भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक अभ्यर्थियों का हल्ला बोल, वर्ग-2 और वर्ग-3 में पद बढ़ाने की मांग पर अनिश्चितकालीन धरना मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी पदों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर लगातार चौथे दिन अनिश्चितकालीन धरने पर डटे हुए हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित नीलम पार्क इन दिनों शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों के विरोध प्रदर्शन का प्रमुख केंद्र बन गया है, जहां वर्ग-2 और वर्ग-3 में खाली पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। इस प्रदर्शन का आज चौथा दिन पूरा हो रहा है और सूबे के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में युवा इस आंदोलन में शामिल होने पहुंचे हैं। इस धरने में महिला अभ्यर्थी अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे बैठने को मजबूर हैं। शिक्षक भर्तियों को लेकर चल रहा यह असंतोष केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य हिस्सों जैसे ओडिशा के सरकारी स्कूलों में भी शिक्षकों की भर्ती की मांग को लेकर युवा सड़कों पर उतर चुके हैं। भारी पुलिस बल की तैनाती और बढ़ता तनाव नीलम पार्क में लगातार बढ़ रही अभ्यर्थियों की भीड़ और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और भारी पुलिस बल को मौके पर तैनात किया गया है, जो लगातार हर गतिविधि पर कड़ी नजर रख रहे हैं। इसके साथ ही, साल 2023 में आयोजित हुई शिक्षक भर्ती वर्ग-1 के एक हजार से अधिक वेटिंग सूची के उम्मीदवार भी आज सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। प्रदर्शनकारी युवाओं का आरोप है कि सरकार उनकी लगातार उपेक्षा कर रही है और उनकी पूरी तरह से जायज मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कम पदों पर भर्ती और नवंबर 2025 से जारी संघर्ष आंदोलनकारियों का कहना है कि कुल 8721 पदों की वास्तविक आवश्यकता होने के बावजूद सरकार ने केवल 2901 पदों पर ही शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया पूरी करके इसे अचानक बंद कर दिया, जबकि हजारों की संख्या में योग्य अभ्यर्थी अभी भी वेटिंग लिस्ट में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के ये शिक्षक अभ्यर्थी नवंबर 2025 से ही अलग-अलग चरणों में अपने हक के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस दौरान जनवरी से लेकर जुलाई महीने तक राजधानी भोपाल में विभिन्न प्रकार के विरोध प्रदर्शन, धरने, क्रमिक भूख हड़ताल, सिर के बाल मुंडवाने जैसे अनूठे तरीके और मुख्यमंत्री के नाम अपने खून से पत्र लिखकर विरोध दर्ज कराया जा चुका है। अनशन पर बैठे नरेंद्र राजपूत और प्रशासन की चुप्पी अब 21 अगस्त से नीलम पार्क में शुरू हुआ यह अनिश्चितकालीन धरना इस कदर बढ़ गया है कि इसे पटना के प्रसिद्ध गर्दनी बाग की तर्ज पर नया जंतर-मंतर कहा जाने लगा है। इस धरने के बीच अब आमरण अनशन की शुरुआत भी हो चुकी है, जहां नरेंद्र राजपूत पूरी तरह से अन्न और जल का त्याग कर धरने पर बैठे हुए हैं। हालांकि, इतने लंबे और गंभीर प्रदर्शन के बावजूद सरकार की तरफ से बातचीत के लिए अब तक किसी भी अधिकृत प्रतिनिधि को नहीं भेजा गया है, जिससे छात्रों में शासन-प्रशासन के प्रति गहरी नाराजगी फैलती जा रही है। सरकार को आंदोलन और तेज करने की चेतावनी गुस्साए अभ्यर्थियों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द से जल्द कोई सकारात्मक और अनुकूल निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और भी अधिक व्यापक तथा उग्र रूप दिया जाएगा। उनका साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। इसका आप पर असर भारत में: सरकारी नौकरियों और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर राज्यों में असंतोष बढ़ रहा है। भोपाल में: नीलम पार्क के आसपास स्थानीय यातायात प्रभावित हो सकता है और प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था के चलते आवाजाही में बदलाव देखने को मिल सकता है। सवाल-जवाब 1. भोपाल के नीलम पार्क में शिक्षक अभ्यर्थी क्यों धरना दे रहे हैं? शिक्षक भर्ती के वर्ग-2 और वर्ग-3 में खाली पदों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। 2. नीलम पार्क का यह धरना प्रदर्शन कब से चल रहा है? यह अनिश्चितकालीन धरना 21 अगस्त से नीलम पार्क में लगातार जारी है और आज इसका चौथा दिन है। 3. कितने पदों पर भर्ती होने के बाद प्रक्रिया बंद कर दी गई थी? अभ्यर्थियों के अनुसार 8721 पदों की जरूरत होने के बावजूद सरकार ने केवल 2901 पदों पर भर्ती करके प्रक्रिया बंद कर दी थी। 4. नीलम पार्क में अन्न-जल त्यागकर अनशन पर कौन बैठा है? नीलम पार्क में चल रहे धरने के दौरान नरेंद्र राजपूत अन्न और जल का त्याग करके अनशन पर बैठे हैं। https://trendkia.com/madhya-pradesh/bhopal-ke-neelam-park-men-teacher-aspirants-ka-indefinite-protest-21043 TrendKia — Har trend, sabse pehle.