# भोपाल में लाठीचार्ज पर कार्रवाई के बाद एमबीबीएस इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़कर 21,500 रुपये हुआ, हड़ताल खत्म

> भोपाल में तीन दिनों से प्रदर्शन कर रहे एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल वापस ले ली है। राज्य सरकार ने स्टाइपेंड में लगभग 50 फीसदी की बढ़ोतरी करते हुए इसे 21,500 रुपये प्रति माह कर दिया है। इसके साथ ही सोमवार को हुए लाठीचार्ज मामले में दो पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है।

**Type:** article · **Category:** मध्य प्रदेश · **Published:** 2026-09-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/madhya-pradesh/bhopal-men-lathicharja-para-karravai-ke-bada-mbbs-intarna-ka-staipenda-barhakara-21-500-rupaye-hua-haratala-khatma-30317 · **Language:** Hindi
**Tags:** भोपाल समाचार, एमबीबीएस इंटर्न, स्टाइपेंड बढ़ोतरी, मध्य प्रदेश स्वास्थ्य, जूडा हड़ताल, राजेंद्र शुक्ल, मोहन यादव

भोपाल में मुख्यमंत्री आवास के समीप प्रदर्शन कर रहे एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों की तीन दिवसीय हड़ताल बुधवार को आधिकारिक तौर पर समाप्त हो गई। राज्य सरकार द्वारा इंटर्न के मासिक स्टाइपेंड में लगभग 50 फीसदी की वृद्धि पर सहमति देने के बाद छात्र डॉक्टरों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया। इस फैसले के तहत अब इंटर्न डॉक्टरों को प्रति माह मिलने वाला स्टाइपेंड 14,337 रुपये से बढ़कर लगभग 21,500 रुपये हो जाएगा, जो सीधे तौर पर करीब 7,000 रुपये की मासिक बढ़ोतरी है। इसके साथ ही सोमवार को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों पर वाटर कैनन और लाठीचार्ज के मामले में पुलिस प्रशासन ने त्वरित प्रशासनिक कदम उठाते हुए दो दोषी पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है।

## स्टाइपेंड में 50 फीसदी बढ़ोतरी का फैसला
इंटर्न डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) और मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन (एमटीए) के पदाधिकारी शामिल थे, ने मंत्रालय में उप मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान डॉक्टरों ने अपनी प्रमुख मांगों को विस्तार से रखा। वार्ता के बाद सरकार ने स्टाइपेंड में करीब 50 फीसदी बढ़ोतरी करने की मांग को स्वीकार कर लिया। वर्तमान में इंटर्न डॉक्टरों को 14,337 रुपये प्रति माह मिलते थे, जिन्हें बढ़ाकर अब लगभग 21,500 रुपये किया जा रहा है। स्टाइपेंड बढ़ाने के इस सरकारी आदेश और लिखित आश्वासन के बाद चिकित्सा संगठनों ने संतोष व्यक्त किया और काम पर लौटने की घोषणा की।

## लाठीचार्ज मामले में दो पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
सोमवार को आंदोलनकारी छात्रों पर हुए वाटर कैनन और लाठीचार्ज के मामले की प्राथमिक जांच के बाद पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर आरक्षक कृष्ण दत्त शिवहरे और सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह यादव को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया गया है। जूडा और एमटीए संगठनों ने पुलिस विभाग द्वारा की गई इस अनुशासनात्मक कार्रवाई का स्वागत किया है। संगठनों का कहना था कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे भावी डॉक्टरों पर बल प्रयोग पूरी तरह से अनुचित था।

## स्वास्थ्य मंत्री की प्रेस वार्ता और मुख्यमंत्री के निर्देश
स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सोमवार को घटी घटना को अत्यंत दुखद और निंदनीय करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र अपने परिसर में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे थे और उनके साथ हुए दुर्व्यवहार से राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी काफी नाराज थे। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव भले ही उस समय दुबई के आधिकारिक दौरे पर थे, लेकिन वे वहां से भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए थे। मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बाद ही वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की जांच की और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कदम उठाया। इसके अलावा उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि हड़ताल में शामिल किसी भी एमबीबीएस इंटर्न छात्र के खिलाफ कोई दंडात्मक या अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

## सड़क मार्ग खुला और डॉक्टरों ने जताया आभार
मांगों पर सकारात्मक निर्णय आने के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने मुख्यमंत्री आवास से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित धरना स्थल को खाली कर दिया है। सड़क खाली होने के बाद वहां पिछले दो दिनों से बंद पड़ा आवाजाही का रास्ता पूरी तरह खुल गया है और सामान्य यातायात बहाल हो गया है। धरने के कारण राहगीरों और आम जनता को हुई दो दिनों की असुविधा के लिए इंटर्न डॉक्टरों ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है। 50 फीसदी स्टाइपेंड वृद्धि की घोषणा के बाद सभी इंटर्न डॉक्टरों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी और उन्होंने चिकित्सा सेवाओं को पुनः सुचारू रूप से शुरू कर दिया है।

## इसका आप पर असर
**यह खबर भोपाल और मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों को सीधे प्रभावित करती है।**

- **मध्य प्रदेश में:** एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों को अब प्रतिमाह लगभग 21,500 रुपये का संशोधित स्टाइपेंड मिलेगा, जो पुरानी राशि 14,337 रुपये की तुलना में करीब 7,000 रुपये अधिक है।
- **भोपाल में:** तीन दिनों से जारी हड़ताल समाप्त होने के बाद मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं और ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से सामान्य हो गई हैं।
- **आम शहरवासियों के लिए:** मुख्यमंत्री आवास के समीप 100 मीटर की दूरी वाली मुख्य सड़क से धरना हटने के बाद आवाजाही का रास्ता पूरी तरह खुल गया है और यातायात सुचारू हो गया है।
- **छात्र सुरक्षा के लिए:** शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करने वाले दो पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई से भविष्य के आंदोलनों में प्रशासनिक संवेदनशीलता सुनिश्चित होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों की मांगें लंबे समय से लंबित थीं, और सोमवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग ने इस मामले में त्वरित सरकारी हस्तक्षेप को अनिवार्य बना दिया।

- **स्टाइपेंड संशोधन की मांग:** इंटर्न डॉक्टर 14,337 रुपये के पुराने स्टाइपेंड में 50 फीसदी वृद्धि की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे।
- **पुलिस कार्रवाई से बढ़ा आक्रोश:** सोमवार को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जता रहे छात्रों पर वाटर कैनन और लाठीचार्ज से स्थिति गंभीर हो गई थी।
- **उच्च स्तरीय हस्तक्षेप:** मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दुबई दौरे के दौरान ही मामले का संज्ञान लिया और दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई के साथ स्टाइपेंड बढ़ाने का निर्देश दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का नया स्टाइपेंड कितना तय किया गया है?
एमबीबीएस इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड 50 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 14,337 रुपये से बढ़ाकर लगभग 21,500 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।

### 2. भोपाल में इंटर्न डॉक्टरों ने हड़ताल क्यों शुरू की थी?
डॉक्टर स्टाइपेंड में बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, जो सोमवार को पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और वाटर कैनन के बाद और तेज हो गया था।

### 3. लाठीचार्ज मामले में किन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है?
प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद आरक्षक कृष्ण दत्त शिवहरे और सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह यादव को लाइन अटैच किया गया है।

### 4. क्या प्रदर्शन करने वाले एमबीबीएस छात्रों पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी?
स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन में शामिल किसी भी एमबीबीएस इंटर्न छात्र पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

### 5. क्या मुख्यमंत्री आवास के पास की सड़कें यातायात के लिए खुल गई हैं?
हां, 50 फीसदी स्टाइपेंड बढ़ोतरी का फैसला आने के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने धरना समाप्त कर दिया और सड़क मार्ग पूरी तरह से खोल दिया गया है।

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