इंदौर में बड़ी कार्रवाई, 25.4 लाख रुपये की एमडी ड्रग्स के साथ दो आरोपी गिरफ्तार मध्य प्रदेश के इंदौर में क्राइम ब्रांच ने सुपर कॉरिडोर इलाके के पास से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 254 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत 25.4 लाख रुपये है। मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इंदौर में क्राइम ब्रांच की टीम ने शहर के सुपर कॉरिडोर इलाके के पास से दो संदिग्धों को धर दबोचा है। अधिकारियों के मुताबिक इन आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद किया गया है। यह पूरी कार्रवाई एक गोपनीय सूचना मिलने के बाद की गई थी, जिसमें पता चला था कि कोई शख्स अवैध रूप से एमडी ड्रग्स की बड़ी खेप लेकर शहर में दाखिल हुआ है और इसे किसी को डिलीवर करने की फिराक में है। इस पुख्ता जानकारी पर तुरंत एक्शन लेते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी की और दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। इससे पहले खबर सामने आई थी कि पुलिस महकमा मुंबई से लेकर इंदौर तक फैले ड्रग्स तस्करी के तमाम सिंडिकेट्स और संपर्कों की गहराई से छानबीन करने में जुटा हुआ है। दो आरोपियों से 254 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त (DCP) राजेश कुमार त्रिपाठी ने मीडिया को जानकारी दी कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत पुलिस कमिश्नर लगातार क्राइम ब्रांच की टीम को अवैध मादक पदार्थों और नशीले काले कारोबार के खिलाफ युद्ध स्तर पर कड़े कदम उठाने के आदेश दे रहे हैं। इसी नीति के तहत हाल ही में मिली एक गुप्त सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने तुरंत दबिश दी और दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान समीर खान और उसके ससुर जाकिर हुसैन के तौर पर हुई है। तलाशी के दौरान इनके कब्जे से कुल 254 ग्राम एमडी ड्रग्स हाथ लगी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय बाजार में कीमत करीब 25.4 लाख रुपये आंकी गई है। कर्ज चुकाने के लिए अपनाया अवैध रास्ता आरंभिक पूछताछ में पुलिस के सामने कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इस मामले में पकड़ा गया समीर खान आठवीं तक की पढ़ाई कर चुका है और लहसुन के क्रय-विक्रय का कारोबार करता है। उसके खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामला दर्ज होना पाया गया है। डीसीपी ने आगे बताया कि बारहवीं कक्षा तक शिक्षित जाकिर हुसैन शहर में टोस्ट बेचने का एक स्टॉल चलाता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया कि समीर के पिता की बाईपास सर्जरी हुई थी, जिसके इलाज के चलते परिवार पर भारी वित्तीय कर्ज चढ़ गया था। उसी कर्ज के बोझ से उबरने और उसे उतारने के लिए समीर ने इस अवैध और खतरनाक धंधे का रास्ता चुन लिया। आगामी त्योहारों के सीजन के दौरान बाजार में इस तरह के मादक पदार्थों की मांग में अचानक तेजी आने की उम्मीद के चलते आरोपी इस खेप को विशेष तौर पर इंदौर लेकर आए थे ताकि अधिक मुनाफा कमाया जा सके। मंदसौर से जुड़े हैं आरोपियों के तार जांच में यह बात भी सामने आई है कि दोनों गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से मंदसौर जिले के निवासी हैं। इस नेटवर्क की जड़ें कहां तक फैली हैं और इसके पीछे कौन लोग हैं, यह पता लगाने के लिए पुलिस अब दोनों को रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ करेगी। अधिकारियों का यह भी कहना है कि इस अवैध नशे के कारोबार में आगे जो भी अन्य लोग या सप्लायर संलिप्त पाए जाएंगे, उन्हें भी इस मुकदमे में सह-आरोपी बनाया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाएगा ताकि इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। इसका आप पर असर मध्य प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार पर लगाम कसने और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिहाज से यह एक अहम घटनाक्रम है। • भारत में: देश भर में युवा वर्ग को नशे की लत से बचाने के लिए केंद्रीय और राज्य एजेंसियां अवैध ड्रग्स सिंडिकेट्स के खिलाफ अभियान चला रही हैं। इस तरह की बड़ी बरामदगी से संगठित तस्करों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनता है और सप्लाई चेन टूटती है। • इंदौर में: स्थानीय निवासियों और युवाओं के परिवारों के लिए यह राहत की खबर है कि पुलिस सुपर कॉरिडोर जैसे प्रमुख इलाकों में सक्रिय तस्करों पर शिकंजा कस रही है। हालांकि इससे स्थानीय स्तर पर ड्रग्स नेटवर्क के फैलाव और त्योहारी सीजन में सुरक्षा चेकिंग के सख्त होने की बात भी सामने आई है। ऐसा क्यों हुआ यह पूरा मामला पारिवारिक आर्थिक संकट और आपराधिक गतिविधियों की पृष्ठभूमि से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है। • पारिवारिक कर्ज का दबाव: आरोपी समीर खान के पिता की बाईपास सर्जरी हुई थी, जिसके बाद परिवार पर भारी कर्ज का बोझ आ गया था। इसी वित्तीय संकट से उबरने के लिए उसने आसान और अवैध तरीके से पैसे कमाने के वास्ते इस रास्ते को चुना। • त्योहारी सीजन में मांग: आरोपियों ने त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में नशीले पदार्थों की संभावित उच्च मांग का फायदा उठाने की योजना बनाई थी। इसी मुनाफे की उम्मीद में वे बाहर से ड्रग्स की यह खेप इंदौर लेकर आए थे। • पुलिस की विशेष मुहिम: राज्य में मुख्यमंत्री के निर्देशों और पुलिस कमिश्नर की सख्त पहरेदारी के चलते क्राइम ब्रांच ने गुप्त सूचना तंत्र को सक्रिय किया हुआ है। इसी सक्रियता के कारण सुपर कॉरिडोर के पास तस्करों की इस गतिविधि का पर्दाफाश हो सका। सवाल-जवाब 1. इंदौर में हाल ही में कितनी एमडी ड्रग्स बरामद हुई है? इंदौर में क्राइम ब्रांच ने 254 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की है। 2. इस जब्ती की अनुमानित कीमत कितनी है? जब्त की गई एमडी ड्रग्स की कीमत लगभग 25.4 लाख रुपये है। 3. पुलिस ने इस कार्रवाई को कहां अंजाम दिया? यह कार्रवाई इंदौर के सुपर कॉरिडोर इलाके के पास की गई है। 4. इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है? इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिनकी पहचान समीर खान और जाकिर हुसैन के रूप में हुई है। 5. पकड़े गए आरोपी कहां के रहने वाले हैं? दोनों आरोपी मूल रूप से मंदसौर के रहने वाले हैं। 6. आरोपियों ने यह अवैध धंधा क्यों शुरू किया था? परिवार पर चढ़े कर्ज को उतारने के लिए आरोपियों ने यह अवैध धंधा चुना था। https://trendkia.com/madhya-pradesh/indore-men-bari-karravai-25-4-lakha-rupaye-ki-md-drugs-ke-satha-do-aropi-giraphtara-50246 TrendKia — Har trend, sabse pehle.