# ब्यावरा में मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतले में आग लगाते समय दो कांग्रेस नेता झुलसे

> मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में मुख्य चुनाव आयुक्त के पुतला दहन के दौरान अचानक आग भड़कने से युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और एक एनएसयूआई कार्यकर्ता झुलस गए।

**Type:** article · **Category:** मध्य प्रदेश · **Published:** 2026-10-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/madhya-pradesh/biaora-men-mukhya-chunava-ayukta-ke-putale-men-aga-lagate-samaya-do-congress-neta-jhulase-45490 · **Language:** Hindi
**Tags:** ब्यावरा, राजगढ़, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, ज्ञानेश कुमार, पुतला दहन, दिल्ली पुलिस, जंतर मंतर

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में स्थित ब्यावरा शहर में शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान एक गंभीर हादसा पेश आया। शहर के पीपल चौराहे पर पुतला दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जहां अचानक लपटें बेकाबू हो गईं। इस घटनाक्रम में युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अमन अरोरा और एनएसयूआई कार्यकर्ता विशाल दांगी सीधे आग की जद में आकर झुलस गए। आग की लपटें तेजी से उनके कपड़ों तक पहुंच गईं, जिसके बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई।

## पीपल चौराहे पर नारेबाजी और पुतले का प्रदर्शन
एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने पुतले में आग लगाने से पहले पीपल चौराहे पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की प्रतीकात्मक अर्थी सजाई। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, नामों को गलत तरीके से हटाने और एसआईआर के मुद्दे पर जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ता संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय की तरफ मार्च निकालने के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने के कदम का भी कड़ा विरोध कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों को चकमा देकर पुतले को आग के हवाले कर दिया।

## कपड़ों में लगी आग और बचाव के प्रयास
पुतला दहन की इस प्रक्रिया के दौरान अचानक उठी लपटों ने अमन अरोरा और विशाल दांगी के कपड़ों को पकड़ लिया। आग लगते ही वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और अन्य नागरिकों ने तत्परता दिखाई। लोगों ने अपने कपड़ों और पानी की मदद से दोनों कार्यकर्ताओं के शरीर पर लगी आग को बुझाया। हादसे के तुरंत बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका उपचार जारी है।

## दमकल की तैनाती और नेताओं का दौरा
पुलिस प्रशासन ने पुतला दहन की आशंका को देखते हुए पहले से ही घटनास्थल के पास फायर ब्रिगेड की गाड़ी तैनात कर रखी थी। कार्यकर्ताओं द्वारा पुतले में आग लगाने के तुरंत बाद दमकल कर्मियों ने पानी डालकर पुतले की लपटों पर पूरी तरह काबू पा लिया। जब युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के झुलसने की खबर फैली, तो पूर्व विधायक रामचंद्र दांगी तुरंत अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां भर्ती दोनों घायल कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

## राजधानी में कड़े सुरक्षा इंतजाम और पाबंदियां
एक तरफ जहां मध्य प्रदेश के ब्यावरा में यह टकराव देखने को मिला, वहीं देश की राजधानी में भी विपक्षी खेमा मुख्य चुनाव आयुक्त के रुख को लेकर सख्त नजर आ रहा है। सीजेपी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की घोषणा की है, जिसे देखते हुए दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त किए हैं। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन को आधिकारिक अनुमति नहीं दी है और पूरे क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत कदम उठाते हुए धारा 163 लागू कर दी है।

सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और चुनाव आयोग कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पूरी दिल्ली में अर्धसैनिक बलों के कुल 21 हजार जवानों को ड्यूटी पर लगाया गया है। इसके अलावा निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए जंतर-मंतर के आसपास करीब एक हजार अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन सभी कैमरों से मिलने वाले लाइव फुटेज पर नजर रखने के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, ताकि हर हलचल की निगरानी की जा सके।

## इसका आप पर असर
इस विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा पाबंदियों का सीधा असर स्थानीय आवाजाही और राजधानी के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पड़ने वाला है।

- **ब्यावरा में:** पीपल चौराहे जैसे व्यस्त बाजार क्षेत्र में अचानक आग लगने और अफरा-तफरी से स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। भविष्य में ऐसे राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान बाजारों में पुलिस की तैनाती और बैरिकेडिंग और सख्त हो सकती है।
- **दिल्ली में:** जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस और लुटियंस क्षेत्र के आसपास आने-जाने वाले दैनिक यात्रियों और पर्यटकों को भारी पुलिस जांच और पाबंदियों से जूझना पड़ेगा। धारा 163 लागू होने और 21 हजार जवानों की तैनाती के चलते इन मार्गों पर ट्रैफिक जाम और डायवर्जन की पूरी संभावना है।
- **नागरिकों और प्रदर्शनकारियों के लिए:** बिना आधिकारिक अनुमति विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई और हिरासत में लिए जाने का जोखिम रहेगा। आम जनता को सलाह दी जाती है कि वे जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस के संवेदनशील इलाकों की ओर अनावश्यक यात्रा से बचें।
- **मतदाता सूची के दावेदारों के लिए:** मतदाता सूची में नाम कटने या संशोधन से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक टकराव बढ़ने से प्रशासनिक केंद्रों पर सतर्कता बढ़ाई जा सकती है। अपने मताधिकार संबंधी दावों के लिए नागरिकों को निर्वाचन कार्यालयों के आधिकारिक नोटिस और प्रक्रियाओं पर नजर रखनी चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
यह घटनाक्रम निर्वाचन प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और विपक्षी नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित उग्र प्रदर्शन के दौरान घटी आकस्मिक दुर्घटना का परिणाम है।

- **पुतला दहन के दौरान असावधानी:** पीपल चौराहे पर पुलिस को चकमा देकर जल्दबाजी में पुतले को आग लगाते समय लपटें अचानक अनियंत्रित हो गईं। हवा और रासायनिक तेजी के चलते आग सीधे पास खड़े कार्यकर्ताओं के कपड़ों तक पहुंच गई।
- **मतदाता सूची और एसआईआर विवाद:** एनएसयूआई कार्यकर्ता मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाए जाने और एसआईआर प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त से नाराज थे। इसी नाराजगी को जताने के लिए सड़क पर पुतला दहन और नारेबाजी का रास्ता चुना गया।
- **शीर्ष विपक्षी नेताओं की हिरासत:** संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर कूच कर रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को रोके जाने की घटना ने राज्य स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के आक्रोश को भड़का दिया। इस कार्रवाई के विरोध में ही जिला स्तर पर पुतला फूंकने का फैसला लिया गया।
- **राजधानी में पाबंदियों की वजह:** सीजेपी के आगामी प्रदर्शन को कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील मानते हुए दिल्ली पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। संभावित टकराव को टालने के लिए धारा 163 लागू करने के साथ 21 हजार सुरक्षाकर्मियों और निगरानी कैमरों का जाल बिछाया गया।

## सवाल-जवाब

### 1. ब्यावरा में पुतला दहन के दौरान कौन लोग झुलसे?
युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अमन अरोरा और एनएसयूआई कार्यकर्ता विशाल दांगी पुतले में आग लगाते समय लपटों की चपेट में आकर झुलस गए।

### 2. यह घटना किस स्थान और जिले में घटी?
यह हादसा मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में स्थित ब्यावरा शहर के पीपल चौराहे पर हुआ।

### 3. एनएसयूआई कार्यकर्ता किस बात का विरोध कर रहे थे?
कार्यकर्ता मतदाता सूची से कथित तौर पर नाम हटाने, एसआईआर मुद्दे और राहुल गांधी व प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने का विरोध कर रहे थे।

### 4. झुलसे कार्यकर्ताओं की मदद किसने की और उनका इलाज कहां हो रहा है?
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और नागरिकों ने पानी व कपड़ों से आग बुझाई, जिसके बाद घायलों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

### 5. दिल्ली में विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं?
दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के प्रदर्शन को मंजूरी नहीं दी है, पूरे इलाके में धारा 163 लागू की है और 21 हजार अर्धसैनिक जवानों के साथ एक हजार अतिरिक्त कैमरे लगाए हैं।

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