त्योहारी मौसम में घर की चौखट पर सजाएं पांच खास पौधे, बढ़ेगी हरियाली और खुशहाली दीपावली की तैयारियों के बीच मुख्य द्वार और आंगन में पांच विशेष पौधे लगाने की सलाह दी गई है, जो घर की सुंदरता निखारने के साथ सकारात्मक वातावरण भी बनाते हैं। त्योहारी सीजन दस्तक देते ही घरों में लिपाई-पुताई, साफ-सफाई और सजावट का दौर तेज हो जाता है। दीपावली की रौनक केवल रंग-रोगन और दीयों तक सीमित नहीं है, बल्कि चौखट पर हरियाली जोड़ना भी परंपरा का सुंदर हिस्सा माना जाता है। समस्तीपुर के पर्यावरण कार्यकर्ता वशिष्ठ राय के अनुसार, इस पर्व पर घर के मुख्य प्रवेश द्वार, आंगन या बालकनी में पांच विशेष पौधे लगाना अत्यंत लाभकारी साबित हो सकता है। यह न केवल रिहायशी स्थान को देखने में आकर्षक बनाते हैं, बल्कि परिवेश को ताजगी देकर जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाते हैं। तुलसी और शमी से महकेगी मुख्य चौखट पर्यावरण कार्यकर्ता वशिष्ठ राय ने सबसे पहले तुलसी के महत्व को रेखांकित किया। भारतीय जीवनशैली और संस्कृति में तुलसी को बेहद पवित्र तथा कल्याणकारी माना गया है। इसकी महत्ता केवल आध्यात्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि आयुर्वेद की दृष्टि से भी इसे अतुलनीय स्थान प्राप्त है। तुलसी के तने और पत्तियों से लेकर उसकी जड़ तक में स्वास्थ्यवर्धक तत्व मौजूद होते हैं, जो घर के वातावरण को शुद्ध रखने में मदद करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने शमी के पौधे को घर के सामने स्थान देने पर बल दिया। पारंपरिक विश्वासों के मुताबिक शमी का पौधा जीवन में मंगलकारी प्रभाव और सम्पन्नता लाता है। मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास रखा शमी का पौधा पूरे घर की बाहरी शोभा को भव्य रूप देता है। हालांकि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसके फलने-फूलने के लिए समुचित धूप, हवा और नियमित पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करना भी अनिवार्य होता है। मनी प्लांट, गेट फ्लावर और लकी बैम्बू से आएगी रौनक तीसरे विकल्प के रूप में वशिष्ठ राय ने मनी प्लांट लगाने का सुझाव दिया। आम धारणा में मनी प्लांट को आर्थिक खुशहाली और निरंतर वृद्धि का परिचायक माना जाता है। इसे कम देखभाल में भी आसानी से पनपाया जा सकता है। चौथे पायदान पर उन्होंने गेट फ्लावर का उल्लेख किया, जो अपने फूलों से प्रवेश द्वार की शोभा कई गुना बढ़ा देता है और आने-जाने वालों का मन मोह लेता है। पांचवें पौधे के रूप में लकी बैम्बू को शामिल किया गया है। इसे पारंपरिक मिट्टी के गमले में लगाने के अतिरिक्त कांच के पारदर्शी पात्र में ताजा पानी भरकर भी सुरक्षित रखा जा सकता है। वशिष्ठ राय ने लकी बैम्बू को घर के दक्षिण-पूर्व कोने में रखने का परामर्श दिया, क्योंकि वास्तु शास्त्र की मान्यताओं में इस दिशा को समृद्धि और उन्नति से जोड़कर देखा जाता है। सीमित जगह में भी गमलों से जोड़ें हरियाली अगर मकान में बड़ा आंगन या कच्ची जमीन उपलब्ध नहीं है, तो भी चिंता की आवश्यकता नहीं है। इन पांचों पौधों को छोटे आकार के गमलों में बालकनी, खिड़की की मुंडेर या चौखट के दोनों तरफ सुविधानुसार सजाया जा सकता है। वशिष्ठ राय का मानना है कि त्योहार की खुशी केवल सजावटी रोशनी और दियों तक सीमित न रखकर प्रकृति से जुड़ने का जरिया भी बननी चाहिए। साफ-सफाई के बाद थोड़ी सी हरियाली पूरे आवास को सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर कर देती है। इसका आप पर असर दीपावली की सजावट में इन पांच पौधों को शामिल करने से घर की सुंदरता बढ़ने के साथ हवा और वातावरण भी शुद्ध होता है। • भारत में: त्योहारों पर कृत्रिम सजावट के बजाय जीवित पौधे लगाना पर्यावरण संरक्षण और घरेलू हरियाली को बढ़ावा देता है। इससे कम खर्च में मुख्य द्वार को सुरुचिपूर्ण और आकर्षक स्वरूप दिया जा सकता है। • समस्तीपुर में: स्थानीय निवासियों के लिए आंगन या बालकनी में छोटे गमलों का उपयोग सीमित स्थान में हरियाली तैयार करने का व्यावहारिक तरीका है। स्थानीय नर्सरियों से ये पौधे आसानी से प्राप्त कर घर के परिवेश को हरा-भरा बनाया जा सकता है। • रखरखाव पर: इन पौधों को नियमित धूप और संतुलित पानी की आवश्यकता होती है। इनकी देखरेख में प्रतिदिन केवल पांच से दस मिनट का समय देकर लंबे समय तक हरियाली बनाए रखी जा सकती है। • वास्तु व दिशा पर: लकी बैम्बू जैसे पौधों को दक्षिण-पूर्व कोने में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार माना जाता है। सही दिशा में रखे गए पौधे घर के आंतरिक सौंदर्य को भी व्यवस्थित करते हैं। ऐसा क्यों हुआ त्योहारों पर लोग अपने घरों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के प्रयास में प्राकृतिक हरियाली और पारंपरिक मान्यताओं को प्राथमिकता दे रहे हैं। • सफाई और सजावट की परंपरा: दीपावली से पूर्व घरों में व्यापक सफाई की जाती है, जिसके बाद नए पौधे लगाना नवजीवन और ताजगी का प्रतीक बनता है। यह परंपरा प्राचीन काल से स्वच्छ परिवेश से जुड़ी रही है। • धार्मिक व आयुर्वेदिक महत्व: तुलसी और शमी जैसे पौधों को भारतीय संस्कृति में पवित्र माना गया है, साथ ही आयुर्वेद में इनके औषधीय गुणों को स्वीकार किया गया है। यह दोहरी उपयोगिता इन्हें आवासीय चौखटों के लिए सबसे लोकप्रिय विकल्प बनाती है। • आधुनिक अपार्टमेंट जीवन: सीमित जमीन और शहरीकरण के दौर में गमलों और पानी में पनपने वाले लकी बैम्बू व मनी प्लांट लोगों को बिना किसी झंझट के प्रकृति से जुड़े रहने का सुलभ मार्ग प्रदान करते हैं। सवाल-जवाब 1. पर्यावरण कार्यकर्ता वशिष्ठ राय ने मुख्य द्वार के लिए किन पांच पौधों की सिफारिश की? उन्होंने मुख्य द्वार और आंगन के लिए तुलसी, शमी, मनी प्लांट, गेट फ्लावर और लकी बैम्बू लगाने की सलाह दी है। 2. तुलसी के पौधे को घरों में क्यों खास स्थान दिया जाता है? तुलसी को धार्मिक रूप से अत्यंत पवित्र माना जाता है और आयुर्वेद के अनुसार इसकी जड़ से पत्तियों तक में औषधीय गुण होते हैं। 3. शमी के पौधे को दरवाजे पर लगाने का क्या महत्व बताया गया है? धार्मिक मान्यताओं में शमी को सुख-समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है, जो घर के मुख्य द्वार की सुंदरता भी बढ़ाता है। 4. लकी बैम्बू को रखने के लिए कौन सी दिशा उत्तम बताई गई है? वास्तु मान्यताओं के अनुसार लकी बैम्बू को घर के दक्षिण-पूर्व कोने में रखना सबसे लाभकारी और समृद्धिदायक माना गया है। 5. क्या कच्ची जमीन के बिना भी इन पौधों को आसानी से उगाया जा सकता है? हां, यदि जमीन उपलब्ध न हो तो इन्हें छोटे गमलों अथवा लकी बैम्बू को कांच के पानी वाले बर्तन में भी लगाया जा सकता है। https://trendkia.com/lifestyle/tyohari-mausama-men-ghara-ki-chaukhata-para-sajaen-pancha-khasa-paudhe-barhegi-hariyali-aura-khushahali-55008 TrendKia — Har trend, sabse pehle.