इंदौर हनीमून मर्डर में मेघालय हाईकोर्ट से झटके के बाद पिता का ऐलान, सुप्रीम कोर्ट जाकर लड़ेंगे बेटे की लड़ाई मेघालय हाईकोर्ट ने हनीमून मर्डर केस की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत बरकरार रखी, जिसके बाद राजा के पिता अशोक रघुवंशी ने सुप्रीम कोर्ट जाने का ऐलान किया और मां उमा रघुवंशी ने बाकी आरोपियों के भी बाहर आने की आशंका जताई। इंदौर के बहुचर्चित हनीमून मर्डर केस में मेघालय हाईकोर्ट का ताजा फैसला राजा रघुवंशी के परिवार के लिए एक और गहरी चोट बनकर आया है। अदालत ने मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत को बरकरार रखा, जिसके बाद परिजनों का दर्द और गुस्सा फूट पड़ा। राजा के माता-पिता ने मीडिया के सामने खुलकर अपना दुख, अपनी नाराजगी और आगे की कानूनी लड़ाई का इरादा जाहिर किया। पिता अशोक का संकल्प: सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे राजा के पिता अशोक रघुवंशी इस फैसले से बेहद आहत हुए। उन्होंने कहा कि मेघालय हाईकोर्ट के फैसले ने उन्हें गहरा धक्का दिया है, लेकिन वे हार मानने वाले नहीं हैं। अशोक रघुवंशी ने साफ कहा कि मेघालय हाईकोर्ट में भले ही उनकी हार हुई हो, अब वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि जब तक उनके शरीर में जान है, वे अपने बेटे राजा के इंसाफ के लिए यह कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे। बेटे को न्याय दिलाना उनके जीवन का एकमात्र मकसद बन चुका है। पुलिस और सरकार पर तीखे सवाल अशोक रघुवंशी ने इस मामले में पुलिस और सरकार की भूमिका पर भी कड़े शब्दों में सवाल उठाए। उनका आरोप है कि पुलिस की कमजोर और ढीली कार्रवाई की वजह से ही सोनम रघुवंशी को जमानत मिल सकी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "सरकार आंख बंद करके बैठी है। सरकार की ढिलाई की वजह से ही आज कई पतियों की जान जा रही है।" उन्होंने यह भी मांग की कि सोनम की जमानत को तुरंत खारिज किया जाए और ऐसी महिलाओं को कानून में किसी भी प्रकार की छूट न दी जाए। उनके शब्दों में यह पीड़ा साफ थी कि व्यवस्था की विफलता की कीमत एक निर्दोष परिवार चुका रहा है। मां उमा का डर: दूसरे आरोपी भी न छूट जाएं राजा की मां उमा रघुवंशी भी इस फैसले से बेहद टूटी हुई नजर आईं। उन्होंने अपना आक्रोश जाहिर करते हुए कहा कि सोनम को आज जेल की सलाखों के पीछे होना चाहिए था, न कि बाहर। उमा रघुवंशी ने यह भी आशंका जताई कि अब जब सोनम को जमानत मिल चुकी है, तो इस मामले के बाकी आरोपी राज, आकाश और आनंद भी जल्द जेल से बाहर आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के अदालती फैसलों ने उनका कानून और न्यायिक व्यवस्था पर से भरोसा पूरी तरह खत्म कर दिया है। उमा ने क्यों लिया सिया का नाम? उमा रघुवंशी ने अपनी बात में एक अन्य आरोपी सिया का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह सोनम ने हत्या की, उसी तरह सिया ने भी हत्या की है। आज सोनम बाहर है और परिवार को डर है कि कुछ महीनों बाद सिया भी जेल से बाहर निकल आएगी। परिवार का मानना है कि जब अपराधियों को सजा नहीं मिलती, तो सोनम और सिया जैसी लड़कियों का हौसला बढ़ता है और वे अपनी करतूतों के अंजाम से बच निकलती हैं। उमा रघुवंशी ने यह भी कहा कि राजा को तो अब तक न्याय नहीं मिल पाया, लेकिन वे चाहती हैं कि कम से कम केतन को इंसाफ जरूर मिले। उनकी आवाज में एक मां की बेबसी और न्याय की मांग का दर्द साफ झलकता था। इसका आप पर असर आपके लिए क्या मायने रखता है: • भारत में: यह मामला दिखाता है कि पुलिस की कमजोर जांच किस तरह हत्या जैसे संगीन अपराधों में आरोपियों को जमानत दिला सकती है, जो न्याय की राह में बड़ी रुकावट बनती है। • इंदौर में: इस केस ने यह संदेश दिया है कि हाईकोर्ट से निराशा मिलने पर भी पीड़ित परिवार सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई जारी रख सकते हैं। सवाल-जवाब 1. मेघालय हाईकोर्ट ने इस मामले में क्या फैसला सुनाया? मेघालय हाईकोर्ट ने हनीमून मर्डर केस की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत को बरकरार रखा। 2. राजा के पिता अशोक रघुवंशी ने फैसले पर क्या कहा? उन्होंने कहा कि वे अब सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और जब तक शरीर में जान है, बेटे के इंसाफ के लिए लड़ते रहेंगे। 3. राजा की मां उमा रघुवंशी ने क्या आशंका जताई? उन्हें डर है कि सोनम को जमानत मिलने के बाद बाकी आरोपी राज, आकाश और आनंद भी जल्द जेल से बाहर आ सकते हैं। 4. उमा रघुवंशी ने सिया का जिक्र क्यों किया? उन्होंने कहा कि सिया ने भी सोनम की तरह हत्या की है और आशंका जताई कि कुछ महीनों बाद सिया भी जेल से बाहर आ जाएगी। 5. परिवार ने पुलिस पर क्या आरोप लगाया? परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस की कमजोर कार्रवाई की वजह से ही सोनम रघुवंशी को जमानत मिल सकी। 6. परिवार ने केतन का जिक्र क्यों किया? परिवार ने कहा कि राजा को अब तक न्याय नहीं मिला, लेकिन वे चाहते हैं कि कम से कम केतन को इंसाफ जरूर मिले। https://trendkia.com/madhya-pradesh/indore-honeymoon-murder-men-meghalaya-high-court-se-jhatake-ke-bada-pita-ka-ailana-supreme-court-jakara-larenge-bete-ki-larai-3638 TrendKia — Har trend, sabse pehle.