# सितंबर में लगाएं गुलाब की कलम तो सर्दियों में खिलेंगे खूबसूरत फूल, जानें मिट्टी और कटिंग का सही तरीका

> सर्दियों में बगीचे को रंग-बिरंगे गुलाबों से महकाने के लिए सितंबर का महीना पौधरोपण और कटिंग लगाने के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है। सही मिट्टी का मिश्रण, 45 डिग्री पर कटिंग और उचित देखभाल से गमले में भी ढेरों कलियां खिल सकती हैं।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-10-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/september-men-lagaen-gulaba-ki-kalama-to-sardiyon-men-khilenge-khubasurata-phula-janen-mitti-aura-katinga-ka-sahi-tarika-41423 · **Language:** Hindi
**Tags:** गुलाब की बागवानी, गुलाब की कटिंग, सितंबर गार्डनिंग टिप्स, गमले की मिट्टी, फूलों की देखभाल, विंटर गार्डनिंग

घर के आंगन या बालकनी में रंग-बिरंगे फूलों की बहार हर किसी का मन मोह लेती है। सर्दियों के मौसम में अगर आप अपने बगीचे को लाल, गुलाबी और सफेद गुलाबों से सजाना चाहते हैं, तो इसकी शुरुआत अभी से करनी होगी। बागवानी विशेषज्ञ बी डी सनखरे के अनुसार, गुलाब की विभिन्न किस्मों को घर पर बड़ी आसानी से उगाया जा सकता है। यदि समय रहते नया पौधा लगा लिया जाए या व्यवस्थित ढंग से तैयार की गई कटिंग रोप दी जाए, तो आने वाले ठंड के दिनों में पौधे पर शानदार फूल खिलने लगते हैं।

## पौधारोपण के लिए गमले और जमीन की तैयारी
गुलाब के पौधे को गमले में लगाया जाए या सीधे जमीन पर, दोनों ही स्थितियों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जड़ों के पास पानी ठहरना नहीं चाहिए। अगर गमले में पौधा लगा रहे हैं, तो उसके नीचे जल निकासी की उचित व्यवस्था होना बेहद आवश्यक है। रुका हुआ पानी पौधे की जड़ों को सड़ा सकता है। पौधे के समग्र विकास के लिए मिट्टी को हमेशा भुरभुरा बनाए रखना चाहिए, जिसमें जैविक खाद की भरपूर मात्रा मौजूद हो।

## गमले और बीज के लिए मिट्टी का सटीक मिश्रण
गुलाब के लिए आदर्श पॉटिंग मिक्स तैयार करने का एक खास अनुपात होता है। गमले में रोपाई के लिए 50 प्रतिशत कोकोपीट और 50 प्रतिशत वर्मी कम्पोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाकर मिश्रण तैयार करें। इस तैयार मिट्टी को इस्तेमाल में लाने से पहले थोड़ी देर धूप में जरूर सुखा लें, ताकि मिट्टी के अंदर मौजूद अतिरिक्त नमी समाप्त हो जाए और किसी प्रकार के फंगस का खतरा न रहे।

यदि आप बीज के जरिए नया पौधा तैयार करने की योजना बना रहे हैं, तो मिट्टी को और भी हल्का रखना पड़ता है। बीजों के अंकुरण के लिए 60 प्रतिशत कोकोपीट, 30 प्रतिशत वर्मी कम्पोस्ट और 10 प्रतिशत साफ रेत का संतुलन सबसे बेहतर माना जाता है। यह मिश्रण अंकुरण के दौरान जड़ों को आसानी से फैलने में मदद करता है।

## कलम तैयार करने और शाखा के चुनाव का नियम
अगर आपके घर में पहले से कोई पुराना गुलाब लगा हुआ है, तो उससे नई कटिंग तैयार करके नए पौधे बनाए जा सकते हैं। कटिंग लेते समय शाखा के चुनाव पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बहुत ज्यादा नरम हरी टहनी या फिर बहुत पुरानी लकड़ी जैसी सख्त शाखा का चयन करने से बचें। हमेशा अर्ध-परिपक्व तने को चुनें, जिसकी मोटाई लगभग 6 से 10 मिलीमीटर के बीच होनी चाहिए।

कटिंग काटते समय औजार की स्वच्छता और धार का ख्याल रखना जरूरी है। हमेशा साफ और धारदार कैंची या प्रूनर का उपयोग करें। शाखा के निचले सिरे पर ठीक 45 डिग्री के कोण पर तिरछा कट लगाएं। इसके बाद कलम के ऊपरी हिस्से पर केवल कुछ पत्तियां ही सुरक्षित छोड़ें और बाकी सभी निचली पत्तियों को हटा दें। ऐसा करने से टहनी की ऊर्जा व्यर्थ नहीं जाती और वह अपनी पूरी ताकत नई जड़ें विकसित करने में लगाती है।

## कटिंग की रोपाई और शुरुआती देखभाल
कलम काटने के बाद उसे अधिक देर तक खुले में या तेज धूप में नहीं छोड़ना चाहिए, अन्यथा वह सूख सकती है। कटिंग को स्वच्छ जगह पर रखें और तैयार किए गए पॉटिंग माध्यम में तुरंत रोप दें। कई लोग पानी में रखकर जड़ें निकालने का प्रयास करते हैं, लेकिन गुलाब की प्रत्येक किस्म पानी में आसानी से जड़ें नहीं बनाती। इसी कारण नम और भुरभुरी मिट्टी में कटिंग लगाना अधिक कारगर और सरल साबित होता है।

रोपाई पूरी करने के तुरंत बाद हल्का पानी दें। गमले को ऐसे स्थान पर रखें जहां भरपूर प्राकृतिक रोशनी आती हो, लेकिन शुरुआती कुछ हफ्तों तक दोपहर की तीखी धूप से बचाकर रखें। जब पौधा स्थिर हो जाए, तब उसे खुली धूप में रखा जा सकता है क्योंकि गुलाब को प्रतिदिन कई घंटों की सीधी धूप की दरकार होती है।

## पानी का सही संतुलन और जरूरी सफाई
पौधे की नियमित देखरेख में सिंचाई का तरीका सबसे अहम है। गमले की मिट्टी को हर समय कीचड़ की तरह गीला न रखें। जब मिट्टी की ऊपरी सतह छूने पर सूखी नजर आए, तभी जरूरत के मुताबिक पानी दें। इसके अलावा पौधे पर आने वाली सूखी पत्तियों और मुरझा चुके बासी फूलों को समय-समय पर काटते रहें। इससे पौधा स्वस्थ रहता है और नई शाखाओं को पनपने का मौका मिलता है। ध्यान रहे कि फूलों का आकार, संख्या और खिलने का समय पौधे की नस्ल, उसे मिलने वाली धूप और स्थानीय मौसम पर निर्भर करता है।

## इसका आप पर असर
सितंबर में गुलाब की कटिंग लगाने से घर के बगीचे और गमलों में बिना किसी अतिरिक्त खर्च के सर्दियों में शानदार फूल पाए जा सकते हैं।

- **लागत में बचत:** नर्सरी से महंगे पौधे खरीदने के बजाय घर के पुराने पौधे की टहनी से नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं। इससे बागवानी का खर्च लगभग शून्य हो जाता है और एक ही पौधे से कई नए गमले तैयार हो जाते हैं।
- **समय का प्रबंधन:** सितंबर के महीने में कटिंग लगाने से पौधे को जड़ें जमाने के लिए दो महीने का अनुकूल मौसम मिल जाता है। नवंबर और दिसंबर की ठंड शुरू होते ही पौधे में कलियां और फूल आने की प्रक्रिया समय पर शुरू हो जाती है।
- **देखभाल का तरीका:** गमले में 50 प्रतिशत कोकोपीट और 50 प्रतिशत खाद का सही मिश्रण पौधों को गलने से बचाता है। सही ड्रेनेज होने से सर्दियों में ज्यादा पानी ठहरने की समस्या नहीं होती।
- **रंगों का संयोजन:** लाल, गुलाबी और सफेद रंगों की कटिंग एक साथ लगाने से बगीचे की सुंदरता कई गुना बढ़ जाती है। घरेलू स्तर पर बालकनी को सजाने वाले शौकीन लोगों के लिए यह सबसे आसान तरीका है।

## ऐसा क्यों हुआ
सर्दियों में गुलाब की भरपूर पैदावार के लिए सितंबर का महीना सबसे उपयुक्त होता है, क्योंकि इस दौरान तापमान पौधे की जड़ों के विकास के लिए सबसे अनुकूल रहता है।

- **अनुकूल मौसमी परिस्थितियां:** मानसून के बाद और भीषण सर्दी से पहले का मौसम कलमों में नई जड़ें फूटने के लिए सबसे मुफीद होता है। न ज्यादा तीखी गर्मी होती है और न ही पाला पड़ने की ठंड, जिससे कटिंग सूखने या सड़ने से बच जाती है।
- **शाखाओं में ऊर्जा संचयन:** अर्ध-परिपक्व तनों में पर्याप्त मात्रा में संचित पोषण होता है जो रोपाई के बाद जड़ों के निर्माण को तेज करता है। ऊपरी पत्तियां हटाने से पौधे की नमी वाष्पीकरण से बची रहती है और ऊर्जा जड़ों में केंद्रित होती है।
- **मिट्टी की जल निकासी:** कोकोपीट और कम्पोस्ट का मिश्रण जड़ों को हवादार वातावरण देता है। भारी चिकनी मिट्टी के मुकाबले यह हल्का माध्यम नए अंकुरों को तेजी से फैलने में मदद करता है।

## सवाल-जवाब

### 1. गुलाब की कटिंग लगाने के लिए कौन सा महीना सबसे अच्छा माना जाता है?
गुलाब की नई कलम लगाने या पौधा रोपने के लिए सितंबर का महीना सबसे बेहतरीन माना जाता है, जिससे सर्दियों में भरपूर फूल मिलते हैं।

### 2. गमले के लिए मिट्टी तैयार करते समय किन चीजों का मिश्रण बनाना चाहिए?
गमले के लिए 50 प्रतिशत कोकोपीट और 50 प्रतिशत वर्मी कम्पोस्ट या सड़ी हुई गोबर की खाद को मिलाकर धूप में सुखाकर इस्तेमाल करना चाहिए।

### 3. बीज से गुलाब उगाने के लिए मिट्टी का क्या अनुपात होना चाहिए?
बीज से पौधा तैयार करने के लिए 60 प्रतिशत कोकोपीट, 30 प्रतिशत वर्मी कम्पोस्ट और 10 प्रतिशत रेत का हल्का मिश्रण तैयार किया जाता है।

### 4. कलम के लिए कैसी शाखा का चुनाव करना चाहिए?
कलम के लिए न बहुत ज्यादा नरम और न ही बहुत पुरानी सख्त लकड़ी चुनें; 6 से 10 मिलीमीटर मोटाई वाली अर्ध-परिपक्व शाखा सबसे सही होती है।

### 5. कटिंग काटते समय किस कोण पर कट लगाना चाहिए?
धारदार कैंची या प्रूनर की मदद से शाखा के निचले सिरे पर लगभग 45 डिग्री के कोण पर तिरछा कट लगाना चाहिए।

### 6. गुलाब के पौधे को पानी कब और कितना देना चाहिए?
गमले में पानी हमेशा भरा न रखें, जब ऊपर की मिट्टी छूने पर सूखी लगे केवल तभी आवश्यकतानुसार पानी दें।

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