आगर मालवा में ईंट भट्ठा मालिकों से 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी, यूपी से गिरफ्तार हुआ सरगना आफताब आगर मालवा पुलिस ने ईंट भट्ठों के लिए मजदूर मुहैया कराने का झांसा देकर 45 लाख रुपये ऐंठने वाले आरोपी आफताब को उत्तर प्रदेश से पकड़ा है। आरोपी के पास से 20 लाख रुपये नकद और 5 लाख रुपये का चेक बरामद किया गया है। मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले में ईंट भट्ठा संचालकों के साथ हुई लाखों रुपये की ठगी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश में दबिश देकर इस पूरे फर्जीवाड़े के मुख्य सूत्रधार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने भट्ठों पर काम करने के लिए मजदूर उपलब्ध कराने का झूठा वादा किया था और कई कारोबारियों को अपनी ठगी का शिकार बनाया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से बड़ी मात्रा में नकद रकम और चेक भी जब्त किए हैं। इस मामले में शामिल एक अन्य सह-आरोपी की तलाश लगातार जारी है। उत्तर प्रदेश के अमरोहा से पकड़ा गया मास्टरमाइंड पुलिस को मिली तकनीकी जानकारी और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से आरोपी की सटीक मौजूदगी का पता चला था। इसके बाद गठित पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में छापेमारी की। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी की पहचान आफताब के रूप में हुई है, जो अमरोहा के सदर कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित दानिश मदान मोहल्ला का निवासी है और उसके पिता का नाम अच्छे खान है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगर मालवा लाया है और उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। भरोसा जीतकर ठगी करने की सोची-समझी रणनीति जांच के दौरान इस फर्जीवाड़े के तौर-तरीकों का पूरा खुलासा हुआ है। आरोपी आफताब अपने एक अन्य साथी के साथ उत्तर प्रदेश से आगर मालवा पहुंचा था। वहां उसने स्थानीय ईंट भट्ठा मालिकों से संपर्क साधा और उन्हें बड़े पैमाने पर मजदूर दिलाने का भरोसा दिया। ईंट भट्ठा उद्योग में मजदूरों की भारी आवश्यकता को देखते हुए कारोबारी उसकी बातों में आ गए। कारोबारियों का विश्वास जीतने के लिए आरोपियों ने शुरुआत में कुछ मजदूर भट्ठों पर काम करने के लिए भेजे भी। जब भट्ठा मालिकों को लगा कि काम सही चल रहा है, तो आरोपियों ने उनसे अग्रिम राशि के रूप में मोटी रकम मांग ली। मजदूरों को हटाकर अचानक गायब हुए ठग कारोबारियों ने जैसे ही आरोपियों को अग्रिम भुगतान यानी एडवांस पैसे दिए, उसके तीन से चार दिन बाद ही पूरी साजिश सामने आ गई। आरोपियों ने भट्ठों पर काम कर रहे मजदूरों को अचानक वहां से हटा लिया और नए मजदूर भेजना पूरी तरह बंद कर दिया। इसके बाद आफताब और उसका साथी ली गई रकम लेकर रातों-रात आगर मालवा से फरार हो गए। जब भट्ठा मालिकों ने संपर्क करने की कोशिश की तो आरोपियों के फोन बंद मिले। तब जाकर पीड़ित कारोबारियों को समझ आया कि वे एक बड़े षड्यंत्र का शिकार हो चुके हैं। 45 भट्ठा मालिकों से 45 लाख रुपये की चपत ठगी का अहसास होते ही पीड़ित ईंट भट्ठा संचालकों ने आगर मालवा के कोतवाली थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आपराधिक प्रकरण दर्ज किया और जांच शुरू की। पुलिस जांच में यह बात निकलकर सामने आई कि यह धोखाधड़ी केवल एक या दो लोगों तक सीमित नहीं थी। आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से लगभग 40 से 45 ईंट भट्ठा मालिकों को अपना निशाना बनाया था। सभी पीड़ितों से हड़पी गई कुल रकम का आंकलन लगभग 45 लाख रुपये किया गया है। 25 लाख रुपये का कैश और चेक बरामद मुख्य आरोपी आफताब की गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उसके पास से 20 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा उसके पास से दो चेक भी मिले हैं, जिनमें से एक चेक 5 लाख रुपये का है। इस तरह कुल 25 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति पुलिस जब्त कर चुकी है। पुलिस अधिकारी अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि बाकी बची रकम कहां छिपाई गई है और इस ठगी में कौन-कौन से अन्य लोग शामिल थे। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या इस गिरोह ने अन्य जिलों में भी इसी प्रकार की घटनाओं को अंजाम दिया है। फरार साथी की तलाश और कानूनी प्रक्रिया मामले का दूसरा आरोपी, जिसकी पहचान सलीम के रूप में हुई है, फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस की विशेष टीमें सलीम के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि सलीम की गिरफ्तारी के बाद बाकी की ठगी गई रकम की बरामदगी भी संभव हो सकेगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि वैधानिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अदालत के माध्यम से जब्त की गई रकम पीड़ितों को वापस दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस ने कारोबारियों को सलाह दी है कि किसी भी अनजान लेबर ठेकेदार को बिना लिखित अनुबंध और सत्यापन के भारी रकम एडवांस में न दें। इसका आप पर असर इस घटना से व्यापारिक लेन-देन और मजदूर कांट्रैक्ट में सतर्कता बरतने की आवश्यकता रेखांकित होती है। • भारत में: देश भर के ईंट भट्ठा मालिकों और छोटे उद्यमियों को बिना पुलिस सत्यापन और लिखित दस्तावेज के अनजान ठेकेदारों को अग्रिम राशि देने से बचना चाहिए। इससे व्यापारिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी। • आगर मालवा में: आगर मालवा में पुलिस द्वारा जब्त की गई 25 लाख रुपये की संपत्ति को अदालती प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीड़ित भट्ठा मालिकों को लौटाया जाएगा। स्थानीय कारोबारी अब श्रम अनुबंधों में अधिक सावधानी बरत रहे हैं। ऐसा क्यों हुआ ईंट भट्ठा उद्योग में मौसमी श्रम की भारी मांग का फायदा उठाकर ठगों ने सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया। • प्रारंभिक विश्वास का निर्माण: आरोपियों ने शुरुआत में कुछ मजदूर भेजकर कारोबारियों का भरोसा जीता, जिससे भट्ठा मालिकों ने बिना किसी संदेह के भारी एडवांस राशि दे दी। • अग्रिम भुगतान लेकर फरार होना: जैसे ही 45 लाख रुपये की बड़ी रकम एकत्र हुई, आरोपियों ने मजदूरों को काम से हटा लिया और क्षेत्र से फरार हो गए। • पुलिस की त्वरित तकनीकी जांच: पीड़ितों की शिकायत के बाद पुलिस ने सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए मुख्य आरोपी आफताब की लोकेशन अमरोहा में ट्रैक करके उसे गिरफ्तार कर लिया। सवाल-जवाब 1. आगर मालवा ठगी मामले में मुख्य आरोपी कौन है? मुख्य आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के अमरोहा निवासी आफताब के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 2. ठगों ने ईंट भट्ठा मालिकों से कुल कितने रुपये की धोखाधड़ी की? आरोपियों ने लगभग 40 से 45 ईंट भट्ठा मालिकों से कुल 45 लाख रुपये की ठगी की। 3. पुलिस ने आरोपी के पास से कितनी रकम बरामद की है? पुलिस ने आरोपी से 20 लाख रुपये नकद और 5 लाख रुपये मूल्य का एक चेक, यानी कुल 25 लाख रुपये की संपत्ति बरामद की है। 4. इस मामले का दूसरा आरोपी कौन है और उसकी स्थिति क्या है? मामले का दूसरा आरोपी सलीम है, जो फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। https://trendkia.com/madhya-pradesh/agara-malava-men-inta-bhattha-malikon-se-45-lakha-rupaye-ki-dhokhadhari-up-se-giraphtara-hua-saragana-aftab-52696 TrendKia — Har trend, sabse pehle.