सतना के नजदीक बरहटा में नरों हिल्स बायोडायवर्सिटी पार्क शुरू, वॉच टावर और इलेक्ट्रिक साइकिल से निहारें हरियाली मध्य प्रदेश में सतना से महज 18 किलोमीटर दूर नरों हिल्स बायोडायवर्सिटी पार्क पर्यटकों के लिए खुला है, जहां 10 रुपये से लेकर किफायती दरों में प्रकृति, वॉच टावर और इलेक्ट्रिक साइकिल का आनंद लिया जा सकता है। मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में प्रकृति प्रेमियों और वीकेंड पर सैर के शौकीनों के लिए एक नया ठिकाना बनकर तैयार हुआ है। सतना शहर से महज 18 किलोमीटर की दूरी पर बरहटा में स्थित नरों हिल्स बायोडायवर्सिटी पार्क को आम जनता के लिए खोल दिया गया है। इस पूरे परियोजना की नींव साल 2023 में रखी गई थी और अगस्त 2025 में इसे सैलानियों के स्वागत के लिए औपचारिक तौर पर शुरू कर दिया गया। किसी पारंपरिक मनोरंजन पार्क के विपरीत इस केंद्र की परिकल्पना केवल सैर-सपाटे के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय जैव विविधता के संरक्षण और लोगों को जंगलों की वास्तविक दुनिया से रूबरू कराने के मकसद से की गई है। संरक्षण और विकास का 50 हेक्टेयर में फैला खाका इस पूरे वन परिसर का कुल दायरा काफी विस्तृत है। वन विभाग के डिप्टी रेंजर सतेंद्र शुक्ला ने बताया कि परियोजना के तहत करीब 20 हेक्टेयर हिस्से को पूर्णतः रिजर्व क्षेत्र के रूप में सुरक्षित रखा गया है, ताकि वन्य जीवन और प्राकृतिक संपदा बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के फल-फूल सके। इसके समानांतर 30 हेक्टेयर क्षेत्र को विशेष रूप से बायोडायवर्सिटी पार्क के तौर पर तराशा गया है। इस 30 हेक्टेयर में से लगभग 10 हेक्टेयर क्षेत्र ऐसा है जहां प्रशासनिक ढांचे, पर्यटक सुविधाएं, रास्ते और अन्य जरूरी निर्माण कार्य किए गए हैं। बाकी बचे 20 हेक्टेयर भूभाग को मूल प्राकृतिक वन क्षेत्र के रूप में बरकरार रखा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मानवीय गतिविधियों के बीच भी जंगल का वास्तविक पर्यावरण, शांति और हरियाली पूरी तरह से अक्षुण्ण रहे। इस योजना पर अब तक लगभग 3.45 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा चुकी है, जिसके बलबूते पार्क का शुरुआती चरण धरातल पर उतारा गया है। 10 हजार पौधों की दुनिया और ज्ञानवर्धक नेचर ट्रेल पर्यावरण संरक्षण को मजबूती देने के लिए इस पार्क में विविध प्रजातियों के 10,000 से अधिक पौधे रोपे गए हैं। पार्क प्रशासन ने केवल पौधारोपण तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि आगंतुकों के ज्ञानवर्धन के लिए भी ठोस कदम उठाए हैं। हर खास पेड़ और पौधे के पास उसके वानस्पतिक व स्थानीय नाम तथा विशेषताओं को दर्शाने वाले सूचना बोर्ड लगाए गए हैं। इस व्यवस्था के चलते स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राओं के लिए यह पार्क एक सजीव प्रयोगशाला साबित हो रहा है, जहां वे किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर प्रकृति को सीधे देख और समझ सकते हैं। पैदल भ्रमण करने के शौकीनों के लिए पथरीली और हरी-भरी पहाड़ियों के बीच से गुजरने वाली एक विशेष नेचर ट्रेल बनाई गई है। इस पगडंडी पर चलते हुए लोग पहाड़ी ढलानों, पक्षियों की चहचहाहट और वनस्पति को नजदीक से महसूस कर सकते हैं। इसके साथ ही पार्क में एक ऊंचा वॉच टावर स्थापित किया गया है, जिसके शीर्ष से चारों तरफ फैली सुरम्य पहाड़ियों और विस्तृत हरियाली का मनोरम विहंगम दृश्य दिखाई देता है। प्रदूषण मुक्त इलेक्ट्रिक साइकिल और बुनियादी सुविधाएं विशाल भूभाग में फैले पार्क की सैर को सुगम और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने के लिए वन विभाग ने खास इंतजाम किए हैं। पर्यटकों के लिए प्रदूषण मुक्त इलेक्ट्रिक साइकिलों की व्यवस्था की गई है, जिसकी मदद से बिना थके और बिना किसी ध्वनि या वायु प्रदूषण के पार्क के बड़े हिस्से का चक्कर लगाया जा सकता है। सैलानियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए परिसर के भीतर ही सुरक्षित पार्किंग का प्रबंध किया गया है। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल के लिए वॉटर कूलर और आधुनिक शौचालयों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। इस पार्क का ढांचा इस प्रकार तैयार किया गया है कि परिवार, छोटे बच्चे, छात्र, युवा मित्र और पर्यावरण प्रेमी सभी अपनी रुचि के अनुसार यहां सुकून भरा समय बिता सकें। प्रवेश शुल्क, समय सारणी और वाहनों के नियम बरहटा स्थित यह पार्क सतना से 18 किलोमीटर की दूरी पर होने के कारण स्थानीय लोगों के लिए एक दिन के टूर का शानदार विकल्प बन चुका है। पार्क का संचालन वन क्षेत्र के निर्धारित नियमों के तहत होता है, इसलिए इसके खुलने का समय सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक तय किया गया है। प्रवेश के लिए बेहद किफायती इको टूरिज्म शुल्क संरचना लागू की गई है • पैदल आने वाले सैलानी: जो व्यक्ति पैदल पार्क के विकसित हिस्से तक जाते हैं, उनके लिए प्रवेश शुल्क केवल 10 रुपये निर्धारित है। • दोपहिया वाहन: बाइक या स्कूटर से आने पर वाहन सहित कुल प्रवेश शुल्क 25 रुपये है। आरटीओ के नियमों के तहत एक दोपहिया वाहन पर अधिकतम दो व्यक्तियों को ही प्रवेश की अनुमति है। • चौपहिया वाहन: कार या अन्य चार पहिया निजी वाहनों के लिए 100 रुपये शुल्क तय है, जिसमें अधिकतम 6 यात्री शामिल हो सकते हैं। • मिनी बस: अधिकतम 20 सवारियों की क्षमता वाली मिनी बस के लिए प्रवेश शुल्क 250 रुपये रखा गया है। • बड़ी बस: बड़ी बसों के लिए 500 रुपये का शुल्क लागू है, जिसमें यात्रियों की संख्या वाहन के अधिकृत परमिट के अनुसार अनुमन्य होगी। भविष्य में एडवेंचर और जिप लाइन का विस्तार नरों हिल्स बायोडायवर्सिटी पार्क का वर्तमान स्वरूप इसके विकास का अंतिम चरण नहीं है। डिप्टी रेंजर सतेंद्र शुक्ला के अनुसार, शासन से जैसे-जैसे अतिरिक्त बजट और फंड उपलब्ध होगा, यहां पर्यटकों के लिए आकर्षणों का दायरा और बढ़ाया जाएगा। भविष्य की कार्ययोजना में एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौकीनों के लिए जिप लाइन लगाने का प्रस्ताव शामिल है। सतना शहर के निकट कम खर्च में शांत प्राकृतिक परिवेश, पहाड़ी दृश्य और ज्ञानवर्धक अनुभव देने वाला यह केंद्र विंध्य क्षेत्र के प्रमुख इको टूरिज्म गंतव्य के रूप में स्थापित हो रहा है। इसका आप पर असर सतना और आसपास के निवासियों को प्रकृति के करीब एक किफायती और सुंदर पिकनिक स्पॉट मिल गया है। • भारत में: पर्यावरण संरक्षण और वनों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए यह बायोडायवर्सिटी पार्क एक सफल मॉडल के रूप में सामने आया है। अन्य राज्यों के पर्यटक और प्रकृति प्रेमी भी विंध्य क्षेत्र की जैव विविधता को देखने यहां पहुंच सकते हैं। • सतना और मध्य प्रदेश में: सतना शहर से महज 18 किलोमीटर दूर स्थित होने के कारण स्थानीय लोगों, परिवारों और विद्यार्थियों को एक नया किफायती वीकेंड गंतव्य मिला है। महज 10 रुपये के न्यूनतम प्रवेश शुल्क पर लोग सुबह 8 से शाम 6 बजे के बीच प्राकृतिक वातावरण और इलेक्ट्रिक साइकिल का आनंद ले सकते हैं। • छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए: पार्क में 10 हजार से अधिक पौधों पर नाम पट्टिकाएं लगाई गई हैं। इसके जरिए वनस्पति विज्ञान और पर्यावरण की पढ़ाई करने वाले छात्रों को सीधे फील्ड में पौधों की पहचान करने का अवसर मिलता है। • एडवेंचर प्रेमियों के लिए: वर्तमान में वॉच टावर और नेचर ट्रेल के अलावा भविष्य में यहां जिप लाइन जैसी सुविधाएं भी शुरू की जाएंगी। इससे रोमांच पसंद करने वाले युवाओं को पास ही एडवेंचर गतिविधियों का नया केंद्र मिलेगा। ऐसा क्यों हुआ शहरीकरण के बीच आम जनता को जंगलों और जैव विविधता से जोड़ने तथा स्थानीय वनस्पतियों के संरक्षण के उद्देश्य से इस पार्क की स्थापना की गई है। • सीधा कारण: मध्य प्रदेश वन विभाग ने प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित रखने और लोगों में पर्यावरण के प्रति रुचि जगाने के लिए साल 2023 में 3.45 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना का निर्माण शुरू किया था। अगस्त 2025 में कार्य का पहला चरण पूरा होने के बाद इसे जनता के लिए खोला गया। • संरक्षण और पर्यटन का संतुलन: 50 हेक्टेयर के कुल क्षेत्र में से 20 हेक्टेयर को रिजर्व वन रखा गया, जबकि 30 हेक्टेयर में से 10 हेक्टेयर पर ही निर्माण कर बाकी 20 हेक्टेयर को प्राकृतिक जंगल के रूप में छोड़ा गया ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। • भविष्य का विस्तार: शासन से आगामी बजट मिलने पर यहां जिप लाइन और अतिरिक्त साहसिक खेल सुविधाएं जोड़ी जाएंगी, जिससे स्थानीय इको-टूरिज्म को और बढ़ावा मिलेगा। सवाल-जवाब 1. नरों हिल्स बायोडायवर्सिटी पार्क कहां स्थित है और सतना से कितनी दूर है? यह पार्क मध्य प्रदेश के बरहटा में स्थित है और सतना शहर से इसकी दूरी लगभग 18 किलोमीटर है। 2. पार्क के खुलने और बंद होने का समय क्या है? वन विभाग के नियमों के अनुसार यह पार्क प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है। 3. पैदल और वाहनों से आने वाले पर्यटकों के लिए प्रवेश शुल्क कितना है? पैदल आने वालों के लिए 10 रुपये, दोपहिया वाहन के लिए 25 रुपये, चार पहिया वाहन के लिए 100 रुपये, मिनी बस के लिए 250 रुपये और बड़ी बस के लिए 500 रुपये शुल्क है। 4. पार्क में घूमने के लिए क्या विशेष आकर्षण और सुविधाएं मौजूद हैं? यहां 10 हजार से अधिक पौधे, नेचर ट्रेल, वॉच टावर, प्रदूषण मुक्त इलेक्ट्रिक साइकिलें, पार्किंग, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था है। 5. इस पार्क का निर्माण कब शुरू हुआ और इस पर कितनी लागत आई है? पार्क का निर्माण साल 2023 में शुरू हुआ था और अगस्त 2025 में इसे खोला गया, जिसके मौजूदा विकास पर करीब 3.45 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। 6. भविष्य में इस पार्क में कौन से नए आकर्षण शुरू करने की योजना है? आने वाले दिनों में शासन से फंड मिलने पर पर्यटकों के लिए जिप लाइन और अन्य एडवेंचर गतिविधियां शुरू करने की योजना है। https://trendkia.com/lifestyle/satna-ke-najadika-barhata-men-naro-hills-bayodayavarsiti-parka-shuru-watch-tower-aura-electric-cycle-se-niharen-hariyali-41449 TrendKia — Har trend, sabse pehle.