इंदौर के महावीर नगर में बोरवेल में घुसा सीवरेज का पानी, उल्टी-दस्त से 10 से ज्यादा लोग बीमार, कई बच्चे अस्पताल पहुंचे इंदौर के वार्ड नंबर-16 स्थित महावीर नगर के इकलौते बोरवेल में सीवरेज का पानी मिल जाने से घरों तक दूषित पानी पहुंचा और बच्चों समेत 10 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए, कई बच्चों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। इंदौर में दूषित पानी की मार थमने का नाम नहीं ले रही। भागीरथपुरा के बाद अब वार्ड नंबर-16 के महावीर नगर में बोरवेल में सीवरेज का पानी घुस जाने से पूरा इलाका दहशत में है। यहां के इकलौते बोरवेल से गंदा पानी सीधे लोगों के घरों के नलों तक पहुंच गया, जिसे पीने के बाद बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों समेत 10 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए। हालत यह रही कि कई बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घरों के नलों में पानी नहीं, बीमारी बह रही थी महावीर नगर के लोगों के मुताबिक नलों में इन दिनों साफ पानी की जगह परेशानी आ रही थी। रहवासियों का कहना है कि कई दिनों से बदबूदार और गंदा पानी आ रहा था और इसकी शिकायतें भी की गईं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा यह हुआ कि लोग मजबूरी में वही पानी पीते रहे और अब उसका असर बीमारी की शक्ल में सामने आ रहा है। इलाके के लगभग हर घर में कोई न कोई उल्टी-दस्त और पेट दर्द की चपेट में है। हर घर तक पहुंची तकलीफ, परिवारों ने बयां किया दर्द स्थानीय रहवासी रेखा श्रीवास ने बताया कि उनके दोनों छोटे-छोटे बच्चे बीमार हैं और उन्हें उल्टी-दस्त लग रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर घर से एक से दो लोग बीमार मिल जाएंगे और पानी से बदबू आ रही है। एक और रहवासी चपा वर्मा ने कहा कि 8 दिन से पानी खराब आ रहा था और उनकी बच्ची को उल्टी और दस्त लग गए हैं। उन्होंने बताया कि इलाके में सब एक के बाद एक बीमार पड़ रहे हैं और लोग अस्पताल जा रहे हैं, जबकि इसकी असल वजह दो-तीन दिन पहले ही पता चली। शिकायतों के बाद हरकत में आया नगर निगम मामला तूल पकड़ते ही नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्राउंड जीरो पर बोरवेल से लेकर पानी की पाइपलाइन तक की जांच शुरू कर दी। अधिकारियों ने बोरवेल का निरीक्षण किया और पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे। साथ ही क्षेत्र के लोगों को फिलहाल पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है। इंदौर नगर निगम आयुक्त आशीष कुमार पाठक ने कहा कि इस बारे में उनकी पार्षद से बात हो चुकी है और जांच चल रही है। भागीरथपुरा के बाद फिर वही सवाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि भागीरथपुरा कांड के बाद भी नगर निगम ने आखिर क्या सबक लिया। लोगों के घरों तक साफ पानी की जगह गंदा और दूषित पानी क्यों पहुंचता रहा और इसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा, इन्हीं सवालों के बीच TrendKia की टीम ग्राउंड पर पहुंची और पूरे मामले की पड़ताल की। इसका आप पर असर • भारत में: गर्मियों में बोरवेल और पाइपलाइन में सीवरेज मिलने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए नल का पानी पीने से पहले उबालना या फिल्टर करना सुरक्षित रहता है। • इंदौर में: महावीर नगर और आसपास के रहवासी फिलहाल बोरवेल का पानी सीधे न पिएं, पानी उबालकर ही इस्तेमाल करें और उल्टी-दस्त के लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सवाल-जवाब 1. इंदौर के किस इलाके में दूषित पानी की समस्या सामने आई है? इंदौर के वार्ड नंबर-16 के महावीर नगर में, जहां इलाके के इकलौते बोरवेल में सीवरेज का पानी मिल गया। 2. कितने लोग बीमार हुए हैं? दूषित पानी पीने से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों समेत 10 से ज्यादा लोग बीमार पड़े और कई बच्चों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। 3. नगर निगम ने अब तक क्या कदम उठाए हैं? अधिकारियों ने बोरवेल का निरीक्षण किया, पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे और लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी है। 4. नगर निगम आयुक्त ने क्या कहा? आयुक्त आशीष कुमार पाठक ने कहा कि इस बारे में उनकी पार्षद से बात हो चुकी है और जांच चल रही है। https://trendkia.com/madhya-pradesh/indaura-ke-mahavira-nagara-men-boravela-men-ghusa-sivareja-ka-pani-ulti-dasta-se-1288 TrendKia — Har trend, sabse pehle.