व्यस्त दिनचर्या में भी मिलेगा भरपूर पोषण, दफ्तर के लिए तैयार करें 5 आसान हाई-प्रोटीन लंच विकल्प कामकाज की आपाधापी में बाहर का खाना खाने की मजबूरी से बचने के लिए मूंग दाल चीला, पनीर रोल और सोया पुलाव जैसे पौष्टिक टिफिन विकल्प बेहतर ऊर्जा बनाए रखने में मदद करते हैं। कामकाज की आपाधापी और दफ्तर के कड़े समय सारिणी के बीच रोजाना दोपहर के भोजन को लेकर फैसला करना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। सुबह की हड़बड़ाहट और वक्त की कमी की वजह से कई लोग अक्सर बाहर से फास्ट फूड मंगा लेते हैं या फिर जल्दबाजी में ऐसा भोजन चुनते हैं जिसमें जरूरी पोषक तत्वों की भारी कमी होती है। दोपहर के भोजन के लिए असल में ऐसे विकल्पों की दरकार होती है जो आसानी से और कम समय में तैयार हो जाएं, टिफिन के डिब्बे में आराम से पैक किए जा सकें और खाने के बाद घंटों तक ऊर्जा बनाए रखें। प्रोटीन शरीर के रखरखाव और ऊर्जा स्तर को स्थिर रखने के लिए बेहद जरूरी माना जाता है, इसलिए इसे दैनिक खानपान का अनिवार्य हिस्सा बनाना स्वास्थ्य के लिहाज से काफी फायदेमंद रहता है। अपनी जीवनशैली को संतुलित रखने के लिए दोपहर के भोजन में पांच सरल और उच्च प्रोटीन युक्त विकल्पों को शामिल किया जा सकता है। मूंग दाल का चीला और दही का हल्का मेल दफ्तर के भोजन के लिए मूंग दाल से तैयार चीला एक बेहतरीन, स्वादिष्ट और सुपाच्य साधन साबित होता है। इसे बनाने की प्रक्रिया काफी सरल है; भीगी हुई मूंग दाल को महीन पीसकर गाढ़ा घोल बना लिया जाता है, फिर उसमें बारीक कटी मनपसंद मौसमी सब्जियां और हल्के मसाले मिलाए जाते हैं। इस घोल को तवे पर कम चिकनाई में अच्छी तरह सेंक कर स्वादिष्ट नमकीन पैनकेक के रूप में तैयार किया जाता है। टिफिन में इस चीले के साथ ताजा सादा दही पैक करना भोजन को संपूर्ण बनाता है। यह तालमेल शरीर को जरूरी प्रोटीन प्रदान करता है, पेट पर भारी भी नहीं पड़ता और दोपहर के काम के दौरान सुस्ती आने से रोकता है। ताजा सब्जियों से भरपूर गेहूं का पनीर रोल पनीर को शाकाहारी आहार में प्रोटीन का प्रमुख आधार माना जाता है और इसे टिफिन के अनुकूल बनाना बेहद आसान है। साबुत गेहूं के आटे से बनी सादी रोटी में कम तेल में हल्की पकी शिमला मिर्च, बारीक गाजर, खीरा और पनीर के टुकड़े लपेटकर एक पौष्टिक रोल तैयार किया जा सकता है। स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें हल्के घरेलू मसालों का इस्तेमाल करें। इस रोल को बहुत ही कम तेल में हल्का सेंका जाता है ताकि यह सेहतमंद रहे और डेस्क पर बैठकर खाने में भी पूरी तरह सुविधाजनक साबित हो। पौष्टिक छोले, साबुत अनाज और सलाद छोले वनस्पति आधारित प्रोटीन के साथ-साथ प्राकृतिक फाइबर का समृद्ध स्रोत होते हैं। कम तेल और सामान्य घरेलू मसालों में तैयार किए गए छोले को पके हुए चावल के साथ आसानी से टिफिन में ले जाया जा सकता है। बेहतर पोषण मूल्य के लिए साधारण सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस या अन्य साबुत अनाजों का चयन किया जा सकता है। इसके साथ खीरा, टमाटर और प्याज से बना ताजा सलाद रखना भोजन को संतुलित बनाता है और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है। रंग-बिरंगी सब्जियों से सजा सोया चंक्स पुलाव सोया चंक्स में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है और जब इसे चावल व सब्जियों के साथ मिलाया जाता है, तो यह एक मुकम्मल पौष्टिक भोजन बन जाता है। इस पुलाव को तैयार करते समय मटर, गाजर, हरी बीन्स और शिमला मिर्च जैसी सब्जियों का समावेश करने से भोजन में प्राकृतिक फाइबर, खनिज और विटामिन की मात्रा बढ़ जाती है। यह एक ऐसा वन-पॉट भोजन है जो टिफिन में ले जाने के लिए बेहद सुगम है और लंबे कार्य दिवस के दौरान मांसपेशियों की मजबूती और शारीरिक ऊर्जा को बनाए रखने में कारगर रहता है। दाल, रोटी, मौसमी सब्जी और छाछ का पारंपरिक थाल पारंपरिक दाल, रोटी और मौसमी हरी सब्जी का संयोजन कभी भी गलत साबित नहीं होता और यह काम पर ले जाने के लिए हमेशा से एक आजमाया हुआ संतुलित भोजन रहा है। मूंग, मसूर, अरहर या चना जैसी विभिन्न दालें दैनिक प्रोटीन की जरूरत को सहजता से पूरा करती हैं। दो रोटियों के साथ एक कटोरी दाल और मनपसंद मौसमी सब्जी का डिब्बा पैक करें। पोषण को और समृद्ध करने के लिए साधारण गेहूं के आटे के स्थान पर मल्टीग्रेन आटे की रोटियां बनाई जा सकती हैं। इसके साथ ताजा दही या एक गिलास ठंडी छाछ शामिल करने से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है और दोपहर के समय शरीर में तरोताजगी बनी रहती है। इसका आप पर असर दफ्तर में पौष्टिक दोपहर का भोजन अपनाने से रोजमर्रा के स्वास्थ्य और खर्च पर सीधा अनुकूल प्रभाव पड़ता है। • दैनिक ऊर्जा स्तर: उच्च प्रोटीन वाला दोपहर का भोजन रक्त में शर्करा के स्तर को संतुलित बनाए रखने में मदद करता है। इसके सेवन से दोपहर के भोजन के बाद काम के दौरान आने वाली सुस्ती और थकावट से आसानी से बचा जा सकता है। • मासिक बजट: घर से टिफिन ले जाने से बाहर के रेस्तरां और ऑनलाइन फूड डिलीवरी पर होने वाले नियमित खर्चे में उल्लेखनीय कमी आती है। यह आदत महीने के अंत में कामगारों की अच्छी खासी बचत कराने में सहायक होती है। • पाचन और स्वास्थ्य: संतुलित घर का बना भोजन एसिडिटी, गैस और पेट की भारीपन जैसी दिक्कतों से सुरक्षा प्रदान करता है। घर के कम तेल और ताजी सब्जियों से तैयार भोजन से शरीर को जरूरी फाइबर और खनिज प्राकृतिक रूप से मिलते हैं। • समय की बचत: दोपहर के वक्त भोजन तलाशने या ऑर्डर के इंतजार में लगने वाला समय पूरी तरह बच जाता है। इस बचे हुए खाली समय का उपयोग कर्मचारी दोपहर में मानसिक आराम या हल्की चहलकदमी के लिए कर सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ कामकाजी लोग समय के अभाव और भागदौड़ के कारण अक्सर पोषण से समझौता करते हुए अस्वस्थ भोजन का शिकार बन जाते हैं। • समय की कमी: सुबह जल्दी दफ्तर निकलने की आपाधापी में ज्यादातर लोग जटिल खाना पकाने का समय नहीं निकाल पाते। इसके चलते लोग ऐसे त्वरित खाद्य पदार्थों या बाहर के खाने पर निर्भर हो जाते हैं जिनमें पोषण न के बराबर होता है। • गलत भोजन चयन: बाजार में आसानी से मिलने वाले डिब्बाबंद और जंक फूड में रिफाइंड कार्ब्स और अनहेल्दी फैट अधिक होता है। ऐसे आहार से शरीर को प्रोटीन नहीं मिल पाता और दोपहर में थकान महसूस होने लगती है। • संतुलित योजना का अभाव: भोजन की पूर्व तैयारी न होने से रोजाना टिफिन के लिए फैसले लेना कठिन हो जाता है। सुपाच्य और पहले से सोचे गए प्रोटीन विकल्पों की जानकारी होने से टिफिन तैयार करना आसान हो जाता है। सवाल-जवाब 1. मूंग दाल चीला बनाते समय क्या सावधानियां रखनी चाहिए? मूंग दाल को रात भर या कुछ घंटे पहले भिगोकर पीसें और उसमें सब्जियां मिलाकर कम तेल में तवे पर पकाएं ताकि यह सुपाच्य और पौष्टिक रहे। 2. दफ्तर के लंच में पनीर रोल को कैसे ज्यादा सेहतमंद बनाया जा सकता है? रोल के लिए मैदा की जगह साबुत गेहूं के आटे की रोटी का प्रयोग करें और उसमें शिमला मिर्च, गाजर तथा खीरा जैसी भरपूर कच्ची या हल्की पकी सब्जियां भरें। 3. छोले के साथ कौन से अनाज को टिफिन में शामिल करना बेहतर रहता है? छोले के साथ साधारण सफेद चावल की तुलना में ब्राउन राइस या अन्य साबुत अनाजों का चयन करना फाइबर और पोषण की दृष्टि से अधिक फायदेमंद होता है। 4. दाल और रोटी के पारंपरिक भोजन में पोषण कैसे बढ़ाया जा सकता है? दालों को बारी-बारी से बदलकर बनाएं, साधारण गेहूं के आटे की जगह मल्टीग्रेन आटे की रोटियां चुनें और साथ में दही या छाछ शामिल करें। https://trendkia.com/lifestyle/vyasta-dinacharya-men-bhi-milega-bharapura-poshana-daphtara-ke-lie-taiyara-karen-5-asana-hai-protina-lncha-vikalpa-34819 TrendKia — Har trend, sabse pehle.