# ठंड के मौसम में घर पर ही तैयार करें खस्ता गुड़ और मूंगफली की चिक्की

> सर्दियों के दिनों में बाजार की महंगी मिठाइयों के बजाय घर की रसोई में मौजूद गुड़, मूंगफली और सोंठ से बेहद आसानी से स्वादिष्ट चिक्की बनाई जा सकती है। गोंडा की गृहणी मीरा तिवारी ने इसे सही अनुपात और सही तरीके से तैयार करने की विधि साझा की है।

**Type:** article · **Category:** जीवनशैली · **Published:** 2026-11-03 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/lifestyle/thnda-ke-mausama-men-ghara-para-hi-taiyara-karen-khasta-gura-aura-mungaphali-ki-chikki-55370 · **Language:** Hindi
**Tags:** गुड़ की चिक्की, मूंगफली की चिक्की, गुड़ पट्टी, विंटर रेसिपी, देसी मिठाई, गोंडा

सर्दियों के मौसम की शुरुआत होते ही खानपान में गर्माहट लाने वाली पारंपरिक मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। इस मौसम में गुड़, मूंगफली और सोंठ के मेल से बनी चीजें न केवल स्वाद देती हैं, बल्कि ठंड से राहत दिलाने में भी मददगार मानी जाती हैं। आमतौर पर लोग ऐसी पारंपरिक मिठाइयों के लिए बाजार के डिब्बाबंद उत्पादों पर निर्भर रहते हैं, जो अक्सर महंगे भी होते हैं। हालांकि, बेहद सीमित और सामान्य रसोई सामग्री की मदद से इस लोकप्रिय गुड़ पट्टी को बिना किसी झंझट के अपने घर पर ही ताजा तैयार किया जा सकता है।

## चिक्की तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री का माप
घर पर एकदम कुरकुरी और संतुलित मिठास वाली चिक्की बनाने के लिए सामग्री का सटीक अनुपात बेहद महत्वपूर्ण होता है। गोंडा की रहने वाली गृहणी मीरा तिवारी ने इस पारंपरिक मिष्ठान को तैयार करने की पूरी विधि समझाई है। उनके बताए तरीके के अनुसार, इसके लिए मुख्य रूप से चार चीजों की आवश्यकता होती है। इसमें 250 ग्राम अच्छी गुणवत्ता वाली मूंगफली और ठीक 250 ग्राम गुड़ लिया जाता है। इसके साथ ही स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए आधा छोटा चम्मच सोंठ पाउडर तथा भूनने और चिकनाई देने के लिए एक चम्मच देसी घी की जरूरत पड़ती है।

## मूंगफली की सफाई, सुखाने और भूनने की सही प्रक्रिया
मीरा तिवारी के अनुसार, चिक्की बनाने की शुरुआत हमेशा मूंगफली की तैयारी से करनी चाहिए। सबसे पहले अच्छी किस्म के मूंगफली दानों को चुनकर साफ कर लें, ताकि उसमें किसी तरह की गंदगी या खराब दाने न रहें। साफ करने के बाद मूंगफली को थोड़ी देर धूप में सुखा लेना चाहिए, जिससे उसके भीतर की नमी निकल जाए। इसके बाद गैस पर कड़ाही रखकर उसे गर्म करें और उसमें एक चम्मच देसी घी डालें। घी पिघलने के बाद मूंगफली के दानों को कड़ाही में डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए अच्छी तरह भूनें। जब दाने भुन जाएं, तो उन्हें एक चौड़ी थाली में निकालकर ठंडा होने के लिए अलग रख दें। ठंडा हो जाने के बाद हाथों से मसलकर मूंगफली के सभी छिलके आसानी से अलग कर लिए जाते हैं।

## गुड़ की चाशनी तैयार करना और उसकी सही पहचान
मूंगफली तैयार होने के बाद चाशनी पकाने का काम शुरू होता है। उसी कड़ाही में 250 ग्राम गुड़ डालें और आंच को धीमा रखें। गुड़ को अच्छी तरह पिघलाने के लिए आवश्यकतानुसार बिल्कुल थोड़ा सा पानी डाला जाता है। इसे लगातार करछुल से चलाते रहना चाहिए ताकि गुड़ कड़ाही के तले में चिपककर जले नहीं। चाशनी सही बनी है या नहीं, यह जांचने की एक बेहद सरल विधि है। कटोरी में सामान्य ठंडा पानी लें और उसमें चाशनी की एक बूंद टपकाएं। यदि पानी में गिरते ही चाशनी तुरंत जम जाए और हाथ से छूने पर सख्त महसूस होने लगे, तो यह इस बात का संकेत है कि गुड़ पूरी तरह पक चुका है।

## सामग्री मिलाना, थाली में जमाना और सुरक्षित रखना
जब चाशनी पूरी तरह तैयार हो जाए, तब उसमें भुनी हुई मूंगफली और आधा छोटा चम्मच सोंठ पाउडर मिला दिया जाता है। इस दौरान मिश्रण को तेजी से और अच्छी तरह चलाना जरूरी है, ताकि हर एक मूंगफली के दाने पर गुड़ और सोंठ की परत समान रूप से चढ़ जाए। इसके तुरंत बाद एक बड़ी थाली या समतल प्लेट पर हल्का सा घी लगाकर चिकना कर लें और गर्म मिश्रण को उस पर फैला दें। कुछ समय के लिए इसे सामान्य तापमान पर ठंडा और जमने के लिए छोड़ दिया जाता है। जब पट्टी हल्की सख्त होकर सेट हो जाए, तो चाकू की मदद से अपनी पसंद के अनुसार चौकोर या मनचाहे टुकड़ों में काट लें। पूरी तरह सूखने के बाद इसे किसी एयरटाइट डिब्बे में भरकर कई दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

## इसका आप पर असर
सर्दियों में बाजार की महंगी और मिलावटी मिठाइयों से बचकर घर की रसोई में कम खर्च पर शुद्ध पारंपरिक गुड़ पट्टी तैयार करने का व्यावहारिक तरीका सामने आया है।

- **घरेलू बजट पर असर:** बाजार में मिलने वाली तैयार चिक्की के मुकाबले घर पर केवल 250 ग्राम मूंगफली और गुड़ से इसे बनाने में काफी कम खर्च आता है। इससे परिवार के लिए शुद्ध और किफायती नाश्ता आसानी से तैयार हो जाता है।
- **ताजगी और शुद्धता:** घर पर बनी इस चिक्की में किसी भी प्रकार के प्रिजर्वेटिव या मिलावट की गुंजाइश नहीं रहती है। ताजा देसी घी, सोंठ और गुड़ का उपयोग इसे ठंड के दिनों में सेहत के लिहाज से सुरक्षित बनाता है।
- **भंडारण की सुविधा:** एक बार तैयार करने के बाद इसे किसी भी साधारण एयरटाइट डिब्बे में रखकर कई दिनों तक इस्तेमाल किया जा सकता है। कामकाजी लोगों या छात्रों के लिए यह यात्रा और काम के दौरान एक सुविधाजनक नाश्ता साबित होता है।
- **तैयारी का आसान समय:** यह पूरी विधि रसोई के सामान्य बर्तनों में बेहद कम समय में पूरी हो जाती है। इसके लिए किसी विशेष उपकरण या हलवाई जैसी जटिल तकनीक की जरूरत नहीं पड़ती है।

## ऐसा क्यों हुआ
सर्दियों के महीनों में शरीर को ठंड से बचाने और त्वरित ऊर्जा पाने के लिए गुड़ और मूंगफली से बने व्यंजनों की मांग स्वभाविक रूप से बढ़ जाती है।

- **पारंपरिक मौसमी प्राथमिकता:** भारतीय घरों में ठंड के दौरान गुड़, सोंठ और मूंगफली जैसी तासीर में गर्म मानी जाने वाली सामग्रियों का सेवन लंबे समय से एक आम चलन रहा है। इसी कारण लोग इस मौसम में विशेष रूप से चिक्की और गुड़ पट्टी बनाना पसंद करते हैं।
- **घर पर बनाने की सुगमता:** बाजार के तैयार उत्पादों की बढ़ती कीमतों और शुद्धता की अनिश्चितता के चलते लोग रसोई में मौजूद सामग्री से खुद चीजें पकाने की ओर रुख करते हैं। केवल चार सुलभ सामग्रियों के मेल से यह व्यंजन सरलता से बन जाता है।
- **सटीक चाशनी की तकनीक:** चिक्की को कुरकुरा बनाने की पूरी सफलता गुड़ के सही तापमान पर पिघलने और जमने की क्षमता पर टिकी होती है। पानी में बूंद डालकर चाशनी की कठोरता जांचने की सरल विधि से बिगड़ने का जोखिम खत्म हो जाता है।

## सवाल-जवाब

### 1. गुड़ और मूंगफली की चिक्की बनाने के लिए कितनी सामग्री की जरूरत होती है?
इस रेसिपी के लिए 250 ग्राम मूंगफली, 250 ग्राम गुड़, आधा छोटा चम्मच सोंठ पाउडर और एक चम्मच देसी घी की आवश्यकता होती है।

### 2. मूंगफली भूनने से पहले क्या करना चाहिए?
मूंगफली को सबसे पहले अच्छी तरह साफ करके धूप में सुखा लेना चाहिए, जिससे उसकी नमी खत्म हो सके।

### 3. गुड़ की चाशनी सही बनी है या नहीं, इसकी जांच कैसे करें?
चाशनी की एक बूंद ठंडे पानी में डालकर देखें; अगर वह तुरंत जमने लगे और सख्त हो जाए तो चाशनी तैयार मानी जाती है।

### 4. तैयार चिक्की को कितने समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है?
पूरी तरह जमने और कटने के बाद चिक्की को एक एयरटाइट डिब्बे में बंद करके कई दिनों तक खाया जा सकता है।

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