मध्य प्रदेश के छतरपुर में बड़ा हादसा, जर्जर कच्चा मकान गिरने से दो मासूम बहनों की मौत और मां गंभीर रूप से घायल मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के क्योटा गांव में भारी बारिश के बीच कच्चा मकान ढहने से दो बच्चियों की मौत हो गई और उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं। राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के अंतर्गत आने वाले हिनौता पुलिस स्टेशन क्षेत्र के क्योटा गांव में एक दर्दनाक दुर्घटना सामने आई है। यहां बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात लगभग 1:00 बजे एक पुराना और जर्जर कच्चा मकान ढह गया, जिससे मलबे के नीचे दबकर दो नाबालिग बहनों की मौके पर ही जान चली गई। हादसे के वक्त परिवार के सभी सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे, जिससे उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। मलबे में दबकर दो बच्चियों की मौत प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह कच्चा मकान हथोनहा पंचायत के क्योटा गांव निवासी लक्खू केवट का था। घटना के समय उनकी पत्नी हेमा केवट अपनी दो छोटी बेटियों के साथ घर के भीतर विश्राम कर रही थीं। इन बच्चियों में दो महीने की हिमांशी केवट और 13 साल की रचना केवट शामिल थीं। अचानक हुए इस हादसे में मकान की दीवार और छत का ढांचा भरभरा कर ढह गया, जिसके नीचे दोनों मासूम दब गईं। घटनास्थल पर ही दोनों की मौत हो गई, जबकि हेमा केवट गंभीर रूप से जख्मी हो गईं। उनके शरीर, विशेषकर पेट और पैरों पर गंभीर चोटें आईं। स्थानीय निवासियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मलबा हटाया और महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। अस्पताल में भर्ती घायल महिला और पुलिस कार्रवाई चोटों की गंभीरता को देखते हुए हेमा केवट को तुरंत बेहतर चिकित्सा के लिए छतरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें कल रात भर्ती कराया गया और उनका इलाज जारी है। उनका उपचार कर रहे चिकित्सकों का कहना है कि उनकी स्थिति में सुधार दर्ज किया जा रहा है और डॉक्टर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। शुरुआती दौर में राहत और बचाव कार्यों के दौरान परिजन केवल घायल महिला को ही अस्पताल लेकर आए थे। इस दुखद घटना की सूचना मिलने के फौरन बाद हिनौता पुलिस दल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और हादसे के कारणों की तकनीकी जांच शुरू कर दी है, साथ ही मकान की बुनियादी स्थिति का मुआयना किया जा रहा है। इसके अलावा, विधिक प्रक्रिया के तहत हिमांशी और रचना के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही थी। राज्य मंत्री ने अस्पताल पहुंचकर दी आर्थिक मदद इस हृदय विदारक दुर्घटना की खबर मिलते ही चंदला निर्वाचन क्षेत्र के विधायक और मध्य प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार अस्पताल पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचकर हेमा केवट के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके इलाज तथा तात्कालिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 50,000 रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की। यह पूरी दुर्घटना मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में हो रही लगातार और भारी बारिश के बीच घटी है। क्षेत्र में इन दिनों लगातार हो रही वर्षा के कारण कई गांवों में पहले से कमजोर हुई दीवारें और कच्चे मकान ढहने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसका आप पर असर छतरपुर जिले में हुई इस दुर्घटना से कमजोर ग्रामीण मकानों की सुरक्षा और बारिश के मौसम में बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी हो गई हैं। • भारत में: देश के ग्रामीण इलाकों में बारिश के मौसम के दौरान कच्चे और जर्जर मकानों की दीवारों में नमी आने से इस तरह के ढहने का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे आवासों में रहने वाले परिवारों को मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी चाहिए। • छतरपुर में: छतरपुर और बुंदेलखंड क्षेत्र में जारी भारी बारिश के बीच प्रशासन को कमजोर ढांचों की पहचान कर उन्हें खाली कराने और तत्काल राहत पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है। • सहायता उपाय: स्थानीय प्रशासन और जनप्रनिधियों द्वारा ऐसे पीड़ित परिवारों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता से शुरुआती चिकित्सीय खर्चों और आपातकालीन जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है। • सुरक्षा सतर्कता: ग्रामीण क्षेत्रों में बिना पकी ईंटों या मिट्टी से बने पुराने घरों में रह रहे लोगों को मानसून और भारी बारिश के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। ऐसा क्यों हुआ मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में यह दुर्घटना क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश और जर्जर बुनियादी ढांचे के कारण घटी है। • भारी बारिश का प्रभाव: बुंदेलखंड क्षेत्र में हाल के दिनों में हुई लगातार मूसलाधार बारिश के कारण मिट्टी और बिना पकी ईंटों से बने कच्चे मकानों की दीवारें कमजोर हो गई थीं। • कमजोर निर्माण सामग्री: कच्चे और पुराने मकानों में उपयोग की जाने वाली निर्माण सामग्री नमी और पानी के निरंतर संपर्क के कारण अपनी मजबूती खो बैठती है। • रात के समय हादसा: बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब 1:00 बजे जब परिवार गहरी नींद में था, तब कमजोर ढांचे पर अचानक दबाव पड़ने से वह ढह गया। • जांच प्रक्रिया: हिनौता पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल की स्थिति का मुआयना कर रहे हैं ताकि दुर्घटना के सटीक कारणों और घर की हालत की तकनीकी समीक्षा की जा सके। सवाल-जवाब 1. यह हादसा कहां और किस समय हुआ? यह दुर्घटना छतरपुर जिले के हिनौता पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले क्योटा गांव में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात करीब 1:00 बजे हुई। 2. हादसे में किन लोगों की जान गई? इस दुर्घटना में दो महीने की हिमांशी केवट और 13 साल की रचना केवट नामक दो नाबालिग बहनों की मलबे में दबकर मौत हो गई। 3. इस घटना में कौन घायल हुआ? मृत बच्चियों की मां हेमा केवट इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें छतरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 4. पीड़ित परिवार को कितनी आर्थिक मदद दी गई? राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने अस्पताल का दौरा कर पीड़ित परिवार को 50,000 रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की। 5. यह दुर्घटना क्यों घटी? यह हादसा बुंदेलखंड क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के बीच जर्जर कच्चे मकान की दीवार और छत ढहने के कारण हुआ। https://trendkia.com/madhya-pradesh/chhatarapura-men-jarjara-makana-girane-se-do-bachchiyon-ki-mauta-aura-man-ghayala-dilip-ahirwar-aspatala-pahunche-30833 TrendKia — Har trend, sabse pehle.