खरगोन में हाईवे किनारे वर्कशॉप में टैंकर ब्लास्ट, धमाके की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत, दो घायल खरगोन के मगरखेड़ी गांव में मुंबई-आगरा हाईवे किनारे एक वर्कशॉप में क्रूड ऑयल टैंकर की वेल्डिंग के दौरान जोरदार धमाका हुआ, जिसमें बकरियां चरा रहे एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए। खरगोन जिले के खलटांका पुलिस चौकी क्षेत्र में मगरखेड़ी गांव के पास देर शाम एक जोरदार टैंकर ब्लास्ट हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। यह हादसा मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे पर बनी एक वेल्डिंग वर्कशॉप में हुआ, जहां एक खाली क्रूड ऑयल टैंकर की मरम्मत का काम चल रहा था। धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वर्कशॉप में वेल्डिंग के दौरान हुआ विस्फोट हाईवे किनारे स्थित इस वर्कशॉप में मैकेनिक टैंकर पर वेल्डिंग का काम कर रहे थे, तभी अचानक जबरदस्त धमाका हुआ। विस्फोट की आवाज इतनी तेज थी कि वह दूर-दूर तक सुनाई दी और आसपास के लोग सहम गए। धमाके की ताकत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि टैंकर के लोहे के भारी टुकड़े उछलकर करीब 500 मीटर दूर तक जा गिरे। बकरियां चरा रहे भीम रोकड़े की मौके पर मौत हादसे के वक्त मगरखेड़ी गांव के 45 वर्षीय भीम रोकड़े वर्कशॉप के आसपास अपनी बकरियां चरा रहे थे। विस्फोट के बाद हवा में उड़े टैंकर के लोहे के टुकड़े सीधे उनके ऊपर जा गिरे। गंभीर रूप से घायल भीम रोकड़े को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मौत से उनके परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में मातम छा गया है। धमाके में दो अन्य लोग भी बुरी तरह घायल हुए हैं, इनमें उत्तर प्रदेश निवासी टैंकर चालक विनोद गौड़ और वेल्डिंग मैकेनिक नितेश कुशवाह शामिल हैं। दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया है। धमाके ने मचाई भारी तबाही इतने जोरदार विस्फोट में टैंकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसके परखच्चे उड़ गए। पास खड़ी एक कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। धमाके के दबाव से आसपास के कई घरों की खिड़कियों के शीशे तक टूट गए। गनीमत यह रही कि रविवार को लगने वाला साप्ताहिक हाट घटनास्थल से कुछ दूरी पर था, वरना अगर यह धमाका भीड़भाड़ वाली जगह के करीब होता तो जनहानि कहीं ज्यादा भयावह हो सकती थी। ज्वलनशील गैस से हादसे की आशंका, जांच जारी घटना की खबर मिलते ही खलटांका और बलकवाड़ा थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि टैंकर के भीतर बची हुई ज्वलनशील गैस की वजह से यह धमाका हुआ। यह टैंकर आंध्र प्रदेश से तेल लेकर झाबुआ जिले के मेघनगर गया था और वहां तेल खाली करने के बाद वापसी के दौरान इसी वर्कशॉप में मरम्मत के लिए रुका था। पुलिस और प्रशासन अब यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या मरम्मत के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। इसका आप पर असर • भारत में: यह हादसा हाईवे किनारे बने वर्कशॉप में तेल टैंकरों की मरम्मत के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर सवाल खड़े करता है, जिससे ऐसे कामों पर आगे निगरानी बढ़ सकती है। • खरगोन में: मगरखेड़ी गांव और आसपास के इलाकों में लोग फिलहाल दहशत में हैं, और पुलिस-प्रशासन की जांच पूरी होने तक क्षेत्र में सतर्कता बरती जा रही है। सवाल-जवाब 1. खरगोन में टैंकर ब्लास्ट कहां हुआ? यह हादसा खलटांका पुलिस चौकी क्षेत्र के मगरखेड़ी गांव के पास, मुंबई-आगरा नेशनल हाईवे पर स्थित एक वेल्डिंग वर्कशॉप में हुआ। 2. धमाका कैसे हुआ? वर्कशॉप में एक खाली क्रूड ऑयल टैंकर की मरम्मत के दौरान वेल्डिंग की जा रही थी, तभी अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। 3. हादसे में किसकी मौत हुई? मगरखेड़ी गांव के 45 वर्षीय भीम रोकड़े की मौत हुई, जो पास में अपनी बकरियां चरा रहे थे और टैंकर के उड़े हुए टुकड़ों की चपेट में आ गए। 4. हादसे में कौन-कौन घायल हुआ? टैंकर चालक विनोद गौड़ (उत्तर प्रदेश निवासी) और वेल्डिंग मैकेनिक नितेश कुशवाह गंभीर रूप से घायल हुए हैं। 5. विस्फोट के टुकड़े कितनी दूर तक गिरे? टैंकर के लोहे के भारी टुकड़े करीब 500 मीटर दूर तक जाकर गिरे। 6. धमाके से और क्या नुकसान हुआ? पास खड़ी एक कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और आसपास के कई घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। 7. हादसे की वजह क्या मानी जा रही है? शुरुआती जांच में आशंका है कि टैंकर के भीतर बची ज्वलनशील गैस के कारण यह विस्फोट हुआ। 8. टैंकर कहां से आ रहा था? यह टैंकर आंध्र प्रदेश से तेल लेकर झाबुआ जिले के मेघनगर गया था और वहां से खाली होकर लौट रहा था। https://trendkia.com/madhya-pradesh/khargone-men-haive-kinare-varkashopa-men-tainkara-blasta-dhamake-ki-chapeta-men-ane-se-eka-vyakti-ki-mauta-do-ghayala-7206 TrendKia — Har trend, sabse pehle.