{
  "type": "article",
  "title": "ग्वालियर के होटल में बना फर्जी अमेरिकी कॉल सेंटर, नकली नाम रखकर रोज करते थे 400 कॉल",
  "summary": "ग्वालियर के होटल जैनपथ के एक कमरे से चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ, जहां 10वीं-12वीं पास चार युवक अमेरिकन एक्सेंट में बात कर अमेरिकी नागरिकों को ठग रहे थे. पांच महीने में करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी सामने आई है और अब मामला FBI तक पहुंचेगा.",
  "content": "ग्वालियर में होटल के एक कमरे से चल रहे फर्जी इंटरनेशनल कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है, जहां चार युवक अमेरिकी नागरिक बनकर अमेरिका में रहने वाले लोगों को ठग रहे थे, और पूछताछ में एक के बाद एक हैरान करने वाली बातें सामने आ रही हैं.\n\nहोटल का कमरा बना ठगी का अड्डा\nयह पूरा खेल ग्वालियर के मोहना थाना क्षेत्र में आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर स्थित होटल जैनपथ के कमरा नंबर-6 से चल रहा था. पिछले पांच महीने से यह कमरा अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने वाले कॉल सेंटर का ठिकाना बना हुआ था. पुलिस को भनक लगते ही टीम ने कमरे पर छापा मारा और मौके से चार युवकों को पकड़ लिया.\n\nनकली नाम, अमेरिकन लहजा, असली रकम\nजांच में पुलिस भी चौंक गई. चारों आरोपी सिर्फ 10वीं और 12वीं पास निकले, लेकिन धाराप्रवाह अंग्रेजी वो भी अमेरिकन एक्सेंट में बोलते थे. पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने यह लहजा इंटरनेट से देखकर खुद सीखा था. यह अपना असली नाम कभी नहीं बताते थे, बल्कि खुद को फ्रैंक, लुईस, ब्रूस और माइकल नाम के अमेरिकी नागरिक बताकर बात करते थे. गिरोह रोजाना अमेरिका में 400 से ज्यादा लोगों को कॉल करता था.\n\nइस पूरे नेटवर्क का सरगना प्रबल प्रताप सिंह परिहार है, जो इन युवकों को पहले से तैयार स्क्रिप्ट और अमेरिकी नागरिकों का डेटा मुहैया कराता था. यह डेटा डार्क वेब से जुटाया जाता था. कॉल के दौरान लैपटॉप की स्क्रीन पर यही स्क्रिप्ट खुली रहती थी, ताकि आरोपी उसे पढ़कर सामने वाले को असली अमेरिकी होने का भरोसा दिला सकें.\n\nरोज 50 से 70 हजार की ठगी, पांच महीने में करोड़ पार\nभारत और अमेरिका के समय में करीब 12 घंटे का फासला होने की वजह से आरोपी पूरा दिन सोकर बिताते थे और रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक कॉल सेंटर चलाते थे. इसी दौरान हर रात 12 से 15 लोग गिफ्ट कार्ड या प्रोसेसिंग फीस के नाम पर इनके जाल में फंस जाते थे. गिरोह हर दिन औसतन 50 से 70 हजार रुपए की ठगी करता था और इस तरह पांच महीने में करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम बटोर चुका था. यह पूरी रकम सीधे सरगना के बैंक खातों में जमा होती थी. कॉल करने वाले चारों युवकों को इसके बदले सिर्फ 15 से 20 हजार रुपए महीने की सैलरी और ठगी गई रकम का 5 प्रतिशत कमीशन मिलता था.\n\nअब मामला पहुंचेगा FBI तक\nचूंकि इस रैकेट का निशाना सीधे अमेरिकी नागरिक थे, इसलिए मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जा सकता है. ग्वालियर पुलिस विदेश मंत्रालय के जरिए इसकी जानकारी अमेरिका की जांच एजेंसी FBI तक भेजेगी. मामले की गंभीरता को देखते हुए जरूरत पड़ने पर FBI की एक टीम जांच के लिए ग्वालियर भी आ सकती है. पुलिस ने होटल के कमरे से 4 लैपटॉप, 7 मोबाइल, 4 हेडफोन, स्क्रिप्ट, ग्राहकों की डिटेल और कई दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनकी कीमत करीब 3 लाख 75 हजार रुपए आंकी गई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अमेरिका में अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया.\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: यह मामला दिखाता है कि कम पढ़े-लिखे युवाओं को भी सिर्फ अंग्रेजी और अमेरिकन एक्सेंट सीखकर आसान कमाई का लालच देकर साइबर ठगी के धंधे में उतारा जा रहा है, ऐसे में नौकरी के नाम पर मिलने वाले कॉल सेंटर ऑफर से सतर्क रहना जरूरी है.\n• ग्वालियर में: मोहना हाईवे स्थित होटल जैनपथ से गिरोह पकड़े जाने के बाद स्थानीय पुलिस अब आसपास के अन्य होटलों और किराए के ठिकानों पर भी ऐसे फर्जी कॉल सेंटरों की जांच बढ़ा सकती है.\n\nसवाल-जवाब\n\n1. ग्वालियर में यह फर्जी कॉल सेंटर कहां से चल रहा था?\nयह होटल जैनपथ के कमरा नंबर-6 से चल रहा था, जो मोहना थाना क्षेत्र में आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर स्थित है.\n\n2. आरोपी किस तरह लोगों को ठगते थे?\nवे खुद को फ्रैंक, लुईस, ब्रूस और माइकल नाम के अमेरिकी नागरिक बताकर अमेरिकन एक्सेंट में बात करते थे और गिफ्ट कार्ड व प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी करते थे.\n\n3. गिरोह ने कितने पैसे की ठगी की?\nपांच महीने में गिरोह ने करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की, जिसमें रोजाना औसतन 50 से 70 हजार रुपए कमाए जाते थे.\n\n4. गिरोह का सरगना कौन है?\nगिरोह का सरगना प्रबल प्रताप सिंह परिहार है, जो स्क्रिप्ट और अमेरिकी नागरिकों का डेटा मुहैया कराता था.\n\n5. पुलिस ने कमरे से क्या-क्या जब्त किया?\nपुलिस ने 4 लैपटॉप, 7 मोबाइल, 4 हेडफोन, स्क्रिप्ट, ग्राहकों की डिटेल और अन्य दस्तावेज जब्त किए, जिनकी कीमत करीब 3 लाख 75 हजार रुपए है.\n\n6. यह मामला FBI तक क्यों पहुंचेगा?\nचूंकि गिरोह का निशाना सीधे अमेरिकी नागरिक थे, इसलिए ग्वालियर पुलिस विदेश मंत्रालय के जरिए इसकी जानकारी FBI को भेजेगी.",
  "url": "https://trendkia.com/madhya-pradesh/gwalior-ke-hotala-men-bana-pharji-america-kola-sentara-nakali-nama-rakhakara-roja-karate-the-400-kola-11813",
  "category": "मध्य प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-07-29",
  "tags": [
    "ग्वालियर",
    "फर्जी कॉल सेंटर",
    "साइबर ठगी",
    "अमेरिकी नागरिक ठगी",
    "FBI जांच",
    "डार्क वेब डेटा",
    "गिफ्ट कार्ड स्कैम",
    "मध्य प्रदेश क्राइम"
  ],
  "language": "hi",
  "site": "TrendKia"
}