# तेलंगाना की राजधानी के निकट मुश्ताक परिवार का 4 एकड़ में फैला ऐतिहासिक मुर्तुज़ागुड़ा फार्महाउस, जहां आज भी ज़िंदा है निज़ामी दौर का वैभव

> मोइनाबाद के मुर्तुज़ागुड़ा क्षेत्र में बना मुश्ताक परिवार का 4 एकड़ का फार्महाउस हैदराबाद की वीकेंड संस्कृति की नींव माना जाता है. फिनलैंड की टाइलों, दुर्लभ निज़ामी तैलचित्रों और आधुनिक खेल सुविधाओं से सजा यह परिसर इतिहास और प्राकृतिक शांति की अद्भुत मिसाल है.

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-08-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/telangana-ki-rajadhani-ke-nikata-mushtaq-parivara-ka-4-ekara-men-phaila-aitihasika-murtuzaguda-pharmahausa-jahan-aja-bhi-zinda-hai-18660 · **Language:** Hindi
**Tags:** हैदराबाद फार्महाउस, मुर्तुज़ागुड़ा मोइनाबाद, मुश्ताक परिवार फार्महाउस, निज़ामी विरासत, वीकेंड गेटवे तेलंगाना, हेरिटेज पर्यटन

आज तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के बाहरी क्षेत्रों में सप्ताहांत बिताने के लिए फार्महाउस जाने का प्रचलन काफी लोकप्रिय हो चुका है. हर शनिवार और रविवार को बड़ी संख्या में लोग शहर की शोर-शराबे वाली जिंदगी से दूरी बनाकर सुकून के पल बिताने के लिए ग्रामीण इलाकों का रुख करते हैं. हालांकि, कई दशक पहले जब हैदराबाद में फार्महाउस संस्कृति का कोई अस्तित्व नहीं था और यह विचार स्थानीय लोगों के लिए एकदम नया था, तब मोइनाबाद तहसील के अंतर्गत आने वाले मुर्तुज़ागुड़ा गांव में इस परंपरा की नींव रखी गई थी. सानिया मिर्ज़ा टेनिस अकादमी के पास स्थित चार एकड़ का यह विशाल परिसर मुश्ताक परिवार के स्वामित्व में है, जिसके संस्थापक मुश्ताक हुसैन थे. यह ऐतिहासिक संपत्ति केवल सप्ताहांत बिताने का एक साधारण ठिकाना मात्र नहीं है, बल्कि यह हैदराबादी इतिहास, अनोखी वास्तुकला और प्राकृतिक वातावरण का एक दुर्लभ संगम प्रस्तुत करती है.

## मैसूर और ऊटी की तर्ज पर पहाड़ी वास्तुकला और फिनलैंड की टाइलें
इस फार्महाउस का खाका तैयार करते समय इसके संस्थापक मुश्ताक हुसैन ने इसे आम कंक्रीट की इमारतों की तरह बनाने के बजाय दक्षिण भारत के मशहूर पहाड़ी स्थानों जैसे मैसूर और ऊटी के कुदरती माहौल से प्रेरणा ली. परिसर के निर्माण में प्राकृतिक सुंदरता को प्राथमिकता दी गई, ताकि यहां आने वाले आगंतुकों को किसी हिल स्टेशन जैसा अनुभव प्राप्त हो सके. फार्महाउस के चारों ओर फैले घने छायादार वृक्ष, हरियाली और खुले रास्ते शहर की भागदौड़ से राहत प्रदान करते हैं. केवल वास्तुकला ही नहीं, बल्कि इसके निर्माण में प्रयुक्त सामग्री भी काफी विशिष्ट है. भवन की ढलावदार छतों पर इस्तेमाल की गई पारंपरिक टाइलें खास तौर पर यूरोपीय देश फिनलैंड से आयात की गई थीं. इसके अतिरिक्त, कमरे और बरामदों में रखा गया नक्काशीदार लकड़ी का फर्नीचर भी विदेशी बाजारों से मंगवाया गया था, जो इसके सौंदर्य में चार चांद लगाता है.

## प्रथम निज़ाम से लेकर मीर उस्मान अली खान तक के दुर्लभ तैलचित्र
इस ऐतिहासिक फार्महाउस के आंतरिक हिस्सों में कदम रखते ही हैदराबाद के शाही नवाबी दौर और पारंपरिक निज़ामी तहज़ीब के दर्शन होते हैं. दीवारों पर प्रथम निज़ाम से लेकर अंतिम शासक मीर उस्मान अली खान तक के हाथ से बने दुर्लभ कैनवास तैलचित्रों को प्रदर्शित किया गया है, जो इस परिवार के सांस्कृतिक जुड़ाव और ऐतिहासिक संग्रह को दर्शाते हैं. इसके अलावा, भवन में प्राचीन काल की मूर्तियां, विंटेज कलाकृतियां और बारीक नक्काशी वाले पारंपरिक लकड़ी के दरवाजे लगाए गए हैं. ये सभी सामग्रियां मिलकर इस निजी फार्महाउस को किसी हेरिटेज पैलेस का रूप प्रदान करती हैं, जहां भूतकाल की गौरवशाली परंपराएं आज भी महसूस की जा सकती हैं.

## परिवारों की प्राइवेसी, आधुनिक खेल और 500 लोगों के आयोजन का केंद्र
विंटेज और पारंपरिक स्वरूप के साथ-साथ इस संपत्ति में आधुनिक युग की तमाम सुख-सुविधाओं का समुचित ध्यान रखा गया है. विशेष रूप से महिलाओं और परिवारों की पूर्ण प्राइवेसी और सुरक्षा का ध्यान रखते हुए यहां एक स्विमिंग पूल, आरामदेह कॉटेज, विशाल लिविंग रूम और एक खूबसूरत गज़ीबो का निर्माण किया गया है. खेलकूद और फिटनेस के शौकीन मेहमानों के लिए परिसर में क्रिकेट प्रैक्टिस नेट, वॉलीबॉल कोर्ट और टेबल टेनिस की सुविधा मौजूद है, जबकि बच्चों के मनोरंजन के लिए रंग-बिरंगे झूले लगाए गए हैं. अपनी इन्हीं विशेषताओं के कारण यह हरा-भरा चार एकड़ का फार्महाउस छोटी पारिवारिक छुट्टियों के साथ-साथ लगभग 500 लोगों के बड़े सामाजिक समारोहों और निजी कार्यक्रमों के आयोजन के लिए एक आदर्श स्थान के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है.

## इसका आप पर असर
**भारत में:** यह ऐतिहासिक स्थल दिखाता है कि कैसे समृद्ध विरासत और पर्यावरण के संरक्षण के साथ प्रकृति-आधारित पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है.

**हैदराबाद में:** वीकेंड की तलाश करने वाले स्थानीय लोग और परिवार शहर के पास ऐतिहासिक वातावरण में प्राकृतिक शांति और प्राइवेसी का अनुभव कर सकते हैं.

## सवाल-जवाब

### 1. हैदराबाद का पहला वीकेंड फार्महाउस कहां स्थित है?
यह फार्महाउस हैदराबाद के बाहरी इलाके मोइनाबाद के मुर्तुज़ागुड़ा क्षेत्र में सानिया मिर्ज़ा टेनिस अकादमी के पास स्थित है.

### 2. इस ऐतिहासिक फार्महाउस के संस्थापक कौन थे और यह कितने एकड़ में फैला है?
इसके संस्थापक मुश्ताक हुसैन थे और यह मुश्ताक परिवार का फार्महाउस लगभग चार एकड़ के विशाल भूभाग में फैला हुआ है.

### 3. इस फार्महाउस की वास्तुकला किस शैली से प्रेरित है और छतों के लिए टाइलें कहां से लाई गई थीं?
इसकी वास्तुकला मैसूर और ऊटी जैसे प्रसिद्ध पहाड़ी स्थलों के माहौल से प्रेरित है और इसकी छतों पर लगी पारंपरिक टाइलें फिनलैंड से मंगवाई गई थीं.

### 4. फार्महाउस के अंदर निज़ामी विरासत के कौन से दुर्लभ चित्र और कलाकृतियां मौजूद हैं?
यहां प्रथम निज़ाम से लेकर अंतिम निज़ाम मीर उस्मान अली खान तक के हाथ से बने दुर्लभ तैलचित्र, विंटेज कलाकृतियां, प्राचीन मूर्तियां और नक्काशीदार लकड़ी के दरवाजे मौजूद हैं.

### 5. इस फार्महाउस में कौन-कौन सी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं और कितने लोग जुट सकते हैं?
यहां स्विमिंग पूल, कॉटेज, गज़ीबो, क्रिकेट प्रैक्टिस नेट, वॉलीबॉल कोर्ट, टेबल टेनिस और झूले उपलब्ध हैं, जहां लगभग 500 लोग जुट सकते हैं.

## प्रेरणा और सबक
**प्रेरणादायक सीख:**

- **दूरगामी सोच:** मुश्ताक हुसैन ने उस दौर में वीकेंड फार्महाउस की अवधारणा पर काम किया जब शहर में लोग इससे अनजान थे, जो नई सोच की अहमियत को दर्शाता है.
- **विरासत का संरक्षण:** आधुनिक सुविधाओं के बीच निज़ामी दौर के दुर्लभ तैलचित्रों और कलाकृतियों को सहेजकर इतिहास को जीवित रखा गया.
- **प्रकृति से जुड़ाव:** कंक्रीट के निर्माण के बजाय पेड़-पौधों और प्राकृतिक माहौल को प्राथमिकता देकर पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता जताई गई.

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