# ठंड के मौसम में बालों में हिना लगाने का सही तरीका, सिरदर्द और जुकाम से बचने के जरूरी सुझाव

> सर्दियों में बालों को पोषण और रंग देने के लिए मेंहदी लगाते समय तासीर, समय और घोल की खास देखभाल जरूरी है, ताकि सेहत पर ठंड का बुरा असर न पड़े।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-11-01 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/thnda-ke-mausama-men-balon-men-henna-lagane-ka-sahi-tarika-siradarda-aura-jukama-se-bachane-ke-jaruri-sujhava-54272 · **Language:** Hindi
**Tags:** मेंहदी के नियम, सर्दियों में बालों की देखभाल, हेयर केयर टिप्स, घरेलू नुस्खे, ठंड में हिना

ठंड का आगमन होते ही बालों और सिर की त्वचा को अतिरिक्त हिफाजत की दरकार होती है। बालों को कंडीशन करने, कुदरती रंगत देने और पोषण पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पारंपरिक तौर पर मेंहदी का सहारा लेते हैं। हालांकि सर्दियों के दिनों में इस घरेलू नुस्खे को आजमाते वक्त खास सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी सिरदर्द, गंभीर जुकाम और बालों के अत्यधिक रूखेपन की वजह बन सकती है।

## तासीर ठंडी होने से सेहत पर असर का खतरा
आयुर्वेदिक और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार मेंहदी की प्रकृति शीत यानी ठंडी मानी जाती है। इसी वजह से कम तापमान वाले मौसम में जब इसे सिर पर लगाया जाता है, तो कई लोगों को सिर में तेज ठंडक महसूस होने लगती है। जिन व्यक्तियों को पहले से साइनस, माइग्रेन या बार-बार छींकें व जुकाम होने की तकलीफ रहती है, उन्हें सर्दियों में मेंहदी लगाते वक्त बेहद चौकन्ना रहने की जरूरत होती है। लापरवाही बरतने पर सिर की ठंडक पूरे शरीर में जकड़न पैदा कर सकती है।

## पेस्ट का तापमान और लगाने का सही समय
सर्दियों के महीनों में मेंहदी घोलने के बाद उसे बहुत देर तक किसी ठंडी जगह पर छोड़ देने से उसका तापमान काफी गिर जाता है। सीधे ऐसी ठंडी मेंहदी को स्कैल्प पर लगाने से शरीर को झटका लग सकता है और ठंड बैठ सकती है। इसलिए मिश्रण को हमेशा सामान्य कमरे के तापमान पर ही रखें और बहुत ठंडे हो चुके पेस्ट को सिर पर लगाने से पूरी तरह बचें।

इसके अलावा मेंहदी लगाने की टाइमिंग भी बेहद अहम है। सर्दियों में सुबह या धूप खिली दोपहर का समय इसके लिए सबसे मुफीद रहता है। शाम या रात के समय इसे लगाने की गलती कभी न करें, क्योंकि सूरज ढलने के बाद वातावरण में ठंडक बढ़ जाती है और सिर देर तक गीला रहने से बीमार पड़ने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

## सिर पर रखने की अवधि और सुखाने की प्रक्रिया
गर्मियों के मौसम में लोग अक्सर मेंहदी को 3 से 4 घंटे तक बालों में लगाए रखते हैं, परंतु ठंड में यह आदत सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। गीली मेंहदी को सिर पर ज्यादा देर रखने से शरीर के आंतरिक तापमान में गिरावट आ सकती है। लिहाजा सर्दियों में 1.5 से 2 घंटे के भीतर ही बालों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लेना चाहिए।

बाल धोने के तुरंत बाद उन्हें प्राकृतिक तरीके से अथवा हल्के हेयर ड्रायर की मदद से पूरी तरह सुखा लेना चाहिए। सर्दियों की सर्द हवा में गीले बालों के साथ बाहर निकलना न केवल सर्दी-जुकाम को दावत देता है, बल्कि बालों की जड़ों को भी कमजोर बना सकता है।

## घोल में पौष्टिक तत्वों का मेल और रूखेपन से बचाव
सर्दियों में बालों का रूखा होना एक आम समस्या है। इस मौसम में मेंहदी के घोल में दही मिलाने से परहेज करना चाहिए, क्योंकि दही की तासीर भी ठंडी होती है। इसके बजाय पेस्ट में एलोवेरा जेल, कच्चा अंडा, नारियल तेल या मेथी पाउडर मिलाना बेहतर विकल्प है। ये सामग्रियां बालों को भीतर से नमी प्रदान करती हैं और रूखापन दूर रखती हैं।

यदि किसी नए ब्रांड या नए तरह की मेंहदी का इस्तेमाल किया जा रहा है, तो सिर पर लगाने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना न भूलें। इससे किसी भी तरह की एलर्जी या जलन से बचाव हो जाता है। साथ ही सर्दियों में महीने में केवल एक या दो बार ही मेंहदी का प्रयोग करें, क्योंकि बार-बार इस्तेमाल से बाल जरूरत से ज्यादा बेजान और रूखे हो सकते हैं।

## इसका आप पर असर
सर्दियों में मेंहदी लगाने के तरीकों में जरूरी बदलाव करने से आप ठंड के असर से बचते हुए बालों की प्राकृतिक खूबसूरती बनाए रख सकते हैं।

- **समय का बदलाव:** शाम के बजाय सुबह या दोपहर में ही पेस्ट लगाएं। इससे धूप और सामान्य तापमान के कारण सिर में ठंड बैठने का जोखिम समाप्त हो जाता है।
- **रखने की अवधि:** सिर पर गीला लेप 1.5 से 2 घंटे से अधिक बिल्कुल न रखें। गर्मियों की तरह 3 से 4 घंटे रखने की आदत सिरदर्द और सर्दी-जुकाम दे सकती है।
- **घोल में बदलाव:** दही की जगह नारियल तेल, एलोवेरा जेल या मेथी पाउडर मिलाएं। यह मिश्रण ठंड की तासीर घटाता है और बालों में नमी बरकरार रखता है।
- **इस्तेमाल की सीमा:** ठंड के महीनों में महीने में सिर्फ एक या दो बार ही इसे लगाएं। ज्यादा बार लगाने से बाल अत्यधिक रूखे और बेजान हो सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
मेंहदी की प्राकृतिक शीतलता और सर्दियों के कम तापमान का मेल शरीर के तापमान संतुलन को बिगाड़ सकता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा होती हैं।

- **प्राकृतिक शीतलता:** मेंहदी की बुनियादी तासीर ठंडी होती है। इसे ठंडे मौसम में सिर की त्वचा पर रखने से नसों और स्कैल्प पर ठंडक का सीधा असर पड़ता है।
- **कमरे का गिरता तापमान:** पेस्ट को लंबे समय तक घोलकर रखने से वह कमरे की ठंडक सोख लेता है। सीधे ऐसा अत्यधिक ठंडा मिश्रण स्कैल्प के संपर्क में आने से सिरदर्द की शुरुआत हो जाती है।
- **हवा और गीलापन:** गीले बालों में देर तक रहने और सर्द हवा के संपर्क में आने से शरीर की गर्मी घटती है। यही स्थिति जुकाम, साइनस और माइग्रेन की तकलीफ को ट्रिगर करती है।

## सवाल-जवाब

### 1. सर्दियों में सिर पर मेंहदी कितनी देर तक रखनी चाहिए?
सर्दियों में मेंहदी को केवल 1.5 से 2 घंटे के भीतर ही धो लेना चाहिए, गर्मियों की तरह 3 से 4 घंटे नहीं रखना चाहिए।

### 2. ठंड के मौसम में मेंहदी लगाने का सबसे उपयुक्त समय कौन सा है?
सुबह या दोपहर का समय सबसे अच्छा होता है, क्योंकि शाम को सिर देर तक गीला रहने से जुकाम का खतरा बढ़ जाता है।

### 3. सर्दियों में बालों का रूखापन रोकने के लिए मेंहदी में क्या मिलाना चाहिए?
दही की जगह एलोवेरा जेल, अंडा, नारियल तेल या मेथी पाउडर मिलाना चाहिए ताकि बालों को पर्याप्त नमी मिल सके।

### 4. सर्दियों में मेंहदी का इस्तेमाल महीने में कितनी बार करना चाहिए?
महीने में केवल एक या दो बार ही इसका उपयोग पर्याप्त माना जाता है, क्योंकि ज्यादा बार लगाने से बाल अत्यधिक ड्राई हो सकते हैं।

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