# भोजशाला परिसर के अंदर नमाज पर रोक बरकरार, सुप्रीम कोर्ट ने बाहर खुली जगह देने को कहा

> धार भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को परिसर के भीतर नहीं बल्कि पास की खुली जगह पर शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज की इजाजत दी है, वहीं हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।

**Type:** article · **Category:** मध्य प्रदेश · **Published:** 2026-07-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/madhya-pradesh/bhojashala-parisara-ke-andara-namaja-para-roka-barakarara-supreme-court-ne-bahara-khuli-jagaha-dene-ko-kaha-7615 · **Language:** Hindi
**Tags:** भोजशाला विवाद, सुप्रीम कोर्ट, धार मध्य प्रदेश, नमाज, एएसआई, हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस, मध्य प्रदेश हाई कोर्ट

धार की भोजशाला को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने अहम आदेश दिया है। कोर्ट ने साफ किया है कि भोजशाला परिसर के भीतर शुक्रवार को नमाज अदा करने पर लगी रोक फिलहाल जारी रहेगी, लेकिन मुस्लिम पक्ष को परिसर से सटी एक खुली जगह पर नमाज पढ़ने की व्यवस्था दी जाएगी।

## 1 से 3 बजे तक खुली जगह में नमाज की इजाजत
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि दोनों पक्षों के अधिकारों का ध्यान रखते हुए फिलहाल आवेदक पक्ष यानी मुस्लिम पक्ष को एक ओपन स्पेस मुहैया कराया जाए, ताकि वो शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच नमाज अदा कर सकें। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इसके लिए उचित व्यवस्था और प्रबंधन किया जाए। यानी भोजशाला परिसर के पास एक अलग, नामित क्षेत्र हर शुक्रवार दोपहर के इस दो घंटे के समय के लिए नमाज के वास्ते तय किया जाएगा।

## हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका पर नोटिस
यह आदेश मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष की ओर से दाखिल याचिका पर आया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर केंद्र सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई, हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस और बाकी हिंदू पक्षकारों को नोटिस जारी किया है। अब इस पूरे मामले में अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद होगी, तब तक के लिए कोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था के तौर पर यह आदेश दिया है।

## परिसर के भीतर नमाज पर रोक अभी बरकरार
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसका मतलब है कि भोजशाला परिसर के भीतर शुक्रवार को नमाज अदा करने पर जो पाबंदी पहले से लागू है, वो जारी रहेगी। मुस्लिम पक्ष को परिसर के भीतर नहीं, बल्कि उससे सटी खुली जगह पर ही नमाज पढ़ने की छूट दी गई है।

## एएसआई और कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश
कोर्ट ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण से कहा है कि वो बिना पहले से इजाजत लिए भोजशाला परिसर में किसी तरह का ढांचागत या संरचनात्मक बदलाव नहीं करेगा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि इस दौर में ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाया जाना चाहिए, जिससे इलाके में कानून-व्यवस्था बिगड़े या कोई गड़बड़ी पैदा हो। कोर्ट ने इस संवेदनशील मामले में दोनों पक्षों, यानी हिंदू और मुस्लिम पक्षकारों को संयम बरतने की सलाह भी दी है, ताकि अगली सुनवाई तक माहौल शांत बना रहे।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** देशभर में धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों में कोर्ट किस तरह दोनों पक्षों के अधिकार संतुलित करता है, इसका यह मामला एक नजीर बन सकता है।
- **धार, मध्य प्रदेश में:** भोजशाला परिसर के आसपास रहने वाले और वहां आने-जाने वाले लोगों को हर शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज के लिए तय की गई खुली जगह और उससे जुड़ी सुरक्षा व यातायात व्यवस्था का सामना करना पड़ सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. भोजशाला परिसर कहां स्थित है?
भोजशाला परिसर मध्य प्रदेश के धार में स्थित है।

### 2. सुप्रीम कोर्ट ने क्या आदेश दिया है?
कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि मुस्लिम पक्ष को भोजशाला परिसर से सटी एक खुली जगह हर शुक्रवार दोपहर 1 से 3 बजे के बीच नमाज के लिए दी जाए।

### 3. क्या भोजशाला परिसर के भीतर नमाज अदा की जा सकेगी?
नहीं, परिसर के भीतर शुक्रवार को नमाज पर लगी रोक फिलहाल बरकरार है।

### 4. क्या सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है?
नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।

### 5. इस मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
भोजशाला मामले में अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद होगी।

### 6. सुप्रीम कोर्ट ने किन पक्षों को नोटिस जारी किया है?
कोर्ट ने केंद्र सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस और अन्य हिंदू पक्षकारों को नोटिस जारी किया है।

### 7. एएसआई को क्या निर्देश दिया गया है?
एएसआई से कहा गया है कि वो बिना पूर्व अनुमति के भोजशाला परिसर में कोई ढांचागत या संरचनात्मक बदलाव नहीं करेगा।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._