# इंदौर के बिजली अफसर शिवराम सेमिल की करोड़ों की बेनामी संपत्ति उजागर, परिजनों के नाम पर भी निवेश मिला

> इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के 9 ठिकानों पर छापा मारा, जिसमें उनकी वैध आय से करीब 258% ज्यादा यानी 7.16 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति मिली है।

**Type:** article · **Category:** मध्य प्रदेश · **Published:** 2026-07-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/madhya-pradesh/indaura-ke-bijali-aphasara-shivram-semil-ki-karoron-ki-benami-snpatti-ujagara-parijanon-ke-nama-para-bhi-nivesha-mila-9402 · **Language:** Hindi
**Tags:** लोकायुक्त, शिवराम सेमिल, आय से अधिक संपत्ति, इंदौर, एमपीपीकेवीवीसीएल, भ्रष्टाचार, मध्य प्रदेश बिजली विभाग

मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (एमपीपीकेवीवीसीएल) के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आय से अधिक संपत्ति जुटाने के आरोप में लोकायुक्त पुलिस ने इंदौर समेत चार शहरों में उनके 9 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। छापेमारी टीम को अब तक की पड़ताल में उनकी घोषित आय के मुकाबले करीब 258% ज्यादा संपत्ति मिलने के संकेत मिले हैं।

## भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज हुआ मामला
लोकायुक्त ने शिवराम सेमिल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज करने के बाद इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना में एक साथ छापेमारी शुरू की। अधिकारियों के मुताबिक, सेमिल करीब 33 साल से सरकारी नौकरी में हैं और इस पूरे कार्यकाल में उनकी वैध कमाई लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। लेकिन जांच एजेंसी को अब तक 7.16 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति के सुराग मिल चुके हैं, यानी घोषित आय और असल संपत्ति के बीच का यह फासला ही पूरी कार्रवाई की बुनियाद बना।

## सिलिकॉन सिटी का आलीशान बंगला और कई प्लॉट
छापेमारी के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा इंदौर की सिलिकॉन सिटी में मिले उनके तीन मंजिला बंगले की हो रही है, जिसकी बाजार कीमत करीब 1.20 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इसके अलावा जांच टीम को कई प्लॉट, व्यावसायिक भवन, ऑफिस स्पेस और एक इलेक्ट्रिक कार का भी पता चला है। इन सभी संपत्तियों के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इन्हें किस स्रोत से खरीदा गया।

## ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली फर्मों में भी निवेश की परतें
लोकायुक्त की पड़ताल में यह भी सामने आया कि सेमिल ने ट्रांसफॉर्मर निर्माण से जुड़ी कई फैक्ट्रियों में पैसा लगा रखा है। इनमें शुभम इलेक्ट्रिकल, कर्निश पावरजोन और एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स जैसी फर्मों के नाम सामने आए हैं, जिनकी अलग से जांच चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि इन कंपनियों में निवेश सीधे सेमिल के नाम पर नहीं, बल्कि परिवार के दूसरे सदस्यों के नाम पर किया गया मिला है, जिससे संपत्ति को छिपाने की कोशिश का शक गहरा हो गया है।

## बेटे, बहू और दामाद के नाम पर भी संपत्ति के दस्तावेज
तलाशी के दौरान जांच टीम को बेटे, बहू, दामाद और अन्य परिजनों के नाम पर खरीदी गई कई संपत्तियों और निवेश से जुड़े कागजात भी हाथ लगे हैं। लोकायुक्त टीम इन सभी दस्तावेजों को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि परिवार के नाम पर बेनामी तरीके से कितनी संपत्ति जमा की गई है और उसका असली मालिक कौन है।

## अब आगे क्या होगा
फिलहाल सर्च ऑपरेशन जारी है और जांच टीम चल-अचल संपत्ति, बैंक खातों और तमाम निवेश से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करने में जुटी है। लोकायुक्त अधिकारियों के मुताबिक जांच पूरी होने के बाद ही संपत्ति का अंतिम आकलन किया जाएगा और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। इस पूरे मामले को हाल के दिनों की बड़ी भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाइयों में गिना जा रहा है।

## इसका आप पर असर
**आम आदमी के लिए मायने:**

- **भारत में:** यह मामला दिखाता है कि सरकारी बिजली कंपनियों के अफसरों की आय से अधिक संपत्ति पर लोकायुक्त जैसी एजेंसियां सक्रिय हैं, जिससे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर निगरानी बढ़ने की उम्मीद बनती है।
- **इंदौर-मध्य प्रदेश में:** इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना के निवासियों के लिए यह कार्रवाई दिखाती है कि स्थानीय बिजली विभाग के अफसरों पर निगरानी बढ़ी है, जिससे बिजली सेवाओं और टेंडर प्रक्रियाओं में जवाबदेही की उम्मीद बढ़ सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. शिवराम सेमिल कौन हैं?
वे मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (एमपीपीकेवीवीसीएल) में अधीक्षण यंत्री हैं।

### 2. लोकायुक्त ने कितने ठिकानों पर छापा मारा?
इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना में कुल 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई।

### 3. जांच में कितनी संपत्ति मिलने का दावा है?
अब तक 7.16 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति मिली है, जो उनकी वैध आय से करीब 258% ज्यादा है।

### 4. उनकी 33 साल की सरकारी नौकरी में वैध आय कितनी थी?
अधिकारियों के मुताबिक इस दौरान उनकी वैध आय लगभग 2 करोड़ रुपये रही।

### 5. सिलिकॉन सिटी वाले बंगले की कीमत कितनी बताई गई है?
इंदौर की सिलिकॉन सिटी में मिले तीन मंजिला बंगले की कीमत करीब 1.20 करोड़ रुपये आंकी गई है।

### 6. किन कंपनियों में निवेश की जांच हो रही है?
शुभम इलेक्ट्रिकल, कर्निश पावरजोन और एस.एस. इलेक्ट्रिकल्स जैसी ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली फर्मों की जांच हो रही है।

### 7. क्या संपत्ति परिवार के नाम पर भी मिली है?
हां, बेटे, बहू, दामाद और अन्य परिजनों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों और निवेश के दस्तावेज मिले हैं।

### 8. यह मामला किस कानून के तहत दर्ज हुआ है?
शिवराम सेमिल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

### 9. आगे क्या कार्रवाई होगी?
जांच पूरी होने पर संपत्ति का अंतिम मूल्यांकन होगा और उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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