# भोपाल में महिला आयोग की जनसुनवाई: पति ने भरे दरबार में पकड़े कान, दो साल के बेटे की खातिर पत्नी ने किया माफ

> मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में 28 मामलों पर विचार किया गया, जिसमें एक पति ने सरेआम अपनी गलती मानकर पत्नी से माफी मांगी। इसके अलावा, एक अधिकारी पत्नी और निजता का उल्लंघन कर वीडियो वायरल करने वाले पति के चौंकाने वाले मामले भी सामने आए।

**Type:** article · **Category:** मध्य प्रदेश · **Published:** 2026-07-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/madhya-pradesh/bhopal-men-mahila-ayoga-ki-janasunavai-pati-ne-bhare-darabara-men-pakare-kana-do-sala-ke-bete-ki-khatira-patni-ne-kiya-mapha-9334 · **Language:** Hindi
**Tags:** महिला आयोग, भोपाल न्यूज़, घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद, दहेज प्रताड़ना, साइबर अपराध

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को राज्य महिला आयोग की ओर से एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस विशेष सत्र के दौरान आयोग के सामने कुल 28 अलग-अलग मामले पेश किए गए। इन शिकायतों में घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, काम की जगह पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न, आपसी पारिवारिक विवाद और साइबर अपराध जैसी गंभीर समस्याएं शामिल थीं। सुनवाई के दौरान आयोग ने पति और पत्नी, दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुना और प्रत्येक मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उचित निर्देश जारी किए। इस दौरान पारिवारिक कलह के कुछ बेहद चौंकाने वाले और भावुक कर देने वाले मामले सामने आए।

## भरे दरबार में पति ने मांगी माफी

जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने वहां मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस मामले की सुनवाई के समय पति को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने महिला आयोग के सदस्यों के सामने ही अपने कान पकड़ लिए। उसने अपनी पत्नी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और यह पक्का वादा किया कि आने वाले समय में वह कभी भी इस तरह का गलत व्यवहार नहीं दोहराएगा। दूसरी तरफ, पीड़ित महिला ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद उसे इस सुनवाई तक पहुंचने के लिए पूरे एक साल का लंबा इंतजार करना पड़ा। इस एक साल के दौरान उसे मानसिक और सामाजिक रूप से कई भारी परेशानियों से गुजरना पड़ा। हालांकि, पति के पश्चाताप को देखने के बाद और अपने दो साल के मासूम बेटे के भविष्य की चिंता करते हुए, महिला ने सारे गिले-शिकवे भुलाकर अपने पति के साथ दोबारा रहने का बड़ा फैसला किया और दोनों के बीच आपसी समझौता हो गया।

## दहेज और निजता के हनन का सनसनीखेज मामला

आयोग की इस बैठक में दहेज प्रताड़ना का एक बेहद गंभीर और डराने वाला मामला भी सामने आया। एक पीड़ित महिला ने अपने पति पर आरोप लगाते हुए कहा कि शादी के तुरंत बाद से ही उसका पति दहेज की लगातार मांग कर रहा था। जब मांग पूरी नहीं हुई, तो पति ने उसे शारीरिक और मानसिक रूप से बुरी तरह प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। महिला ने अपनी शिकायत में एक और सनसनीखेज खुलासा किया। उसके अनुसार, उसके पति ने बिना उसकी जानकारी और परमिशन के उस वक्त उसकी तस्वीरें खींची और वीडियो बनाए, जब वह कपड़े बदल रही थी, नहा रही थी या बाथरूम में थी। हद तो तब हो गई जब पति ने निजता का उल्लंघन करते हुए इन आपत्तिजनक तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। महिला आयोग ने इस कृत्य को बेहद शर्मनाक और गंभीर मानते हुए इसे अगली सुनवाई के लिए सुरक्षित रख लिया है और मामले की गहरी जांच के संकेत दिए हैं।

## अधिकारी बनते ही पत्नी के बदले तेवर

जनसुनवाई में एक और अजीबोगरीब पारिवारिक विवाद चर्चा का विषय बना, जिसमें पति ने अपनी पीड़ा व्यक्त की। पीड़ित पति ने महिला आयोग को बताया कि उसने शादी के बाद अपनी पत्नी की पढ़ाई-लिखाई में हर संभव मदद की और पूरा खर्च उठाया। शादी के 18 साल बीतने के बाद उसकी पत्नी अपनी मेहनत और पति के सहयोग से एक सरकारी सेवा में बड़े पद पर अधिकारी बन गई। पति का आरोप है कि सरकारी नौकरी मिलते ही पत्नी के व्यवहार में अचानक बड़ा बदलाव आ गया। पति के मुताबिक, अब उसकी पत्नी बिना किसी ठोस कारण या सबूत के उस पर कई तरह के झूठे आरोप लगा रही है। इतना ही नहीं, वह अब पति से अलग रह रही है और उसने हर तरह की बातचीत भी पूरी तरह से बंद कर दी है।

## आयोग ने दिए सख्त निर्देश

अधिकारी पत्नी और उसके पति के इस विवादित मामले में सुनवाई के दौरान एकतरफा स्थिति देखने को मिली, क्योंकि पत्नी आयोग के सामने अपना पक्ष रखने के लिए उपस्थित ही नहीं हुई। इस गैर-हाजिरी को बेहद गंभीरता से लेते हुए महिला आयोग की अध्यक्ष ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सख्त निर्देश जारी किए हैं कि अगली जनसुनवाई में पति और पत्नी, दोनों पक्षों की अनिवार्य रूप से उपस्थिति होनी चाहिए। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जब तक दोनों पक्ष आमने-सामने बैठकर अपनी पूरी बात नहीं रखते, तब तक मामले की जड़ तक पहुंचना और किसी सही फैसले पर पहुंचना संभव नहीं है। इस तरह के मामलों ने समाज में तेजी से बदलते पारिवारिक रिश्तों और उनके बीच बढ़ते तनाव की एक चिंताजनक तस्वीर पेश की है।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** यह मामला दिखाता है कि महिलाएं अपने अधिकारों की रक्षा और न्याय के लिए राज्य महिला आयोग जैसे मंचों का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकती हैं।
- **मध्य प्रदेश में:** भोपाल और राज्य के अन्य हिस्सों के नागरिक वैवाहिक और साइबर अपराध से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए सीधे आयोग की जनसुनवाई में अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. भोपाल में राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई कब हुई?
यह जनसुनवाई सोमवार को आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 28 मामलों पर विचार किया गया।

### 2. सुनवाई के दौरान किस पति ने भरे दरबार में माफी मांगी?
घरेलू हिंसा के एक मामले में आरोपी पति ने अपनी गलती मानकर सबके सामने कान पकड़कर माफी मांगी, जिसके बाद समझौता हो गया।

### 3. दहेज प्रताड़ना के मामले में महिला ने क्या गंभीर आरोप लगाए?
महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति ने छुपकर उसके नहाने और कपड़े बदलने के वीडियो बनाए और उन्हें सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया।

### 4. अधिकारी पत्नी के मामले में महिला आयोग ने क्या निर्देश दिए?
पत्नी के जनसुनवाई में नहीं पहुंचने पर आयोग की अध्यक्ष ने दोनों पक्षों को अगली सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने का सख्त आदेश दिया।

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