जुई, मंडविला, मधुमालती और नारंगी फूलों वाली बेल बालकनी के लिए सबसे उपयुक्त हैं। 2. बेल वाले पौधों के लिए गमले का आकार कैसा होना चाहिए? इन पौधों के लिए बड़े आकार के गमले का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके। 3. बेलों को लगाने के लिए मिट्टी की जगह किस चीज का उपयोग करने की सलाह दी गई है? साधारण मिट्टी के बदले कोकोपीट और साथ में वर्मी कंपोस्ट खाद का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। 4. सर्दियों में इन बेलों को अच्छी धूप देना क्यों जरूरी है? सर्दियों के दिनों में बेहतर ग्रोथ और फूलों के लिए पौधों को पर्याप्त धूप की जरूरत होती है, इसलिए गमलों को धूप वाली जगह पर रखना चाहिए। 5. मंडविला बेल की क्या खासियत है? मंडविला लाल, सफेद और गुलाबी रंगों में आती है और इसे हैंगिंग गमले में लगाकर नीचे की ओर लटकाया जा सकता है। 6. मधुमालती की बेल बालकनी में क्यों लगानी चाहिए? मधुमालती की बेल बहुत तेजी से बढ़ती है और इसमें लंबे समय तक सुंदर फूल खिलते रहते हैं। https://trendkia.com/lifestyle/sardiyon-men-balakani-ko-phulon-se-mahakane-ke-lie-lagaen-5-khasa-belen-bagavani-eksaparta-nek-singh-ne-batae-jaruri-tipsa-55613 TrendKia — Har trend, sabse pehle.