घरेलू कलह मिटाने के झांसे में फंसी मां, तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर एक करोड़ की चपत भोपाल के साकेत नगर में परिवार जोड़ने और गृह शांति की आड़ में एक महिला से नकदी, जेवरात और चेक हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। क्राइम ब्रांच ने दो सगे भाई-बहन पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर छानबीन तेज कर दी है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अंधविश्वास और पारिवारिक तनाव का नाजायज फायदा उठाकर भारी आर्थिक चपत लगाने की एक गंभीर घटना उजागर हुई है। साकेत नगर इलाके में रहने वाले एक परिवार को अपने अलग रह रहे बेटे से सुलह कराने और घर में बरकत लाने का सपना दिखाकर करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति ऐंठ ली गई। मामले में पुलिस की अपराध शाखा ने गहन पड़ताल के बाद मुख्य आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पारिवारिक अनबन का सहारा लेकर बुना गया जाल पीड़ित पक्ष के मुखिया पुरुषोत्तम शर्मा ने 14 अक्टूबर को पुलिस के पास पहुंचकर इस पूरी साजिश का खुलासा किया था। उन्होंने बताया कि उनके बेटे का परिवार से मनमुटाव चल रहा था और वह अलग मकान में रह रहा था। इसी दौरान मोहल्ले के एक संपर्क के माध्यम से उनकी पत्नी राजेश्वरी शर्मा की मुलाकात आशा यादव नाम की महिला से कराई गई। बातचीत के दौरान आशा ने दावा किया कि उसका भाई मुकेश यादव गुप्त विद्याओं, तांत्रिक अनुष्ठानों और गृह शांति के विशेष उपायों का माहिर जानकार है। आशा ने राजेश्वरी को पूरा यकीन दिला दिया कि उसका भाई कुछ पूजा-पाठ और विशेष क्रियाएं करके बेटे का गुस्सा शांत कर देगा और परिवार के सभी सदस्यों को दोबारा एक साथ ले आएगा। घर के बिखरते रिश्तों को बचाने की चाहत में राजेश्वरी मानसिक रूप से इस बात पर भरोसा कर बैठीं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच लगातार मेलजोल बढ़ने लगा और आशा के निवास पर राजेश्वरी का नियमित तौर पर आना-जाना शुरू हो गया। चरणबद्ध तरीके से नकदी और सोने-चांदी की वसूली जब महिला का अटूट भरोसा जीत लिया गया, तब दोनों आरोपियों ने अनुष्ठान की सामग्री, विशेष पूजा और संकट टालने के नाम पर भारी रकम मांगना शुरू कर दिया। 25 मई 2025 से यह सिलसिला शुरू हुआ। महिला ने कई किस्तों में ऑनलाइन डिजिटल माध्यम PhonePe के जरिये आशा के बैंक खाते में लगभग 7.16 लाख रुपये भेजे। इसके अतिरिक्त पूजा स्थल पर रखने और तांत्रिक विधान पूरे करने के बहाने घर में मौजूद 12.54 लाख रुपये की नकदी भी आरोपियों के हवाले कर दी गई। आरोपियों का लालच यहीं नहीं थमा। उन्होंने नकारात्मक ऊर्जा दूर करने और ग्रहों को शांत करने का बहाना बनाकर महिला के कीमती गहने भी अपने कब्जे में ले लिए। राजेश्वरी से लगभग 625 ग्राम सोने के आभूषण तथा 500 ग्राम चांदी के जेवर हासिल कर लिए गए। नकदी, ऑनलाइन ट्रांसफर और जेवरातों की कीमत मिलाकर यह पूरी ठगी लगभग एक करोड़ रुपये के आंकड़े को छू गई। सर्राफा कारोबारी के फोन कॉल से खुली पूरी पोल इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश उस समय हुआ जब बिट्टन मार्केट के जेपी ज्वेलर्स के संचालक राम पंजवानी ने 29 सितंबर को सीधे पुरुषोत्तम शर्मा से संपर्क साधा। सराफा कारोबारी ने बताया कि करीब पांच महीने पहले आशा यादव ने उनकी दुकान पर आकर लगभग 17 लाख रुपये मूल्य का सोना खरीदा था। उस खरीदारी के दौरान उसने पांच लाख रुपये नकद दिए थे, जबकि बाकी बची धनराशि चुकाने के लिए बैंक चेक सौंपा था। वह चेक बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया और उसका भुगतान अटक गया। ज्वेलर के इस खुलासे के बाद जब पुरुषोत्तम शर्मा ने अपने घर पर पत्नी से कड़ाई से पूछताछ की, तब जाकर सारा सच बाहर आया। राजेश्वरी ने बताया कि किस तरह बेटे को वापस बुलाने और घर में शांति लाने के नाम पर उनसे नकदी और गहने लगातार लिए जा रहे थे। इसके तुरंत बाद परिवार ने पूरे घटनाक्रम की लिखित जानकारी भोपाल क्राइम ब्रांच को दी। दस्तावेजों की जब्ती और कानूनी कार्रवाई शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने पुरुषोत्तम शर्मा, उनकी पत्नी और बेटों के विस्तृत बयान दर्ज किए। जांच आगे बढ़ने पर राजेश्वरी शर्मा ने अधिकारियों को आठ बैंक चेक सौंपे, जिनका कुल मूल्य लगभग 10 करोड़ रुपये बताया गया है। इसके अलावा एक खाली हस्ताक्षरित चेक तथा छह विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड भी जांच अधिकारियों को सौंपे गए, जिन्हें पुलिस ने औपचारिक रूप से जब्त कर लिया है। प्रारंभिक साक्ष्यों और बयानों के आधार पर अपराध शाखा ने आशा यादव और उसके भाई मुकेश यादव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) तथा धारा 61(2) के अंतर्गत आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। विवेचना अधिकारी अब यह पड़ताल कर रहे हैं कि आरोपियों ने इन चेकों और एटीएम कार्डों का क्या उपयोग करने की योजना बनाई थी और हड़पी गई संपत्ति को कहां छिपाया गया है। इसका आप पर असर पारिवारिक संकट और मानसिक तनाव के समय तांत्रिकों या पाखंडी बाबाओं के चक्कर में पड़ने से परिवारों को भारी आर्थिक और भावनात्मक नुकसान झेलना पड़ता है। • भारत में: पारिवारिक विवादों और घरेलू परेशानियों को सुलझाने के लिए अंधविश्वास या तांत्रिक क्रियाओं का सहारा लेने से बचें। किसी भी गैर-प्रमाणित व्यक्ति को नकदी, बैंक चेक, एटीएम कार्ड या जेवरात सौंपना गंभीर वित्तीय संकट में डाल सकता है। • भोपाल में: स्थानीय निवासी घरेलू शांति अथवा बेटे-बहू की अनबन मिटाने के नाम पर अनुष्ठान का झांसा देने वाले संदिग्ध व्यक्तियों से सतर्क रहें। ऐसी किसी भी अवैध मांग या दबाव की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने अथवा साइबर व क्राइम ब्रांच विंग को दें। • बैंकिंग सुरक्षा: कभी भी किसी बाहरी व्यक्ति के हाथ में अपने हस्ताक्षरित चेक या निजी एटीएम कार्ड न सौंपें। बैंक खातों की नियमित जांच करते रहें ताकि अनधिकृत वित्तीय लेनदेन का समय रहते पता चल सके। • विधिक उपाय: पारिवारिक कलह या मतभेदों के समाधान के लिए मान्यता प्राप्त परामर्शदाताओं, पारिवारिक न्यायालयों अथवा सामाजिक मध्यस्थों की मदद लें। तांत्रिक दावों से रिश्ते सुधरने के बजाय आपराधिक गिरोहों के जाल में फंसने का जोखिम रहता है। ऐसा क्यों हुआ यह धोखाधड़ी पारिवारिक अलगाव के कारण उपजे गहरे मानसिक अवसाद और अंधविश्वास के मेल की वजह से संभव हो सकी। • सीधा कारण: पीड़ित महिला का बेटा परिवार से अलग रह रहा था, जिसके चलते वह किसी भी उपाय से सुलह कराने के लिए बेहद उत्सुक थीं। आरोपियों ने इसी भावनात्मक दर्द को भांपकर घरेलू शांति और तांत्रिक समाधान का झूठा दावा पेश किया। • पारस्परिक विश्वास का दुरुपयोग: पड़ोस के एक परिचित के जरिए जान-पहचान होने के कारण महिला ने आरोपियों की मंशा पर संदेह नहीं किया। नियमित मुलाकातों ने आरोपियों को महिला के घर में रखे गहनों और बैंक खातों की जानकारी जुटाने का पूरा मौका दिया। • जांच की स्थिति: मामले में अपराध शाखा ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जब्त किए गए 10 करोड़ के चेकों तथा छह एटीएम कार्डों के वास्तविक मकसद की पड़ताल की जा रही है। सवाल-जवाब 1. यह मामला किस शहर और इलाके से जुड़ा हुआ है? यह मामला मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के साकेत नगर क्षेत्र का है, जिसकी शिकायत पुलिस को दी गई। 2. ठगी के मुख्य आरोपी कौन हैं? मामले में मुख्य आरोपी आशा यादव और उसका भाई मुकेश यादव हैं, जिन पर तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर झांसा देने का आरोप है। 3. पीड़ित महिला से कुल कितनी संपत्ति और आभूषण हड़पे गए? महिला से PhonePe से करीब 7.16 लाख रुपये, नकद 12.54 लाख रुपये, 625 ग्राम सोना और 500 ग्राम चांदी के जेवर लिए गए, जिनकी कुल कीमत लगभग एक करोड़ रुपये है। 4. परिवार को इस धोखाधड़ी का पता कैसे चला? बिट्टन मार्केट के जेपी ज्वेलर्स के संचालक राम पंजवानी ने बाउंस हुए चेक की जानकारी दी, जिसके बाद परिवार में पूछताछ से मामले का खुलासा हुआ। 5. पुलिस ने जांच के दौरान कौन से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं? क्राइम ब्रांच ने करीब 10 करोड़ रुपये की कुल राशि वाले आठ चेक, एक हस्ताक्षरित खाली चेक और छह अलग-अलग एटीएम कार्ड जब्त किए हैं। 6. आरोपियों के खिलाफ किन कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है? दोनों आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और धारा 61(2) के तहत आपराधिक षड्यंत्र तथा धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। 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