इंदौर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने 24 घंटे बाद कचरे से निकाला 5 लाख के चांदी के लोटे इंदौर में एक महिला ने गलती से चांदी का लोटा कचरे में फेंक दिया, जिसके बाद नगर निगम की टीम ने 24 घंटे की मशक्कत कर सीसीटीवी फुटेज की मदद से लगभग 5 लाख रुपये कीमत का यह कीमती सामान सुरक्षित ढूंढ निकाला। इंदौर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने अपनी ईमानदारी और मेहनत से एक मिसाल कायम की है। करीब 5 लाख रुपये कीमत का और लगभग 2 किलो वजनी चांदी का लोटा गलती से एक प्लास्टिक बैग में बंद होकर घर के आम कचरे के साथ फेंक दिया गया था। मोहल्ले की एक गली से शुरू होकर आधुनिक कचरा प्रोसेसिंग प्लांट तक पहुंची लगभग 24 घंटे की तलाश के बाद आखिरकार यह कीमती लोटा सुरक्षित हालत में मिल गया और उसके बुजुर्ग मालिक को वापस सौंप दिया गया। दो एक जैसे बैग से हुई चूक शुक्रवार सुबह घर में सफाई का काम चल रहा था। घर के बाहर रखे दो प्लास्टिक बैग हूबहू एक जैसे दिखते थे, इसलिए सफाई कर रही महिला यह पहचान नहीं पाई कि एक बैग में साधारण कचरा है और दूसरे में कीमती चांदी का लोटा रखा है। बिना कुछ शक किए उसने दोनों बैग नगर निगम की कचरा गाड़ी में डलवा दिए। देखते ही देखते लाखों रुपये की चांदी सामान्य घरेलू कचरे के ढेर में जा मिली और गाड़ी के साथ आगे बढ़ गई। शाम होते ही मची अफरा-तफरी परिवार को शुक्रवार शाम पता चला कि लोटा अपनी जगह पर नहीं है। यह जानते ही घरवालों ने बिना देर किए वार्ड पार्षद और नगर निगम के अधिकारियों को इसकी सूचना दी, ताकि कचरा आगे जाने से पहले ही उसे रोका जा सके। कचरा गाड़ी के चालक और सुपरवाइजर से तुरंत संपर्क किया गया, लेकिन तब तक गाड़ी लालबाग ट्रांसफर स्टेशन पर अपना कचरा खाली कर चुकी थी। वहां से वही कचरा NEPRA के सूखे कचरे के प्रबंधन और रीसाइक्लिंग प्लांट भेजा जा चुका था, जिससे तलाश का दायरा पूरे मोहल्ले से बढ़कर एक बड़े प्रोसेसिंग प्लांट तक फैल गया। सीसीटीवी फुटेज ने खोली राह लोटे को खोया हुआ मानने के बजाय अधिकारियों ने प्लांट की सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया, ताकि यह पता चल सके कि कौन सा कचरा जांचना है। घंटों की मेहनत के बाद शनिवार सुबह करीब 10 बजे प्रोसेस हो रहे कचरे के बीच सफाई कर्मचारियों को आखिरकार वह चांदी का लोटा मिल गया। खास बात यह रही कि इतनी लंबी यात्रा के बावजूद लोटा पूरी तरह सुरक्षित और बिना किसी नुकसान के मिला। मालिक को सामान सौंपने से पहले नगर निगम अधिकारियों ने सभी जरूरी जांच प्रक्रियाएं पूरी कीं, ताकि लोटा सही मालिक तक ही पहुंचे। महापौर और आयुक्त ने की टीम की तारीफ इस पूरी खोज में सफाई कर्मचारियों, गाड़ी चालकों और अधिकारियों ने मिलकर दो दिन तक मेहनत की। इस उपलब्धि पर इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने खुशी जताई, वहीं नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने भी पूरी टीम के प्रयासों की तारीफ की। इसका आप पर असर • भारत में: यह मामला दिखाता है कि नगर निगम अगर सीसीटीवी और कचरा ट्रैकिंग सिस्टम का सही इस्तेमाल करें, तो कचरा प्रबंधन के दौरान गुम हुआ कीमती सामान भी वापस मिल सकता है। • इंदौर में: इंदौर के लोगों के लिए यह भरोसा बढ़ाने वाली खबर है कि शहर की कचरा प्रबंधन व्यवस्था और सफाई कर्मचारी गलती से फेंकी गई कीमती चीजों को भी गंभीरता से ढूंढते हैं। सवाल-जवाब 1. चांदी का लोटा किस शहर में मिला? यह घटना इंदौर की है, जहां नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने चांदी का लोटा ढूंढ निकाला। 2. चांदी के लोटे की कीमत और वजन कितना था? लोटे की कीमत करीब 5 लाख रुपये आंकी गई और उसका वजन लगभग 2 किलो था। 3. लोटा कचरे में कैसे पहुंचा? घर की सफाई के दौरान एक महिला दो एक जैसे दिखने वाले प्लास्टिक बैग में फर्क नहीं समझ पाई और गलती से चांदी का लोटा रखा बैग भी कचरा गाड़ी में डलवा दिया। 4. लोटे को ढूंढने में कितना समय लगा? लोटे को ढूंढने में करीब 24 घंटे लगे, शुक्रवार सुबह वह कचरे में गया और शनिवार सुबह करीब 10 बजे मिला। 5. लोटे को ढूंढने में किस तरीके की मदद ली गई? अधिकारियों ने NEPRA के प्लांट की सीसीटीवी फुटेज खंगालकर सही कचरे की पहचान की। 6. इस मामले में किन अधिकारियों ने टीम की तारीफ की? इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने पूरी टीम के प्रयासों की सराहना की। https://trendkia.com/madhya-pradesh/indore-nagara-nigama-ke-saphai-karmachariyon-ne-24-ghnte-bada-kachare-se-nikala-5-lakha-ke-chandi-ke-lote-9351 TrendKia — Har trend, sabse pehle.