बालाघाट में सिंचाई पाइपलाइन कंपनी के गोदाम में आगजनी, वसूली न मिलने पर छह के खिलाफ मामला दर्ज बालाघाट के लामता क्षेत्र में सिंचाई पाइपलाइन बिछा रही कंपनी के प्लांट में आग लगाने का मामला सामने आया है, जिसमें 9 करोड़ रुपये से ज्यादा का सामान जलकर खाक हो गया और आधा दर्जन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। बालाघाट जिले के लामता थाना क्षेत्र में सरकारी सिंचाई योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने का काम कर रही कंपनी के गोदाम में आग लगाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस घटना ने मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सरकारी योजनाओं के तहत बन रहे ढांचागत निर्माण की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम पंचायत प्रतापपुर के राघोटोला में बने इस प्लांट में रखे करोड़ों रुपये के पाइप और उपकरण जलकर राख हो गए, और इस मामले में बीजेपी से जुड़े जनपद पंचायत सदस्य भुमेंश्वर रजक तथा प्रतापपुर के सरपंच राजेश सिरसाम सहित आधा दर्जन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी गयी है। वसूली की मांग पूरी न होने पर आगजनी का आरोप पुलिस में दी गई शिकायत के मुताबिक, इस प्लांट से लंबे समय से अवैध वसूली की मांग की जा रही थी। घटना वाले दिन भी यह मांग दोहराई गई थी, लेकिन रकम न मिलने पर आरोपियों ने प्लांट को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि क्षेत्र के कुछ शरारती तत्वों ने एक दिन पहले वहां तैनात गार्ड के साथ मारपीट की, उसके ऊपर डीजल उड़ेला और उसके बाद पूरे प्लांट में आग लगा दी। आगजनी में यहां रखे कीमती पाइप के साथ कई जरूरी सामान जलकर खाक हो गया, जिसकी कीमत 9 करोड़ रुपये से ज्यादा बतायी जा रही है। 55 गांवों के 12 हजार किसानों की सिंचाई पर असर दरअसल बालाघाट के लामता क्षेत्र के 55 गांवों में 12 हजार से ज्यादा किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के लिए 175 करोड़ रुपये की पहली लिफ्ट वाटर माइक्रो एरिकेशन सिंचाई योजना चलायी जा रही है। यह योजना अभी अपने आखिरी चरण में है। इसी योजना पर काम कर रही कंपनी ने ग्राम पंचायत प्रतापपुर के राघोटोला में अपना प्लांट बनाया था, जहां बड़ी मात्रा में पाइप, मशीनें और अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही थी। अब आगजनी के बाद इस योजना पर काम प्रभावित होने की आशंका है, जिससे क्षेत्र के किसानों को मिलने वाली सिंचाई पानी की सुविधा पर भी असर पड़ सकता है। पुलिस जांच में जुटी, विधायक ने किया निरीक्षण घटना की शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आ गयी और उसने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने इस मामले में कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में भी लिया है। वहीं मामले की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक मधु भगत और सिंचाई परियोजना से जुड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। विधायक मधु भगत ने इस घटना को लेकर सख्त कार्यवाही की मांग की है। इस आगजनी की वजह से किसानों को मिलने वाली सिंचाई पानी की सुविधा पर असर पड़ा है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भी नाराजगी देखी जा रही है। इसका आप पर असर • भारत में: सरकारी योजनाओं में लगे ठेका कर्मचारियों और कंपनियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होंगे, ऐसी घटनाएं दूसरे राज्यों में चल रही योजनाओं के काम को भी प्रभावित कर सकती हैं। • बालाघाट में: लामता क्षेत्र के 55 गांवों के 12 हजार से ज्यादा किसानों को मिलने वाला सिंचाई का पानी इस आगजनी से प्रभावित हो सकता है, जिससे खेती के काम में देरी की आशंका है। सवाल-जवाब 1. यह घटना कहां हुई? यह घटना बालाघाट के लामता थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत प्रतापपुर के राघोटोला में स्थित पाइपलाइन कंपनी के प्लांट में हुई। 2. किसके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई? बीजेपी से जुड़े जनपद पंचायत सदस्य भुमेंश्वर रजक, प्रतापपुर के सरपंच राजेश सिरसाम सहित आधा दर्जन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। 3. आग लगाने की वजह क्या बतायी जा रही है? आरोप है कि अवैध वसूली की मांग पूरी नहीं होने पर यह घटना अंजाम दी गई। 4. कितने का नुकसान हुआ? प्लांट में रखे पाइप और अन्य सामान मिलाकर 9 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने की बात कही जा रही है। 5. इस सिंचाई योजना से कितने किसान जुड़े हैं? लामता क्षेत्र के 55 गांवों के 12 हजार से अधिक किसान इस 175 करोड़ रुपये की पहली लिफ्ट वाटर माइक्रो एरिकेशन सिंचाई योजना से जुड़े हैं। 6. घटना के बाद क्या कार्रवाई हुई? पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है और मामले की जांच कर रही है, वहीं क्षेत्रीय विधायक मधु भगत और परियोजना अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। https://trendkia.com/madhya-pradesh/balaghat-men-sinchai-paipalaina-knpani-ke-godama-men-agajani-vasuli-na-milane-para-chhaha-ke-khilapha-mamala-darja-4169 TrendKia — Har trend, sabse pehle.