# गिद्ध की पीठ पर बंधा यंत्र और पैरों में टैग, डिंडौरी के गांवों में मच गई हलचल

> मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में एक विशाल गिद्ध के पैर में नंबर वाला टैग और पीठ पर GPS डिवाइस लगी देखकर ग्रामीण हैरान रह गए। इस दुर्लभ नजारे को देखने के लिए आसपास के गांवों से भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

**Type:** article · **Category:** मध्य प्रदेश · **Published:** 2026-06-24 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/madhya-pradesh/giddha-ki-pitha-para-bndha-yntra-aura-pairon-men-taiga-dindori-ke-ganvon-men-macha-gai-halachala-2695 · **Language:** Hindi
**Tags:** डिंडौरी गिद्ध, GPS ट्रैकिंग टैग, मध्य प्रदेश वन विभाग, अमरपुर जनपद पंचायत, दुर्लभ पक्षी, वन्यजीव शोध

मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले में इन दिनों एक अनोखा नजारा चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां के भैंसवाही, सरई टोला और उमरिया गवारी टोला गांवों में एक विशाल गिद्ध अचानक दिखाई दिया, जिसके पैर में एक यूनिक नंबर वाला प्लास्टिक टैग लगा था और पीठ पर एक आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंधा हुआ था। पक्षी की यह असामान्य हालत देखकर ग्रामीणों के बीच कौतूहल और तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।

जब गांव के लोगों ने पहली बार इस गिद्ध को देखा तो उसके शरीर पर लगी डिवाइस ने सबका ध्यान खींच लिया। कई ग्रामीणों के लिए यह समझ पाना मुश्किल था कि आखिर किसी पक्षी के शरीर पर इस तरह का यंत्र क्यों लगाया गया है। बात फैलते ही आसपास के गांवों में भी यह खबर पहुंच गई और इस दुर्लभ पक्षी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटने लगे।

## क्या यह किसी शोध अभियान का हिस्सा है?
अमरपुर जनपद पंचायत क्षेत्र में आने वाले इन तीनों गांवों के लोग गिद्ध को देखकर हैरान रह गए। हैरानी की सबसे बड़ी वजह यही थी कि पक्षी के पैर में खास नंबर वाला टैग था और शरीर पर GPS ट्रैकिंग डिवाइस बंधी हुई थी। इस अनोखे दृश्य ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए। कुछ ग्रामीणों का अंदाजा था कि यह किसी विशेष निगरानी या शोध अभियान का हिस्सा हो सकता है। माना जा रहा है कि इस टैग और डिवाइस के आधार पर पक्षी के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा सकती है।

## सूचना मिलते ही पहुंची वन विभाग की टीम
मामले की गंभीरता को भांपते हुए ग्रामीणों ने तुरंत स्थानीय वन विभाग को इसकी जानकारी दी। खबर मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने गिद्ध का बारीकी से निरीक्षण किया और उसके शरीर पर लगे टैग व GPS डिवाइस की जांच की।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** टैग और GPS डिवाइस वाले पक्षी वन्यजीव निगरानी और शोध का हिस्सा हो सकते हैं, इसलिए ऐसा कोई पक्षी दिखे तो उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय वन विभाग को सूचना देना सही कदम है।
- **डिंडौरी में:** स्थानीय ग्रामीणों के लिए यह एक दुर्लभ नजारा है और वन विभाग की जांच से पता चल सकता है कि यह गिद्ध कहां से आया और किस अभियान से जुड़ा है।

## सवाल-जवाब

### 1. यह मामला कहां का है?
यह मामला मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के भैंसवाही, सरई टोला और उमरिया गवारी टोला गांवों का है।

### 2. गिद्ध में ऐसा क्या खास था जिससे ग्रामीण हैरान हुए?
गिद्ध के पैर में एक यूनिक नंबर वाला प्लास्टिक टैग लगा था और उसकी पीठ पर GPS ट्रैकिंग डिवाइस बंधी हुई थी।

### 3. ग्रामीणों का इस बारे में क्या अनुमान है?
कुछ ग्रामीणों का मानना है कि यह किसी विशेष निगरानी या शोध अभियान का हिस्सा हो सकता है।

### 4. सूचना मिलने के बाद क्या कार्रवाई हुई?
ग्रामीणों ने वन विभाग को जानकारी दी, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और गिद्ध का निरीक्षण कर टैग और GPS डिवाइस की जांच की।

### 5. ये गांव किस क्षेत्र में आते हैं?
ये तीनों गांव अमरपुर जनपद पंचायत क्षेत्र में आते हैं।

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