# इंदौर में दुष्कर्म और पॉक्सो मामले में हितेश प्रधान गिरफ्तार, अदालत ने भेजा जेल

> मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में एमआईजी पुलिस ने 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म और पॉक्सो कानून के तहत हितेश प्रधान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी के खिलाफ पहले भी ब्लैकमेलिंग और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

**Type:** article · **Category:** मध्य प्रदेश · **Published:** 2026-08-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/madhya-pradesh/indaura-men-dushkarma-aura-pokso-mamale-men-hitesh-pradhan-giraphtara-adalata-ne-bheja-jela-13544 · **Language:** Hindi
**Tags:** इंदौर, पॉक्सो एक्ट, हितेश प्रधान, विष्णु उस्ताद, मध्य प्रदेश पुलिस, अपराध समाचार

मध्य प्रदेश की औद्योगिक राजधानी इंदौर के एमआईजी थाना क्षेत्र में एक गंभीर आपराधिक मामला सामने आया है। पुलिस ने नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म और पॉक्सो यानी बाल यौन अपराध संरक्षण कानून के तहत हितेश प्रधान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को अदालत में पेश किए जाने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। हितेश प्रधान एक चर्चित आपराधिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से आता है और उसके पिता पवित्र प्रधान बहुचर्चित विष्णु उस्ताद हत्याकांड में आरोपी रहे हैं। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत और मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयानों के आधार पर यह सख्त कानूनी कदम उठाया है।

## मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान के बाद बढ़ीं धाराएं
मामले की शुरुआत तब हुई जब 16 वर्ष की पीड़िता ने इंदौर के एमआईजी पुलिस थाने में पहुंचकर हितेश प्रधान के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। शुरुआती शिकायत में पीड़िता ने आरोपी पर केवल छेड़छाड़ का आरोप लगाया था, जिसके आधार पर पुलिस ने प्राथमिक जांच के तौर पर छेड़छाड़ का केस दर्ज किया था। हालांकि, कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद जब न्यायालय में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 183 के तहत पीड़िता का बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज करवाया गया, तो केस में बड़ा मोड़ आया। मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए औपचारिक बयानों में नाबालिग लड़की ने स्पष्ट रूप से आरोपी पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। इन बयानों को आधार बनाते हुए पुलिस ने मामले में दुष्कर्म की धाराएं जोड़ीं और बाल यौन अपराध संरक्षण कानून यानी पॉक्सो एक्ट का प्रावधान भी शामिल कर लिया।

## आरोपी का आपराधिक इतिहास और क्राइम ब्रांच की जांच
पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि आरोपी हितेश प्रधान के खिलाफ पहले से कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से स्थानीय पुलिस प्रशासन की रडार पर रहा है। हितेश के खिलाफ इंदौर के लसूड़िया थाने में ब्लैकमेलिंग से जुड़ा एक मामला दर्ज है। इसके अतिरिक्त एमआईजी पुलिस थाने में ही उसके विरुद्ध अवैध हथियार रखने और आर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण कायम है। उसकी आपराधिक गतिविधियों और अवैध असलहा रखने की आदतों को देखते हुए क्राइम ब्रांच की टीम भी उससे पूर्व में पूछताछ कर चुकी है। पुलिस जांच अधिकारियों ने आरोपी के पास हथियार कहां से आते थे, इसकी पड़ताल करते हुए अवैध हथियार सप्लाई करने वाले पूरे नेटवर्क की भी गहराई से छानबीन की थी।

## विष्णु उस्ताद हत्याकांड से जुड़ाव और फॉरेंसिक जांच
हितेश प्रधान का नाम शहर में इसलिए भी चर्चित रहा है क्योंकि वह विष्णु उस्ताद हत्याकांड के आरोपी रहे पवित्र प्रधान का पुत्र है। पिता के बाद अब बेटे पर पॉक्सो एक्ट और दुष्कर्म जैसा संगीन मामला दर्ज होने से केस की संवेदनशीलता बहुत बढ़ गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। जांच प्रक्रिया के तहत पीड़िता के बयानों को मुख्य आधार माना जा रहा है। साथ ही फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम से रिपोर्ट मांगी गई है और पीड़िता की चिकित्सकीय जांच यानी मेडिकल टेस्ट कराया गया है। पुलिस की एक टीम घटनास्थल और आरोपी के आपराधिक संपर्कों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस द्वारा एकत्रित किए जा रहे ठोस सबूतों के आधार पर न्यायालय के समक्ष आगे की वैधानिक कार्रवाई पूरी की जाएगी।

## इसका आप पर असर
- **भारत में:** पॉक्सो एक्ट के कड़े नियमों के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष दिए गए बयान के आधार पर पुलिस तत्काल धाराएं बढ़ाकर त्वरित कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य है।
- **इंदौर में:** पुलिस द्वारा आपराधिक पृष्ठभूमि वाले तत्वों और अवैध हथियार नेटवर्क पर की जा रही सख्त कार्रवाई से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी।

## सवाल-जवाब

### 1. हितेश प्रधान को किस मामले में गिरफ्तार किया गया है?
हितेश प्रधान को 16 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दर्ज मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

### 2. पीड़िता ने पुलिस में शुरुआत में क्या शिकायत दर्ज कराई थी?
पीड़िता ने शुरुआत में केवल छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके बाद प्रारंभिक जांच शुरू हुई थी।

### 3. मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान किस कानून के तहत दर्ज किया गया?
पीड़िता का बयान भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 183 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया गया।

### 4. हितेश प्रधान पर पहले से कौन से आपराधिक मामले दर्ज हैं?
हितेश प्रधान पर लसूड़िया थाने में ब्लैकमेलिंग और एमआईजी थाने में आर्म्स एक्ट के तहत अवैध हथियार रखने का केस दर्ज है।

### 5. हितेश प्रधान के पिता का क्या नाम है और वे किस मामले में आरोपी रहे हैं?
हितेश प्रधान के पिता का नाम पवित्र प्रधान है, जो इंदौर के चर्चित विष्णु उस्ताद हत्याकांड में आरोपी रहे हैं।

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