त्योहारी सीजन में भोजन का स्वाद दोगुना करेगी कमलगट्टे की मसालेदार सब्जी, जानें पूरी रेसिपी दिवाली के मौके पर बाजारों में कमलगट्टे की आवक तेज हो गई है, जिससे घर के सामान्य मसालों से बेहद स्वादिष्ट पारंपरिक सब्जी बनाई जा सकती है। भीलवाड़ा जिले के आसींद की आरती कुमारी ने इसकी आसान विधि साझा की है। दीपावली का पावन पर्व आते ही स्थानीय हाट-बाजारों और मंडियों में विशेष मौसमी सामग्रियों की रौनक बढ़ जाती है। इसी समय सब्जी मंडियों में ताजा कमलगट्टे की भरपूर आवक देखने को मिलती है, जिसे लोग बड़े चाव से खरीदकर अपने घरों में तरह-तरह के पकवान और जायकेदार सब्जियां बनाते हैं। कमलगट्टे की सब्जी स्वाद के मामले में काफी लाजवाब मानी जाती है। पारंपरिक घरेलू मसालों के साथ देसी तरीके से पकाई गई यह सब्जी खाने की थाली का आकर्षण बढ़ा देती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे पकाने में न तो बहुत ज्यादा मेहनत लगती है और न ही किसी दुर्लभ मसाले की जरूरत पड़ती है। पर्व के खास माहौल में जब रोजमर्रा की सामान्य सब्जियों से हटकर कुछ अलग और लजीज परोसने का मन हो, तो यह एक बेहतरीन विकल्प साबित होती है। त्योहारी मांग और जरूरी सामग्री भीलवाड़ा जिले के आसींद की आरती कुमारी के अनुसार, दीपावली के समय जहां एक तरफ पूजन के लिए कमल के फूलों की सबसे ज्यादा आवक और मांग रहती है, वहीं दूसरी तरफ कमलगट्टों की भी भारी मांग देखी जाती है। रसोई में रखे बुनियादी मसालों के साथ ही इसकी स्वादिष्ट सब्जी तैयार की जा सकती है। इस व्यंजन को पकाने के लिए जिन चीजों की आवश्यकता होती है, उनकी सूची इस प्रकार है • कमलगट्टे: मुख्य सामग्री के रूप में जरूरत अनुसार ताजे कमलगट्टे। • बारीक कटा प्याज: दो मध्यम आकार के प्याज, बारीक कटे हुए। • टमाटर: दो पके हुए टमाटर, बारीक कटे हुए। • अदरक-लहसुन का पेस्ट व हरी मिर्च: स्वाद और तीखेपन के लिए। • सूखे मसाले: जीरा, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला और स्वादानुसार नमक। • अन्य: पकाने के लिए कुकिंग तेल और गार्निशिंग के लिए बारीक कटा ताजा हरा धनिया। पकाने की पूरी विधि और तैयारी इस सब्जी को तैयार करने की शुरुआत कमलगट्टों की सफाई से होती है। कमलगट्टों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। यदि दाने या गट्टे सख्त महसूस हों, तो उन्हें प्रेशर कुकर में पर्याप्त पानी और थोड़ा सा नमक डालकर उबाल लें, जिससे वे पूरी तरह नरम हो जाएं। अच्छी तरह उबल जाने के बाद अतिरिक्त पानी छानकर अलग रख लें। इसके बाद एक कड़ाही में तेल डालकर गर्म करें। गर्म तेल में सबसे पहले जीरा डालें। जब जीरा चटकने लगे, तब कड़ाही में बारीक कटा प्याज डालें और धीमी से मध्यम आंच पर सुनहरा भूरा होने तक भूनें। प्याज भुन जाने पर अदरक-लहसुन का पेस्ट और कटी हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड तक पकाएं ताकि उनका कच्चापन निकल जाए। अब इस मिश्रण में कटे हुए टमाटर शामिल करें। साथ ही हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और स्वादानुसार नमक डालें। पूरे मसाले को तब तक अच्छी तरह भूनते रहें जब तक कि ग्रेवी के किनारों से तेल अलग न दिखने लगे। जब मसाला पूरी तरह पक जाए और तेल छोड़ने लगे, तब इसमें पहले से उबाले हुए कमलगट्टे डाल दें। दम पर पकाना और परोसने का तरीका उबले हुए कमलगट्टे डालने के बाद चमचे से सभी सामग्रियों को आपस में अच्छी तरह मिला लें। ग्रेवी को जितनी गाढ़ी या पतली रखनी हो, उसी आवश्यकता के अनुसार इसमें थोड़ा पानी मिलाएं। अब कड़ाही पर ढक्कन लगा दें और धीमी आंच पर कुछ मिनट तक पकने दें ताकि कमलगट्टे मसालों का स्वाद पूरी तरह सोख लें। सब्जी अच्छी तरह पक जाने पर गैस बंद कर दें। ऊपर से गरम मसाला पाउडर छिड़कें और बारीक कटे ताजे हरे धनिए की पत्तियां डालकर मिला दें। आपकी गरमागरम मसालेदार कमलगट्टे की सब्जी तैयार है। इसे त्योहार की थाली में फूली हुई पूरियों, खस्ता पराठों या फिर गरमागरम चपातियों के साथ परोसा जा सकता है। दीपावली पर घर आने वाले मेहमानों के भोजन में यह पारंपरिक व्यंजन एक नया और अनोखा स्वाद जोड़ देता है। इसका आप पर असर दीपावली के दौरान सब्जियों की बढ़ी कीमतों और रोजमर्रा के मेनू में बदलाव चाहने वाले परिवारों के लिए यह एक किफायती व स्वादिष्ट मौसमी विकल्प प्रस्तुत करता है। • भारत में: त्योहारी सीजन में हर साल कमल के फूलों और कमलगट्टों की उपलब्धता बढ़ जाती है, जिससे लोग विशेष घरेलू सामग्री का आनंद ले सकते हैं। बिना किसी महंगे या बाजारू मसाले के सामान्य घर के मसालों से इसे तैयार कर बजट नियंत्रित रखा जा सकता है। • भीलवाड़ा में: स्थानीय सब्जी मंडियों में ताजा कमलगट्टे उपलब्ध होने से आसींद और आसपास के क्षेत्रों के खरीदारों को ताजी उपज मिल रही है। यह स्थानीय किसानों और विक्रेताओं के लिए इस मौसम में अतिरिक्त बिक्री का अवसर पैदा करता है। • त्योहारी मेहमाननवाज़ी: दिवाली पर घर आने वाले अतिथियों के लिए सामान्य पनीर या मटर की जगह यह एक नया पारंपरिक स्वाद प्रदान करता है। इसे पूरी या पराठे के साथ परोसकर सामान्य भोजन को उत्सव का रूप दिया जा सकता है। • किफायती तैयारी: इस रेसिपी में केवल दो प्याज, दो टमाटर और बुनियादी मसालों की आवश्यकता होती है। गृहिणियां कम खर्च और कम समय में इसे आसानी से पका सकती हैं। ऐसा क्यों हुआ दीपावली के समय कमल के फूलों और बीजों की मांग और आवक दोनों चरम पर पहुंच जाती हैं, जिससे मंडियों में यह मौसमी बदलाव देखने को मिलता है। • धार्मिक पूजन और मांग: दीपावली पर देवी लक्ष्मी के पूजन के लिए कमल के फूलों की देशव्यापी मांग रहती है। फूलों की बड़े पैमाने पर कटाई के साथ ही कमल के ताजे बीज यानी कमलगट्टे भी मंडियों में बहुतायत से पहुंचने लगते हैं। • मौसमी उपलब्धता: शरद ऋतु और त्योहारों का समय जलस्रोतों से कमल के फलों व बीजों को निकालने का मुख्य मौसम होता है। इसी प्राकृतिक चक्र के कारण अक्टूबर और नवंबर के महीनों में इनकी ताजा आपूर्ति संभव होती है। • पारंपरिक उपयोग: ग्रामीण और अर्ध-शहरी अंचलों में कमलगट्टे को सुखाकर और ताजा दोनों रूपों में भोजन में शामिल करने की पुरानी परंपरा रही है। त्योहारों पर विशेष पकवान बनाने के चलन ने इसकी मांग को और सुदृढ़ किया है। सवाल-जवाब 1. कमलगट्टे की सब्जी बनाने के लिए मुख्य सामग्री क्या है? इस सब्जी को कमलगट्टे, दो बारीक कटे प्याज, दो टमाटर, अदरक-लहसुन पेस्ट, हरी मिर्च, जीरा और सामान्य घरेलू पिसे मसालों से बनाया जाता है। 2. यदि कमलगट्टे सख्त हों तो क्या करना चाहिए? यदि कमलगट्टे सख्त हैं, तो उन्हें कुकर में पानी और थोड़ा नमक डालकर उबाल लेना चाहिए ताकि वे पूरी तरह नरम हो जाएं। 3. मसाला भूनते समय कमलगट्टे कब डालने चाहिए? जब प्याज, टमाटर और मसाले अच्छी तरह भुन जाएं और कड़ाही में तेल छोड़ने लगें, तब उबले हुए कमलगट्टे डालने चाहिए। 4. कमलगट्टे की सब्जी को किन चीजों के साथ परोसा जाता है? इसे गर्मागर्म रोटी, पराठे या पूरी के साथ परोसा जा सकता है। 5. यह रेसिपी किस क्षेत्र के संदर्भ में साझा की गई है? यह जानकारी राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के आसींद की आरती कुमारी द्वारा साझा की गई है। https://trendkia.com/lifestyle/tyohari-sijana-men-bhojana-ka-svada-doguna-karegi-kamalgatta-ki-masaledara-sabji-janen-puri-recipe-54458 TrendKia — Har trend, sabse pehle.