दमोह में रक्षाबंधन के दिन दहला देने वाली घटना, महज साठ मिनट के भीतर ट्रेन से कटकर एक ही परिवार के तीन लोगों ने दी जान मध्य प्रदेश के दमोह जिले में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर एक पूरा परिवार उजड़ गया। महज एक घंटे के भीतर बेटे और उसके माता-पिता ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मध्य प्रदेश के दमोह जिले में रक्षाबंधन के दिन एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां महज एक घंटे के भीतर एक ही परिवार के तीन सदस्यों ने ट्रेन के आगे आकर अपनी जान दे दी। इस मर्मस्पर्शी हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घटना की शुरुआत फुटेरा मोहल्ले के धर्मपुरा इलाके से हुई, जहां एक युवक ने चलती ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। इस भयानक त्रासदी का सिलसिला यहीं नहीं थका, बल्कि इसके कुछ ही दूर स्थित करैया फाटक पर उस युवक के माता-पिता ने भी ट्रेन के आगे लेटकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। त्योहार के दिन हुई इस खौफनाक घटना से हर कोई सन्न रह गया है। पारिवारिक कलह और शुरुआती जांच घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और जीआरपी पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई और मामले की गहराई से छानबीन शुरू कर दी। शुरुआती जांच के आधार पर एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस को प्रथमदृष्टया यह अंदेशा है कि इन तीन आत्महत्याओं के पीछे कोई पारिवारिक विवाद या कलह मुख्य वजह रही होगी। हिंडोरिया थाना क्षेत्र के करैया गांव के रहने वाले 30 वर्षीय मुकेश अहिरवार ने दोपहर के वक्त दमोह-कटनी रेल मार्ग पर करैया रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रेन के आगे छलांग लगाकर अपनी जान दे दी थी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर ऐसी कौन सी परिस्थिति बनी जिसके कारण उसने यह खौफनाक कदम उठाया। माता-पिता ने बेटे की मौत के बाद उठाया कदम पुलिस ने आगे की जानकारी साझा करते हुए बताया कि जब माता-पिता को अपने जवान बेटे मुकेश की ट्रेन से कटकर मौत होने की खबर मिली, तो वे सदमे में तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। भारत अहिरवार जिनकी उम्र 58 वर्ष थी और उनकी पत्नी उमा अहिरवार जिनकी उम्र 55 वर्ष थी, घटनास्थल पर पहुंचे और वहां से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर चले गए। बेटे की अचानक हुई मौत के गहरे मानसिक आघात और भारी सदमे के कारण इस बुजुर्ग दंपत्ति ने रेलवे पटरी पर लेटकर अपनी जान दे दी। यह पूरा घटनाक्रम महज़ साठ मिनट के भीतर घटित हुआ, जिससे पूरा परिवार एक झटके में समाप्त हो गया। एक घंटे के भीतर उजड़ गया हंसता-खेलता परिवार कोतवाली थाना प्रभारी मनीष कुमार ने मीडिया को जानकारी दी कि मुकेश अहिरवार जिला अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के रूप में अपनी सेवाएं दे रहा था और उसकी शादी को अभी महज दो साल ही हुए थे। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि आखिरकार एक घंटे के भीतर इस परिवार में ऐसा क्या घटा जिसके कारण माता-पिता और बेटे ने मौत को गले लगा लिया। घटना के वक्त मृतक का छोटा भाई दौलत रक्षाबंधन के पर्व के मौके पर अपनी बहन को लेने के लिए सागर गया हुआ था, जिस वजह से वह इस हृदयविदारक हादसे से बच गया। पुलिस ने इस संबंध में औपचारिक मामला दर्ज कर लिया है और सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहन जांच जारी है। इसका आप पर असर यह घटना एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य संकट और पारिवारिक कलह के खतरनाक परिणामों को उजागर करती है, जो पाठकों को आपसी संवाद और समय पर परामर्श के महत्व को समझाती है। • भारत में: मानसिक तनाव या पारिवारिक विवाद का सामना कर रहे व्यक्तियों के लिए देश भर में उपलब्ध हेल्पलाइन सेवाओं और पेशेवर परामर्श का उपयोग करना जीवन रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। • दमोह में: स्थानीय निवासियों और परिवारों के बीच इस प्रकार की त्रासदियों को रोकने के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता केंद्रों तक पहुंच और संवेदनशीलता बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है। ऐसा क्यों हुआ यह दर्दनाक घटना पारिवारिक विवाद और अचानक उपजे गहरे मानसिक आघात के कारण घटी, जहां एक के बाद एक परिवार के सदस्यों ने अत्यधिक निराशा में यह कदम उठाया। • पारिवारिक कलह: पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, युवक द्वारा उठाया गया पहला कदम किसी घरेलू विवाद या आपसी मतभेद का परिणाम था। • गहरा मानसिक आघात: जवान बेटे की अचानक और दर्दनाक मौत से उपजे असहनीय मानसिक सदमे के कारण माता-पिता ने भी कुछ ही दूरी पर अपनी जान दे दी। • अभाव और संकीर्णता: समय पर उचित संवाद या मानसिक स्वास्थ्य परामर्श न मिल पाना इस प्रकार की आकस्मिक चरम घटनाओं की मुख्य पृष्ठभूमि बनता है। सवाल-जवाब 1. यह घटना कहां और किस दिन घटी? यह घटना मध्य प्रदेश के दमोह जिले में रक्षाबंधन के दिन घटी। 2. सबसे पहले आत्महत्या किसने की थी? 30 वर्षीय मुकेश अहिरवार ने सबसे पहले ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की थी। 3. माता-पिता ने अपनी जान कहां और कैसे दी? मुकेश के माता-पिता भारत अहिरवार और उमा अहिरवार ने बेटे की मौत की खबर मिलने के बाद घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर रेलवे पटरी पर लेटकर जान दे दी। 4. मृतक मुकेश क्या काम करता था? मुकेश अहिरवार जिला अस्पताल में सुरक्षा गार्ड के तौर पर काम करता था और उसकी शादी दो साल पहले हुई थी। 5. घटना के समय परिवार का दूसरा भाई कहां था? छोटा भाई दौलत रक्षाबंधन के पर्व पर अपनी बहन को सागर से घर लाने गया हुआ था। 6. मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए कौन से नंबर पर संपर्क किया जा सकता है? सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 या 1800-891-4416 पर संपर्क किया जा सकता है। https://trendkia.com/madhya-pradesh/damoh-mein-rakshabandhan-ke-din-dahla-dene-wali-ghatna-23998 TrendKia — Har trend, sabse pehle.