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  "title": "इंदौर कोर्ट ने पत्नी की जान लेने के बाद सांप से डसवाकर सबूत मिटाने वाले पूर्व मैनेजर को सुनाई आजीवन कारावास की सजा",
  "summary": "इंदौर की अदालत ने पत्नी शिवानी की तकिये से मुंह दबाकर हत्या करने और शव को कोबरा सांप से डसवाकर सबूत मिटाने के आरोप में पूर्व बैंक मैनेजर अमितेश पटेरिया को उम्रकैद की सजा और 45,000 रुपये जुर्माना लगाया है।",
  "content": "मध्य प्रदेश के इंदौर की एक जिला अदालत ने पत्नी की हत्या कर उसके शव को कोबरा सांप से डसवाने के मामले में एक व्यक्ति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषी पर 45,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार रघुवंशी ने 24 जून को यह फैसला सुनाते हुए अमितेश पटेरिया उर्फ शालू (43) को भारतीय दंड विधान की धारा 302 यानी हत्या, धारा 201 यानी सबूत मिटाने और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 51 के तहत दोषी करार दिया। धारा 51 संरक्षित वन्य जीव की हत्या से जुड़ी है।\n\nतकिये से मुंह दबाकर की हत्या, फिर सांप से डसवाया शव\n\nअदालत ने अपने आदेश में कहा कि पटेरिया के खिलाफ यह आरोप युक्तियुक्त संदेह से परे साबित होता है कि उसने एक दिसंबर 2019 को अपनी पत्नी शिवानी की तकिये से मुंह दबाकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने अपने अपराध के सबूत मिटाने और सजा से बचने के इरादे से पत्नी के शव को कोबरा सांप से डसवाया, ताकि पुलिस और परिवार यह मान लें कि शिवानी की मौत सांप के काटने से हुई है। जज ने यह भी कहा कि घटना को अंजाम देने के बाद पटेरिया ने उस कोबरा सांप को भी मार डाला था, जिसका इस्तेमाल उसने सबूत मिटाने के लिए किया था।\n\n28 गवाहों के आधार पर साबित हुआ जुर्म\n\nअपर लोक अभियोजक चंद्रशेखर चौधरी ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने अदालत में पटेरिया के खिलाफ जुर्म साबित करने के लिए कुल 28 गवाह पेश किए। इनमें जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों के अलावा पोस्टमॉर्टम बोर्ड के सदस्य और एक पशु चिकित्सक भी शामिल थे, जिनकी गवाही से अदालत में यह स्थापित हुआ कि शिवानी की मौत सांप के काटने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी।\n\nघटनास्थल से मिला मरा हुआ कोबरा सांप\n\nपटेरिया एक निजी बैंक में मैनेजर के पद पर काम कर चुका है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक जब पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया, तो वहां बिस्तर, तकिये के कवर और अन्य घरेलू सामान के साथ ही एक मरा हुआ कोबरा सांप भी बरामद हुआ था। हालांकि शिवानी के शव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में साफ लिखा गया था कि उसकी मौत मुंह दबाए जाने की वजह से दम घुटने से हुई थी, न कि सांप के जहर से। इसी मेडिकल रिपोर्ट ने पूरे मामले की दिशा बदल दी और पुलिस की जांच सीधे पटेरिया की ओर मुड़ गई।\n\nराजस्थान के अलवर से 5,000 रुपये में खरीदा था कोबरा\n\nमामले की जांच करने वाले एक अधिकारी ने अपने बयान में अदालत को बताया कि पूछताछ के दौरान पटेरिया ने कबूल किया था कि उसने राजस्थान के अलवर रेलवे स्टेशन पर एक सपेरे से 5,000 रुपये देकर कोबरा सांप खरीदा था। इसी सांप का इस्तेमाल उसने बाद में पत्नी के शव को डसवाने के लिए किया।\n\nवैवाहिक तनाव और पारिवारिक मतभेद बने वजह\n\nशिवानी के मायके पक्ष के गवाहों ने अदालत में दिए अपने बयानों में दम्पति के बीच लंबे समय से चल रहे वैवाहिक तनाव और पारिवारिक मतभेदों का जिक्र किया। इन गवाहियों ने भी अदालत को यह मानने में मदद की कि पटेरिया ने सोची-समझी योजना के तहत अपनी पत्नी की हत्या की और फिर उसे हादसा या सांप के काटने से हुई मौत का रूप देने की कोशिश की।\n\nइसका आप पर असर\n• भारत में: यह मामला दिखाता है कि हत्या को हादसा या सांप के काटने जैसी घटना का रूप देने की कोशिशों को भी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के जरिए बेनकाब किया जा सकता है, जिससे देशभर में ऐसी वारदातों की जांच के तरीकों पर भरोसा मजबूत होता है।\n• इंदौर में: इंदौर पुलिस और अदालत की इस कार्रवाई से शहर में घरेलू हिंसा और वैवाहिक विवाद से जुड़े मामलों की गंभीरता से जांच होने का भरोसा बढ़ता है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. पटेरिया को किन धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया?\nअदालत ने उसे आईपीसी की धारा 302 (हत्या), धारा 201 (सबूत मिटाना) और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 51 के तहत दोषी ठहराया।\n\n2. शिवानी की मौत कब और कैसे हुई थी?\nशिवानी की मौत 1 दिसंबर 2019 को तकिये से मुंह दबाए जाने के कारण दम घुटने से हुई थी।\n\n3. कोर्ट ने पटेरिया पर कितने रुपये का जुर्माना लगाया?\nकोर्ट ने उस पर 45,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।\n\n4. पटेरिया ने कोबरा सांप कहां से और कितने में खरीदा था?\nउसने राजस्थान के अलवर रेलवे स्टेशन पर एक सपेरे से 5,000 रुपये में कोबरा खरीदा था।\n\n5. अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में कितने गवाह पेश किए?\nअभियोजन पक्ष ने जुर्म साबित करने के लिए 28 गवाह पेश किए, जिनमें पुलिस अधिकारी, पोस्टमॉर्टम बोर्ड के सदस्य और एक पशु चिकित्सक शामिल थे।\n\n6. फैसला किसने और कब सुनाया?\nअतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार रघुवंशी ने 24 जून को यह फैसला सुनाया।\n\n7. पटेरिया घटना से पहले क्या काम करता था?\nवह एक निजी बैंक में मैनेजर के पद पर काम कर चुका था।",
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  "category": "मध्य प्रदेश",
  "publishedAt": "2026-07-01",
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    "बैंक मैनेजर हत्याकांड",
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    "इंदौर कोर्ट फैसला"
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