यूट्यूब एक्सपर्ट के आसान टिप्स: प्रूनिंग और खास खाद से गुड़हल में आएंगे ढेरों फूल गुड़हल के पौधे में नियमित देखभाल के बावजूद फूल न आने की समस्या से परेशान हैं तो प्रूनिंग और विशेष पोषक तत्वों वाली खाद से पौधे को फिर से फूलों से लदा बनाया जा सकता है। घर में हरा-भरा बगीचा बनाने के शौकीन लोग अपने आशियाने में तरह-तरह के पौधे लगाते हैं, जिनमें खिले हुए सुंदर लाल गुड़हल के फूल हर किसी का मन मोह लेते हैं। हालांकि, नियमित देखभाल के बावजूद कई बार गुड़हल के पौधे में नए फूल आना बंद हो जाते हैं या फिर पौधे की शाखाएं सूखने लगती हैं। ऐसी स्थिति में गार्डनर निराश होने के बजाय सही तकनीकों की मदद से पौधे को दोबारा नया जीवन दे सकते हैं। यूट्यूब चैनल loveforgardening85 पर एक गार्डनिंग एक्सपर्ट ने कुछ खास और बेहद आसान उपाय बताए हैं, जिनसे सूख रहे गुड़हल के पौधे भी लाल-लाल फूलों से लद सकते हैं। सॉफ्ट प्रूनिंग से मिलेगी नई रंगत और शाखाएं अगर गुड़हल की ग्रोथ रुक गई है और उसमें नई पत्तियां या कलियां नहीं निकल रही हैं, तो पौधे की सॉफ्ट प्रूनिंग करना एक बेहतरीन विकल्प है। इस प्रक्रिया में पौधे की सूखी पत्तियों, खराब पत्तों और बेढंग तरीके से बढ़ रही शाखाओं के ऊपरी सिरों को हल्का-हल्का काट दिया जाता है। इस कटाई-छंटाई से न केवल पौधे को सुंदर और संतुलित आकार मिलता है, बल्कि नई शाखाओं का फुटाव भी बहुत तेजी से होने लगता है। जितनी ज्यादा नई शाखाएं निकलेंगी, पौधे पर कलियों और फूलों की संख्या भी उतनी ही अधिक होगी। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यदि पौधे पर पहले से ही फूल आ रहे हों, तो उस समय प्रूनिंग बिल्कुल न करें। पोषक तत्वों से भरपूर विशेष फर्टिलाइजर करें तैयार पौधे की तेजी से ग्रोथ और लगातार फूल पाने के लिए उसे सही पोषण देना बेहद आवश्यक होता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, एक असरदार खाद बनाने के लिए सीवीड के साथ आधा चम्मच जाइम, आधा चम्मच पोटाश और आधा चम्मच एप्सम साल्ट को एक साथ अच्छी तरह मिला लें। यह मिश्रण पौधे की जड़ों तक आवश्यक पोषक तत्व पहुंचाकर उसे मजबूती प्रदान करता है। खाद डालने की सही विधि और जरूरी सावधानियां इस फर्टिलाइजर का इस्तेमाल करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना जरूरी है। खाद डालने से ठीक पहले गमले की मिट्टी को अच्छी तरह साफ कर लें। मिट्टी हल्की गीली होनी चाहिए ताकि पोषक तत्व आसानी से सोखे जा सकें। एक गुड़हल के पौधे के लिए तीन से चार चम्मच खाद की खुराक पर्याप्त मानी जाती है। इस प्रक्रिया को महीने में केवल एक बार ही दोहराना चाहिए। इसके अलावा, एक और मुख्य नियम यह है कि खाद को हमेशा शाम के समय ही पौधों में डालें, जिससे पौधे पर तेज धूप और गर्मी का दुष्प्रभाव न पड़े। इसका आप पर असर होम गार्डनर्स के लिए: कम खर्च में तैयार पोषक खाद और सही समय पर प्रूनिंग करके आप बिना नए पौधे खरीदे अपने पुराने गुड़हल को साल भर फूलों से लदा रख सकते हैं। सवाल-जवाब 1. गुड़हल के पौधे की सॉफ्ट प्रूनिंग कब नहीं करनी चाहिए? अगर गुड़हल के पौधे में पहले से फूल या कलियां आ रही हों, तो उस समय पौधे की प्रूनिंग नहीं करनी चाहिए। 2. गुड़हल के लिए विशेष खाद बनाने में कौन-सी चीजें मिलाई जाती हैं? खाद बनाने के लिए सीवीड में आधा चम्मच जाइम, आधा चम्मच पोटाश और आधा चम्मच एप्सम साल्ट मिलाया जाता है। 3. गुड़हल के पौधे में यह खाद कितनी मात्रा में और कितनी बार डालनी चाहिए? एक पौधे में तीन से चार चम्मच खाद महीने में केवल एक बार ही डालनी चाहिए। 4. खाद डालते समय मिट्टी की स्थिति और समय क्या होना चाहिए? खाद डालते समय मिट्टी हल्की गीली होनी चाहिए और खाद हमेशा शाम के समय ही देनी चाहिए। https://trendkia.com/lifestyle/youtube-eksaparta-ke-asana-tipsa-pruninga-aura-khasa-khada-se-gurahala-men-aenge-dheron-phula-11983 TrendKia — Har trend, sabse pehle.