# सितंबर के सुहावने मौसम में कटिंग से तैयार करें मनपसंद पौधे, बगिया महकाने का आसान घरेलू तरीका

> सितंबर की नमी और हल्की धूप में गुलाब, गुड़हल, मनी प्लांट और बोगनवेलिया की कटिंग लगाकर घर पर ही बिना खर्च नए पौधे तैयार किए जा सकते हैं।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-09-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/sitnbara-ke-suhavane-mausama-men-katinga-se-taiyara-karen-manapasnda-paudhe-bagiya-mahakane-ka-asana-gharelu-tarika-34987 · **Language:** Hindi
**Tags:** बागवानी, पौधों की कटिंग, गुलाब का पौधा, गुड़हल, मनी प्लांट, बोगनवेलिया, सितंबर गार्डनिंग

सितंबर का महीना घरेलू बागवानी के शौकीनों के लिए नए पौधे तैयार करने का सबसे बेहतरीन समय साबित होता है। इस दौरान मानसून की बारिश के बाद वातावरण में भरपूर नमी मौजूद रहती है, जबकि चिलचिलाती गर्मी का असर भी काफी हद तक घट जाता है। मौसम का यह अनुकूल संतुलन पौधों की कटी हुई टहनियों से नई जड़ें फूटने के लिए सबसे ज्यादा मुफीद माना जाता है। यदि थोड़ी सी समझदारी दिखाई जाए और स्वस्थ शाखाओं का सही चुनाव किया जाए, तो नर्सरी पर अतिरिक्त पैसे खर्च किए बिना घर के बगीचे को कई खूबसूरत पौधों से आबाद किया जा सकता है।

## गुलाब की टहनी से नया पौधा उगाने का तरीका
फूलों के राजा गुलाब को कटिंग के जरिए तैयार करना बेहद सरल है। इसके लिए किसी तरोताजा और स्वस्थ गुलाब के पौधे से लगभग 4 से 6 इंच लंबी टहनी का चयन करना चाहिए। इस बात पर विशेष ध्यान देना जरूरी है कि चुनी गई शाखा न तो बहुत अधिक कोमल या हरी हो और न ही पूरी तरह से सूख चुकी हो। कटिंग लगाने से पहले उसकी निचली पत्तियों को सावधानीपूर्वक हटा दें और केवल ऊपरी सिरे पर कुछ पत्तियां बची रहने दें। इसके बाद इसे सामान्य मिट्टी और अच्छी तरह सड़ी हुई पुरानी खाद के हल्के मिश्रण में रोप दें। गमले की मिट्टी को पूरी तरह गीला या कीचड़ जैसा बनाने के स्थान पर केवल हल्का नम बनाए रखना चाहिए, जिससे कुछ ही हफ्तों में शाखा पर नई और चमकदार पत्तियां फूटती दिखाई देने लगती हैं।

## गुड़हल की कटिंग से पाएं शानदार फूल
सदाबहार और आकर्षक फूलों वाला गुड़हल भी टहनी के माध्यम से बहुत तेजी से पनपने वाले पौधों की सूची में शामिल है। गुड़हल के लिए थोड़ी मजबूत और सेमी-हार्डवुड टहनी काटना सबसे अच्छा परिणाम देता है। इसकी कटिंग की लंबाई तकरीबन 5 से 6 इंच रखें और निचले हिस्से की सभी पत्तियों को छांटकर अलग कर दें। इस कटिंग को ऐसे गमले की मिट्टी में लगाना चाहिए, जिसमें जल निकासी की उचित व्यवस्था हो ताकि पानी जमा न होने पाए। शुरुआती दिनों में नवजात कटिंग को सीधी और तेज धूप की तपिश से बचाकर रखना आवश्यक होता है। मिट्टी में हल्की नमी हमेशा बनी रहनी चाहिए, लेकिन आवश्यकता से अधिक पानी देने से बचना चाहिए। नियमित देखभाल और संतुलित वातावरण मिलने पर कुछ ही सप्ताह के भीतर पौधे में नई कोपलें और शाखाएं निकलने लगती हैं।

## मनी प्लांट को पानी और मिट्टी दोनों में उगाने की विधि
घर में हरियाली और ताजगी जोड़ने वाले मनी प्लांट की नई बेल तैयार करना बेहद आसान काम है। मनी प्लांट की कटिंग काटते समय इस बात का ध्यान रखें कि उस बेल में कम से कम दो से तीन गांठें यानी नोड्स अवश्य मौजूद हों। वानस्पतिक संरचना के अनुसार इन्हीं गांठों से आगे चलकर नई जड़ें फूटती हैं। इस कटिंग को अपनी सुविधानुसार कांच की बोतल या जार में साफ पानी भरकर भी उगाया जा सकता है और सीधे गमले की मिट्टी में भी रोपा जा सकता है। यदि आप इसे पानी में रख रहे हैं, तो हर कुछ दिनों के अंतराल पर पानी बदलते रहना चाहिए ताकि फंगस न लगे। वहीं अगर इसे मिट्टी में लगाया जाए, तो नमी का संतुलन बनाए रखना जरूरी है। इस पौधे की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे घर के भीतरी हिस्सों में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी वाली जगह पर भी बेहद आसानी से सजाया जा सकता है।

## रंग-बिरंगे बोगनवेलिया को घर पर ऐसे लगाएं
दीवारों और बालकनी की शोभा बढ़ाने वाले बोगनवेलिया जैसे सजावटी पौधों को भी मौसम की नमी का लाभ उठाकर कटिंग से आसानी से रोपा जा सकता है। इसके लिए पौधे की परिपक्व और सेहतमंद शाखा से लगभग 5 से 6 इंच का टुकड़ा काट लें। नीचे की पत्तियों को साफ करने के बाद इसे हल्की, भुरभुरी और बेहतरीन जल निकासी वाली उपजाऊ मिट्टी में स्थापित करें। कटिंग को गमले में दबाने के तुरंत बाद उसे कड़ी धूप में बिल्कुल न छोड़ें। शुरुआत में गमले को ऐसे स्थान पर रखें जहां छनकर भरपूर रोशनी आती हो, लेकिन सीधी धूप की चुभन न हो। जब गमले की ऊपरी मिट्टी हल्की सूखती हुई नजर आए, केवल तभी उसमें थोड़ा पानी छिड़कें।

## गमले की मिट्टी और उचित देखभाल के नियम
कटिंग के सफलतापूर्वक जड़ पकड़ने के लिए गमले की मिट्टी का सही संयोजन होना सबसे बुनियादी शर्त है। जरूरत से ज्यादा भारी, चिकनी या पानी को रोककर रखने वाली मिट्टी में टहनी सड़ने की आशंका बहुत बढ़ जाती है। मिट्टी को हल्का, हवादार और भुरभुरा बनाने के लिए उसमें थोड़ी गोबर की खाद, रेत अथवा कोकोपीट मिलाना बेहद फायदेमंद रहता है। इसके साथ ही गमले के तलवे में अतिरिक्त पानी बाहर निकलने के लिए निकास छिद्र का होना अनिवार्य है। कटिंग लगाने के पश्चात गमले को ऐसी खुली जगह पर रखें जहां शुद्ध हवा का हल्का संचार बना रहे। शुरुआत में टहनी को जीवित रहने के लिए केवल हल्की नमी की आवश्यकता होती है, इसलिए अधिक पानी देने की भूल बिल्कुल न करें।

## धैर्य रखें और जड़ों को छेड़ने से बचें
पौधों की कटिंग लगाने के सफर में सबसे ज्यादा आवश्यकता धैर्य बनाए रखने की होती है। अक्सर रोपने के कई दिनों बाद तक टहनी के ऊपरी भाग में कोई बड़ा बदलाव या पत्तियां नजर नहीं आतीं, जबकि मिट्टी के भीतर नाजुक जड़ें विकसित हो रही होती हैं। कौतूहलवश कटिंग को बार-बार मिट्टी से बाहर खींचकर देखने की गलती कभी न करें, क्योंकि ऐसा करने से नई बनी सूक्ष्म जड़ें टूट जाती हैं और पौधा सूख जाता है। मिट्टी की ऊपरी सतह की नमी को समय-समय पर उंगली से जांचते रहें और जरूरत पड़ने पर ही पानी का छिड़काव करें। जैसे ही कटिंग से ताजी पत्तियां और नई शाखाएं फूटने लगें, तो यह स्पष्ट संकेत होता है कि पौधा गमले में अच्छी तरह अपनी जड़ें जमा चुका है। यदि घर में पहले से ये पौधे मौजूद हैं, तो मौसम का फायदा उठाकर एक साथ दो से तीन कटिंग्स जरूर लगाएं, जिससे किसी एक के सूखने पर भी दूसरा पौधा सफलतापूर्वक तैयार हो सके।

## इसका आप पर असर
सितंबर में घर पर पौधों की कटिंग लगाने से बागवानी के शौकीनों को बिना किसी खर्च के नए पौधे तैयार करने का सीधा फायदा मिलता है।

- **पैसे की बचत:** नर्सरी से महंगे पौधे खरीदने का खर्च पूरी तरह बच जाता है। घर में पहले से मौजूद एक ही पौधे से कई नए गमले मुफ्त में तैयार किए जा सकते हैं।
- **आसान हरियाली:** बालकनी और कमरों को प्राकृतिक रूप से सजाना बेहद आसान हो जाता है। मनी प्लांट और बोगनवेलिया जैसी कटिंग्स कम मेहनत में तेजी से फैलती हैं।
- **सफलता की ऊंची दर:** सितंबर की अनुकूल नमी से टहनियों में जड़ें फूटने की संभावना सर्वाधिक रहती है। नए बागवान भी बिना विशेष उपकरण के आसानी से सफलता पा सकते हैं।
- **मौसम का लाभ:** बारिश के बाद की हल्की धूप पौधों को झुलसने से बचाती है। इससे नाजुक कटिंग्स को शुरुआती दिनों में बचाना बहुत आसान हो जाता है।

## ऐसा क्यों हुआ
सितंबर का समय पौधों की वानस्पतिक वृद्धि और कलम लगाने के लिए प्राकृतिक रूप से सबसे अनुकूल वातावरण तैयार करता है।

- **वातावरण में भरपूर नमी:** मानसून की बारिश बीतने के बाद हवा और मिट्टी में प्राकृतिक रूप से नमी का उच्च स्तर बना रहता है। यह नमी कटी हुई टहनियों को सूखने से बचाती है और नई कोशिकाओं को सक्रिय करती है।
- **तापमान में नरमी:** चिलचिलाती ग्रीष्मकालीन धूप और शुष्क लू का प्रभाव इस महीने काफी घट जाता है। हल्की धूप और संतुलित गर्मी के कारण पौधों की पत्तियों से वाष्पीकरण की दर नियंत्रित रहती है।
- **सक्रिय जड़ विकास:** अनुकूल तापमान और निरंतर आर्द्रता का संयोग टहनियों के नोड्स पर सुप्त जड़ कोशिकाओं को तेजी से बाहर निकलने के लिए प्रेरित करता है।

## सवाल-जवाब

### 1. पौधों की कटिंग लगाने के लिए सितंबर का महीना क्यों सबसे अच्छा माना जाता है?
सितंबर में बारिश के बाद मौसम में पर्याप्त नमी बनी रहती है और तेज गर्मी का असर कम हो जाता है, जिससे टहनियों से जड़ें निकलने की संभावना बढ़ जाती है।

### 2. गुलाब और गुड़हल की कटिंग की लंबाई कितनी होनी चाहिए?
गुलाब की कटिंग करीब 4 से 6 इंच और गुड़हल की स्वस्थ टहनी लगभग 5 से 6 इंच लंबी होनी चाहिए।

### 3. मनी प्लांट की कटिंग काटते समय किस बात का ध्यान रखना जरूरी है?
मनी प्लांट की कटिंग में कम से कम दो से तीन गांठें यानी नोड्स होने चाहिए, क्योंकि इन्हीं जगहों से जड़ें निकलती हैं।

### 4. कटिंग लगाने के लिए गमले की मिट्टी कैसी होनी चाहिए?
मिट्टी हल्की, हवादार और अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए, जिसमें खाद के साथ रेत या कोकोपीट मिला हो ताकि पानी जमा न हो।

### 5. लगाई गई कटिंग को बार-बार मिट्टी से बाहर क्यों नहीं निकालना चाहिए?
बार-बार बाहर निकालकर देखने से मिट्टी के अंदर बन रही नाजुक नई जड़ें टूट सकती हैं और पौधा सूख सकता है।

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